# लखनऊ में अकेली बुजुर्ग महिला के घर सेंधमारी और जानलेवा हमला, पचास लाख के गहनों समेत चार पकड़े गए

> लखनऊ के आशियाना क्षेत्र में 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला की हत्या और लाखों की चोरी के मामले में पुलिस ने एक नाबालिग समेत चार लोगों को हिरासत में ले लिया है। आरोपियों के कब्जे से पचास लाख रुपये मूल्य के जेवर और 38 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं।

**Type:** article · **Category:** अपराध · **Published:** 2026-10-31 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/crime/lucknow-men-akeli-bujurga-mahila-ke-ghara-sendhamari-aura-janaleva-hamala-pachasa-lakha-ke-gahanon-sameta-chara-pakare-gae-54095 · **Language:** Hindi
**Tags:** लखनऊ पुलिस, आशियाना मर्डर, नीरा गुप्ता, लूटपाट और हत्या, क्राइम न्यूज़

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के आशियाना थाना क्षेत्र में रहने वाली 65 वर्षीय नीरा गुप्ता की घर के भीतर जान लेने और भारी लूटपाट के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस पूरे षड्यंत्र में शामिल एक नाबालिग घरेलू सहायिका सहित कुल चार लोगों को पकड़ा गया है। पकड़े गए आरोपियों के पास से पचास लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के जेवरात तथा 38 हजार रुपये नकद बरामद कर लिए गए हैं। पुलिस की कड़ी पूछताछ के दौरान सभी आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है, जिसके बाद तीन बालिग आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया जबकि नाबालिग को बाल सुधार गृह के संरक्षण में भेजा गया है।

## साजिश का ताना-बाना और पुरानी सहायिका की भूमिका
शनिवार को डीसीपी सेंट्रल अर्पित विजयवर्गीय ने एक प्रेस वार्ता में इस खौफनाक वारदात की पूरी कड़ियां उजागर कीं। पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया कि इस लूट और जानलेवा हमले की पूरी योजना घर में पहले काम कर चुकी मोनी रावत ने बनाई थी। बाराबंकी के लोनी कटरा अंतर्गत खैराकनकू की रहने वाली मोनी करीब एक साल पहले नीरा गुप्ता के घर पर घरेलू काम करती थी। उस दौरान उसे घर के कोने-कोने, अलमारियों और लॉकर में रखे गहनों व नकदी के ठिकानों की पूरी जानकारी हो चुकी थी।

मोनी यह भी अच्छी तरह जानती थी कि 65 वर्षीय नीरा गुप्ता घर में पूरी तरह अकेली रहती हैं, क्योंकि उनके दोनों बेटे विदेश में अमेरिका में रहते हैं। इसी अकेलेपन का फायदा उठाने के लिए उसने अपने परिचितों के साथ मिलकर घर पर हाथ साफ करने की साजिश रची। इस योजना को जमीन पर उतारने के लिए उसने ठीक सात दिन पहले एक नाबालिग लड़की को नीरा गुप्ता के घर नई नौकरानी के तौर पर काम पर रखवा दिया था। नाबालिग को यह जिम्मेदारी दी गई थी कि वह मौका पाकर बुजुर्ग महिला को खाने-पीने की चीज में नशीला पदार्थ देकर बेहोश कर दे ताकि बिना किसी रुकावट के कीमती सामान चुराया जा सके।

## दूध में नशीली दवा और फिर बेरहमी से हमला
तय योजना के मुताबिक नाबालिग नौकरानी ने रात में नीरा गुप्ता को पीने के लिए जो दूध दिया, उसमें नशीली दवा मिला दी थी। दूध पीते ही बुजुर्ग महिला बेसुध हो गईं। इसके तुरंत बाद बाकी आरोपी घर के अंदर दाखिल हुए और चोरी की वारदात को अंजाम देने लगे। जांच से बचने और मौके पर अपनी उंगलियों के निशान न छूटने देने के मकसद से सभी आरोपियों ने हाथों में दस्ताने पहन रखे थे। वे घर से नकदी और कीमती जेवर बटोर ही रहे थे कि अचानक दवा का असर कम होने लगा और नीरा गुप्ता को होश आ गया।

अपने सामने अनजान लोगों को चोरी करते देख बुजुर्ग महिला ने पूरी ताकत से शोर मचाया और उनका कड़ा विरोध शुरू कर दिया। खुद को फंसता देख आरोपियों ने उन पर हमला बोल दिया। नगराम अकरहुत निवासी रवि प्रकाश रावत ने तुरंत तकिया उठाकर नीरा गुप्ता का मुंह दबा दिया ताकि उनकी आवाज बाहर न जा सके। इसी बीच पूर्व सहायिका मोनी रावत ने उनका गला दबाना शुरू कर दिया। स्थिति को पूरी तरह काबू में करने के लिए नाबालिग नौकरानी ने घर में रखे भारी इमामदस्ते का मूसल उठाया और बुजुर्ग महिला के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। सिर पर गंभीर चोट लगने की वजह से बुजुर्ग महिला ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

## वारदात का पर्दाफाश और गिरफ्तारी
हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी घर में रखे 50 लाख रुपये मूल्य के गहने और 38 हजार रुपये की नकदी समेटकर वहां से भाग निकले। इस पूरे घटनाक्रम की भनक परिवार को तब लगी जब मृतका की भतीजी श्वेता ने अपनी बुआ के मोबाइल पर लगातार कई फोन किए। जब कई बार घंटी जाने के बाद भी नीरा गुप्ता की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला, तो श्वेता को किसी अनहोनी की आशंका हुई। उन्होंने तत्काल अपने चचेरे भाई अनुभव को फोन कर बताया कि बुआ काफी देर से कॉल रिसीव नहीं कर रही हैं।

सूचना मिलते ही अनुभव तुरंत नीरा गुप्ता के आशियाना स्थित मकान पर पहुंचा। वहां पहुंचने पर उसने देखा कि मुख्य दरवाजा अंदर से बंद था और भीतर से कोई हलचल नहीं हो रही थी। इसके बाद उसने बिना देर किए पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने जब दरवाजा तोड़ा और भीतर प्रवेश किया, तो फर्श पर नीरा गुप्ता का शव पड़ा मिला। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग ने मामले की छानबीन के लिए चार अलग-अलग विशेष टीमों का गठन किया। पुलिस की तकनीकी और सर्विलांस जांच में घर में सात दिन पहले आई नई नाबालिग नौकरानी की संदिग्ध भूमिका सामने आई, जिसके तार सीधे पुरानी नौकरानी मोनी से जुड़े मिले। पुलिस ने त्वरित दबिश देकर मोनी रावत, रवि प्रकाश रावत और नगराम सुखलाल खेड़ा की निवासी सरिता रावत को गिरफ्तार कर लिया, जबकि नाबालिग को निरुद्ध कर लिया गया।

## इसका आप पर असर
अकेले रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा और घरेलू सहायकों के सत्यापन को लेकर यह घटना बेहद गंभीर चेतावनी देती है।

- **भारत में:** अकेले रह रहे बुजुर्गों के घरों में काम पर रखे जाने वाले घरेलू सहायकों का अनिवार्य पुलिस सत्यापन कराना बेहद जरूरी है। यह कदम बुजुर्ग नागरिकों की जान और संपत्ति को आपराधिक षड्यंत्रों से बचाने में मदद करता है।
- **लखनऊ में:** राजधानी के आवासीय इलाकों में अकेले रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों के परिजनों को सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने और नियमित संपर्क बनाए रखने की आवश्यकता है। घर में सीसीटीवी कैमरे लगाने और पड़ोसियों से संवाद बनाए रखने से आपात स्थिति में तुरंत मदद मिल सकती है।
- **घरेलू सहायकों की नियुक्ति:** किसी भी पूर्व या नए कर्मचारी की पूरी पृष्ठभूमि और पहचान पत्रों की जांच पड़ताल के बाद ही उसे घर में प्रवेश देना चाहिए। संदिग्ध व्यवहार या अचानक बिना सत्यापन काम मांगने वालों पर कड़ी नजर रखना जरूरी है।
- **आपातकालीन संपर्क व्यवस्था:** बुजुर्ग परिजनों के पास हमेशा एक आपातकालीन अलार्म या त्वरित संपर्क साधन होना चाहिए ताकि संकट के समय तुरंत सूचना पहुंचाई जा सके। समय पर फोन न उठने पर परिजनों का तुरंत मौके पर पहुंचना ऐसे मामलों में बेहद अहम साबित होता है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह घटना पूर्व नियोजित आपराधिक लालच और घर में अकेले रह रहे बुजुर्ग की संवेदनशीलता का फायदा उठाने की सोची-समझी साजिश का परिणाम थी।

- **कमजोरी का फायदा:** पूर्व सहायिका मोनी रावत को अच्छी तरह पता था कि नीरा गुप्ता के दोनों बेटे अमेरिका में रहते हैं और वह घर में अकेली रहती हैं। इस जानकारी ने आरोपियों को आसान शिकार समझकर लूट की साजिश रचने के लिए प्रेरित किया।
- **सुनियोजित षड्यंत्र:** वारदात को अंजाम देने के लिए सात दिन पहले एक नाबालिग को सहायिका बनाकर घर में भेजा गया ताकि वह दूध में नशीली दवा मिलाकर पीड़िता को बेसुध कर सके। इस योजना के तहत दस्ताने पहनकर चोरी की गई ताकि कोई सुराग न छूटे।
- **अचानक प्रतिरोध पर हिंसक हमला:** चोरी के दौरान नशीली दवा का असर कम होने पर जब बुजुर्ग महिला को होश आ गया और उन्होंने विरोध किया, तो पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने तकिए से मुंह दबाया, गला घोंटा और मूसल से सिर पर वार कर हत्या कर दी।

## सवाल-जवाब

### 1. लखनऊ के आशियाना में किस महिला की हत्या की गई थी?
आशियाना थाना क्षेत्र में 65 वर्षीय नीरा गुप्ता की उनके घर के भीतर हत्या की गई थी।

### 2. पुलिस ने आरोपियों के पास से क्या-क्या सामान बरामद किया है?
पुलिस ने आरोपियों के पास से 50 लाख रुपये के चोरी किए गए गहने और 38 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं।

### 3. इस वारदात में कुल कितने लोगों को पकड़ा गया है?
मामले में एक नाबालिग नौकरानी सहित कुल चार लोगों को पकड़ा गया है।

### 4. वारदात की साजिश किसने रची थी?
वारदात की साजिश एक साल पहले घर में काम कर चुकी पूर्व नौकरानी मोनी रावत ने रची थी।

### 5. बुजुर्ग महिला की हत्या किस तरह की गई?
चोरी का विरोध करने पर तकिए से मुंह दबाया गया, गला घोंटा गया और इमामदस्ते के मूसल से सिर पर वार कर जान ली गई।

### 6. घटना की जानकारी परिजनों को सबसे पहले कैसे हुई?
मृतका की भतीजी श्वेता द्वारा लगातार किए गए फोन कॉल का जवाब न मिलने पर भतीजा अनुभव घर पहुंचा, जहां दरवाजा बंद मिला।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._