# जामनगर में किशोरी से दुकान के भीतर दरिंदगी करने वाले दो फरार युवक दबोचे गए, पॉक्सो के तहत शिकंजा

> गुजरात के जामनगर में एक नाबालिग लड़की से दुकान के अंदर दुष्कर्म करने और उसे डराने-धमकाने के दोनों फरार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि पीड़िता ने एक मृत शिशु को जन्म दिया है।

**Type:** article · **Category:** अपराध · **Published:** 2026-11-01 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/crime/jamnagar-men-kishori-se-dukana-ke-bhitara-darindagi-karane-vale-do-pharara-yuvaka-daboche-gae-pocso-ke-tahata-shiknja-54604 · **Language:** Hindi
**Tags:** जामनगर, गुजरात अपराध, पॉक्सो कानून, दुष्कर्म मामला, गिरफ्तारी, गुजरात पुलिस, अपराध समाचार

गुजरात के जामनगर में एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म और उसके गर्भवती होने के सनसनीखेज मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इस घिनौने अपराध को अंजाम देकर कानून से भाग रहे दोनों आरोपियों को पुलिस टीम ने तलाश अभियान चलाकर हिरासत में ले लिया है। आरोपियों पर आरोप है कि उन्होंने किशोरी को तरह-तरह के प्रलोभन दिए, उसे डराया-धमकाया और फिर एक दुकान के भीतर बंद करके उसके साथ अनाचार किया। इस कृत्य के चलते पीड़िता गर्भवती हो गई थी और हाल ही में उसने एक मृत बच्चे को जन्म दिया, जिससे इस पूरे मामले की गंभीरता और अधिक बढ़ गई है।

## झांसे और धमकी के सहारे दुकान में वारदात
यह दर्दनाक घटना जामनगर के सिटी बी डिवीजन पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत सामने आई है। प्राप्त विवरण के अनुसार, दोनों आरोपियों ने सोची-समझी साजिश के तहत नाबालिग लड़की को अपने प्रभाव में लिया था। उन्होंने किशोरी को विभिन्न प्रकार के लालच दिखाए और किसी को कुछ बताने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां देकर उसका मुंह बंद रखने का प्रयास किया। इसी खौफ के साए में आरोपियों ने उसे एक दुकान के अंदर ले जाकर उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। इस घिनौने अपराध का खुलासा उस समय हुआ जब किशोरी के शरीर में बदलाव दिखने लगे और परिजनों को उसके गर्भवती होने की सच्चाई का पता चला। सच्चाई सामने आते ही परिजनों के होश उड़ गए और उन्होंने तुरंत कानून का सहारा लेने का फैसला किया।

## प्राथमिकी दर्ज होते ही भागे आरोपी, पुलिस ने दबोचा
नाबालिग के परिजनों ने बिना किसी देरी के सिटी बी डिवीजन पुलिस थाने में पहुंचकर आपबीती सुनाई और दोनों आरोपियों के विरुद्ध नामजद शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत मिलते ही मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत कानूनी प्रक्रिया शुरू की। पुलिस की इस तत्परता की भनक लगते ही दोनों आरोपी अपने ठिकानों से फरार हो गए और गिरफ्तारी से बचने के लिए छिपने लगे। इसके बाद पुलिस ने विशेष अभियान चलाया और मुखबिरों तथा तकनीकी निगरानी की मदद से फरार आरोपियों की घेराबंदी की, जिसके परिणामस्वरूप दोनों को धर दबोचा गया।

## मृत शिशु के जन्म से और गहराया मामला
इस पूरे घटनाक्रम के बीच पीड़िता को प्रसव पीड़ा के बाद अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने एक मृत बच्चे को जन्म दिया। एक नाबालिग के साथ हुए इस अत्याचार और उसके बाद नवजात की मौत ने स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया है। इस दुखद मोड़ के बाद पुलिस अधिकारियों ने मामले की कड़ियां बारीकी से जोड़ना शुरू कर दिया है। जांच अधिकारी यह पता लगा रहे हैं कि घटना के दौरान परिस्थितियां क्या थीं और आरोपियों ने किस प्रकार किशोरी को अपने जाल में फंसाकर इतना बड़ा कदम उठाया था।

## पॉक्सो की कड़ी धाराओं में कानूनी कार्रवाई जारी
जामनगर के पुलिस उपाधीक्षक जयवीर सिंह झाला ने इस प्रकरण में पुलिस की कार्रवाई की पुष्टि की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पकड़े गए दोनों आरोपियों के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण यानी पॉक्सो कानून और अन्य संबंधित गंभीर कानूनी धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है। पुलिस प्रशासन मामले के प्रत्येक पहलू की गहनता से पड़ताल कर रहा है ताकि अदालत में ठोस साक्ष्य पेश किए जा सकें।

## इसका आप पर असर
यह घटना बच्चों की सुरक्षा और बाल यौन उत्पीड़न के खिलाफ कानूनी निगरानी को लेकर बेहद महत्वपूर्ण सबक प्रस्तुत करती है।

- **जामनगर में:** स्थानीय निवासियों और अभिभावकों के बीच बच्चों की सुरक्षा और दुकानों या सार्वजनिक परिसरों में संदिग्ध गतिविधियों को लेकर सतर्कता बढ़ गई है। पुलिस की त्वरित गिरफ्तारी से क्षेत्र के लोगों में कानूनी कार्रवाई के प्रति विश्वास कायम हुआ है।
- **भारत में:** देश भर के परिवारों के लिए यह आवश्यक है कि वे किशोरों के व्यवहार और मानसिक स्थिति पर ध्यान दें ताकि शोषण के मामलों को शुरुआत में ही पकड़ा जा सके। पॉक्सो कानून के सख्त क्रियान्वयन से अपराधियों के मन में कड़े दंड का भय सुनिश्चित होता है।
- **कानूनी सहायता:** बाल यौन उत्पीड़न के मामलों में पीड़ित परिवारों को त्वरित कानूनी सहायता, गोपनीय रिपोर्टिंग और मुफ्त बाल संरक्षण सेवाओं की सुविधा मिलती है। ऐसे मामलों में बिना डरे तुरंत नजदीकी थाने या बाल हेल्पलाइन पर संपर्क किया जाना चाहिए।
- **चिकित्सीय देखभाल:** आघात और प्रसव पीड़ा झेलने वाली बाल पीड़ितों के लिए विशेष मनोवैज्ञानिक परामर्श और दीर्घकालिक स्वास्थ्य उपचार बेहद आवश्यक हो जाता है। सरकारी अस्पतालों में ऐसी पीड़ितों के लिए अनिवार्य स्वास्थ्य और पुनर्वास सहायता प्रदान की जाती है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह घटना नाबालिग को बहला-फुसलाकर और डराकर उसके साथ हुए गंभीर यौन शोषण की वजह से सामने आई, जिसका खुलासा पीड़िता के गर्भवती होने पर हुआ।

- **लालच और भय का माहौल:** आरोपियों ने किशोरी की नासमझी का फायदा उठाते हुए पहले उसे लालच दिया और फिर डरा-धमकाकर अपनी हवस का शिकार बनाया। सामाजिक बदनामी और डर की वजह से पीड़िता लंबे समय तक किसी से कुछ नहीं कह सकी।
- **दुकान के भीतर शोषण:** आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने के लिए एक दुकान की बंद जगह का इस्तेमाल किया, जिससे आसपास के लोगों को भनक नहीं लगी। एकांत स्थान मिलने के कारण आरोपियों ने वारदात को आसानी से अंजाम दिया।
- **गर्भावस्था से हुआ खुलासा:** अपराध लंबे समय तक छिपा रहा, लेकिन जब पीड़िता गर्भवती हुई और उसके परिजनों को इसकी जानकारी मिली, तब जाकर पूरे मामले की हकीकत सामने आई और पुलिस में शिकायत दी गई।
- **नवजात की दुखद मौत:** पीड़िता द्वारा एक मृत बच्चे को जन्म देने के कारण कानूनी जांच का दायरा बढ़ गया, जिसके चलते पुलिस ने फरार आरोपियों की तलाश तेज कर उन्हें गिरफ्तार किया।

## सवाल-जवाब

### 1. जामनगर में पुलिस ने किन आरोपियों को गिरफ्तार किया है?
पुलिस ने एक नाबालिग लड़की से दुष्कर्म करने और उसे गर्भवती करने के आरोपी दो फरार युवकों को गिरफ्तार किया है।

### 2. यह घटना किस पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुई?
यह पूरा मामला जामनगर के सिटी बी डिवीजन पुलिस थाना क्षेत्र का है।

### 3. वारदात को किस स्थान पर अंजाम दिया गया था?
आरोपियों ने किशोरी को बहला-फुसलाकर और डरा-धमकाकर एक दुकान के अंदर उसके साथ दुष्कर्म किया था।

### 4. इस मामले में पीड़िता के साथ क्या दुखद घटनाक्रम हुआ?
दुष्कर्म के बाद पीड़िता गर्भवती हो गई थी और उसने एक मृत बच्चे को जन्म दिया है।

### 5. पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ किन कानूनों के तहत केस दर्ज किया है?
आरोपियों के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण यानी पॉक्सो एक्ट और संबंधित अन्य कानूनी धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

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