निमिषा हत्याकांड में नया मोड़, सोशल मीडिया पर वायरल हुई पुरानी चैट और चेतावनी गुवाहाटी में यूनिवर्सिटी छात्रा निमिषा की संदिग्ध मौत के मामले में एक पुरानी सोशल मीडिया चैट वायरल हो रही है, जिसमें उसे आसिफ अली से दूरी बनाने की सलाह दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने आरोपी आसिफ अली को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। गुवाहाटी के धारापुर इलाके में स्थित एक होमस्टे के भीतर 22 वर्षीय यूनिवर्सिटी छात्रा निमिषा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में जांच लगातार आगे बढ़ रही है। इस बीच इंटरनेट पर एक पुरानी बातचीत का स्क्रीनशॉट तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने इस पूरे प्रकरण को एक बिल्कुल नया मोड़ दे दिया है। सामने आ रहे दावों के अनुसार, निमिषा को बहुत पहले ही आसिफ अली के संपर्क से दूर रहने की चेतावनी दी गई थी। हालांकि, इन वायरल हो रहे स्क्रीनशॉट की सत्यता और प्रामाणिकता की अभी तक किसी भी स्वतंत्र एजेंसी या पुलिस द्वारा पुष्टि नहीं की गई है, और इसके भीतर किए गए दावों की गहराई से जांच की जानी अभी बाकी है। इस गंभीर मामले में पुलिस ने पहले ही उस व्यक्ति यानी आसिफ अली को गिरफ्तार कर लिया है जो घटना के समय मृतका के साथ उसी होमस्टे के कमरे में मौजूद था। अब सोशल मीडिया पर सामने आई इस पुरानी बातचीत ने इस हाई-प्रोफाइल मामले में कई नए सवालों को जन्म दे दिया है। क्या दी गई थी आसिफ से दूर रहने की सख्त सलाह? सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर जो स्क्रीनशॉट कथित तौर पर साझा किए जा रहे हैं, वे पंडित आदित्य बाजीराव मिश्रा नामक एक युवक और मृतका निमिषा के बीच हुई बातचीत के बताए जा रहे हैं। संबंधित यूजर ने अपने एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट के माध्यम से यह दावा किया है कि उन्होंने दुर्घटना या इस अनहोनी से काफी पहले ही निमिषा को आसिफ से अपने सभी रिश्ते और संपर्क खत्म करने के लिए समझाया था। उनके मुताबिक, उन्होंने लगातार कई दिनों तक मृतका को इस बात के लिए राजी करने की पूरी कोशिश की थी कि वह उस व्यक्ति से दूर रहे, लेकिन उनका यह भी दावा है कि उस समय निमिषा किसी भी सूरत में आसिफ के खिलाफ कोई भी बात सुनने को बिल्कुल तैयार नहीं थीं। वायरल हो रही इस चैट में निमिषा की तरफ से कथित तौर पर एक ऐसा जवाब भी दिखाई देता है जिसमें वह चेतावनी देने वाले व्यक्ति से यह कहती हुई नजर आती हैं कि यदि उन्हें भविष्य में कुछ भी नुकसान होता है, तो उसका पूरा खामियाजा या नुकसान उठाने वाला व्यक्ति कोई और नहीं बल्कि वह खुद ही होंगी। हालांकि, इस पूरे मामले में यह ध्यान रखना बेहद आवश्यक है कि इन वायरल स्क्रीनशॉट की सत्यता और इस बातचीत का समग्र संदर्भ अभी भी पूरी तरह से जांच का विषय बना हुआ है और इस पर से पर्दा उठना बाकी है। सामने आए पुराने स्क्रीनशॉट और एक्स पोस्ट का विवरण आदित्य मिश्रा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर यह दावा किया है कि जब वह अपने मोबाइल फोन के पुराने मीडिया और स्क्रीनशॉट सेक्शन की जांच कर रहे थे, तब अचानक उन्हें निमिषा के साथ हुई अपनी वह पुरानी बातचीत याद आ गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि ये तमाम चैट उनके द्वारा पहले भी अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर सार्वजनिक रूप से पोस्ट की जा चुकी थीं। अपने इस सिलसिलेवार पोस्ट में उन्होंने उस दौर का जिक्र करते हुए लिखा कि वह अपने फोन के पुराने रिकॉर्ड खंगाल रहे थे, तभी उन्हें वह चैट मिल गई जिसे उन्होंने पहले अपने आधिकारिक अकाउंट 'पंडित आदित्य मिश्रा बाजीराव' पर शेयर किया था। इसके अलावा उन्होंने उस बातचीत में अजीव झा नामक एक अन्य लड़के का भी जिक्र किया जिसके बारे में उनका कहना है कि वह उनके साथ काम किया करता था। मिश्रा के बयानों के अनुसार, उस समय उनकी पूरी टीम से जुड़ा एक अन्य विवाद भी सामने आया था जिसके चलते निमिषा ने एक व्यक्ति के खिलाफ आधिकारिक एफआईआर भी दर्ज कराई थी। उनका यह भी कहना था कि उस घटना के बाद से ही स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई थी और उनकी टीम के कई सहयोगियों ने कुछ समय के लिए अपने काम को पूरी तरह से रोक दिया था। मिश्रा का यह कड़ा दावा है कि उन्होंने उन कठिन परिस्थितियों में भी निमिषा को लगातार सही रास्ता दिखाने और समझाने का पूरा प्रयास किया था। जून महीने की बातचीत और परिवार द्वारा उठाए गए गंभीर सवाल अपने सिलसिलेवार सोशल मीडिया पोस्ट में आदित्य मिश्रा ने आगे यह भी दावा किया कि उन्होंने इसी साल जून के महीने में दोबारा निमिषा को मैसेज भेजकर उन्हें समझाने और सचेत करने का प्रयास किया था। हालांकि, उनके मुताबिक उस समय निमिषा ने उन्हें अपने सोशल मीडिया अकाउंट से ब्लॉक कर दिया था, जिसके बाद से दोनों के बीच किसी भी प्रकार की कोई बातचीत नहीं हो पाई थी। मिश्रा ने अपनी पुरानी चैट को सार्वजनिक करते हुए यह दावा किया है कि अगर निमिषा ने उस वक्त उनकी बात मान ली होती और चेतावनी पर अमल किया होता, तो शायद आज हालात बिल्कुल अलग होते और यह दुखद घटना नहीं घटती। उनका यह बयान अब इंटरनेट पर आग की तरह फैल रहा है और लोग इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। हालांकि, इन तमाम दावों और बयानों को अभी तक किसी भी जांच एजेंसी द्वारा आधिकारिक तौर पर प्रमाणित नहीं किया गया है। निमिषा की असामयिक और संदिग्ध मौत के बाद से ही इस मामले में रोज नए-नए दावे और खुलासे सामने आ रहे हैं, जिससे पुलिस के लिए इस गुत्थी को सुलझाना और अधिक पेचीदा हो गया है। मृतका के परिवार की ओर से भी इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं और स्थानीय पुलिस हर एक बिंदु की गहराई से छानबीन कर रही है। पुलिस की जांच का दायरा और होमस्टे की रात के अनसुलझे रहस्य परिजनों के बयानों के अनुसार, इस दुनिया से जाने से कुछ ही समय पहले निमिषा ने अपनी मां को एक घबराया हुआ फोन कॉल किया था। परिवार का यह पुख्ता दावा है कि उस फोन कॉल के दौरान निमिषा ने अपनी मां को अपने साथ हुई मारपीट की घटना के बारे में बताया था और उन्हें सांस लेने में हो रही भारी परेशानी का भी जिक्र किया था। बातचीत के दौरान ही अचानक वह फोन कट गया और उसके कुछ ही देर बाद उनका मोबाइल फोन पूरी तरह से स्विच ऑफ हो गया, जिसके बाद परिवार का उनसे संपर्क टूट गया। दूसरी तरफ, पुलिस के सामने इस मामले में मुख्य आरोपी आसिफ अली की ओर से एक बिल्कुल अलग दावा पेश किए जाने की बात सामने आ रही है। अब पुलिस के अधिकारी घटनास्थल की गहन फोरेंसिक जांच, मोबाइल फोन के डेटा, आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और अन्य महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्यों को आधार बनाकर इस पूरी घटना की एक-एक कड़ी को आपस में जोड़ने में दिन-रात जुटे हुए हैं। फिलहाल जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी और अहम चुनौती यही है कि वे निमिषा की मौत की असल वजह और उस मनहूस रात होमस्टे के कमरे के भीतर घटी घटनाओं की पूरी और स्पष्ट तस्वीर जनता के सामने ला सकें। सोशल मीडिया पर चल रहे अनगिनत दावों के बीच पुलिस की आधिकारिक जांच रिपोर्ट, पोस्टमार्टम के निष्कर्ष और फोरेंसिक साक्ष्य ही इस अंधेरे में तीर चलाने जैसे मामले में सबसे ज्यादा निर्णायक साबित होने वाले हैं। इसका आप पर असर इस मामले से जुड़े खुलासे और सुरक्षा के पहलुओं का असर सीधे तौर पर आम नागरिकों और छात्रों की सुरक्षा व्यवस्था पर पड़ता है. • भारत में: देशभर में किराए के आवास और होमस्टे में रहने वाले युवाओं की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं. शिक्षण संस्थानों के बाहर रहने वाले छात्रों के लिए परिसरों की निगरानी और सुरक्षा नियमों को कड़ा करने की मांग तेज हो रही है. • गुवाहाटी में: स्थानीय स्तर पर होमस्टे संचालकों और पुलिस प्रशासन पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम लागू करने का दबाव बढ़ गया है. इस घटना के बाद शहर के विभिन्न इलाकों में ऐसे कमर्शियल और आवासीय परिसरों के सत्यापन की प्रक्रिया में तेजी लाई जा रही है. ऐसा क्यों हुआ इस संदिग्ध मौत के पीछे की असली वजह और परिस्थितियां अभी तक आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं हो पाई हैं, और पुलिस विभिन्न डिजिटल साक्ष्यों की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। • पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट: मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा फोरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा, जिसकी प्रतीक्षा की जा रही है। • डिजिटल और कॉल रिकॉर्ड: मृतका द्वारा अपनी मां को किए गए अंतिम फोन कॉल और वायरल हो रहे चैट के स्क्रीनशॉट के तकनीकी विश्लेषण से घटनाक्रम को समझने में मदद मिल रही है। • आपसी संबंधों के विवाद: शुरुआती दावों और पुरानी चैट से यह संकेत मिलता है कि मृतका और आरोपी के बीच कुछ अनबन या विवाद चल रहा था, जिसकी तह तक पुलिस पहुंच रही है। सवाल-जवाब 1. निमिषा की मौत किस जगह पर हुई थी? निमिषा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत गुवाहाटी के धारापुर इलाके में स्थित एक होमस्टे के भीतर हुई थी। 2. इस मामले में पुलिस ने किसे गिरफ्तार किया है? पुलिस ने घटना के समय होमस्टे में मौजूद रहे आसिफ अली को गिरफ्तार कर लिया है। 3. वायरल चैट में किस व्यक्ति का नाम सामने आ रहा है? वायरल चैट में पंडित आदित्य बाजीराव मिश्रा और निमिषा के बीच की बातचीत होने का दावा किया जा रहा है। 4. घटना से ठीक पहले निमिषा ने किसे फोन किया था? निमिषा ने अपनी मौत से कुछ समय पहले अपनी मां को फोन करके मारपीट और सांस लेने में परेशानी की बात बताई थी। 5. क्या वायरल चैट के दावों की पुष्टि हो चुकी है? नहीं, वायरल स्क्रीनशॉट की प्रामाणिकता और उनमें किए गए दावों की अभी तक स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। https://trendkia.com/crime/nimisha-hatyakanda-men-naya-mora-old-chat-warning-her-to-stay-away-from-asif-goes-viral-39950 TrendKia — Har trend, sabse pehle.