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  "type": "article",
  "title": "जोधपुर में पकड़ा गया फर्जी आर्मी कैप्टन, सैनिकों को लोन का झांसा देकर करोड़ों की धोखाधड़ी",
  "summary": "जोधपुर में पुलिस ने आर्मी इंटेलिजेंस की सूचना पर एक फर्जी कैप्टन को गिरफ्तार किया है जो सेना के जवानों को लोन दिलाने के नाम पर ठगी करता था। आरोपी के खिलाफ देश के कई राज्यों में मुकदमे दर्ज हैं।",
  "content": "राजस्थान के जोधपुर में पुलिस ने एक ऐसे व्यक्ति को दबोचा है जो खुद को सेना का अधिकारी बताकर लंबे समय से लोगों को ठग रहा था। आर्मी इंटेलिजेंस यूनिट, जोधपुर से पुख्ता सूचना मिलने के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई को अंजाम दिया। आरोपी फर्जी तरीके से आर्मी इंटेलिजेंस के कैप्टन की वर्दी पहनकर घूम रहा था और अपनी इस झूठी पहचान का इस्तेमाल करके भोले-भाले लोगों और सैनिकों को अपने जाल में फंसाता था। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी का ठगी का नेटवर्क देश के कई अलग-अलग राज्यों तक फैला हुआ था और उसने करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम दिया है। पुलिस अब इस बात की गहराई से छानबीन कर रही है कि उसके साथ इस काले कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।\n\n पूरी घटना की शुरुआत 23 अगस्त 2026 को हुई जब आर्मी इंटेलिजेंस यूनिट, जोधपुर ने स्थानीय पुलिस को एक गंभीर सूचना दी। सूचना में बताया गया कि एक संदिग्ध व्यक्ति बिना किसी आधिकारिक पदस्थापना के आर्मी इंटेलिजेंस के कैप्टन की वर्दी पहने हुए है और वह सेना के प्रतिबंधित क्षेत्र तथा रातानाडा इलाके में संदिग्ध परिस्थितियों में घूम रहा है। उसके साथ सिविल कपड़ों में एक अन्य शख्स भी देखा गया था। खुफिया यूनिट को अंदेशा था कि ये दोनों किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। इस सूचना को पूरी गंभीरता से लेते हुए पुलिस प्रशासन हरकत में आया।\n\n \n\nखास टीम का गठन और धरपकड़\n खुफिया एजेंसी से मिले इनपुट की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त अंशुमान भौमिया ने तुरंत एक्शन लिया और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस विशेष टीम ने आर्मी इंटेलिजेंस द्वारा बताए गए हुलिया और विवरण के आधार पर संदिग्ध की तलाश तेज कर दी। छानबीन के दौरान पुलिस को पुख्ता जानकारी मिली कि आरोपी इस समय रातानाडा स्थित सुखसागर रेस्टोरेंट के अंदर मौजूद है। बिना देर किए पुलिस दल ने तुरंत उस स्थान पर दबिश दी और संदिग्ध को हिरासत में ले लिया। जब उससे पूछताछ की गई और उसकी तलाशी ली गई, तो वह पूरी तरह से आर्मी की वर्दी में पाया गया, जिसके बाद पुलिस ने उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया।\n\n \n\nसैनिकों को लोन का लालच देकर करोड़ों की ठगी\n गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने उससे कड़ाई से पूछताछ की, तो कई चौंकाने वाले और बड़े खुलासे सामने आए। आरोपी का मुख्य तौर पर निशाना सेना के जवान होते थे। वह खुद को एक बड़ा आर्मी अधिकारी बताकर जवानों का भरोसा जीतता था और उन्हें विभिन्न बैंकों या योजनाओं से आसानी से लोन दिलाने का झांसा देता था। लोन दिलाने के नाम पर वह सैनिकों से अलग-अलग बहानों से पैसे ऐंठता था। पुलिस को शुरुआती जांच में यह संदेह है कि इस शातिर ठग ने करोड़ों रुपये की ठगी की है। इतना ही नहीं, जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया है कि उसने कई महिलाओं को भी अपने जाल में फंसाकर ठगी का शिकार बनाया था। पुलिस अब इन सभी मामलों का पूरा ब्योरा खंगाल रही है ताकि यह साफ हो सके कि उसने अब तक कुल कितने लोगों को चूना लगाया है।\n\n \n\nकई राज्यों में फैले हैं आपराधिक मामले\n जोधपुर पुलिस की अब तक की तफ्तीश में यह बात खुलकर सामने आई है कि आरोपी के खिलाफ केवल एक जगह नहीं, बल्कि देश के कई अलग-अलग हिस्सों में गंभीर धोखाधड़ी के मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस के मुताबिक, कच्छ-भुज गुजरात, साइबर क्राइम थाना पंजाब और सिलीगुड़ी पश्चिम बंगाल सहित विभिन्न स्थानों पर उसके खिलाफ ठगी के प्रकरण दर्ज होने की जानकारी मिली है। जोधपुर पुलिस अब इन सभी संबंधित राज्यों के थानों से संपर्क साधकर उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड का पूरा विवरण जुटा रही है।\n\n इसके साथ ही पुलिस ने आरोपी के कब्जे से बरामद किए गए मोबाइल नंबरों और बैंक खातों की तकनीकी जांच भी शुरू कर दी है। शुरुआती विश्लेषण में यह बात सामने आ रही है कि अलग-अलग राज्यों में हुए बैंक लेन-देन के जरिए लाखों रुपये की ठगी को अंजाम दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि मोबाइल डेटा, बैंक खातों के स्टेटमेंट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का मिलान करने के बाद इस पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश किया जा सकेगा। पुलिस इस पहलू पर भी बारीकी से नजर रख रही है कि ठगी की अवैध रकम आखिर किन-किन बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती थी और इस धोखाधड़ी में परदे के पीछे कौन लोग उसका साथ दे रहे थे। पुलिस को पूरी उम्मीद है कि रिमांड के दौरान होने वाली विस्तृत पूछताछ से कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।\n\nइसका आप पर असर\nभारत में: सेना की वर्दी का दुरुपयोग कर ठगी करने वाले गिरोहों के सक्रिय होने से सुरक्षा और नागरिकों की वित्तीय सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।\n\nजोधपुर में: रातानाडा और आसपास के सैन्य क्षेत्रों के पास स्थानीय लोगों और जवानों को फर्जीवाड़े से बचाने के लिए सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता बढ़ा दी गई है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. जोधपुर में फर्जी आर्मी कैप्टन को किसने और कब पकड़ा?\nजोधपुर में पुलिस ने आर्मी इंटेलिजेंस यूनिट की सूचना पर 23 अगस्त 2026 को आरोपी को गिरफ्तार किया।\n\n2. आरोपी ठगी के लिए लोगों को क्या झांसा देता था?\nआरोपी खुद को सेना का बड़ा अधिकारी बताकर मुख्य रूप से जवानों को लोन दिलाने का झांसा देता था और पैसे ऐंठता था।\n\n3. आरोपी को पुलिस ने कहाँ से गिरफ्तार किया?\nपुलिस ने आरोपी को जोधपुर के रातानाडा इलाके स्थित सुखसागर रेस्टोरेंट से हिरासत में लिया।\n\n4. देश के किन-किन राज्यों में आरोपी के खिलाफ मामले दर्ज हैं?\nआरोपी के खिलाफ गुजरात के कच्छ-भुज, पंजाब के साइबर थाने और पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी सहित कई जगहों पर मामले दर्ज हैं।",
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  "category": "अपराध",
  "publishedAt": "2026-08-24",
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    "जोधपुर पुलिस",
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    "रातानाडा जोधपुर",
    "फर्जीवाड़ा",
    "अंशुमान भौमिया"
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  "site": "TrendKia"
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