# जलगांव में स्टेट बैंक शाखा पर हथियारबंद धावा, बर्खास्त सब-इंस्पेक्टर और साथी गिरफ्तार

> जलगांव के भोकर में स्टेट बैंक शाखा से 16 लॉकर खुलवाकर नकदी और सोना लूटने वाले बर्खास्त पुलिस सब-इंस्पेक्टर शंकर जासक और उसके साथी गजानन पवार को पुलिस ने धर दबोचा।

**Type:** article · **Category:** अपराध · **Published:** 2026-11-01 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/crime/jalgaon-men-state-bank-shakha-para-hathiyarabnda-dhava-barkhasta-saba-inspektara-aura-sathi-giraphtara-54134 · **Language:** Hindi
**Tags:** जलगांव बैंक डकैती, स्टेट बैंक भोकर, शंकर जासक, गजानन पवार, महाराष्ट्र क्राइम, उमाकांत गायकवाड़

महाराष्ट्र के जलगांव तालुका अंतर्गत भोकर स्थित स्टेट बैंक की शाखा में दिनदहाड़े हथियारबंद बदमाशों ने धावा बोलकर सनसनी फैला दी। हथियारों से लैस हमलावरों ने बैंक कर्मियों को बंधक बनाकर वहां से नकदी और आभूषणों से भरे बैग लूटे और फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही सक्रिय हुई पुलिस ने घेराबंदी करते हुए मुख्य सरगना बर्खास्त पुलिस सब-इंस्पेक्टर शंकर जासक और गजानन पवार सहित कुल चार आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। पकड़े गए आरोपियों के पास से लगभग 15 लाख रुपये नकद और सोने से भरे बैग बरामद किए गए हैं। इस पूरी वारदात में एक पूर्व पुलिस अधिकारी के मुख्य योजनाकार के रूप में सामने आने से कानून व्यवस्था से जुड़े महकमे में भी हड़कंप मच गया है।

## जेल की सलाखों के पीछे रची गई थी पूरी साजिश
जांच के दौरान जो तथ्य सामने आए हैं, वे किसी सुनियोजित अपराध गाथा जैसे हैं। वारदात की पटकथा जलगांव सेंट्रल जेल की चारदीवारी के भीतर लिखी गई थी। मुख्य आरोपी शंकर जासक पहले से ही बैंक डकैती के गंभीर मामले में सलाखों के पीछे बंद था। वहीं दूसरा मुख्य आरोपी गजानन राजेंद्र पवार भी हत्या के एक संगीन मामले में उसी जेल में बंद था। दोनों की मुलाकात जेल में हुई और वहीं दोनों के बीच जान-पहचान बढ़ी। जेल में सजा काटने के दौरान ही दोनों ने बाहर निकलकर एक नया गिरोह बनाने और किसी बड़ी बैंक शाखा को निशाना बनाने का पूरा खाका तैयार किया।

जेल से रिहाई के कुछ ही हफ्तों के भीतर इस योजना को जमीन पर उतार दिया गया। शंकर जासक लगभग दो से तीन महीने पहले ही अदालत से जमानत पाकर जेल से बाहर आया था। दूसरी ओर गजानन पवार भी लगभग डेढ़ महीने पहले जमानत पर छूटा था। जेल से बाहर आते ही दोनों ने पुराने संपर्कों को जोड़ा, दो अन्य साथियों को गिरोह में शामिल किया और रेकी पूरी करने के बाद भोकर स्थित स्टेट बैंक की शाखा को लूटने का फैसला कर लिया।

## आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास
इस सनसनीखेज वारदात का सूत्रधार शंकर जासक पहले भी इसी तरह के बड़े अपराध को अंजाम दे चुका है। वर्ष 2023 में जलगांव शहर के शनिपेठ पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाली स्टेट बैंक शाखा में उसने अपने साले की मदद से लगभग 3.17 करोड़ रुपये की बहुत बड़ी डकैती डाली थी। उस वारदात के उजागर होने के बाद उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था और वह जेल भेज दिया गया था।

वहीं उसका साथी गजानन राजेंद्र पवार वर्ष 2024 में चालिसगांव शहर के नजदीक हुए एक हत्याकांड का मुख्य आरोपी रहा है। अनैतिक संबंधों के विवाद में अपनी प्रेमिका के पति की जान लेने के आरोप में उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। दोनों ही आरोपी गंभीर अपराधों के मामलों में जेल में बंद थे और जमानत का लाभ मिलते ही उन्होंने फिर से संगठित होकर अपराध का रास्ता चुन लिया।

## गनपॉइंट पर 16 लॉकर खुलवाए और 45 मिनट तक की लूटपाट
योजना के मुताबिक चारों बदमाश हथियारों से लैस होकर भोकर की स्टेट बैंक शाखा में दाखिल हुए। आरोपियों के पास छर्रे वाली पिस्तौल थी। बैंक के भीतर कदम रखते ही उन्होंने पिस्तौल तानकर बैंक मैनेजर और कैशियर को डराया-धमकाया। हथियार के बल पर दोनों अधिकारियों को बंधक बना लिया गया और उनके सिर पर पिस्तौल रखकर कुल 16 लॉकरों को जबरन खुलवाया गया।

लॉकरों में रखे सोने के आभूषणों और उपलब्ध नकदी को बदमाशों ने अपने साथ लाए गए पांच से छह बैगों में तेजी से भरना शुरू किया। आरोपी लगभग 40 से 45 मिनट तक बैंक परिसर के भीतर मौजूद रहे और पूरी इत्मीनान से लूटपाट करते रहे। बैग पूरी तरह भरने के बाद चारों आरोपी मौके से भाग निकले।

## ग्रामीणों का पीछा और खेत से हुई गिरफ्तारी
डकैती को अंजाम देने के बाद शंकर जासक और गजानन पवार धरणगांव की दिशा में भागे। हालांकि वारदात की भनक लगते ही भोकर गांव के स्थानीय नागरिकों ने साहस दिखाते हुए उनका पीछा करना शुरू कर दिया। इसी बीच जिले के पूरे पुलिस तंत्र को वायरलेस पर अलर्ट जारी कर नाकाबंदी के निर्देश दिए गए। ग्रामीणों को पीछे आता देख और पुलिस की घेराबंदी से घबराकर आरोपियों ने चावलखेड़ा के पास अपने पास मौजूद चार बैग सड़क किनारे झाड़ियों में फेंक दिए और खेतों की ओर भाग गए।

चावलखेड़ा के निकट सड़क किनारे लावारिस बैग पड़े होने की सूचना मिलते ही पुलिस इंस्पेक्टर उमाकांत गायकवाड़ अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस दल ने ग्रामीणों से बदमाशों के भागने की दिशा की सटीक जानकारी जुटाई और आसपास के खेतों में सघन तलाशी अभियान शुरू किया। आखिरकार एक खेत में छिपे शंकर जासक और गजानन पवार को पुलिस ने घेराबंदी करके दबोच लिया।

## नकदी बरामदगी और बाकी साथियों की जांच जारी
पुलिस ने शंकर जासक और गजानन पवार के अलावा उनके दो अन्य साथियों को भी गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों के पास से करीब 15 लाख रुपये नकद और सोने से भरे बैग बरामद किए जा चुके हैं। पूछताछ में दोनों मुख्य आरोपियों ने जेल में हुई पहली मुलाकात से लेकर बैंक में डकैती डालने तक के पूरे घटनाक्रम का खुलासा कर दिया है।

जांच अधिकारी अब इस बात की पड़ताल कर रहे हैं कि साथ पकड़े गए बाकी दो आरोपियों का पुराना इतिहास क्या है और वे इस गिरोह में किस प्रकार शामिल हुए। इसके साथ ही बैंक से वास्तव में कुल कितनी राशि की नकदी और कितना सोना गायब हुआ है, इसका पूरा ऑडिट कराया जा रहा है। जमानत पर छूटते ही दिनदहाड़े बैंक डकैती जैसी बड़ी वारदात को अंजाम दिए जाने से पूरा इलाका सकते में है।

## इसका आप पर असर
इस बैंक डकैती और त्वरित पुलिस कार्रवाई का सीधा असर बैंक सुरक्षा और इलाके के खाताधारकों पर पड़ा है।

- **महाराष्ट्र में:** राज्य भर में ग्रामीण और उपनगरीय बैंक शाखाओं की भौतिक सुरक्षा व्यवस्था और गन लाइसेंस नियमों की समीक्षा की जा सकती है। बैंक आने वाले ग्राहकों को सुरक्षा जांच और निगरानी के कड़े नियमों का सामना करना पड़ सकता है।
- **जलगांव में:** जिन स्थानीय ग्राहकों और व्यापारियों के आभूषण भोकर शाखा के 16 लॉकरों में रखे थे, उन्हें पुलिस ऑडिट पूरा होने तक लॉकर सत्यापन के लिए शाखा से संपर्क करना होगा। ग्रामीण अब बैंक शाखाओं में सुरक्षा गार्डों की तैनाती और त्वरित पुलिस गश्त को लेकर अधिक सतर्कता की मांग कर रहे हैं।
- **खाताधारकों के लिए:** लूटे गए माल की शिनाख्त और आधिकारिक इन्वेंट्री रिपोर्ट तैयार होने के बाद ही लॉकर धारकों के नुकसान का सटीक आकलन हो सकेगा। प्रभावित ग्राहकों को अपने जमा आभूषणों की रसीदें और बीमा विवरण तैयार रखने की सलाह दी जाती है।
- **जमानत नियमों पर असर:** गंभीर अपराधों के आरोपियों को जमानत मिलने के बाद उनकी स्थानीय पुलिस थाने में नियमित हाजिरी और निगरानी को अधिक सख्त किया जा सकता है। इससे संगठित गिरोहों के पुराने अपराधियों की गतिविधियों पर कानूनी नजर और कड़ी होगी।

## ऐसा क्यों हुआ
यह वारदात जेल के अंदर बनी आपराधिक सांठगांठ और जमानत पर रिहाई के बाद कमजोर पुलिस निगरानी का प्रत्यक्ष परिणाम है।

- **जेल में आपराधिक गठजोड़:** मुख्य साजिशकर्ता शंकर जासक और गजानन पवार जलगांव सेंट्रल जेल में एक साथ बंद थे, जहां दोनों के बीच आपराधिक नेटवर्क बना। दोनों ने रिहाई के बाद तुरंत बड़ी रकम जुटाने के लिए बैंक डकैती की विस्तृत योजना जेल परिसर के अंदर ही बना ली थी।
- **पूर्व डकैती का अनुभव:** शंकर जासक वर्ष 2023 में जलगांव के शनिपेठ में स्टेट बैंक से 3.17 करोड़ रुपये लूटने की घटना को अंजाम दे चुका था। बैंक के आंतरिक कामकाज, लॉकर प्रणाली और सुरक्षा कमजोरियों की तकनीकी समझ होने के कारण उसने दोबारा बैंक को ही आसान निशाना चुना।
- **जमानत पर त्वरित पुनरावृत्ति:** दोनों ही आरोपी कुछ ही हफ्तों पहले जेल से बाहर आए थे और उनकी गतिविधियों पर पर्याप्त प्रशासनिक निगरानी नहीं थी। कानूनी प्रक्रिया से बाहर आते ही उन्होंने नए सहयोगियों और हथियारों की व्यवस्था करके वारदात को तुरंत अंजाम दे दिया।
- **स्थानीय ग्रामीणों का विरोध:** लूटपाट के बाद आरोपियों द्वारा फेंके गए बैग और ग्रामीणों के त्वरित पीछा करने के कारण बदमाश दूर नहीं भाग सके, जिससे पुलिस को उन्हें घेरने में सीधी मदद मिली।

## सवाल-जवाब

### 1. डकैती किस जगह और किस बैंक में हुई?
यह डकैती महाराष्ट्र के जलगांव तालुका स्थित भोकर में स्टेट बैंक की शाखा में हुई।

### 2. इस डकैती का मुख्य सरगना कौन है?
इस डकैती का मुख्य मास्टरमाइंड बर्खास्त पुलिस सब-इंस्पेक्टर शंकर जासक है, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

### 3. पुलिस ने आरोपियों के पास से क्या बरामद किया है?
पुलिस ने लगभग 15 लाख रुपये की नकदी और सोने के जेवरात से भरे बैग बरामद किए हैं।

### 4. आरोपियों ने बैंक के कितने लॉकर खुलवाए थे?
हथियारबंद आरोपियों ने बैंक मैनेजर और कैशियर पर पिस्तौल तानकर कुल 16 लॉकर खुलवाए थे।

### 5. शंकर जासक का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड क्या रहा है?
शंकर जासक ने 2023 में जलगांव के शनिपेठ में स्टेट बैंक से अपने साले के साथ मिलकर 3.17 करोड़ रुपये लूटे थे।

### 6. गजानन पवार पहले किस मामले में जेल में बंद था?
गजानन पवार 2024 में चालिसगांव के पास अपनी प्रेमिका के पति की हत्या के आरोप में जेल में बंद था।

### 7. बदमाशों ने बैंक के भीतर कितना समय बिताया?
चारों आरोपी बैंक परिसर के अंदर लगभग 40 से 45 मिनट तक मौजूद रहे और लूटपाट करते रहे।

### 8. आरोपियों को पुलिस ने कहां से पकड़ा?
ग्रामीणों द्वारा पीछा किए जाने के बाद चावलखेड़ा के पास एक खेत में छिपे शंकर जासक और गजानन पवार को पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ा।

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