# कानपुर में आईबीपीएस पीओ परीक्षा में बड़ा फर्जीवाड़ा, सॉल्वर गैंग के चार सदस्य गिरफ्तार

> उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने कानपुर में आईबीपीएस पीओ भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़ा करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से नकदी, मोबाइल और फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं।

**Type:** article · **Category:** अपराध · **Published:** 2026-08-24 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/crime/kanpur-mein-ibps-po-pareeksha-mein-farziwada-char-giraftar-21376 · **Language:** Hindi
**Tags:** कानपुर, यूपी एसटीएफ, आईबीपीएस परीक्षा, पेपर लीक, सॉल्वर गैंग

उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश हुआ है जो आईबीपीएस की प्रमुख भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़ा और सॉल्टी तौर-तरीकों से नकल कराने का धंधा चला रहा था। राज्य के विशेष कार्य बल यानी एसटीएफ ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को दबोच लिया है। पुलिस और जांच एजेंसियों के हत्थे चढ़े इन लोगों की पहचान अवनीश यादव, आशीष कुमार, राहुल कुमार सिन्हा और अंकित सचान के रूप में हुई है। यह पूरा सिंडिकेट पैसों के लेनदेन के जरिए दिव्यांग यानी पीडब्ल्यूडी श्रेणी के अभ्यर्थियों के नाम पर फर्जीवाड़े को अंजाम देता था। इसके तहत या तो खुद ये लोग या फिर अन्य तेज-तर्रार और पेशेवर सॉल्वरों को सहायक लेखक यानी स्क्राइब के रूप में परीक्षा हॉल में बैठाया जाता था, जिससे असली परीक्षार्थियों को अवैध तरीके से पास कराया जा सके।

## बरामद सामान और मास्टरमाइंड की तलाश

छापेमारी और गिरफ्तारी के दौरान एसटीएफ ने आरोपियों के पास से भारी मात्रा में संदिग्ध सामग्रियां और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। उनके पास कुल पांच मोबाइल फोन, चार आधार कार्ड, तीन पैन कार्ड, एक ड्राइविंग लाइसेंस, एक पासपोर्ट और बैंक के दो एटीएम कार्ड मिले हैं। इसके अलावा जांच टीम को एक आईपैड, एक वैगनआर कार, कुछ जाली दस्तावेज और 2,750 रुपये नकद भी हाथ लगे हैं। पूछताछ की प्रक्रिया के दौरान इस पूरे रैकेट के मास्टरमाइंड मनीष कुमार मिश्रा और बिहार के रहने वाले राजू गुप्ता के नाम प्रमुखता से सामने आए हैं। इस सिलसिले में कानपुर के सचेंडी थाने में भारतीय न्याय संहिता और सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, और पुलिस तथा एसटीएफ की टीमें बाकी बचे फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई हैं।

## एसटीएफ मुख्यालय को मिली थी गोपनीय सूचना

इस पूरी कार्रवाई की नींव एसटीएफ मुख्यालय को मिली एक गोपनीय सूचना के बाद पड़ी। अधिकारियों को पता चला था कि 22 और 23 अगस्त 2026 को आयोजित हुई ऑनलाइन प्रारंभिक परीक्षा यानी सीआरपीएफ पीओ और एमटी-सोलह के दौरान बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की योजना है। सचेंडी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 'ION Digital Zone IDZ' भैला मऊ परीक्षा केंद्र पर 22 अगस्त को अंतिम पाली की परीक्षा चल रही थी। इसी दौरान दिल्ली और बिहार से आए पेशेवर सॉल्वर दिव्यांग श्रेणी के वास्तविक अभ्यर्थियों की जगह फर्जी स्क्राइब बनकर परीक्षा दे रहे थे। जैसे ही परीक्षा समाप्त हुई, पुलिस और केंद्र के ऑब्जर्वर की सतर्कता से संदिग्धों को रोका गया और गहन पूछताछ के बाद जब पर्याप्त सबूत मिल गए, तब उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।

## कानूनी कार्रवाई और सख्त कदम

पकड़े गए सभी आरोपियों के खिलाफ कानपुर नगर के सचेंडी थाने में भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के बेहद कड़े नकल विरोधी कानून यानी 'उ०प्र० सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम-2024' के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से पड़ताल कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस साजिश में और कौन-कौन से लोग शामिल हैं और किन-किन अभ्यर्थियों ने इस सॉल्वर गैंग के साथ साठगांठ की थी। इस तरह की ऑनलाइन परीक्षाओं में सेंध लगाने वाले ऐसे गिरोहों के खिलाफ प्रशासन की यह एक बड़ी सफलता मानी जा रही है, जिससे परीक्षा की शुचिता को बनाए रखने में मदद मिलेगी।

## इसका आप पर असर
- **भारत में:** प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले छात्रों और बेरोजगार युवाओं के लिए यह परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर एक बड़ा संदेश है।
- **कानपुर में:** स्थानीय स्तर पर परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को और अधिक कड़ा किए जाने की उम्मीद है।

## सवाल-जवाब

### 1. कानपुर में आईबीपीएस परीक्षा फर्जी मामले में कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने इस मामले में कुल 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

### 2. पकड़े गए आरोपियों के नाम क्या हैं?
गिरफ्तार आरोपियों में अवनीश यादव, आशीष कुमार, राहुल कुमार सिन्हा और अंकित सचान शामिल हैं।

### 3. इस गिरोह का मुख्य काम क्या था?
यह गिरोह पैसों के बदले दिव्यांग अभ्यर्थियों की जगह पर फर्जी सहायक लेखक या सॉल्वर बैठाकर परीक्षा पास कराता था।

### 4. इस मामले में कौन से मुख्य मास्टरमाइंड सामने आए हैं?
पुलिस पूछताछ के दौरान मनीष कुमार मिश्रा और राजू गुप्ता के नाम मास्टरमाइंड के रूप में सामने आए हैं।

### 5. यह परीक्षा केंद्र कहाँ स्थित था?
यह परीक्षा केंद्र कानपुर के सचेंडी थाना क्षेत्र के अंतर्गत 'ION Digital Zone IDZ' भैला मऊ में स्थित था।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._