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  "type": "article",
  "title": "कर्नाटक में साइबर ठगी का आरोपी शेख साबिर कोलकाता हवाई अड्डे से पकड़ा गया, विदेश भागने का था मंसूबा",
  "summary": "कर्नाटक में वित्तीय घोटालों और डिजिटल अरेस्ट की धमकी देकर जबरन वसूली करने का आरोपी शेख साबिर कोलकाता के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पकड़ा गया। आव्रजन अधिकारियों ने लुकआउट नोटिस के आधार पर उसे उस समय हिरासत में लिया, जब वह दुबई जाने वाली उड़ान में सवार होने की तैयारी कर रहा था।",
  "content": "पश्चिम बंगाल की राजधानी में आव्रजन तंत्र की मुस्तैदी से साइबर अपराध के एक बड़े मामले में वांछित व्यक्ति कानून के शिकंजे में आ गया है। कर्नाटक राज्य में दर्जनों धोखाधड़ी के मामलों में नामजद आरोपी शेख साबिर जब नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से दुबई के लिए उड़ान भरने की तैयारी में जुटा था, तभी सुरक्षा जांच के दौरान उसे रोक लिया गया। उसके खिलाफ काफी समय से लुकआउट सर्कुलर सक्रिय था, जिसकी मदद से अधिकारियों ने उसकी पहचान की और मौके पर ही उसे हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई के साथ ही साइबर धोखाधड़ी के इस आरोपी की देश छोड़कर भागने की पूरी कोशिश नाकाम हो गई।\n\nदुबई जाने वाले विमान में चढ़ने से ठीक पहले हुई कार्रवाई\nहवाई अड्डे के सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत मंगलवार तड़के यह पूरी कार्रवाई अंजाम दी गई। शेख साबिर कोलकाता से दुबई जाने वाली नियमित अंतरराष्ट्रीय उड़ान पकड़ने के लिए टर्मिनल पहुंचा था। जैसे ही उसने आव्रजन काउंटर पर अपने दस्तावेज पेश किए, जांच प्रणाली में उसके खिलाफ पहले से दर्ज लुकआउट नोटिस का अलर्ट सामने आ गया। आव्रजन अधिकारियों ने बिना किसी देरी के उसे पूछताछ के घेरे में ले लिया और आगे की औपचारिक कानूनी कार्रवाई के लिए हवाई अड्डे पर तैनात स्थानीय पुलिस बल को सौंप दिया। इसके बाद बिधाननगर पुलिस आयुक्तालय के अंतर्गत आने वाले संबंधित पुलिस स्टेशन ने उसे आधिकारिक तौर पर गिरफ्तार कर लिया।\n\nकर्नाटक पुलिस और सीआईडी को थी लंबे समय से तलाश\nशेख साबिर कर्नाटक पुलिस के साथ-साथ राज्य के आपराधिक जांच विभाग यानी सीआईडी की रडार पर काफी दिनों से चल रहा था। कर्नाटक के अलग-अलग इलाकों में उसके खिलाफ साइबर अपराध, वित्तीय धोखाधड़ी और रकम ऐंठने की कई प्राथमिकियां दर्ज थीं। लगातार ठिकाने बदलकर वह पुलिस की गिरफ्तारी से बच रहा था, जिसके चलते जांच एजेंसियों को उसके खिलाफ आधिकारिक लुकआउट सर्कुलर जारी करने का कदम उठाना पड़ा था। बिधाननगर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इस गिरफ्तारी की औपचारिक जानकारी तत्काल कर्नाटक पुलिस को भेज दी गई है ताकि दोनों राज्यों की पुलिस कानूनी औपचारिकताओं को पूरा कर सके।\n\nडिजिटल अरेस्ट और ब्लैकमेलिंग से जुड़ा बड़ा नेटवर्क\nजांचकर्ताओं के प्राथमिक विवरण के मुताबिक, आरोपी एक संगठित साइबर अपराध सिंडिकेट का सक्रिय सदस्य रहा है। यह गिरोह आम नागरिकों को फर्जी कानूनी मामलों और डिजिटल गिरफ्तारी का खौफ दिखाकर ब्लैकमेल करता था और उनसे जबरन भारी रकम वसूलता था। इस तरह के कई मामलों की लगातार शिकायतें मिलने के बाद बेंगलुरु शहर साइबर अपराध पुलिस स्टेशन में विस्तृत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोपी वित्तीय धोखाधड़ी के जरिए लोगों के खातों से रकम उड़ाने और पीड़ितों को मानसिक रूप से डराकर पैसे ऐंठने में सीधे तौर पर लिप्त पाया गया था।\n\nट्रांजिट रिमांड पर कर्नाटक ले जाने की कानूनी तैयारी\nफिलहाल बिधाननगर पुलिस इस पूरे मामले में कर्नाटक की जांच एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर रही है। कर्नाटक पुलिस की एक टीम के कोलकाता पहुंचने और स्थानीय अदालत से आरोपी की ट्रांजिट रिमांड हासिल करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जा रही है। रिमांड मंजूर होते ही आरोपी को बेंगलुरु ले जाया जाएगा, जहां साइबर अपराध पुलिस स्टेशन में दर्ज मुकदमों के आधार पर उससे विस्तृत पूछताछ की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ के दौरान इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सहयोगियों और वित्तीय लेन-देन के व्यापक स्तर का भी पर्दाफाश हो सकेगा।\n\nइसका आप पर असर\nहवाई अड्डे पर साइबर जालसाज की गिरफ्तारी यह स्पष्ट करती है कि डिजिटल धोखाधड़ी करने वाले अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के जरिए भागने के बावजूद सुरक्षा एजेंसियों की नजर से बच नहीं सकते।\n\n• भारत में: डिजिटल गिरफ्तारी और ब्लैकमेलिंग जैसे ऑनलाइन अपराधों के मामलों में जांच एजेंसियां अब हवाई अड्डों और आव्रजन केंद्रों पर वास्तविक समय की निगरानी का उपयोग कर रही हैं। आम नागरिकों को किसी भी अनजान कॉल या ऑनलाइन गिरफ्तारी की धमकी मिलने पर तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करनी चाहिए।\n• कोलकाता में: नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षा और आव्रजन जांच व्यवस्था को और सख्त किया गया है ताकि अन्य राज्यों के वांछित अपराधी यहां से भाग न सकें। अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने वाले यात्रियों को अपने दस्तावेज हमेशा अद्यतन रखने चाहिए क्योंकि कड़ी प्रोफाइलिंग और रिकॉर्ड मिलान प्रक्रिया निरंतर जारी है।\n• कर्नाटक में: बेंगलुरु शहर साइबर अपराध थाने में दर्ज मुकदमों के पीड़ितों को अब अपनी डूबी रकम की बरामदगी और कानूनी न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। राज्य पुलिस साइबर ठगी की शिकायतों पर तेजी से लुकआउट नोटिस जारी कर रही है ताकि फरार आरोपियों की घेराबंदी हो सके।\n• ऑनलाइन सुरक्षा: कोई भी सरकारी एजेंसी या पुलिस विभाग वीडियो कॉल पर किसी भी नागरिक को डिजिटल अरेस्ट नहीं करता है। ऐसी किसी भी धमकी से घबराने के बजाय सीधे नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर पोर्टल पर संपर्क करना चाहिए।\n\nऐसा क्यों हुआ\nयह गिरफ्तारी कई राज्यों की पुलिस और आव्रजन विभाग के बीच एकीकृत सूचना तंत्र के प्रभावी तालमेल का सीधा परिणाम है। आरोपी कर्नाटक में वित्तीय घोटालों को अंजाम देकर गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था।\n\n• प्रत्यक्ष कारण: आरोपी शेख साबिर के खिलाफ कर्नाटक पुलिस और सीआईडी की सिफारिश पर एक आधिकारिक लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया था। जैसे ही उसने कोलकाता हवाई अड्डे पर दुबई जाने वाले विमान के लिए बोर्डिंग और आव्रजन प्रक्रिया शुरू की, प्रणाली ने उसकी पहचान को उजागर कर दिया।\n• पृष्ठभूमि और परिस्थितियां: बेंगलुरु शहर साइबर अपराध पुलिस स्टेशन में डिजिटल अरेस्ट और जबरन वसूली से जुड़े कई मामले दर्ज हुए थे। आरोपी लंबे समय से पुलिस की पकड़ से फरार चल रहा था और अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर दुबई भागने की फिराक में था।\n• जांच प्रक्रिया: आव्रजन अधिकारियों द्वारा रोके जाने के बाद बिधाननगर पुलिस ने उसे औपचारिक रूप से हिरासत में लिया। अब दोनों राज्यों के पुलिस विभाग कानूनी नियमों के तहत आरोपी की ट्रांजिट रिमांड प्राप्त कर उसे आगे की पूछताछ के लिए कर्नाटक स्थानांतरित करने में जुटे हैं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. कोलकाता हवाई अड्डे पर किसे और क्यों गिरफ्तार किया गया?\nकर्नाटक में साइबर ठगी और जबरन वसूली के मामलों में वांछित आरोपी शेख साबिर को कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गिरफ्तार किया गया।\n\n2. आरोपी किस देश भागने की कोशिश कर रहा था?\nशेख साबिर मंगलवार तड़के कोलकाता से दुबई जाने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ान में सवार होने की कोशिश कर रहा था।\n\n3. आरोपी को पकड़ने में किस कानूनी व्यवस्था ने मदद की?\nकर्नाटक पुलिस और सीआईडी की निगरानी के बाद आरोपी के खिलाफ एक लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया था, जिसके अलर्ट पर आव्रजन अधिकारियों ने उसे रोक लिया।\n\n4. शेख साबिर पर मुख्य रूप से किस तरह के आरोप हैं?\nजांचकर्ताओं के अनुसार वह पीड़ितों को डिजिटल गिरफ्तारी की धमकी देकर जबरन वसूली, ब्लैकमेल और वित्तीय धोखाधड़ी करने वाले एक बड़े साइबर नेटवर्क से जुड़ा था।\n\n5. इस मामले में प्राथमिकी किस थाने में दर्ज की गई थी?\nइस धोखाधड़ी के सिलसिले में कई शिकायतों के बाद बेंगलुरु शहर साइबर अपराध पुलिस स्टेशन में औपचारिक मामला दर्ज किया गया था।\n\n6. गिरफ्तारी के बाद अब आगे की क्या कानूनी प्रक्रिया चल रही है?\nबिधाननगर पुलिस कर्नाटक पुलिस के साथ मिलकर स्थानीय अदालत से आरोपी की ट्रांजिट रिमांड लेने की प्रक्रिया पूरी कर रही है ताकि उसे जांच के लिए कर्नाटक ले जाया जा सके।",
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  "category": "अपराध",
  "publishedAt": "2026-11-03",
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    "साइबर अपराध",
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