# ओडिशा के केंद्रपाड़ा में शराबी हेडमास्टर की करतूत, स्कूल में ताला लगाकर सोया; अंदर कैद रहे 35 बच्चे

> ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले में एक सरकारी स्कूल के हेडमास्टर पर शराब के नशे में स्कूल का गेट बाहर से बंद कर सो जाने का आरोप लगा है। अंदर फंसे बच्चों के शोर मचाने पर ग्रामीणों ने ताला खोलकर उन्हें बाहर निकाला, जिसके बाद आरोपी शिक्षक को सस्पेंड कर दिया गया है।

**Type:** article · **Category:** अपराध · **Published:** 2026-09-09 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/crime/odisha-ke-kendrapara-men-shorabi-headmaster-ki-kartoot-school-men-tala-lagakar-soya-andar-qaid-rahe-35-bache-30468 · **Language:** Hindi
**Tags:** ओडिशा न्यूज, केंद्रपाड़ा, शराबी हेडमास्टर, स्कूल न्यूज, बड़ी लापरवाही, शिक्षा विभाग, ओडिशा क्राइम

ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले में एक सरकारी शिक्षण संस्थान से जुड़ा बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। बच्चों को शिक्षा और सुरक्षा प्रदान करने की जिम्मेदारी संभालने वाले एक विद्यालय के मुख्य शिक्षक पर गंभीर आरोप लगे हैं। कथित तौर पर उन्होंने काम के दौरान शराब का सेवन किया और फिर नशे की हालत में विद्यालय के मुख्य द्वार पर बाहर से ताला लगाकर खुद सो गए। इस गंभीर लापरवाही के कारण पहली से पांचवीं कक्षा तक के लगभग 35 मासूम बच्चे अंदर ही फंस गए। जब इन बच्चों ने खुद को कैद पाया तो डर के मारे उनकी चीख-पुकार निकल पड़ी, जिसे सुनकर आसपास के लोग तुरंत मदद के लिए मौके पर दौड़े और ताला खोलकर सभी को सुरक्षित बाहर निकाला।

यह पूरी घटना केंद्रपाड़ा जिले के डेराबिश ब्लॉक के अंतर्गत आने वाली कुरुजंगा ग्राम पंचायत के अंबुरा सरकारी प्राथमिक विद्यालय की है। इस संस्थान में कुल 35 विद्यार्थी पंजीकृत हैं और शिक्षण कार्य के लिए दो शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। जिस दिन यह घटना घटी, उस वक्त दूसरा शिक्षक अवकाश पर था, जिसके कारण विद्यालय की पूरी कमान हेडमास्टर सुनाकर नायक के हाथों में थी। शुरुआती जानकारियों के अनुसार, उन्होंने मंगलवार को कथित तौर पर शराब पी और बिना किसी सुध-बुध के स्कूल के मुख्य गेट पर बाहर से ताला जड़ दिया। इसके बाद वे गहरी नींद में सो गए। कुछ समय बीतने के बाद जब बच्चों को इस बात का अहसास हुआ कि वे अंदर बंद हो चुके हैं, तो वे बुरी तरह घबरा गए और रोते हुए बाहर आने के लिए शोर मचाने लगे।

परिसर के भीतर से आ रही बच्चों की डरावनी आवाज़ों को सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत स्कूल की तरफ भागे। वहां का नज़ारा देखकर वे दंग रह गए क्योंकि मुख्य द्वार बाहर से बंद था। स्थानीय नागरिकों ने सूझबूझ दिखाते हुए किसी तरह ताला खोला और अंदर फंसे सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस शर्मनाक घटना के प्रकाश में आते ही इलाके के अभिभावकों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। माता-पिता का कहना है कि जब शिक्षक ही इस तरह का गैर-जिम्मेदाराना बर्ताव करने लगें, तो बच्चों की सुरक्षा पर सवालिया निशान खड़ा होना स्वाभाविक है। अभिभावकों ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों के सामने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी शिक्षक के खिलाफ तत्काल और सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की।

विद्यालय में मात्र दो शिक्षकों के होने और घटना के दिन एक के अवकाश पर रहने के कारण सारी जिम्मेदारी अकेले हेडमास्टर के ऊपर थी। मामला तूल पकड़ने के बाद डेराबिश के ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर मदन मोहन कर ने खुद इस पूरे प्रकरण की गहन जांच पड़ताल की। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, विभागीय जांच में हेडमास्टर के खिलाफ लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह सही साबित हुए। बीईओ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि एक शिक्षण संस्थान के मुखिया का ऐसा आचरण इस पवित्र पेशे पर बड़ा कलंक है। प्रारंभिक जांच पूरी होने के बाद सुनाकर नायक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। शिक्षा महकमे ने भी इस अवांछित घटना को अत्यंत गंभीरता से लिया है और भविष्य में इस तरह की लापरवाही रोकने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं।

## इसका आप पर असर
यह घटना बच्चों की सुरक्षा और सरकारी विद्यालयों में प्रशासनिक निगरानी को लेकर बड़े सवाल खड़े करती है।

- **भारत में:** देशभर के ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में एकल शिक्षक व्यवस्था और सुरक्षा उपायों की समीक्षा पर जोर दिया जाएगा।
- **केंद्रपाड़ा में:** स्थानीय अभिभावक अपने बच्चों को भेजने से पहले स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति और सुरक्षा व्यवस्था की कड़ी जांच की मांग कर रहे हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
यह घटना शिक्षकों की गंभीर व्यक्तिगत लापरवाही और संस्थागत निगरानी की कमी के कारण घटी।

- **शराब का सेवन:** हेडमास्टर द्वारा ड्यूटी के समय शराब पीने और नशे में सुध खो देने के कारण यह स्थिति पैदा हुई।
- **अकेले होना:** घटना के दिन दूसरे शिक्षक के अवकाश पर होने के कारण स्कूल का पूरा नियंत्रण अकेले आरोपी के हाथ में था।
- **त्वरित कार्रवाई:** बच्चों के शोर मचाने पर ग्रामीणों के समय पर हस्तक्षेप से बड़ी अप्रिय घटना टल गई और प्रशासन ने तुरंत जांच कर सस्पेंड किया।

## सवाल-जवाब

### 1. यह घटना किस जिले में हुई?
यह घटना ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले में हुई।

### 2. किस स्कूल में बच्चों को बंद किया गया था?
यह घटना डेराबिश ब्लॉक के कुरुजंगा ग्राम पंचायत स्थित अंबुरा सरकारी प्राथमिक विद्यालय की है।

### 3. स्कूल के अंदर कितने बच्चे फंसे थे?
स्कूल के अंदर कक्षा 1 से 5 तक के करीब 35 बच्चे फंसे हुए थे।

### 4. बच्चों को किसने बाहर निकाला?
बच्चों की चीख-पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे स्थानीय ग्रामीणों ने ताला खोलकर उन्हें बाहर निकाला।

### 5. आरोपी हेडमास्टर का नाम क्या है?
आरोपी हेडमास्टर का नाम सुनाकर नायक है।

### 6. इस मामले में क्या कार्रवाई की गई है?
विभागीय जांच के बाद ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर ने हेडमास्टर को निलंबित कर दिया है।

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