छत्रपति संभाजीनगर हादसे में नया मोड़, पुलिस बोली- आईफोन के लिए नहीं दी थी जान महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की खाई में गिरने से हुई मौत के मामले में पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आत्महत्या के पीछे आईफोन की कोई वजह नहीं थी। महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर के तिसगांव इलाके में हाल ही में हुए एक दर्दनाक हादसे ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। इस दुखद घटना में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की जान चली गई, जिसके बाद कई तरह की चर्चाएं सामने आ रही थीं। शुरुआत में यह बात तेजी से फैली थी कि कुणाल चंदगुडे नामक युवक आईफोन खरीदने की जिद पर अड़ा हुआ था और इसी बात पर पिता से विवाद के बाद उसने पहाड़ी से कूदने का कदम उठाया। हालांकि, अब पुलिस जांच में इस दावे को खारिज कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती तफ्तीश में ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला जिससे यह साबित हो सके कि घटना का संबंध आईफोन से था। इस मामले की गहराई से जांच की जा रही है ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके। घटना के संदर्भ में जानकारी देते हुए डीसीपी रत्नाकर नवल ने बताया कि आपातकालीन नंबर पर सूचना मिलने के तुरंत बाद पुलिस बल मौके पर पहुंच गया था। स्थानीय लोगों की भीड़ के साथ-साथ दमकल विभाग और एम्बुलेंस को भी तत्काल बुलाया गया था। पुलिस प्रशासन की तरफ से स्थिति को संभालने के लिए हरसंभव प्रयास किए गए, लेकिन इसके बावजूद इस दुर्भाग्यपूर्ण हादसे को टाला नहीं जा सका। अधिकारियों के मुताबिक, मृतक युवक गंभीर मानसिक तनाव से जूझ रहा था। प्राथमिक जांच में यह बात पूरी तरह से खारिज हो गई है कि आईफोन की वजह से किसी ने अपनी जीवन लीला समाप्त की हो। पुलिस का यह भी कहना है कि इस घटना के पीछे के वास्तविक कारणों का अभी तक पूरी तरह से खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस जांच के दायरे को आगे बढ़ा रही है और सभी पहलुओं की बारीकी से समीक्षा की जा रही है। इस पूरी प्रक्रिया में कुछ समय लग सकता है क्योंकि इस परिवार का अब कोई भी सदस्य जीवित नहीं बचा है, जिससे सीधे तौर पर बयान या जानकारियां मिल सकें। घटनास्थल पर मौजूद चश्मदीदों और स्थानीय नागरिकों ने भी युवक को समझाने की पूरी कोशिश की थी, लेकिन तनाव का स्तर इतना अधिक था कि स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। इस बीच, घटना के समय मौके पर मौजूद एक स्थानीय पूर्व सरपंच संजय जाधव ने भी मीडिया के सामने अपनी बात रखी। उनके अनुसार, कुणाल की तरफ से आईफोन मांगने जैसी किसी भी बात का कोई जिक्र नहीं किया गया था। सबसे खास बात यह है कि कुणाल के पास पहले से ही एक आईफोन मौजूद था। संजय जाधव ने उस वक्त पहाड़ी पर मौजूद रहकर कुणाल को सुरक्षित नीचे उतरने के लिए लगातार मनाने का प्रयास किया था, लेकिन मानसिक रूप से बेहद परेशान होने के कारण युवक ने किसी की एक बात नहीं सुनी। पारिवारिक पृष्ठभूमि की बात करें तो चंदगुडे परिवार में पिछले काफी समय से अंदरूनी कलह चल रही थी। परिवार में माता-पिता और दो संताने थीं। पिता मुरलीधर चंदगुडे पेशे से एक ट्रक ड्राइवर थे, जिसके चलते उन्हें ज्यादातर समय घर से बाहर बिताना पड़ता था। परिवार पर दुखों का पहाड़ तब टूटा था जब करीब छह साल पहले उनके बड़े बेटे की बीमारी के कारण मौत हो गई थी। उस घटना के बाद से ही घर का माहौल तनावपूर्ण रहने लगा था। पिता के अक्सर बाहर रहने के कारण कुणाल की गतिविधियों पर भी घर का खास नियंत्रण नहीं रह गया था। रिश्तेदारों का यह भी मानना है कि पिता और पुत्र के बीच आपसी संबंध बहुत ज्यादा मधुर नहीं थे। घटना से महज दो दिन पहले ही पिता घर लौटे थे, जिसके बाद दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई और मामला इस हद तक बढ़ गया। छत्रपति संभाजीनगर के खावड्या डूंगर पर हुई इस घटना के दौरान कुणाल की मानसिक स्थिति बेहद नाजुक हो चुकी थी। मौके पर उसके मुंह से निकले आखिरी शब्दों ने वहां मौजूद हर शख्स को झकझोर कर रख दिया था। आत्महत्या के इरादे से वहां पहुंचे उस 19 वर्षीय युवक ने बेहद निराश होकर कहा था कि उसकी बात कोई नहीं सुनता और अब उसके पास जीने की कोई वजह नहीं बची है। देखते ही देखते कुछ ही पों में एक हंसता-खेलता परिवार पूरी तरह उजड़ गया। कुणाल को बचाने की कोशिश में उसके पिता मुरलीधर भी गहरी खाई की तरफ फिसल गए। यह भयानक मंज़र देखकर उसकी मां संगीता भी खुद को रोक नहीं पाईं और खाई में कूद गईं। यह विडंबना ही कही जाएगी कि दसवीं की बोर्ड परीक्षा में 92 प्रतिशत अंक हासिल करने वाला प्रतिभाशाली छात्र जिंदगी की इस मुश्किल घड़ी में हार गया। मूल रूप से अंबड तालुका के धनगर पिंपलवाड़ी का रहने वाला चंदगुडे परिवार पिछले अठारह वर्षों से शहर के झालता फाटा इलाके में रह रहा था। परिवार के मुखिया मुरलीधर एक ट्रांसपोर्ट कंपनी में वाहन चालक के तौर पर अपनी सेवाएं देते थे। पिछले कुछ दिनों से पिता और पुत्र के बीच किसी बात को लेकर लगातार तनातनी चल रही थी। कुणाल की मुख्य शिकायत थी कि उसके पिता उसे जरूरत के हिसाब से जेब खर्च नहीं देते थे। इसके अलावा, मोबाइल फोन की बची हुई किस्तों के भुगतान को लेकर भी घर में अक्सर बहस होती थी। शुक्रवार के दिन भी दोनों के बीच इसी तरह की अनबन हुई, जिसके बाद आवेश में आकर कुणाल घर छोड़कर निकल गया और सीधे खावड्या डूंगर जा पहुंचा। जैसे ही परिजनों को इस बात की भनक लगी, माता-पिता भी तुरंत उसकी तलाश में वहां पहुंच गए। जब माता-पिता खवाडिया पहाड़ी पर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि कुणाल बिल्कुल छोर पर खड़ा हुआ है। उसे बचाने के लिए मां संगीता ने उसे भावनात्मक रूप से समझाने का पूरा प्रयास किया। स्थिति को संभालने के लिए मां ने यहां तक कह दिया कि यदि पिता से कोई विवाद है तो वह उनसे अलग होकर कहीं और रहने के लिए तैयार हैं। बात को और अधिक प्रमाणित करने के लिए मां ने अपने गले से मंगलसूत्र उतारकर भी फेंक दिया। हालांकि उस वक्त तनाव इतना अधिक था कि किसी की भी दलील काम नहीं आई। जब मां, पुलिसकर्मी और अन्य स्थानीय लोग कुणाल को पहाड़ी के किनारे से हटाने के लिए जद्दोजहद कर रहे थे, तभी उसके पिता उसे बचाने के लिए तेजी से आगे आए। पिता ने जैसे ही कुणाल को पकड़ने की कोशिश की, दोनों का संतुलन बिगड़ गया और वे सीधे करीब डेढ़ सौ से दो सौ फीट गहरी खाई में जा गिरे। पति और बेटे को इस तरह गिरते देख मां संगीता का दिल भी बैठ गया और उन्होंने भी उसी खाई में छलांग लगा दी। इस भीषण हादसे में तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। यदि आपको या आपके किसी करीबी को कभी अत्यधिक मानसिक तनाव महसूस हो, निराशा घेर ले या किसी प्रकार के नकारात्मक विचार आएं, तो इसे बिल्कुल नजरअंदाज न करें। यह एक बेहद गंभीर स्थिति है जिसके लिए तुरंत पेशेवर मदद ली जानी चाहिए। आप सहायता के लिए सरकारी जीवनसाथी हेल्पलाइन नंबर 18002333330 पर संपर्क कर सकते हैं ताकि समय रहते किसी अनहोनी को टाला जा सके। इसका आप पर असर यह घटना मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक संवाद के महत्व को रेखांकित करती है। • भारत में: मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे युवाओं और परिवारों के लिए समय रहते संवाद करना और पेशेवर मदद लेना बेहद जरूरी है। • छत्रपति संभाजीनगर में: स्थानीय निवासियों और प्रशासन को ऐसे तनावपूर्ण मामलों में तुरंत काउंसलिंग और सहायता सेवाएं उपलब्ध कराने पर ध्यान देना चाहिए। सवाल-जवाब 1. छत्रपति संभाजीनगर में यह घटना कहाँ हुई? यह घटना महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर के तिसगांव इलाके में खावड्या डूंगर पर हुई। 2. क्या इस घटना के पीछे आईफोन की कोई वजह थी? पुलिस जांच और डीसीपी रत्नाकर नवल के बयानों के अनुसार, शुरुआती जांच में आईफोन को आत्महत्या का कारण नहीं पाया गया है। 3. इस हादसे में किन लोगों की जान गई? इस दुर्घटना में कुणाल चंदगुडे, उनके पिता मुरलीधर चंदगुडे और उनकी माता संगीता चंदगुडे की मौत हो गई। 4. मानसिक तनाव या संकट की स्थिति में किस नंबर पर संपर्क किया जा सकता है? सहायता के लिए भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन नंबर 18002333330 पर संपर्क किया जा सकता है। https://trendkia.com/crime/new-twist-in-chhatrapati-sambhajinagar-tragedy-police-rule-out-iphone-as-motive-20409 TrendKia — Har trend, sabse pehle.