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  "type": "article",
  "title": "मुखर्जी नगर में डेटिंग ऐप के बहाने बंधक बनाकर 26 हजार की वसूली, कैफे संचालक और मैनेजर धरे गए",
  "summary": "प्रतियोगी छात्रों के गढ़ मुखर्जी नगर में डेटिंग ऐप के जरिए एक युवक को कैफे बुलाकर भारी बिल थमाने और बंधक बनाने का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने हस्तक्षेप कर कैफे मालिक और मैनेजर को गिरफ्तार कर लिया है।",
  "content": "छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग के प्रमुख केंद्र उत्तर पश्चिमी दिल्ली के मुखर्जी नगर में एक सुनियोजित ऑनलाइन धोखाधड़ी सामने आई है। डेटिंग एप्लिकेशन के जरिए जान पहचान बनाकर एक युवक को कैफे में आमंत्रित किया गया, जिसके बाद उसे मनगढ़ंत बिल थमाकर जबरन रोक लिया गया। पीड़ित की पहचान जैद अहमद के तौर पर हुई है, जिसे छुड़ाने के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसी को हस्तक्षेप करना पड़ा। इस पूरी साजिश के सामने आने के बाद पुलिस ने प्रतिष्ठान के संचालक और प्रबंधक को अपनी गिरफ्त में ले लिया है, जबकि मामले में शामिल महिला की धरपकड़ जारी है।\n\nब्लाइंड डेट का झांसा और कैफे का षड्यंत्र\nपीड़ित युवक जैद अहमद की बातचीत एक डेटिंग मंच के माध्यम से एक अज्ञात महिला से शुरू हुई थी। कुछ बातचीत के बाद दोनों ने व्यक्तिगत रूप से मिलने का फैसला किया और इसे एक ब्लाइंड डेट का रूप दिया गया। महिला ने मुलाकात के लिए खुद अपनी पसंद का स्थान चुना, जो मुखर्जी नगर में स्थित एक विशिष्ट कैफे था। पीड़ित बिना किसी संदेह के उस स्थान पर पहुंच गया। वहां पहुंचने पर दोनों एक साथ बैठे और महिला ने खाने पीने की चीजें मंगवाना शुरू किया। उसने बिना किसी झिझक के कई कीमती खाद्य व्यंजन और विशेष पेय पदार्थों का ऑर्डर दे दिया।\n\n \nकुछ समय बीतने के बाद उस महिला ने कोई बहाना बनाया और टेबल से उठकर चुपके से कैफे परिसर से बाहर निकल गई। उसके अचानक गायब होने के बाद जब जैद अहमद ने जाने की तैयारी की, तो प्रतिष्ठान के कर्मचारियों ने उनके सामने 26,000 रुपये का एक हस्तलिखित पर्चा रख दिया। सामान्य से कई गुना अधिक कीमत देखकर युवक स्तब्ध रह गया और उसने इस असामान्य राशि का कड़ा विरोध किया। बिल की प्रामाणिकता पर सवाल उठाते ही कैफे कर्मियों का रवैया आक्रामक हो गया।\n\nबंधक बनाने और जबरन वसूली का दबाव\nजब जैद ने अनुचित बिल चुकाने से साफ इनकार कर दिया, तो कैफे प्रबंधन ने उसे बाहर निकलने से रोक दिया। कर्मचारियों ने दरवाजे बंद कर दिए और उसे बंधक बनाकर पैसे वसूलने की कोशिश शुरू कर दी। अभद्र व्यवहार और लगातार बढ़ते दबाव के बीच पीड़ित को अहसास हुआ कि वह एक सोचे समझे जाल में फंस चुका है। वहां से निकलने का कोई दूसरा रास्ता न देखकर उसने अपने पिता को फोन मिलाकर पूरी आपबीती सुनाई और मदद की गुहार लगाई।\n\n1 नवंबर को पीड़ित के पिता ने तुरंत पुलिस नियंत्रण कक्ष में संपर्क साधा और अपने बेटे को गैरकानूनी रूप से बंधक बनाए जाने की सूचना दी। फोन पर पिता की व्यग्रता को भांपते हुए नियंत्रण कक्ष ने स्थानीय थाने को सतर्क किया। सूचना मिलते ही मुखर्जी नगर थाना पुलिस की एक विशेष टीम गठित की गई और बताए गए पते पर तुरंत छापेमारी की गई। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने बिना देर किए जैद अहमद को सुरक्षित बाहर निकाला और स्थिति को नियंत्रण में लिया।\n\nजावेद और अनुज कुमार की गिरफ्तारी\nमामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मौके से कैफे संचालक जावेद और उसके साथी मैनेजर अनुज कुमार को हिरासत में ले लिया। दोनों के खिलाफ जबरन वसूली, धोखाधड़ी और किसी व्यक्ति को गैरकानूनी रूप से बंधक बनाने के गंभीर आरोपों में प्राथमिकी दर्ज की गई। डीसीपी आकांक्षा यादव ने बताया कि 1 नवंबर को एक पिता से आपातकालीन कॉल प्राप्त हुई थी जिसमें उनके बेटे को कैफे में बंधक बनाकर 26,000 रुपये मांगने की बात कही गई थी। 4 नवंबर तक इस पूरे प्रकरण की जांच आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने इस संगठित रैकेट का भंडाफोड़ कर दिया।\n\nशुरुआती पूछताछ के बाद यह बात सामने आई है कि यह कोई अकेली घटना नहीं थी, बल्कि एक सुनियोजित नेटवर्क का हिस्सा थी। पुलिस अब इस बात की गहनता से पड़ताल कर रही है कि संबंधित कैफे कानूनी मानकों और वैध अनुमति के तहत संचालित हो रहा था या अवैध रूप से चलाया जा रहा था। साथ ही उस फरार युवती की तकनीकी निगरानी के जरिए तलाश की जा रही है, जिसने युवक को जाल में फंसाने का काम किया था।\n\nकमीशन एजेंट सिंडिकेट और मॉडस ऑपरेंडी\nराजधानी दिल्ली के कई व्यापारिक और छात्र बहुल इलाकों में इस प्रकार का गिरोह सक्रिय रहा है। इससे पहले पूर्वी दिल्ली के विकास मार्ग, लक्ष्मी नगर और पश्चिमी क्षेत्र के जनकपुरी जैसे व्यस्त बाजारों में भी ऐसे कैफे स्कैम की शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं। इन गिरोहों की कार्यप्रणाली बेहद चालाकी भरी होती है। कैफे संचालक सोशल और डेटिंग मंचों पर फर्जी पहचान पत्र तैयार करके युवतियों को इस काम में लगाते हैं।\n\nये युवतियां भोली भाली प्रोफाइल वाले युवाओं को विश्वास में लेकर पहले से तय किए गए कैफे में मिलने के लिए बुलाती हैं। वहां जो खाना या पेय महज 1,000 रुपये से 2,000 रुपये का होता है, उसका कृत्रिम बिल तैयार करके 20,000 रुपये से 50,000 रुपये तक वसूला जाता है। इस जबरन वसूली गई रकम में से उस महिला को 15 से 20 प्रतिशत तक का कमीशन दिया जाता है। बिल का भुगतान न करने पर ग्राहकों को धमकाना और बंधक बनाना इस गिरोह का आम तरीका बन चुका था।\n\nनागरिकों और युवाओं के लिए पुलिस की चेतावनी\nइस पर्दाफाश के बाद कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने आम जनता, विशेषकर युवाओं को सतर्क रहने की नसीहत दी है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म या सोशल मीडिया ऐप पर अनजान व्यक्ति से मिलने की योजना बनाते समय अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए। पहली मुलाकात के लिए हमेशा खुले, भीड़भाड़ वाले और अपनी पसंद के सार्वजनिक स्थलों को चुनना चाहिए। किसी अज्ञात व्यक्ति के विशेष आग्रह पर अनजान गलियों या असत्यापित कैफे में जाने से पूरी तरह बचना चाहिए।\n\nमुखर्जी नगर में हुई इस कार्रवाई से राजधानी में चल रहे डेटिंग गिरोहों को कड़ा संदेश गया है। जावेद और अनुज कुमार की गिरफ्तारी ने इस नेटवर्क के संचालन पर बड़ा प्रहार किया है। जांच अधिकारी अब उस फरार महिला की पहचान स्थापित करने में जुटे हैं ताकि इस पूरे कमीशन आधारित नेटवर्क की जड़ तक पहुंचा जा सके और इसमें शामिल अन्य संभावित कड़ियों को भी बेनकाब किया जा सके।\n\nइसका आप पर असर\nयह घटना ऑनलाइन डेटिंग का उपयोग करने वाले युवाओं के लिए एक सीधी चेतावनी है कि वे अज्ञात स्थानों पर मिलने से बचें।\n\n• भारत में: किसी भी डिजिटल ऐप पर मिलने वाले अजनबियों के साथ पहली मुलाकात के लिए केवल जाने-पहचाने और सुरक्षित सार्वजनिक स्थलों का चुनाव करें। किसी भी संदिग्ध कैफे में जाने से इनकार करें ताकि फर्जी बिलिंग और ब्लैकमेलिंग के जोखिम से बचा जा सके।\n• दिल्ली में: छात्र बहुल और व्यावसायिक क्षेत्रों जैसे मुखर्जी नगर, लक्ष्मी नगर या जनकपुरी में किसी के जोर देने पर निजी कैफे में न जाएं। यदि कोई जबरन बिल मांगकर बंधक बनाने की कोशिश करे, तो बिना डरे तत्काल पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 पर कॉल करें।\n• उपभोक्ता अधिकार: किसी भी व्यावसायिक प्रतिष्ठान द्वारा हाथ से लिखे गए अमान्य बिल को स्वीकार न करें और हमेशा जीएसटी युक्त पक्का बिल मांगें। अनाप-शनाप रेट लगाने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ उपभोक्ता फोरम या स्थानीय प्रशासन में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।\n• आर्थिक सुरक्षा: दबाव में आकर ऑनलाइन यूपीआई या कार्ड से फर्जी बिलों का भुगतान कतई न करें। अपने परिजनों या नजदीकी पुलिस थाने को स्थिति की जानकारी देकर कानूनी मदद मांगें।\n\nऐसा क्यों हुआ\nयह वारदात डेटिंग ऐप्स के जरिए युवाओं को लुभाकर उनसे फर्जी बिलों के माध्यम से अवैध वसूली करने के एक संगठित सिंडिकेट के कारण घटित हुई।\n\n• कमीशन आधारित सांठगांठ: कैफे संचालकों ने डेटिंग प्रोफाइल बनाकर युवतियों को काम पर रखा था जो ग्राहकों को फंसाकर लाती थीं। इन युवतियों को वसूले गए भारी भरकम बिल का 15 से 20 प्रतिशत हिस्सा कमीशन के तौर पर दिया जाता था।\n• सुनियोजित धोखाधड़ी: महिला ने जानबूझकर महंगे ड्रिंक्स और खाने का ऑर्डर दिया और फिर मौका देखकर गायब हो गई। इसके तुरंत बाद कैफे प्रबंधन ने 1,000-2,000 रुपये के भोजन पर 26,000 रुपये का फर्जी पर्चा बनाकर पीड़ित को बंधक बना लिया।\n• पूर्व में घटित घटनाएं: दिल्ली के विकास मार्ग, लक्ष्मी नगर और जनकपुरी जैसे इलाकों में भी इस प्रकार के कैफे सिंडिकेट पहले से सक्रिय रहे हैं। इसी तर्ज पर मुखर्जी नगर में भी यह नेटवर्क युवाओं को फंसाकर धन उगाही का प्रयास कर रहा था।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. पीड़ित जैद अहमद को कैफे में किस तरह फंसाया गया?\nजैद अहमद को एक डेटिंग ऐप पर मिली युवती ने ब्लाइंड डेट के बहाने मुखर्जी नगर के एक कैफे में बुलाया और भारी ऑर्डर देकर खुद वहां से खिसक गई।\n\n2. कैफे प्रबंधन ने पीड़ित पर कितने रुपये का बिल थोपा था?\nकैफे के कर्मचारियों ने 1,000-2,000 रुपये के सामान्य खाने पर 26,000 रुपये का फर्जी और हाथ से लिखा हुआ बिल थमा दिया था।\n\n3. पुलिस ने इस मामले में किन आरोपियों को गिरफ्तार किया है?\nपुलिस ने मौके से कैफे संचालक जावेद और उसके मैनेजर अनुज कुमार को जबरन वसूली और बंधक बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया है।\n\n4. इस सिंडिकेट में शामिल युवतियों को कितना कमीशन मिलता था?\nकैफे संचालक इन युवतियों को युवाओं को लाने और भारी बिल वसूलने के बदले में कुल रकम का 15 से 20 प्रतिशत तक कमीशन देते थे।\n\n5. दिल्ली के किन अन्य इलाकों में ऐसे कैफे स्कैम सामने आ चुके हैं?\nदिल्ली के विकास मार्ग, लक्ष्मी नगर और जनकपुरी जैसे इलाकों में भी इस प्रकार के डेटिंग स्कैम के मामले पहले दर्ज किए जा चुके हैं।",
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