पंजाब नेशनल बैंक के करेंसी चेस्ट में 17 करोड़ से ज्यादा के नकली नोट भेजने के मामले में NIA ने एक और आरोपी को दबोचा राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने हिमाचल प्रदेश के मनाली से हरीश रौंटा को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पंजाब नेशनल बैंक के सहारनपुर करेंसी चेस्ट में 17.29 करोड़ रुपये के जाली नोट भेजने की बड़ी साजिश के सिलसिले में की गई है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी एनआईए ने हिमाचल प्रदेश के मनाली से हरीश रौंटा को धर दबोचा है। इस मामले में केंद्रीय एजेंसी ने इससे पहले 16 अक्टूबर को हरियाणा के अंबाला से अजय कुमार को भी हिरासत में लिया था। जांच अधिकारियों के मुताबिक, अजय कुमार और हरीश रौंटा दोनों ही भारी मात्रा में नकली भारतीय करेंसी नोटों के अवैध मुद्रण और उनकी आपूर्ति के मुख्य साजिशकर्ताओं में शामिल हैं। सहारनपुर के बैंक में पहुंचे थे जाली नोट केंद्रीय जांच एजेंसी की शुरुआती छानबीन से यह साफ हुआ है कि ये फर्जी नोट अन्य सहयोगियों के जरिए पंजाब नेशनल बैंक के सहारनपुर स्थित करेंसी चेस्ट तक पहुंचाए गए थे। गिरफ्तार किए गए आरोपी अजय कुमार और हरीश रौंटा दोनों ही आदेश चौधरी के बेहद करीबी बताए जा रहे हैं, जिसे इस पूरे आपराधिक षड्यंत्र में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। यह पूरा मामला उत्तर प्रदेश के सहारनपुर शहर में सिविल लाइंस स्थित पंजाब नेशनल बैंक के करेंसी चेस्ट में नकली नोटों की बड़ी खेप खपाने से जुड़ा हुआ है। इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच एनआईए द्वारा केस नंबर RC-02/2026/NIA/LKW के तहत तेजी से की जा रही है। इस तरह हुआ था इस बड़े घोटाले का खुलासा इस सनसनीखेज मामले की परतें 29 अगस्त 2026 को उस वक्त खुलीं जब उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के सदर बाजार पुलिस स्टेशन को एक गुप्त और पुख्ता सूचना मिली थी। इस इनपुट के आधार पर पंजाब नेशनल बैंक के सहारनपुर करेंसी चेस्ट से कुल 17.29 करोड़ रुपये के नकली भारतीय नोट बरामद किए गए थे। इस गंभीर वित्तीय गड़बड़ी में बैंक के तीन कर्मचारियों की संदिग्ध संलिप्तता उजागर हुई थी, जिसके बाद बैंक प्रबंधन ने तत्काल प्रभाव से उन्हें निलंबित कर दिया था। इस सिलसिले में सबसे पहले 29 अगस्त 2026 को सहारनपुर के सदर बाजार थाने में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 178 के तहत तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए 3 सितंबर 2026 को एनआईए ने इस केस को अपने हाथ में लेते हुए दोबारा दर्ज किया था। सितंबर महीने में हो चुकी हैं कई अन्य गिरफ्तारियां जांच एजेंसी इस मामले में इससे पहले भी कई महत्वपूर्ण गिरफ्तारियां कर चुकी है। एनआईए ने इसी साल सितंबर महीने की 7, 15, 20 और 22 तारीख को इस मामले से जुड़े अन्य आरोपियों पर शिकंजा कसा था। इस दौरान प्राथमिकी में नामजद आरोपी अमित कुमार के अलावा मुख्य साजिशकर्ता आदेश चौधरी, मुकेश कुमार, राजेंद्र और नीतू को गिरफ्तार किया गया था। केंद्रीय एजेंसी इस अवैध नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने और इस घृणित साजिश में शामिल बाकी बचे सहयोगियों तथा संदिग्धों की धरपकड़ के लिए लगातार दबिश दे रही है। इसका आप पर असर नकली नोटों के इस बड़े मामले का असर देश की बैंकिंग सुरक्षा और वित्तीय प्रणाली पर सीधा पड़ता है। • भारत में: इस तरह की बड़ी घटनाओं के सामने आने से सरकारी बैंकों और वित्तीय संस्थानों में करेंसी चेस्ट की सुरक्षा और आंतरिक ऑडिट प्रक्रियाओं पर कड़े सवाल खड़े होते हैं। इससे बैंकिंग तंत्र में ग्राहकों का भरोसा बनाए रखने के लिए नियमों को और सख्त किया जा रहा है। • सहारनपुर में: स्थानीय स्तर पर इस मामले के तार बैंक कर्मचारियों से जुड़ने के कारण खाताधारकों में चिंता का माहौल रहा है और बैंक प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर कड़ी नजर रखी जा रही है। ऐसा क्यों हुआ यह पूरा मामला एक संगठित वित्तीय अपराध से जुड़ा है जिसमें सुनियोजित तरीके से जाली नोटों को सिस्टम में इंजेक्ट किया गया। • आपराधिक साजिश: जांच में यह बात सामने आई है कि अजय कुमार और हरीश रौंटा जैसे मुख्य साजिशकर्ताओं ने अवैध रूप से नकली नोटों की छपाई और उनकी आपूर्ति का एक बड़ा नेटवर्क तैयार किया था। • कर्मचारियों की मिलीभगत: सहारनपुर के पंजाब नेशनल बैंक के करेंसी चेस्ट तक इन जाली नोटों को पहुंचाने में अंदरूनी लोगों और बैंक कर्मचारियों की संलिप्तता रही है, जिसकी वजह से करोड़ों रुपये की नकली करेंसी बैंक के सुरक्षित वॉल्ट तक पहुंच गई। • त्वरित जांच प्रक्रिया: स्थानीय पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाद मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए संघीय एजेंसी ने इसे अपने हाथ में लिया और व्यवस्थित तरीके से एक-एक आरोपी को दबोचा। सवाल-जवाब 1. एनआईए ने हरीश रौंटा को कहाँ से गिरफ्तार किया है? एनआईए ने हरीश रौंटा को हिमाचल प्रदेश के मनाली से गिरफ्तार किया है। 2. यह पूरा मामला किस बैंक से जुड़ा हुआ है? यह मामला उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में स्थित पंजाब नेशनल बैंक के करेंसी चेस्ट से जुड़ा हुआ है। 3. सहारनपुर में कुल कितने रुपये के नकली नोट पकड़े गए थे? सहारनपुर के सदर बाजार स्थित बैंक करेंसी चेस्ट से 17.29 करोड़ रुपये के नकली नोट बरामद किए गए थे। 4. अजय कुमार को कब गिरफ्तार किया गया था? अजय कुमार को 16 अक्टूबर को हरियाणा के अंबाला से पकड़ा गया था। 5. इस मामले की जांच किस एजेंसी द्वारा की जा रही है? इस मामले की जांच नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी यानी एनआईए द्वारा की जा रही है। https://trendkia.com/crime/nia-arrests-another-suspect-in-connection-with-fake-currency-syndicate-linked-to-pnb-chest-50587 TrendKia — Har trend, sabse pehle.