रील के चक्कर में फंसी मां, नाबालिग बेटे को बिना लाइसेंस गाड़ी देना पड़ा भारी केरल के पत्तनमथिट्ठा में सोशल मीडिया पर रील बनाने के लिए नाबालिग बेटे को गाड़ी चलाने की अनुमति देने पर मां के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने बिना लाइसेंस चल रही कार और मोटरसाइकिल को भी जब्त कर लिया है। सोशल मीडिया पर वीडियो बनाकर वायरल होने की चाहत कई बार गंभीर कानूनी समस्याओं का कारण बन जाती है। ऐसा ही एक मामला केरल से सामने आया है, जहां एक किशोर द्वारा बिना ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाने और उसके वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड करने का मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए किशोर की मां के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है और संबंधित वाहनों को भी अपने कब्जे में ले लिया है। घटना की शुरुआत और सोशल मीडिया पर रील का खेल यह पूरा मामला केरल के पत्तनमथिट्ठा जिले के अडूर कस्बे से जुड़ा हुआ है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 16 साल का एक किशोर काफी समय से अडूर और कोडुमोन इलाकों में कार और मोटरसाइकिल चला रहा था। उसकी उम्र इतनी नहीं है कि उसे कानूनी रूप से ड्राइविंग लाइसेंस मिल सके। आरोप है कि वह अडूर शहर की व्यस्त और भीड़भाड़ वाली सड़कों पर गाड़ियां दौड़ाता था। इस दौरान वह खुद ही गाड़ी चलाते हुए अपना वीडियो रिकॉर्ड करता था और उसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रील के रूप में शेयर करता था। जब अधिकारियों को इन गतिविधियों की भनक लगी, तो मामले की गहराई से जांच शुरू की गई और अडूर तथा आसपास के क्षेत्रों में वाहनों की चेकिंग बढ़ा दी गई। वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस की कार्रवाई मंगलवार को परक्कोड-एझामकुलम इलाके में सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान पुलिस ने उस कार को रुकवाया जिसकी तलाश लंबे समय से की जा रही थी। हालांकि, जिस वक्त कार को रोका गया, उस समय वह किसी अन्य युवक के पास थी। पुलिस के मुताबिक, कार चलाने वाले उस दूसरे युवक के पास भी वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। इसके कुछ ही देर बाद वही 16 साल का किशोर एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर वहां पहुंच गया। इसके बाद पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया और पूछताछ के बाद कार व मोटरसाइकिल दोनों को जब्त कर लिया गया। मां और वाहन मालिक के खिलाफ मामला दर्ज पुलिस ने किशोर की 52 वर्षीय मां रजीना नौशाद के खिलाफ इसलिए मामला दर्ज किया क्योंकि उन्होंने अपने नाबालिग बेटे को बिना लाइसेंस के वाहन चलाने की छूट दी थी। भारतीय कानूनों के अनुसार, किसी भी नाबालिग को गाड़ी चलाने की अनुमति देना उसके माता-पिता या वाहन मालिक के लिए बड़ी कानूनी मुसीबत का सबब बन सकता है। ऐसे मामलों में केवल वाहन चलाने वाले किशोर पर ही नहीं, बल्कि वाहन की चाबी सौंपने वाले जिम्मेदार शख्स पर भी शिकंजा कसा जाता है। हालांकि, एफआईआर दर्ज होने का मतलब यह नहीं है कि आरोप सिद्ध हो चुके हैं, और आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट होगी। दूसरी ओर, पुलिस द्वारा जब्त की गई मोटरसाइकिल कोल्लम जिले के पथिरीक्कल के रहने वाले 65 वर्षीय रवींद्रन के नाम पर रजिस्टर्ड थी, इसलिए उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की गई है। रवींद्रन ने पुलिस को दिए अपने बयान में कहा कि उन्होंने अपनी वह मोटरसाइकिल कुछ महीने पहले ही बेच दी थी। अब पुलिस इस पहलू की भी बारीकी से जांच कर रही है कि वर्तमान में वाहन किसके कब्जे में था और नाबालिग के हाथ तक वह कैसे पहुंचा। इसका आप पर असर यह घटना देश भर के अभिभावकों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं के लिए एक बड़ी चेतावनी है कि बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर कड़ी नजर रखें। • अमेज़ॅन/भारत में: माता-पिता को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी नाबालिग बिना वैध लाइसेंस के गाड़ी न चलाए। ऐसा करने पर कानूनी कार्रवाई के तहत माता-पिता को भी आरोपी बनाया जा सकता है। • केरल में: स्थानीय प्रशासन और पुलिस बिना लाइसेंस गाड़ी चलाने वाले युवाओं और उनके अभिभावकों के खिलाफ विशेष जांच अभियान तेज कर रहे हैं। • कानूनी कार्रवाई: मोटर व्हीकल नियमों के उल्लंघन पर पुलिस वाहन जब्त करने के साथ-साथ भारी जुर्माना और एफआईआर दर्ज करने जैसी सख्त कार्रवाई कर रही है। • सोशल मीडिया: लाइक्स और व्यूज के चक्कर में कानून तोड़ने वाले युवाओं के अकाउंट और गतिविधियों पर भी पुलिस की पैनी नजर बनी हुई है। • वाहन मालिक: अपनी पुरानी गाड़ी बेचते समय उसका रजिस्ट्रेशन ट्रांसफर कराना बेहद जरूरी है ताकि भविष्य में किसी कानूनी पचड़े से बचा जा सके। ऐसा क्यों हुआ यह मामला सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने की होड़ और कम उम्र के बच्चों पर माता-पिता की निगरानी में कमी के कारण सामने आया। • रील संस्कृति: किशोरों में सोशल मीडिया पर वायरल होने के लिए खतरनाक स्टंट और बिना लाइसेंस ड्राइविंग के वीडियो बनाने का चलन बढ़ गया है। • अभिभावकों की लापरवाही: कई बार माता-पिता अपने बच्चों को बिना लाइसेंस के वाहन सौंप देते हैं, जिससे इस तरह के अवैध कृत्यों को बढ़ावा मिलता है। • कानूनी प्रावधान: कानून के तहत नाबालिग को गाड़ी चलाने की अनुमति देने पर अभिभावकों और वाहन मालिकों को भी बराबर का जिम्मेदार माना जाता है। • पुलिसिया निगरानी: यातायात नियमों के उल्लंघन और सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालने वाले वीडियो सामने आने पर पुलिस त्वरित संज्ञान लेती है। सवाल-जवाब 1. यह घटना किस राज्य और जिले में हुई है? यह घटना केरल के पत्तनमथिट्ठा जिले के अडूर कस्बे में हुई है। 2. पुलिस ने किस किशोर के खिलाफ कार्रवाई की है? पुलिस ने 16 साल के एक किशोर के खिलाफ कार्रवाई की है जो बिना लाइसेंस के कार और मोटरसाइकिल चलाता था। 3. किशोर की मां के खिलाफ क्यों एफआईआर दर्ज की गई है? किशोर की मां रजीना नौशाद के खिलाफ इसलिए एफआईआर दर्ज की गई क्योंकि उन्होंने अपने नाबालिग बेटे को बिना लाइसेंस के वाहन चलाने की अनुमति दी थी। 4. जब्त की गई मोटरसाइकिल किसके नाम पर रजिस्टर्ड थी? जब्त की गई मोटरसाइकिल कोल्लम जिले के पथिरीक्कल निवासी रवींद्रन के नाम पर रजिस्टर्ड थी। 5. वाहन मालिक रवींद्रन का इस मामले में क्या कहना है? रवींद्रन ने पुलिस को बताया कि उन्होंने वह मोटरसाइकिल कुछ महीने पहले ही बेच दी थी। https://trendkia.com/crime/mother-faces-fir-in-kerala-after-minor-sons-driving-reels-go-viral-52652 TrendKia — Har trend, sabse pehle.