# केंद्रापड़ा में इंजीनियर अनुपमा साहू की गाड़ी से मिले साढ़े तीन लाख, घर से भी निकला कैश

> ओडिशा विजिलेंस ने केंद्रापड़ा ड्रेनेज डिवीजन की इंजीनियर अनुपमा साहू की गाड़ी और घर से अब तक कुल 7 लाख 15 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं, मामला ठेकेदारों के बिल पास कराने के बदले रिश्वत वसूली से जुड़ा है।

**Type:** article · **Category:** अपराध · **Published:** 2026-09-05 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/crime/kendrapara-men-injiniyara-anupama-sahu-ki-gari-se-mile-sarhe-tina-lakha-ghara-se-bhi-nikala-kaisha-28295 · **Language:** Hindi
**Tags:** ओडिशा विजिलेंस, अनुपमा साहू, केंद्रापड़ा ड्रेनेज डिवीजन, रिश्वत मामला, आय से अधिक संपत्ति, कैश बरामद

ओडिशा विजिलेंस ने केंद्रापड़ा ड्रेनेज डिवीजन में तैनात असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर अनुपमा साहू पर शिकंजा कस दिया है। एक ही कार्रवाई में उनके पास से अब तक साढ़े सात लाख रुपये से ज्यादा नकद बरामद हो चुका है। यह पूरा मामला ठेकेदारों के अटके हुए बिल पास कराने के बदले रिश्वत वसूलने की सूचना से जुड़ा है।

## सूचना मिलते ही हरकत में आई विजिलेंस टीम
5 सितंबर 2026 को विजिलेंस को भरोसेमंद सूत्रों से खबर मिली कि केंद्रापड़ा ड्रेनेज डिवीजन के दफ्तर में ठेकेदारों के लंबित बिल क्लियर कराने के एवज में पैसा इकट्ठा किया जा रहा है। सरकारी विभागों में ठेकेदारों के भुगतान को जानबूझकर लटकाकर रिश्वत मांगने की शिकायतें अक्सर सामने आती रहती हैं, और इसी आशंका पर विजिलेंस ने तुरंत निगरानी शुरू कर दी। सूचना को पुख्ता मानते हुए एक टीम को अनुपमा साहू की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए भेजा गया।

## हाईवे पर रुकी गाड़ी, निकले साढ़े तीन लाख रुपये
विजिलेंस की टीम ने मार्शाघाई क्रॉसिंग के पास NH-53A हाईवे पर अनुपमा साहू की गाड़ी रोकी। उस समय वह दफ्तर से निकलकर केंद्रापड़ा के नयनविहार इलाके में अपने घर की तरफ जा रही थीं और सरकारी वाहन OD-29-S-6644 में सवार थीं। तलाशी लेने पर गाड़ी से 3 लाख 15 हजार रुपये नकद निकले। इतनी बड़ी रकम अपने पास रखने की कोई संतोषजनक वजह वह टीम को नहीं बता पाईं। जवाब न मिलने पर विजिलेंस को शक हुआ कि यह पैसा गलत तरीके से हासिल किया गया है, जिसके बाद मौके पर ही नकदी के साथ गाड़ी भी जब्त कर ली गई।

## घर की तलाशी में निकला चार लाख का और नकद
हाईवे पर मिली रकम के बाद विजिलेंस ने इस मामले को आय के मुकाबले ज्यादा संपत्ति के एंगल से खंगालना शुरू किया। इस तरह की पड़ताल में अधिकारी की घोषित आमदनी का मिलान उसके पास मौजूद संपत्ति और नकदी से किया जाता है। इसी सिलसिले में टीम ने अनुपमा साहू से जुड़े दफ्तर और आवासीय ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। केंद्रापड़ा स्थित उनके घर की तलाशी में अतिरिक्त 4 लाख रुपये नकद बरामद हुए, जिससे मामला और गंभीर हो गया। अगर जांच में यह साबित होता है कि संपत्ति उनकी घोषित आमदनी के मुकाबले असामान्य रूप से ज्यादा है, तो विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ आगे कानूनी कदम भी उठाए जा सकते हैं।

## कुल साढ़े सात लाख बरामद, पूछताछ अब भी जारी
गाड़ी और घर से मिली रकम मिलाकर अब तक कुल 7 लाख 15 हजार रुपये का नकद हाथ लग चुका है। विजिलेंस अधिकारी अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि इतनी बड़ी नकदी आखिर कहां से आई और इसका असली स्रोत क्या है। अनुपमा साहू से लगातार पूछताछ की जा रही है, ताकि रकम को लेकर स्पष्टीकरण लिया जा सके और मामले के दूसरे पहलुओं का भी पता चल सके। विजिलेंस की तलाशी और जांच अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, इसलिए आने वाले दिनों में इस मामले में और तथ्य सामने आ सकते हैं। बता दें कि इससे पहले हाल ही में एक अलग मामले में पुरी में गांजा जब्त करने पहुंची पुलिस को एक घर के भीतर नोटों का इतना बड़ा जखीरा मिला था कि उसे गिनने के लिए मशीन तक मंगवानी पड़ी।

## इसका आप पर असर
यह मामला सीधे आम आदमी की जेब से नहीं जुड़ा, लेकिन सरकारी दफ्तरों में रिश्वतखोरी से जनता के काम अटकने का सीधा उदाहरण है।

- **भारत में:** ऐसे मामलों से पता चलता है कि सरकारी विभागों में ठेकेदारों का भुगतान अटकाकर रिश्वत मांगने का खेल कई राज्यों में चलता है। इससे नागरिकों के लिए विजिलेंस हेल्पलाइन या शिकायत तंत्र से भ्रष्टाचार की सूचना देने का रास्ता और प्रासंगिक होता है।
- **ओडिशा में:** केंद्रापड़ा ड्रेनेज डिवीजन जैसे दफ्तरों में चल रही जांच से इलाके के ठेकेदारों के लंबित कामों पर असर पड़ सकता है, क्योंकि जांच पूरी होने तक बिल क्लियरेंस जैसी प्रक्रियाएं धीमी पड़ सकती हैं।
- **सरकारी कर्मचारियों के लिए:** आय से अधिक संपत्ति के एंगल से जांच शुरू होने का मतलब है कि आरोपी अधिकारी की सैलरी, बैंक खाते और संपत्ति सभी की जांच हो सकती है, जिससे नौकरी और पेंशन दोनों पर असर पड़ सकता है।
- **ठेकेदारों के लिए:** ऐसी कार्रवाइयों के बाद ठेकेदार रिश्वत मांगे जाने पर सीधे विजिलेंस से शिकायत करने के लिए प्रोत्साहित होते हैं, जिससे आगे भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता की उम्मीद बढ़ती है।

## सवाल-जवाब

### 1. विजिलेंस ने किसके खिलाफ कार्रवाई की है?
ओडिशा विजिलेंस ने केंद्रापड़ा ड्रेनेज डिवीजन की असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर अनुपमा साहू के खिलाफ कार्रवाई की है।

### 2. यह कार्रवाई कब शुरू हुई?
5 सितंबर 2026 को मिली सूचना के आधार पर यह कार्रवाई शुरू हुई।

### 3. अनुपमा साहू को कहां रोका गया?
मार्शाघाई क्रॉसिंग के पास NH-53A हाईवे पर उनकी गाड़ी रोकी गई।

### 4. गाड़ी से कितनी नकदी बरामद हुई?
गाड़ी से 3 लाख 15 हजार रुपये नकद बरामद हुए।

### 5. घर की तलाशी में कितना कैश मिला?
केंद्रापड़ा स्थित उनके घर से अतिरिक्त 4 लाख रुपये नकद मिले।

### 6. अब तक कुल कितनी रकम बरामद हो चुकी है?
अब तक कुल 7 लाख 15 हजार रुपये नकद बरामद हो चुके हैं।

### 7. विजिलेंस किस एंगल से जांच कर रही है?
विजिलेंस आय से अधिक संपत्ति के एंगल से जांच कर रही है।

### 8. कौन सी सरकारी गाड़ी जब्त की गई?
सरकारी वाहन OD-29-S-6644 को नकदी के साथ जब्त किया गया।

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