लातूर में कुंडली का दोष दूर करने के नाम पर नाबालिग से दुष्कर्म, आरोपी पुजारी रामेश्वर महाराज गिरफ्तार महाराष्ट्र के लातूर में एक प्रसिद्ध मंदिर के पुजारी ने 17 वर्षीय नाबालिग को कुंडली दोष दूर करने का झांसा देकर अपनी हवस का शिकार बनाया। पेट दर्द के बाद अस्पताल में लड़की के गर्भवती होने का खुलासा हुआ, जिसके बाद आरोपी रामेश्वर महाराज को गिरफ्तार कर लिया गया है। महाराष्ट्र के लातूर जिले से एक अत्यंत संवेदनशील और हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक ढोंगी बाबा पर 17 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगा है। यह पूरी वारदात कुंडली के ग्रहों के दोष को दूर करने और विशेष धार्मिक अनुष्ठान करने के बहाने अंजाम दी गई। इस कथित बाबा की करतूत का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित लड़की की तबीयत बिगड़ी और चिकित्सीय जांच में उसके गर्भवती होने की पुष्टि हुई। इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की सघन जांच शुरू कर दी है। कुंडली दोष मिटाने के नाम पर घर में शुरू हुई थी पूजा इस मामले के मुख्य आरोपी की पहचान रामेश्वर हनमंतराव रामदासी उर्फ रामेश्वर महाराज के रूप में हुई है। आरोपी लातूर शहर के ही एक अत्यंत प्रसिद्ध मंदिर में पिछले 30 वर्षों से पूजा-अर्चना का काम कर रहा था और बतौर मुख्य पुजारी वहां सक्रिय था। इसी मंदिर में नियमित पूजा-पाठ के दौरान आरोपी की जान-पहचान पीड़ित लड़की के पिता से हुई थी। धीरे-धीरे यह परिचय बढ़ता गया और आरोपी का पीड़ित परिवार के घर पर आना-जाना शुरू हो गया। इसी दौरान आरोपी ने दावा किया कि नाबालिग लड़की की कुंडली में एक बड़ा दोष है, जिसे यदि समय रहते विशेष अनुष्ठान द्वारा दूर नहीं किया गया, तो गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। आरोपी की बातों पर भरोसा करके परिवार पूजा के लिए तैयार हो गया। इसके बाद जून महीने से आरोपी ने पीड़ित परिवार के घर पर आकर धार्मिक अनुष्ठान करना शुरू कर दिया। इसी पूजा की आड़ में आरोपी ने नाबालिग लड़की को अपनी हवस का शिकार बनाया और किसी को इस बात की भनक तक नहीं लगने दी। पेट दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल में हुआ खुलासा यह घिनौना सच तब सामने आया जब पीड़ित किशोरी के पेट में अचानक तेज दर्द शुरू हुआ। दर्द असहनीय होने पर चिंतित माता-पिता उसे तुरंत इलाज के लिए एक सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने जब लड़की की विस्तृत मेडिकल जांच की, तो पता चला कि वह गर्भवती है। इस चौंकाने वाली जानकारी के मिलते ही अस्पताल प्रशासन ने मेडिको-लीगल रिकॉर्ड तैयार किए और तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना पाते ही विवेकानंद पुलिस स्टेशन की टीम सक्रिय हुई और उन्होंने पीड़ित पक्ष के बयान के आधार पर आरोपी रामेश्वर महाराज के खिलाफ POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पुजारी को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने उसे चार दिनों की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है ताकि पुलिस उससे पूछताछ कर सके। पुलिस कर रही है आरोपी के पुराने इतिहास की जांच रामेश्वर महाराज पिछले तीन दशकों से लातूर में धार्मिक गतिविधियों से जुड़ा हुआ था। इसी वजह से पुलिस अब इस बात की भी गहराई से जांच कर रही है कि क्या उसने अपनी इस धार्मिक छवि का फायदा उठाकर पहले भी किसी अन्य लड़की या महिला को अपनी धोखाधड़ी का शिकार बनाया है। लातूर शहर के DSP समीर सिंह साल्वे ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए स्पष्ट किया है कि पुलिस विभाग इस संवेदनशील मामले की हर मुमकिन नजरिए से जांच कर रहा है। आरोपी के पिछले संपर्कों और उसकी गतिविधियों का पूरा ब्यौरा खंगाला जा रहा है ताकि पीड़िता को न्याय दिलाया जा सके और समाज के सामने ऐसे ढोंगियों का सच उजागर किया जा सके। इसका आप पर असर यह घटना अंधविश्वास के गंभीर खतरों और संवेदनशील नाबालिगों को निशाना बनाने वाले ढोंगी लोगों द्वारा धार्मिक विश्वास के दुरुपयोग को उजागर करती है। • अभिभावकों के लिए चेतावनी: परिवारों को धार्मिक अनुष्ठान करने वाले बाहरी लोगों को घर के सदस्यों के साथ अकेले छोड़ने से बचना चाहिए। धार्मिक आड़ में छिपे अपराधियों से बच्चों को सुरक्षित रखना उनकी सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है। • कानूनी सुरक्षा: पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत दर्ज होने वाले मामलों में जांच प्रक्रिया बहुत सख्त और तेज होती है। इससे पीड़ितों को प्रभावशाली आरोपियों के खिलाफ भी जल्द और निष्पक्ष न्याय मिलने का रास्ता साफ होता है। • शारीरिक स्वास्थ्य के प्रति सतर्कता: बच्चों के स्वास्थ्य में अचानक आने वाले बदलावों या दर्द की शिकायतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर डॉक्टर से संपर्क करने से ऐसे घिनौने अपराधों का तुरंत खुलासा हो सकता है। • सामाजिक जागरूकता: स्थानीय समाज को ऐसे तथाकथित बाबाओं के पाखंड के खिलाफ एकजुट होना चाहिए। अंधविश्वास के प्रति जागरूकता फैलाकर भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता है। ऐसा क्यों हुआ यह अपराध एक प्रतिष्ठित पुजारी द्वारा परिवार की धार्मिक आस्था का नाजायज फायदा उठाने और अपनी आध्यात्मिक छवि का दुरुपयोग करने के कारण संभव हो सका। • आस्था का अनुचित लाभ: आरोपी पुजारी ने लातूर में अपनी 30 साल की धार्मिक प्रतिष्ठा का इस्तेमाल कर परिवार का भरोसा जीता। उसने लड़की की कुंडली में काल्पनिक दोष बताकर घर में अकेले पूजा करने का बहाना बनाया। • डर और चुप्पी का माहौल: पीड़ित नाबालिग डरी होने के कारण महीनों तक इस शोषण को सहती रही और उसने किसी को कुछ नहीं बताया। धार्मिक गुरुओं के प्रभाव और सामाजिक संकोच के कारण ऐसे मामलों का खुलासा देर से होता है। • निगरानी का अभाव: धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान गोपनीयता का फायदा उठाकर आरोपी ने इस वारदात को अंजाम दिया। परिवार के लोगों ने पुजारी पर अत्यधिक भरोसा करके पूजा के दौरान किसी तरह की निगरानी नहीं रखी थी। सवाल-जवाब 1. यह घटना कहां की है? यह घटना महाराष्ट्र के लातूर जिले की है। 2. मुख्य आरोपी कौन है और वह क्या काम करता है? मुख्य आरोपी रामेश्वर हनमंतराव रामदासी उर्फ रामेश्वर महाराज है, जो पिछले 30 वर्षों से एक प्रसिद्ध मंदिर में पुजारी का काम कर रहा था। 3. आरोपी ने किस बहाने से नाबालिग लड़की का शोषण किया? आरोपी ने लड़की की कुंडली में दोष होने का दावा किया था और इसे ठीक करने के लिए घर पर पूजा करने के बहाने उसका यौन शोषण किया। 4. इस पूरी वारदात का खुलासा कैसे हुआ? पीड़ित लड़की के पेट में अचानक तेज दर्द हुआ, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी जांच कर उसके गर्भवती होने की पुष्टि की। 5. आरोपी के खिलाफ क्या कानूनी कार्रवाई की गई है? विवेकानंद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है और कोर्ट ने उसे चार दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा है। https://trendkia.com/crime/latur-men-kundali-ka-dosha-dura-karane-ke-nama-para-nabaliga-se-dushkarma-aropi-pujari-rameshwar-maharaj-giraphtara-39403 TrendKia — Har trend, sabse pehle.