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  "type": "article",
  "title": "कानपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग का बड़ा एक्शन, 24 टीमों ने की छापेमारी और डेढ़ लाख का मिलावटी सामान नष्ट",
  "summary": "कानपुर देहात और कानपुर नगर में खाद्य सुरक्षा विभाग की 24 टीमों ने मिलकर छापेमारी की। इस दौरान 28 सैंपल लिए गए और डेढ़ लाख रुपये से अधिक का मिलावटी सामान नष्ट किया गया।",
  "content": "त्योहारी सीजन और आम दिनों में मिलावटखोरों पर नकेल कसने के लिए उत्तर प्रदेश के कानपुर क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने शनिवार को एक व्यापक और कड़ा अभियान चलाया। इस कार्रवाई के तहत कानपुर नगर और कानपुर देहात के कई इलाकों में स्थित खोया निर्माण इकाइयों और प्रमुख बाजारों का औचक निरीक्षण किया गया। इस पूरी मुहिम का संचालन विभाग की आयुक्त डॉ रोशन जैकब के दिशा-निर्देशों और अपर आयुक्त रेखा एस. चौहान की निगरानी में हुआ, जिसके लिए राज्य स्तर पर कुल 24 प्रवर्तन टीमों को मैदान में उतारा गया था।\n\n \n\nरसूलाबाद और बादशाहपुर में केमिकल से बन रहा था खोया\n कार्रवाई के दौरान कानपुर देहात के रसूलाबाद अंतर्गत आने वाले ग्राम बादशाहपुर में एक खोया फैक्ट्री पर जब टीम ने छापा मारा, तो वहां बड़े पैमाने पर मिलावट का खेल चल रहा था। निरीक्षण में अधिकारियों को क्रीम निकालने की मशीन, भट्ठियां, स्किम्ड मिल्क पाउडर और हाइड्रोजन परॉक्साइड जैसे हानिकारक रसायन मिले। मौके पर लगभग एक कुंतल तैयार खोया भी बरामद हुआ। इस इकाई से 7 बोरियों में भरे हुए स्किम्ड मिल्क पाउडर के 175 पैकेट और करीब 15 लीटर हाइड्रोजन परॉक्साइड जब्त किया गया। अधिकारियों ने इन सभी संदिग्ध पदार्थों के नमूने लैब में जांच के लिए सुरक्षित रख लिए और मौके पर ही सारा दूषित खोया नष्ट करा दिया। इस गंभीर मामले में पुलिस ने रसूलाबाद थाने में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 274 और 275 के तहत एक मुकदमा दर्ज कर लिया है।\n\n \n \n\nरजिस्ट्रेशन निरस्त और सैफोलाइट की बरामदगी\n बादशाहपुर क्षेत्र की ही एक अन्य खोया निर्माण इकाई की जांच के दौरान अधिकारियों को सैफोलाइट नामक एक खतरनाक रसायन मिला, जिसका इस्तेमाल खोया बनाने में किया जा रहा था। इस इकाई में तीन बड़ी कढ़ाइयां और भट्ठियां संचालित पाई गईं। टीम ने वहां मौजूद संदिग्ध अपमिश्रक को कब्जे में लेते हुए उस इकाई का खाद्य पंजीकरण तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया। हालांकि, इसी इलाके की एक तीसरी इकाई में जांच के दौरान कोई भी आपत्तिजनक सामग्री नहीं पाई गई, जहां रखे गए लगभग 50 लीटर दूध और 50 लीटर खोया में से केवल खोया का एक नमूना गुणवत्ता परीक्षण के लिए भेजा गया।\n\n \n\nझींझक में अस्वच्छ परिस्थितियों में रिफाइंड तेल का इस्तेमाल\n अपरान्ह के समय झींझक के भोला नगर गांव में स्थित एक खोया भट्ठी पर जब टीम पहुंची, तो वहां बेहद अस्वच्छ और गंदे हालात मिले। जांच में वहां 10 लीटर रिफाइंड सोयाबीन तेल, 10 पैकेट स्किम्ड मिल्क पाउडर और लगभग 32 किलोग्राम तैयार खोया बरामद किया गया। पूछताछ के दौरान भट्ठी संचालक ने इस बात को स्वीकार किया कि वह खोया तैयार करने के लिए रिफाइंड तेल, वनस्पति घी और मिल्क पाउडर का इस्तेमाल कर रहा था। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उस 32 किलोग्राम दूषित खोया और 10 लीटर रिफाइंड तेल को नष्ट करवा दिया तथा संबंधित इकाई का खाद्य पंजीकरण निलंबित कर दिया।\n\n \n\nकानपुर नगर की प्रमुख खोया मंडियों में सघन चेकिंग\n कानपुर देहात के अलावा कानपुर नगर की तीन बड़ी और प्रसिद्ध खोया मंडियों में भी इस अभियान का व्यापक असर देखा गया। एक्सप्रेसवे खोया मंडी, फजलगंज खोया मंडी और पारंपरिक हटिया खोया मंडी में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने पहुंचकर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच की। एक्सप्रेसवे और फजलगंज मंडियों में प्रमुख विक्रेताओं के यहां से खोया के नमूने संग्रहित किए गए। वहीं, हटिया खोया मंडी में कुल 14 खोया कारोबारियों की दुकानों की गहन जांच की गई और वहां से 14 अलग-अलग नमूने लिए गए। इस दौरान हटिया मंडी में अस्वास्थ्यकर और गंदे माहौल में रखे गए लगभग 4.30 कुंतल खोया को नष्ट कराया गया, जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत 1.07 लाख रुपये आंकी गई।\n\n इस पूरे संयुक्त अभियान के दौरान अधिकारियों ने कुल 28 खाद्य नमूनों को प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए एकत्र किया। विभिन्न जगहों से कुल मिलाकर लगभग 1.50 लाख रुपये मूल्य की मिलावटी खाद्य सामग्री और अपमिश्रकों को पूरी तरह नष्ट कराया गया। मिलावट के इस गंभीर खेल में संलिप्त पाए जाने पर एक व्यक्ति के खिलाफ आधिकारिक रूप से कानूनी कार्रवाई दर्ज कराई गई, जबकि तीन अन्य खाद्य कारोबारियों के पंजीकरण को या तो निलंबित कर दिया गया या पूरी तरह से निरस्त कर दिया गया।\n\nइसका आप पर असर\nभारत में: त्योहारी सीजन या सामान्य दिनों में बाजार से खोया और डेयरी उत्पाद खरीदते समय उसकी शुद्धता की जांच अवश्य करें, क्योंकि कई जगहों पर केमिकल और रिफाइंड ऑयल के इस्तेमाल से स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।\n\nकानपुर में: कानपुर नगर और कानपुर देहात के स्थानीय उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे असत्यापित या अस्वच्छ इकाइयों से मिलने वाले दूध और खोए के उत्पादों के प्रति सतर्क रहें और किसी भी संदेह पर खाद्य विभाग को सूचना दें।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. कानपुर में यह अभियान किसने चलाया?\nयह अभियान खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) द्वारा चलाया गया, जिसे 24 प्रवर्तन टीमों ने अंजाम दिया।\n\n2. छापेमारी के दौरान कुल कितने नमूने लिए गए?\nविभिन्न खोया निर्माण इकाइयों और मंडियों से जांच के लिए कुल 28 खाद्य नमूने संग्रहित किए गए।\n\n3. कितने मूल्य का मिलावटी सामान नष्ट कराया गया?\nअभियान के दौरान लगभग 1.50 लाख रुपये मूल्य की खाद्य सामग्री और अपमिश्रकों को नष्ट कराया गया।\n\n4. किन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया?\nरसूलाबाद क्षेत्र में अपमिश्रक के प्रयोग के मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 274 और 275 के तहत मुकदमा दर्ज किया।",
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  "category": "अपराध",
  "publishedAt": "2026-08-23",
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    "कानपुर समाचार",
    "मिलावटी खोया",
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    "दूध मिलावट"
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