# कानपुर में न्याय के लिए छह घंटे तक घर की रेलिंग पर फंदा डालकर बैठा रहा युवक

> कानपुर के सेन पश्चिम पारा थाना क्षेत्र में एक युवक ने एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर मंगलवार सुबह घर की पहली मंजिल की रेलिंग पर फंदा डालकर प्रदर्शन किया। करीब छह घंटे की मशक्कत और पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज किए जाने की प्रति दिखाए जाने के बाद वह नीचे उतरा।

**Type:** article · **Category:** अपराध · **Published:** 2026-08-25 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/crime/kanpur-men-nyaya-ke-lie-chhaha-ghnte-taka-ghara-ki-railing-para-phnda-dalakara-baitha-raha-yuvaka-21831 · **Language:** Hindi
**Tags:** कानपुर समाचार, उत्तर प्रदेश पुलिस, सेन पश्चिम पारा, कानपुर न्यूज, अपराध समाचार

उत्तर प्रदेश के कानपुर दक्षिण कमिश्नरेट के सेन पश्चिम पारा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले न्योरी गांव में मंगलवार की सुबह एक अनोखा और तनावपूर्ण मामला सामने आया। यहां एक स्थानीय निवासी ने अपनी शिकायत पर मुकदमा दर्ज करवाने की जिद पकड़ ली और इसके लिए उसने अपने घर की पहली मंजिल की रेलिंग पर रस्सी का फंदा बनाकर गले में डाल लिया। इस हाई-ड्रामा के कारण स्थानीय प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में पुलिस बल मौके पर रवाना किया गया।

मंगलवार को सुबह करीब छह बजे शुरू हुए इस घटनाक्रम के दौरान श्याम सुंदर नाम के इस व्यक्ति ने अपने परिवार के सदस्यों को बचाने के नाम पर घर के अंदर बंद कर लिया था। उसने अपनी पत्नी गोमती और तीन बच्चों को घर के भीतर भेजकर मुख्य गेट पर ताला लगा दिया। इसके बाद उसने बालकनी की रेलिंग में रस्सी को मजबूती से बांधा और अपने गले में फंदा डाल लिया। उसकी साफ मांग थी कि जब तक उसकी शिकायत पर पुलिस कार्रवाई नहीं करती और उसे न्याय का भरोसा नहीं मिलता, वह अपनी इस स्थिति से टस से मस नहीं होगा।

## सुबह छह बजे शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन और प्रशासनिक हलचल

सुबह के वक्त जैसे ही पड़ोसियों ने श्याम सुंदर को फंदे के सहारे बालकनी की रेलिंग पर बैठे देखा, इलाके में अफरा-तफरी मच गई। फौरन इसकी सूचना स्थानीय पुलिस थाने को दी गई, जिसके बाद सेन पश्चिम पारा थाने की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गई। अधिकारियों ने युवक को सुरक्षित नीचे उतारने के लिए बातचीत का सिलसिला शुरू किया, लेकिन वह अपनी मांग पर अड़ा रहा। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए मौके पर फायर ब्रिगेड की टीम को भी एहतियातन बुला लिया गया ताकि किसी भी अनहोनी से निपटा जा सके।

पुलिस और अन्य प्रशासनिक टीमों ने लगातार छह घंटे तक युवक को समझाने-बुझाने का प्रयास किया। इस लंबी बातचीत के दौरान श्याम सुंदर ने अपनी बात साबित करने के लिए कुछ पुराने ऑडियो भी पुलिस अधिकारियों और वहां मौजूद लोगों को सुनाए। इन ऑडियो के माध्यम से उसका दावा था कि उसके पास अपने आरोपों से जुड़े पुख्ता साक्ष्य मौजूद हैं।

## एक साल पुराने विवाद और थाने में मारपीट का आरोप

घटना की जड़ में करीब एक साल पुराना एक विवाद बताया जा रहा है। श्याम सुंदर का आरोप है कि उसकी अपने पड़ोसी रामबाबू के साथ कहासुनी और विवाद हुआ था, जिसके बाद उसी मामले में उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करवा दिया गया था। युवक ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि थाने के भीतर उसके साथ मारपीट की गई थी। उसका यह भी कहना था कि उसने इस पूरे मामले को लेकर कई स्तरों पर अधिकारियों के दरवाजे खटखटाए, लेकिन कहीं से भी उसे अपेक्षित न्याय या मदद नहीं मिल पाई।

युवक के अनुसार वह पिछले एक साल से लगातार अधिकारियों के चक्कर काट रहा था। इस दौरान उसने मुख्यमंत्री के जनता दरबार और जिले के तमाम बड़े अधिकारियों को करीब दो दर्जन प्रार्थनापत्र सौंपे थे, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि युवक द्वारा लगाए गए इन तमाम गंभीर आरोपों की सत्यता की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी और पुलिस मामले के हर पहलू को गहराई से खंगाल रही है।

## तहरीर मिलने और एफआईआर की कॉपी देखने के बाद नीचे उतरा युवक

लगभग छह घंटे तक चले इस तनावपूर्ण ड्रामे का अंत तब हुआ जब पुलिस ने उसकी लिखित तहरीर के आधार पर औपचारिक रूप से मुकदमा दर्ज कर लिया। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने एफआईआर की प्रति उसे दिखाई और उसकी पुष्टि कराई। जैसे ही श्याम सुंदर को इस बात का यकीन हो गया कि उसकी शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है, उसने राहत की सांस ली और आखिरकार रेलिंग से नीचे उतर आया।

घाटमपुर के एसीपी कृष्णकांत ने इस पूरे मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि युवक द्वारा लगाए गए सभी आरोपों की गहनता से जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि शिकायत में बताई गई बातों और घटना से जुड़े अन्य सभी तथ्यों की जांच पूरी होने के बाद ही आगे की वैधानिक कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल छह घंटे तक चले इस अनोखे विरोध प्रदर्शन की चर्चा पूरे क्षेत्र में बनी हुई है और पुलिस अपनी ओर से मामले की हर एंगल से पड़ताल कर रही है।

## इसका आप पर असर
**उत्तर प्रदेश में:** इस घटना से यह बात सामने आती है कि स्थानीय नागरिकों को थानों और पुलिस अधिकारियों से समय पर न्याय न मिलने पर किस हद तक संघर्ष करना पड़ सकता है।

**कानपुर में:** सेन पश्चिम पारा और आसपास के ग्रामीण इलाकों के लोगों को प्रशासनिक स्तर पर अपनी शिकायतें दर्ज कराने में आने वाली दिक्कतों पर बहस छिड़ गई है।

## सवाल-जवाब

### 1. कानपुर में यह घटना किस गांव में हुई?
यह घटना कानपुर दक्षिण कमिश्नरेट के सेन पश्चिम पारा थाना क्षेत्र के न्योरी गांव में हुई।

### 2. रेling पर फंदा डालकर बैठने वाले व्यक्ति का क्या नाम है?
रेलिंग पर फंदा डालकर बैठने वाले व्यक्ति का नाम श्याम सुंदर है।

### 3. श्याम सुंदर ने अपनी पत्नी और बच्चों के साथ क्या किया?
उसने अपनी पत्नी गोमती और तीन बच्चों को घर के अंदर कर मुख्य गेट बंद कर लिया था।

### 4. यह पूरा विरोध प्रदर्शन कितने घंटे तक चला?
पुलिस और युवक के बीच यह बातचीत और विरोध प्रदर्शन करीब छह घंटे तक चला।

### 5. श्याम सुंदर किस मांग को लेकर रेलिंग पर बैठा था?
वह अपनी शिकायत पर मुकदमा दर्ज कराने और न्याय पाने की मांग को लेकर रेलिंग पर बैठा था।

### 6. युवक ने किस पुराने विवाद का जिक्र किया?
उसने करीब एक साल पहले अपने पड़ोसी रामबाबू के साथ हुए विवाद और उसके बाद पुलिस द्वारा कार्रवाई न किए जाने का आरोप लगाया।

### 7. युवक नीचे कब उतरा?
पुलिस द्वारा उसकी तहरीर पर मुकदमा दर्ज किए जाने और एफआईआर की प्रति दिखाए जाने के बाद वह नीचे उतरा।

### 8. इस मामले में किस पुलिस अधिकारी ने बयान दिया?
घाटमपुर के एसीपी कृष्णकांत ने बताया कि युवक के आरोपों की जांच की जा रही है।

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