# नीलकंठ पक्षी को पिंजरे में देखा तो तुरंत मिलाएं ये नंबर, वीसी सज्जनार की कड़ी अपील

> हैदराबाद पुलिस कमिश्नर वीसी सज्जनार ने दशहरा पर्व के दौरान नीलकंठ पक्षी को पिंजरे में कैद करने और उसके पंख काटने के खिलाफ सख्त अपील जारी की है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया है कि ऐसा कुछ दिखने पर तुरंत पुलिस या हेल्पलाइन नंबरों पर सूचना दें।

**Type:** article · **Category:** अपराध · **Published:** 2026-10-20 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/crime/nilakntha-pakshi-ko-pinjare-men-dekha-to-turnta-milaen-ye-nnbara-vc-sajjanar-ki-kari-apila-49768 · **Language:** Hindi
**Tags:** नीलकंठ पक्षी, वीसी सज्जनार, हैदराबाद पुलिस, वन्यजीव संरक्षण, दशहरा, तेलंगाना

त्योहारों का मौसम अपने साथ खुशियां और उल्लास लेकर आता है, लेकिन कई बार परंपराओं की आड़ में बेजुबान जीवों पर भारी अत्याचार भी किए जाते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए हैदराबाद के पुलिस कमिश्नर वीसी सज्जनार ने 20 अक्टूबर को एक महत्वपूर्ण और सख्त अपील जारी की है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया है कि अगर उन्हें कहीं भी नीलकंठ पक्षी पिंजरे में बंद दिखाई दे, तो वे तुरंत टोल-फ्री नंबर 18004255364, 9803338666 या 112 पर कॉल करके पुलिस को इसकी सूचना दें। उनका मुख्य उद्देश्य इस पावन पर्व को पूरी तरह से क्रूरता-मुक्त बनाना और राज्य पक्षी की रक्षा करना है।

## तेलंगाना के राजकीय पक्षी पर मंडराता खतरा
सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी बात रखते हुए वीसी सज्जनार ने स्पष्ट किया कि त्योहार का असली अर्थ खुशी, आजादी और सभी जीवित प्राणियों के प्रति करुणा का भाव रखना है। इसके बावजूद, दशहरे के शुभ अवसर पर कुछ लोग तेलंगाना के राजकीय पक्षी यानी इंडियन रोलर के पंख काटकर उसे व्यापार के उद्देश्य से पिंजरों में कैद कर लेते हैं। उन्होंने तीखा सवाल उठाते हुए कहा कि किसी बेजुबान जीव को उसकी स्वतंत्रता से वंचित कर, उसे बिना भोजन और पानी के तड़पता देखना आखिर किसी के लिए भी फायदेमंद कैसे हो सकता है? किसी को भी उस बेकसूर पक्षी की पीड़ा में अपनी भलाई या सौभाग्य कैसे नजर आ सकता है?

## शुभता की मान्यता और पर्यावरण में महत्व
समाज में यह पुरानी मान्यता चली आ रही है कि विजय दशमी के दिन नीलकंठ पक्षी के दर्शन करना बेहद शुभ होता है और इससे घर में सौभाग्य आता है। इसी अंधी आस्था के चलते पक्षियों को जंगल से बेरहमी से पकड़ लिया जाता है, उनके पंखों पर गोंद लगा दिया जाता है या उनके पैरों को चिपका दिया जाता है ताकि वे उड़ न सकें। इस अमानवीय व्यवहार के कारण पक्षियों को भयानक पीड़ा सहनी पड़ती है और अक्सर कुछ ही समय में उनकी मौत हो जाती है। वीसी सज्जनार ने याद दिलाया कि नीलकंठ पक्षी असल में हमारे पर्यावरण का सच्चा रक्षक और किसानों का पक्का मित्र है। जब यह सुंदर पक्षी खुले नीले आसमान में स्वतंत्र रूप से उड़ान भरता है, तभी प्रकृति की असली सुंदरता और हमारे समाज का असली सम्मान झलकता है।

## कानूनी कार्रवाई और कड़े निर्देश
कानून की नजर में भी इस तरह के कृत्य गंभीर अपराध की श्रेणी में आते हैं। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम-1972 के तहत इंडियन रोलर पक्षी को पकड़ना, बेचना या अपने पास प्रदर्शित करना पूरी तरह से अवैध है। पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से एक जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य निभाने की अपील की है ताकि इन बेजुबान जीवों को आजादी मिल सके। किसी भी परिस्थिति में पिंजरे में बंद पक्षियों के प्रदर्शन को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए। लोगों से साफ कहा गया है कि यदि उन्हें कोई भी व्यक्ति इस तरह के अवैध कार्यों में लिप्त मिले, तो वे बिना किसी देरी के निर्धारित हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें।

## पोस्टर विमोचन और वन विभाग की चेतावनी
इस अभियान को और अधिक व्यापक बनाने के लिए वीसी सज्जनार ने अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में 'अभी कार्रवाई करें, नीलकंठ को बचाएं' शीर्षक से विशेष पोस्टर भी जारी किए हैं। इसके साथ ही तेलंगाना वन विभाग ने भी आम जनता से आगे आने की अपील की है ताकि राज्य पक्षी का संरक्षण किया जा सके और दशहरा पर्व को पूरी तरह अहिंसक और क्रूरता-मुक्त बनाया जा सके। विभाग ने भी अपने आधिकारिक हेल्पलाइन नंबरों पर नीलकंठ को पकड़े जाने या पिंजरे में रखने की सूचना देने का निर्देश दिया है।

## अस्तित्व पर मंडराते बड़े खतरे
विभिन्न रिपोर्ट्स के अनुसार, देश भर में इस प्रजाति को लगातार गंभीर खतरों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे इसकी घटती संख्या को लेकर पर्यावरणविदों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। हालिया अध्ययनों और रिपोर्ट्स में इस बात का खुलासा हुआ है कि प्राकृतिक आवासों का तेजी से नष्ट होना, कृषि में कीटनाशकों का अत्यधिक इस्तेमाल और धड़ल्ले से चल रहा अवैध शिकार इस पक्षी के अस्तित्व के लिए सबसे बड़े खतरे बन चुके हैं। यदि समय रहते इन अवैध गतिविधियों पर रोक नहीं लगाई गई, तो आने वाले समय में इस अनमोल प्रजाति को बचाना बेहद मुश्किल हो जाएगा।

## इसका आप पर असर
दशहरे के दौरान वन्यजीवों की सुरक्षा और अवैध कैद के खिलाफ जारी इस अपील का सीधा असर आम नागरिकों, त्योहार मनाने वालों और स्थानीय प्रशासन पर पड़ेगा।

- **भारत भर में:** वन्यजीव संरक्षण कानूनों के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ेगी और त्योहारों के दौरान होने वाली पशु क्रूरता पर रोक लगेगी। लोग अवैध रूप से पक्षियों को पकड़ने या बेचने वालों की तुरंत शिकायत करने के लिए आगे आएंगे।
- **हैदराबाद और तेलंगाना में:** स्थानीय निवासियों और पुलिस प्रशासन को राज्य पक्षी नीलकंठ की तस्करी रोकने में सीधी मदद मिलेगी। नागरिक किसी भी उल्लंघन की सूचना तुरंत दिए गए हेल्पलाइन नंबरों पर दे सकेंगे।

## ऐसा क्यों हुआ
नीलकंठ पक्षियों को पिंजरे में कैद करने की घटनाएं मुख्य रूप से पुरानी सांस्कृतिक मान्यताओं के कारण होती हैं, जिनके तहत दशहरे पर इस पक्षी के दर्शन को सौभाग्य से जोड़ा जाता है।

- **अंधविश्वास और मान्यता:** लोगों में यह गलत धारणा है कि विजय दशमी के दिन नीलकंठ देखने से किस्मत चमकती है, जिसके कारण तस्कर जंगलों से पक्षियों को पकड़ते हैं।
- **व्यावसायिक लाभ:** कुछ लोग इन पक्षियों को अवैध रूप से बेचकर मुनाफा कमाने के लिए ऐसा करते हैं, जिससे उनके पंखों और पैरों को नुकसान पहुंचाया जाता है।
- **पर्यावरणीय संकट:** प्राकृतिक आवासों के खत्म होने और कीटनाशकों के अत्यधिक प्रयोग से पहले ही इनकी संख्या घट रही है, ऊपर से अवैध शिकार इनके अस्तित्व के लिए बड़ा खतरा बन गया है।

## सवाल-जवाब

### 1. नीलकंठ पक्षी को पिंजरे में देखने पर किस नंबर पर कॉल करना चाहिए?
आप तुरंत टोल-फ्री नंबर 18004255364, 9803338666 या 112 पर कॉल करके सूचना दे सकते हैं।

### 2. यह अपील किसने जारी की है?
यह अपील हैदराबाद के पुलिस कमिश्नर वीसी सज्जनार ने जारी की है।

### 3. तेलंगाना का राजकीय पक्षी कौन सा है?
इंडियन रोलर या नीलकंठ पक्षी तेलंगाना का राजकीय पक्षी है।

### 4. नीलकंठ पक्षी को पकड़ना किस कानून के तहत अपराध है?
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम-1972 के तहत इसे पकड़ना, बेचना या प्रदर्शित करना अपराध है।

### 5. नीलकंठ पक्षी को क्यों प्रताड़ित किया जाता है?
दशहरे के दिन इसके दर्शन को सौभाग्य से जोड़ने वाली मान्यताओं के कारण इन्हें पकड़ा और प्रताड़ित किया जाता है।

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