कुंभलगढ़ के माचड़ा में हथियारबंद बदमाशों ने परिवार को बंधक बनाकर लूटा, आठ दिन बाद भी पुलिस खाली हाथ राजसमंद जिले के केलवाड़ा थाना क्षेत्र में पानी मांगने के बहाने घर में घुसे तीन से चार हथियारबंद बदमाशों ने परिवार को कमरे में बंद कर नकदी, जेवरात और मोबाइल लूट लिए। वारदात के आठ दिन से अधिक बीतने के बाद भी आरोपियों का कोई सुराग नहीं लग सका है। राजसमंद जिले के कुंभलगढ़ उपखंड क्षेत्र में स्थित केलवाड़ा थाना अंतर्गत माचड़ा गांव में देर रात हथियारबंद बदमाशों ने एक घर पर धावा बोलकर भीषण डकैती को अंजाम दिया। अज्ञात हमलावरों ने सबसे पहले दरवाजा खटखटाकर पीने के लिए पानी मांगा, लेकिन गृहस्वामी द्वारा दरवाजा खोलने में हिचकिचाहट दिखाने पर वे जबरन दरवाजा तोड़ते हुए भीतर घुस गए। मकान के भीतर दाखिल होते ही हमलावरों ने असलहे निकालकर सभी सदस्यों को जान से मारने का खौफ दिखाया और उन्हें एक कमरे में बंद कर घर का सारा कीमती सामान समेट लिया। वारदात के आठ दिन से ज्यादा गुजर जाने के बाद भी स्थानीय पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है, जिससे समूचे ग्रामीण इलाके में गहरा रोष फैल गया है। पानी मांगने का नाटक कर जबरन घर में घुसे बदमाश यह सनसनीखेज वाकया देर रात उस वक्त पेश आया जब माचड़ा गांव का यह परिवार अपने घर में सोने की तैयारी में था। उसी दौरान मुख्य दरवाजे पर दस्तक हुई और बाहर खड़े अज्ञात लोगों ने आवाज लगाकर पीने का पानी मांगा। देर रात अनजान लोगों की आवाज सुनकर परिजनों को किसी अनहोनी का अंदेशा हुआ, जिसके चलते उन्होंने दरवाजा खोलने से साफ मना कर दिया। परिवार का यह इनकार सुनते ही बाहर खड़े तीन से चार बदमाशों के तेवर बदल गए। उन्होंने बिना कोई समय गंवाए दरवाजे पर जोरदार धक्का मारा और कुंडी तोड़कर सीधे घर के भीतरी हिस्से में आ धमके। अचानक घर के आंगन में कई अजनबियों को खड़ा देखकर परिवार के सभी लोग हक्के-बक्के रह गए। पिस्तौल और धारदार हथियारों के दम पर बनाया बंधक मकान की चौखट पार करते ही इन बदमाशों ने अपनी जेबों और कमर से पिस्तौल तथा नुकीले धारदार हथियार निकाल लिए। उन्होंने परिवार के तमाम सदस्यों की तरफ हथियार तानते हुए सख्त चेतावनी दी कि यदि किसी ने जरा सी भी चीख-पुकार मचाई या शोर करने का प्रयास किया, तो उसे फौरन गोली मार दी जाएगी। इस खौफनाक धमकी से डरे-सहमे परिजनों को हमलावरों ने पूरी तरह अपने काबू में कर लिया। इसके बाद बदमाशों ने सभी को एक कमरे में धकेल दिया और बाहर से कुंडी लगाकर उन्हें बंधक बना दिया, ताकि कोई भी बाहर निकलकर पड़ोसियों को आगाह न कर सके। अलमारियों के ताले तोड़े, नकदी और जेवरात लेकर चंपत घर के सदस्यों को कमरे में कैद करने के उपरांत बदमाशों ने इत्मीनान से पूरे मकान की तलाशी ली। उन्होंने कमरों में रखी अलमारियों और लोहे की तिजोरियों के ताले एक-एक कर तोड़ डाले। इन तिजोरियों में रखी मोटी नकदी के अलावा परिवार द्वारा सहेज कर रखे गए लाखों रुपये मूल्य के सोने और चांदी के तमाम आभूषण बदमाशों ने अपने थैलों में भर लिए। लूट को अंजाम देने के बाद उन्होंने परिजनों के सभी महंगे मोबाइल फोन भी अपने कब्जे में ले लिए, जिससे कि तुरंत किसी पुलिस अधिकारी या सगे-संबंधियों को सूचना न दी जा सके। सारा कीमती सामान लूटने के बाद बदमाश अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से रफूचक्कर हो गए। काफी मशक्कत के बाद जब पीड़ितों ने खुद को कमरे से बाहर निकाला, तब जाकर पड़ोसियों और पुलिस को इस बड़ी वारदात की जानकारी दी जा सकी। आठ दिन बीतने पर भी केलवाड़ा पुलिस की गिरफ्त से दूर आरोपी इस पूरे मामले में ग्रामीणों की नाराजगी की सबसे बड़ी वजह पुलिस का सुस्त रवैया है। डकैती की इस भीषण घटना को बीते आठ दिन से अधिक का वक्त गुजर चुका है, लेकिन केलवाड़ा थाना पुलिस अब तक किसी भी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है। जांच एजेंसियों के पास बदमाशों का कोई ठोस सुराग नहीं है और न ही किसी संदिग्ध की धरपकड़ हो सकी है। अपराधियों की गिरफ्तारी न होने से कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं और ग्रामीण खुद को बेहद असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। राजसमंद में अपराधों की बढ़ती रफ्तार से ग्रामीणों में रोष राजसमंद के ग्रामीण अंचलों में हाल के दिनों में चोरी, सेंधमारी और डकैती की घटनाओं में लगातार इजाफा दर्ज किया गया है। लगातार घट रही आपराधिक वारदातों के कारण लोगों में भय का वातावरण गहराता जा रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि पुलिस की रात्रि गश्त कमजोर होने के कारण ही बदमाशों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे रिहायशी बस्तियों में घुसकर बेखौफ लूटपाट कर रहे हैं। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि इलाके में पुलिस पेट्रोलिंग को तुरंत तेज किया जाए और माचड़ा गांव में डकैती डालने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर लूटा गया माल बरामद किया जाए। इसका आप पर असर इस वारदात ने ग्रामीण इलाकों में घरेलू सुरक्षा और रात के समय अजनबियों से सतर्क रहने को लेकर गंभीर चिंताएं बढ़ा दी हैं। • भारत में: देश भर के ग्रामीण व अर्ध-शहरी रिहायशी इलाकों में रहने वाले परिवारों को रात के समय अनजान व्यक्तियों के झांसे में आने से बचना चाहिए। किसी भी अजनबी के लिए देर रात दरवाजा खोलने के बजाय खिड़की से बात करें और किसी भी संदेह पर तुरंत आपातकालीन पुलिस हेल्पलाइन पर कॉल करें। • राजसमंद में: कुंभलगढ़ और केलवाड़ा क्षेत्र के निवासियों को अपने घरों के दरवाजों पर मजबूत सुरक्षा कुंडी और सुरक्षात्मक ग्रिल लगवाने की जरूरत है। रात के समय ग्रामीणों को सुरक्षा समितियों के माध्यम से ठीकरी पहरा देने और पुलिस अधिकारियों से निरंतर गश्त की मांग करने की सलाह दी जाती है। • आपातकालीन संपर्क: पीड़ित परिवारों के मोबाइल फोन छीने जाने की स्थिति से निपटने के लिए पड़ोसियों के पास वैकल्पिक आपातकालीन संपर्क नंबर पहले से उपलब्ध होने चाहिए। किसी भी अप्रिय घटना के तुरंत बाद बिना देरी किए पड़ोसियों को आवाज देकर एकत्र करना सबसे पहला सुरक्षा उपाय है। • कीमती सामान की सुरक्षा: घरों में बड़ी मात्रा में नकदी और सोने-चांदी के आभूषण रखने के बजाय उन्हें सुरक्षित बैंक लॉकरों में स्थानांतरित करना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों में निजी संपत्तियों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगवाना एक प्रभावी कदम साबित हो सकता है। ऐसा क्यों हुआ यह घटना रात के समय अपराधियों द्वारा अपनाए गए धोखे और पुलिस निगरानी की कमी के चलते घटित हुई। • सीधा कारण: तीन से चार अज्ञात बदमाशों ने देर रात पानी मांगने का झांसा देकर घर का दरवाजा खुलवाने की कोशिश की और मना करने पर जबरन कुंडी तोड़कर भीतर प्रवेश कर लिया। • सहायक परिस्थितियां: माचड़ा गांव का यह रिहायशी इलाका देर रात शांत था और घर में कोई अतिरिक्त सुरक्षा कवच या सीसीटीवी उपकरण नहीं लगे थे। साथ ही, अपराधियों ने परिजनों के फोन छीन लिए जिससे वे तुरंत मदद नहीं बुला सके। • कानून व्यवस्था की स्थिति: राजसमंद जिले में हाल के दिनों में चोरी और लूट की वारदातों में इजाफा देखा गया है, जिसे स्थानीय निवासी रात्रि गश्त की कमी का परिणाम बता रहे हैं। • जांच की वर्तमान स्थिति: घटना के आठ दिन से अधिक बीत जाने के बावजूद पुलिस को आरोपियों का कोई सुराग नहीं मिला है और मामले की पड़ताल अभी जारी है। सवाल-जवाब 1. माचड़ा गांव में लूटपाट की यह घटना कब और कैसे हुई? यह वारदात देर रात घटित हुई, जब तीन से चार बदमाशों ने पानी मांगने के बहाने घर का दरवाजा तोड़कर परिवार को हथियारों के दम पर बंधक बना लिया। 2. घटना किस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आती है? यह घटना राजसमंद जिले के कुंभलगढ़ इलाके में स्थित केलवाड़ा थाना क्षेत्र के माचड़ा गांव की है। 3. बदमाश घर से क्या-क्या सामान लूटकर ले गए? बदमाश घर में रखी मोटी नकदी, लाखों रुपये कीमत के सोने-चांदी के गहने और परिवार के सदस्यों के महंगे मोबाइल फोन लेकर फरार हो गए। 4. वारदात के दौरान परिवार के सदस्यों के साथ क्या किया गया? बदमाशों ने परिजनों पर बंदूक और धारदार हथियार तानकर जान से मारने की धमकी दी और सभी को एक कमरे में बंद कर बंधक बना दिया। 5. वारदात के बाद पुलिस की क्या प्रगति रही है? घटना के आठ दिन से अधिक समय बीत जाने के बाद भी केलवाड़ा थाना पुलिस बदमाशों का कोई सुराग नहीं लगा सकी है। 6. स्थानीय ग्रामीणों की पुलिस प्रशासन से क्या मांग है? ग्रामीणों ने क्षेत्र में रात की पुलिस गश्त बढ़ाने और लूट के आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर जेल भेजने की मांग की है। https://trendkia.com/crime/kumbhalgarh-ke-machada-men-hathiyarabnda-badamashon-ne-parivara-ko-bndhaka-banakara-luta-atha-dina-bada-bhi-pulisa-khali-hatha-40576 TrendKia — Har trend, sabse pehle.