# लखनऊ में अफजाल अंसारी की सील कोठी की चाबी मिलते ही खुला राज, अलमारियों के ताले टूटे और लाखों के गहने गायब

> लखनऊ के डालीबाग में हाईकोर्ट के आदेश पर खोली गई सांसद अफजाल अंसारी की पत्नी की सीलबंद कोठी में चोरी का मामला सामने आया है। नगर निगम की देखरेख में रखी इमारत की अलमारियों के ताले टूटे मिले और लाखों के जेवर गायब हैं।

**Type:** article · **Category:** अपराध · **Published:** 2026-09-02 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/crime/lakhanau-men-afzal-ansari-ki-sila-kothi-ki-chabi-milate-hi-khula-raja-alamariyon-ke-tale-tute-aura-lakhon-ke-gahane-gayaba-26601 · **Language:** Hindi
**Tags:** लखनऊ न्यूज़, अफजाल अंसारी, फरहत अंसारी, गाजीपुर सांसद, डालीबाग चोरी, गैंगस्टर एक्ट, नगर निगम लखनऊ, हजरतगंज थाना

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के प्रतिष्ठित डालीबाग क्षेत्र में एक बेहद ही हैरान करने वाला घटनाक्रम सामने आया है। यहां गाजीपुर से सांसद अफजाल अंसारी की पत्नी फरहत अंसारी के नाम पर दर्ज आलीशान कोठी को जब इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद पुलिस और प्रशासन की उपस्थिति में खोला गया, तो अंदर का मंजर देखकर हर कोई दंग रह गया। चार साल से प्रशासन की देखरेख में सील पड़ी इस इमारत के अंदर रखी अलमारियों और दराजों के ताले टूटे हुए मिले। बेटी की शादी के लिए संजोकर रखे गए लाखों रुपये के सोने-चांदी के कीमती आभूषण, नकदी और अन्य मूल्यवान सामान गायब थे। इस घटना के बाद अब नगर निगम और स्थानीय पुलिस प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर सीलबंद और सरकारी अभिरक्षा में रखी गई संपत्ति के भीतर से इतनी बड़ी चोरी को अंजाम कैसे दिया गया।

## गैंगस्टर एक्ट के तहत चार साल पहले सील की गई थी कोठी
डालीबाग स्थित यह आवासीय संपत्ति सांसद अफजाल अंसारी की पत्नी फरहत अंसारी के नाम पर रजिस्टर्ड है। लगभग चार वर्ष पूर्व गाजीपुर और लखनऊ जिला प्रशासन ने एक संयुक्त अभियान के दौरान गैंगस्टर अधिनियम की धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए इस कोठी को पूरी तरह सील कर दिया था। कुर्की और सीजर की इस प्रशासनिक प्रक्रिया के पश्चात, परिसर की नियमित निगरानी, रखरखाव और सुरक्षा का उत्तरदायित्व लखनऊ नगर निगम के आयुक्त की देखरेख में सौंप दिया गया था। कानूनी प्रावधानों के अनुसार, जब किसी अचल संपत्ति को कुर्की या जब्ती के बाद प्रशासनिक अभिरक्षा में लिया जाता है, तो उस संपत्ति और उसके भीतर मौजूद तमाम सामान की रक्षा करने का नैतिक और कानूनी दायित्व संबंधित स्थानीय निकाय और क्षेत्रीय पुलिस थाना का होता है।

## अदालत के आदेश पर हटी सील, ताले मिलते ही सामने आई चोरी
इलाहाबाद हाईकोर्ट से इस मामले में राहत मिलने के बाद अदालत के निर्देशानुसार सोमवार को लखनऊ नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में कोठी की सील हटाई गई। नगर निगम के प्रशासनिक प्रतिनिधियों ने सीलबंद ताले खोलकर औपचारिक रूप से परिसर की चाबियां सांसद अफजाल अंसारी और उनके परिजनों को सौंप दीं। जैसे ही अफजाल अंसारी अपने परिवार के सदस्यों के साथ कोठी के भीतर दाखिल हुए, तो वहां कमरों में सामान बिखरा हुआ था। कमरे के अंदर मौजूद मजबूत अलमारियों और दराजों के लॉकर बलपूर्वक तोड़े गए थे। सांसद ने स्पष्ट किया कि उनकी बेटी के विवाह समारोह के लिए कई वर्षों से संजोकर रखे गए लाखों रुपये मूल्य के सोने और चांदी के बहुमूल्य जेवरात, नकदी और महंगे घरेलू सामान अलमारियों से गायब थे।

## निगरानी प्रणाली और पुलिस गश्त की नाकामी पर उठे सवाल
घटना के सामने आने के पश्चात अफजाल अंसारी ने पुलिस और नगर निगम प्रशासन पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने मीडिया को बताया कि चार साल पहले जब प्रशासन ने इस इमारत को सील किया था, उसके महज कुछ ही दिनों बाद वहां चोरी के प्रयास और सुरक्षा में सेंध की प्राथमिक सूचना सामने आई थी। उस समय भी अंसारी परिवार की तरफ से पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारियों को लिखित और मौखिक रूप से सतर्क किया गया था। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा कोठी के बाहर सुरक्षा का कोई ठोस इंतजाम नहीं किया गया और न ही नियमित पुलिस गश्त की व्यवस्था की गई। सीलबंद इमारत के भीतर अलमारियों के ताले टूट जाना और वहां से कीमती सामान का गायब होना नगर निगम की निगरानी प्रणाली और स्थानीय पुलिस की सुरक्षा दावों की पोल खोलता है।

## हजरतगंज थाने में तहरीर की तैयारी, कानूनी गलियारों में चर्चा तेज
इस सनसनीखेज घटना के सामने आने के बाद लखनऊ के राजनीतिक और कानूनी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। अफजाल अंसारी और उनके विधिक सलाहकारों का कहना है कि वे सीलबंद कोठी से गायब हुए तमाम आभूषणों, नकदी और कीमती सामानों की एक विस्तृत सूची तैयार कर रहे हैं। सूची पूरी होते ही नगर निगम और पुलिस प्रशासन की घोर लापरवाही को लेकर लखनऊ के हजरतगंज पुलिस थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई जाएगी। चूंकि यह पूरा मामला अतीक और मुख्तार अंसारी के परिवार से जुड़ी संपत्तियों और गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई से संबद्ध है, इसलिए इस पर हर किसी की नजरें टिकी हुई हैं।

## क्या दर्ज होगी सीधी एफआईआर या होगी आंतरिक जांच?
कानूनी विशेषज्ञों के मुताबिक, किसी सीलबंद और प्रशासनिक अभिरक्षा वाली संपत्ति से सामान चोरी होना एक गंभीर और संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है। नियमानुसार यदि पीड़ित पक्ष थाने में लिखित शिकायत सौंपता है, तो पुलिस के लिए मुकदमा दर्ज कर जांच आरंभ करना अनिवार्य हो जाता है। हालांकि, वर्तमान परिस्थितियों में कानूनी जगत में दो मुख्य प्रश्न तैर रहे हैं। पहला यह कि क्या लखनऊ पुलिस शिकायत मिलते ही सीधे एफआईआर दर्ज कर आपराधिक जांच शुरू करेगी, या फिर नगर निगम की ओर से किसी आंतरिक जांच रिपोर्ट के आने का इंतजार किया जाएगा। फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम ने सील की गई संपत्तियों की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक तंत्र की जवाबदेही पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है।

## इसका आप पर असर
यह घटना सीलबंद और सरकारी अभिरक्षा में रखी गई संपत्तियों की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है।

- **भारत में:** कानूनी कुर्की और जब्ती के बाद प्रशासनिक अभिरक्षा में ली गई संपत्तियों की सुरक्षा प्रणाली पर यह मामला एक बड़ा नजीर प्रस्तुत करता है। आम नागरिकों के लिए यह संदेश है कि सीजर की प्रक्रिया के दौरान रखी गई वस्तुओं की विस्तृत आधिकारिक सूची (इन्वेंट्री) दर्ज कराना अत्यंत आवश्यक है।
- **लखनऊ में:** डालीबाग और आसपास के क्षेत्रों में नगर निगम की निगरानी प्रणाली तथा स्थानीय पुलिस गश्त की विश्वसनीयता पर सवाल उठे हैं। इस क्षेत्र के निवासी सीलबंद संपत्तियों के आसपास सुरक्षा इंतजामों को लेकर अधिक सतर्कता की मांग कर रहे हैं।
- **संपत्ति मालिकों के लिए:** किसी भी कानूनी प्रक्रिया के तहत यदि प्रशासन संपत्ति सील करता है, तो उसके मालिक को परिसर में रखे सामान की लिखित प्रतिलिपि अधिकारियों को देनी चाहिए। इससे बाद में किसी भी नुकसान या चोरी की स्थिति में कानूनी दावा मजबूत होता है।
- **कानूनी प्रक्रिया के लिहाज से:** सरकारी नियंत्रण वाली संपत्ति से चोरी होना संज्ञेय अपराध है, जिससे पीड़ित पक्ष को हर्जाने और पुलिस जांच का पूर्ण कानूनी अधिकार प्राप्त होता है।

## सवाल-जवाब

### 1. लखनऊ के डालीबाग में किस नेता की सीलबंद कोठी में चोरी हुई है?
गाजीपुर से सांसद अफजाल अंसारी की पत्नी फरहत अंसारी के नाम पर दर्ज डालीबाग स्थित कोठी में चोरी का मामला सामने आया है।

### 2. यह कोठी कब और किस कानून के तहत सील की गई थी?
यह कोठी लगभग चार साल पहले गैंगस्टर एक्ट के तहत गाजीपुर और लखनऊ प्रशासन द्वारा चलाए गए संयुक्त अभियान में सील की गई थी।

### 3. कोठी की सुरक्षा और देखरेख की जिम्मेदारी किसकी थी?
सीलिंग की कार्रवाई के बाद कोठी की निगरानी और सुरक्षा का उत्तरदायित्व लखनऊ नगर निगम के आयुक्त की देखरेख में दिया गया था।

### 4. कोठी की सील खुलने पर अंदर क्या स्थिति पाई गई?
इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर जब सोमवार को सील खोली गई, तो कमरे में सामान बिखरा पड़ा था तथा अलमारियों और दराजों के ताले तोड़े गए थे।

### 5. कोठी से क्या-क्या सामान चोरी हुआ है?
सांसद अफजाल अंसारी के अनुसार, बेटी की शादी के लिए रखे गए लाखों रुपये मूल्य के सोने-चांदी के गहने, नकदी और कीमती घरेलू सामान गायब हैं।

### 6. इस मामले में पीड़ित पक्ष अब क्या कानूनी कदम उठा रहा है?
अंसारी परिवार गायब हुए सामानों की विस्तृत सूची तैयार कर रहा है और नगर निगम व पुलिस की लापरवाही के खिलाफ हजरतगंज थाने में शिकायत दर्ज कराएगा।

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