झालावाड़ में कक्षा छह की तीन स्कूली छात्राओं का अपहरण करने की कोशिश, कबाड़ बेचने का बहाना बनाकर आए थे दो आरोपी झालावाड़ जिले के सामिया गांव में स्कूल से घर लौट रही तीन छात्राओं के अपहरण का प्रयास किया गया। सतर्क बच्चियों के शोर मचाने और ग्रामीणों की मुस्तैदी से दोनों आरोपी पकड़े गए, जिसके बाद थाने के बाहर प्रदर्शन भी हुआ। झालावाड़ जिले के सुनेल थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सामिया गांव में एक अत्यंत चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ विद्यालय से अपने घर की ओर पैदल जा रही कक्षा छह की तीन मासूम छात्राओं का अपहरण करने की नाकाम कोशिश की गई। इस दुस्साहसिक वारदात के प्रकाश में आने के बाद से ही पूरे क्षेत्र में भारी सनसनी फैल गई है और स्थानीय ग्रामीणों तथा अभिभावकों के भीतर गहरा रोष व्याप्त है। हालांकि, मौके पर मौजूद छात्राओं की अपनी सूझबूझ और तत्परता के कारण एक बहुत बड़ी अनहोनी टल गई, जिससे समय रहते दोनों संदिग्धों को दबोच लिया गया। कबाड़ बेचने के बहाने दिया गया वारदात को अंजाम सामप्त विवरण के अनुसार, सामिया गांव स्थित सरकारी विद्यालय में छुट्टी होने के उपरांत कक्षा छह में अध्ययनरत तीन छात्राएं पैदल ही अपने घरों की तरफ वापस लौट रही थीं। इसी दौरान रास्ते में एक ऑटो रिक्शा में सवार होकर दो व्यक्ति वहां पहुंचे। अपनी नापाक मंशा को छिपाने के लिए आरोपियों ने बच्चियों को बातचीत में उलझाने और अपने जाल में फंसाने के उद्देश्य से कबाड़ बेचने का बहाना गढ़ा। जैसे ही नन्हीं बालिकाओं ने उनकी संदिग्ध गतिविधियों को भांपा और वहां से निकलने का प्रयास किया, आरोपियों ने जबरन उन्हें ऑटो के अंदर खींचकर अपहरण करने की कोशिश शुरू कर दी। छात्राओं के शोर मचाने पर दौड़े ग्रामीण विपत्ति की इस घड़ी में छोटी बच्चियों ने घबराहट में हार मानने के बजाय बेहद समझदारी का परिचय दिया। आरोपियों के शिकंजे में कसने के बावजूद तीनों छात्राओं ने एक स्वर में पूरी ताकत से चीखना और चिल्लाना शुरू कर दिया। उनके द्वारा मचाए गए इस शोर को सुनकर आसपास के खेतों और घरों से ग्रामीण तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। अपनी योजना बिगड़ती देख और हालात को भांपते हुए दोनों आरोपियों ने ऑटो समेत वहां से भागने की कोशिश की, किंतु सतर्क ग्रामीणों ने अद्भुत साहस का परिचय देते हुए उनका पीछा किया और थोड़ी ही दूरी पर दोनों आरोपियों को दबोच लिया। इसके पश्चात आक्रोशित ग्रामीणों ने उन दोनों को पकड़कर स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया। सुनेल थाने के बाहर हुआ विरोध प्रदर्शन इस सनसनीखेज घटना की जानकारी मिलते ही पूरे इलाके में तनाव की स्थिति पैदा हो गई। बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और विभिन्न हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता सुनेल पुलिस थाने के बाहर आकर जमा हो गए। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के सुस्त रवैये पर नाराजगी जताते हुए आरोपियों के विरुद्ध अतिशीघ्र कठोरतम कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की। थाने के बाहर बढ़ता तनाव देख कार्यकर्ताओं ने विरोध दर्ज कराने का अनूठा तरीका अपनाया और वहीं बैठकर हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ किया, ताकि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा जल्द मिल सके। पुलिस की पूछताछ जारी और सुरक्षा पर सवाल घटना की संवेदनशीलता को पूरी तरह समझते हुए सुनेल थाना पुलिस ने तुरंत सख्त कदम उठाए। पुलिस ने ग्रामीणों द्वारा पकड़े गए दोनों आरोपियों को अपनी हिरासत में ले लिया है और उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इन आरोपियों का पहले से कोई आपराधिक इतिहास रहा है या फिर वे किसी संगठित अपहरण गिरोह से जुड़े हुए हैं। इस भयावह घटना के बाद से ग्रामीण आंचल में पढ़ने वाले स्कूली बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर माता-पिता के मन में गहरी चिंता और डर का माहौल बन गया है। इसका आप पर असर यह घटना ग्रामीण इलाकों में बच्चों की सुरक्षा और पुलिस मुस्तैदी को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। • भारत में: स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर देशभर के ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में अभिभावक अधिक सतर्क हो गए हैं। • झालावाड़ में: स्थानीय स्कूलों के आसपास पुलिस गश्त बढ़ाने और असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखने की मांग तेज हो गई है। ऐसा क्यों हुआ इस तरह की घटनाओं के पीछे असामाजिक तत्वों की आपराधिक मानसिकता और बच्चों की अकेली आवाजाही का फायदा उठाने की नीयत होती है। • सूनसान रास्ते: विद्यालय से घर लौटते समय ग्रामीण क्षेत्रों के अकेले रास्तों का फायदा उठाकर अपराधी इस तरह की वारदातों को अंजाम देने का प्रयास करते हैं। • त्वरित प्रतिक्रिया: छात्राओं द्वारा समय पर शोर मचाए जाने और ग्रामीणों की तुरंत सक्रियता से आरोपियों की योजना विफल हो गई। सवाल-जवाब 1. यह घटना किस जिले में हुई? यह घटना झालावाड़ जिले के सुनेल थाना क्षेत्र के सामिया गांव में हुई। 2. छात्राएं किस कक्षा में पढ़ती थीं? छात्राएं कक्षा 6 में पढ़ती थीं। 3. आरोपियों ने अपहरण के लिए क्या बहाना बनाया था? आरोपियों ने बच्चियों को उलझाने के लिए कबाड़ बेचने का बहाना बनाया था। 4. आरोपियों को किसने पकड़ा? सतर्क ग्रामीणों ने पीछा करके दोनों आरोपियों को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। 5. थाने के बाहर लोगों ने क्या किया? प्रदर्शनकारियों ने थाने के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ कर सख्त कार्रवाई की मांग की। https://trendkia.com/crime/jhalavara-men-kaksha-chhaha-ki-tina-skuli-chhatraon-ka-apaharana-karane-ki-koshisha-kabara-bechane-ka-bahana-banakara-ae-the-do-ar-30470 TrendKia — Har trend, sabse pehle.