# पंजाबी इन्फ्लुएंसर हत्याकांड में बड़ा खुलासा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सात सप्ताह की गर्भवती होने की पुष्टि

> चंडीगढ़ की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मंजीत कौर हत्याकांड में पोस्टमार्टम रिपोर्ट से चौंकाने वाला सच सामने आया है। मोरिंडा के जंगल में जिंदा जलाई गईं मंजीत मौत के वक्त सात हफ्ते की गर्भवती थीं, जबकि पुलिस जांच और लापरवाही के आरोपों पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

**Type:** article · **Category:** अपराध · **Published:** 2026-08-30 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/crime/punjabi-influencer-murder-case-twist-postmortem-reveals-manjit-kaur-was-seven-weeks-pregnant-24614 · **Language:** Hindi
**Tags:** मंजीत कौर, चंडीगढ़, मोरिंडा, इन्फ्लुएंसर मर्डर, क्राइम न्यूज, पंजाब पुलिस, पीजीआईएमईआर

सोशल मीडिया जगत में अपनी पहचान बनाने वाली चंडीगढ़ की रहने वाली 28 वर्षीय कंटेंट क्रिएटर मंजीत कौर की दर्दनाक मौत के मामले में रोज नए और गंभीर खुलासे हो रहे हैं। मोरिंडा के एक सुनसान जंगल में अगवा कर पेड़ से बांधने के बाद आग के हवाले की गई इस महिला इन्फ्लुएंसर ने कई हफ्तों तक अस्पताल में मौत से जंग लड़ने के बाद 26 अगस्त को पीजीआईएमईआर में दम तोड़ दिया था। इस सनसनीखेज वारदात की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद मामला और ज्यादा संवेदनशील हो गया है, जिसमें पुष्टि हुई है कि दुनिया छोड़ने से पहले वह लगभग सात सप्ताह के गर्भ से थीं। इस खुलासे के बाद पूरे प्रकरण की तह तक जाने के लिए पुलिस की तफ्तीश तेज कर दी गई है और हत्या की विभिन्न कड़ियों को आपस में जोड़ा जा रहा है।

## घटना की शुरुआत और अपहरण का खौफनाक मंजर
पीड़िता की माता कांता देवी की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, यह पूरी घटना 3 और 4 जुलाई की दरमियानी रात की है जब उनकी बेटी को योजनाबद्ध तरीके से चंडीगढ़ के सेक्टर-34 में बुलाया गया था। परिवार का आरोप है कि वहां पहले से मौजूद शुबी और पिंडा नामक परिचितों ने उनके साथ मारपीट की और फिर बलपूर्वक एक वाहन में खींचकर बैठा लिया। इसके बाद हमलावर उसे मोरिंडा के पास स्थित एक निर्जन और जंगली इलाके में ले गए, जहां उसे एक पेड़ के साथ कसकर बांध दिया गया। आरोपियों ने वहां उसे कथित तौर पर जिंदा जला दिया और मौके से फरार हो गए, जिससे उसकी देह गंभीर रूप से झुलस गई। कुछ समय बाद वहां से गुजरने वाले एक अन्य परिचित ने पहुंचकर आग पर काबू पाया और कंबल की सहायता से लपटों को बुझाया, जिसके बाद उसे तुरंत उपचार के लिए मोरिंडा के स्थानीय अस्पताल पहुंचाया गया।

## अस्पताल में संघर्ष और उपचार के चरण
शुरुआती प्राथमिक उपचार के बाद घावों की गंभीरता को देखते हुए उसे फौरन मोहाली के मैक्स अस्पताल में शिफ्ट किया गया, जहां उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई थी। स्थिति में सुधार न होने पर उसे बाद में चंडीगढ़ के पीजीआईएमईआर अस्पताल में स्थानांतरित किया गया, जहां वह करीब दो महीने तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करती रही। इस दौरान जांच से जुड़े कई प्रशासनिक पहलू भी विवादों के घेरे में आ गए हैं क्योंकि सामने आया है कि उपचार के कुछ पलों में जब उसे होश आया था, तब वह अपना बयान पुलिस के समक्ष दर्ज कराना चाहती थी। प्राप्य जानकारियों के अनुसार, पीजीआईएमईआर पुलिस चौकी की तरफ से खरड़ सदर थाने को आधिकारिक रूप से यह सूचना भेज दी गई थी कि पीड़िता अब होश में आ चुकी है और बयान देने के पूरी तरह योग्य है। हालांकि, गंभीर रूप से झुलसी उस महिला के पास जांच अधिकारी के समय पर न पहुंचने के कारण उसका बयान दर्ज नहीं हो सका और इसी बीच 26 अगस्त को उसने दम तोड़ दिया।

## कानूनी कार्रवाई और पुलिस का पक्ष
मंजीत की मृत्यु के फौरन बाद पीजीआईएमईआर चौकी की ओर से दोबारा खरड़ पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद जांच अधिकारी अस्पताल पहुंचे और माता कांता देवी को सेक्टर-34 थाने ले जाकर विस्तृत बयान दर्ज किए। इन बयानों के आधार पर 27 अगस्त को अपहरण और हत्या की गंभीर धाराओं के तहत औपचारिक एफआईआर दर्ज की गई, जिसमें शुबी और पिंडा को नामजद किया गया है। पुलिस महकमे पर उठ रहे प्रशासनिक लापरवाही के सवालों के बीच पंजाब पुलिस ने स्पष्ट किया है कि चूंकि कथित अपहरण की मूल घटना चंडीगढ़ के क्षेत्र में घटी थी, इसलिए वहां की कार्रवाई का अधिकार क्षेत्र चंडीगढ़ पुलिस का था। पुलिस अधिकारियों का यह भी कहना है कि खरड़ थाने की टीम ने पीड़िता की मां को हर संभव सहायता मुहैया कराई और मुकदमा दर्ज कराने में पूरा सहयोग किया, हालांकि बयान न दर्ज हो पाने को लेकर बनी स्थिति पर अभी भी सवाल बने हुए हैं।

पोस्टमार्टम की प्रक्रिया 28 अगस्त को पीजीआईएमईआर में ही पूरी की गई और कानूनी औपचारिकताएं संपन्न होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। अब पुलिस नामजद आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है और इस पूरे हत्याकांड की असली वजह का पता लगाने का प्रयास कर रही है।

## सोशल मीडिया पर थी सक्रिय उपस्थिति
मृतक मंजीत कौर केवल इस आपराधिक मामले की पीड़िता ही नहीं थीं, बल्कि इंटरनेट की दुनिया में उनका एक स्थापित दायरा भी था जो उनकी लोकप्रियता को दर्शाता था। इंस्टाग्राम प्लेटफॉर्म पर उनके लगभग 1.46 लाख फॉलोअर्स जुड़े हुए थे, जिनके लिए वह नियमित रूप से कॉस्मेटिक उत्पादों का प्रमोशन, आकर्षक रील्स और लोकप्रिय पंजाबी तथा हरियाणवी गानों पर आधारित वीडियो साझा करती थीं। इसके अलावा यूट्यूब पर भी उनके लगभग 3,930 सब्सक्राइबर थे, जिनके साथ वह अपने परिवार और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े व्लॉग अपलोड किया करती थीं। उनका ऑनलाइन कंटेंट मुख्य रूप से लाइफ़स्टाइल, मनोरंजन और पारिवारिक गतिविधियों के इर्द-गिर्द घूमता था, जिससे उनकी एक अलग पहचान बनी हुई थी। अब अचानक हुई इस नृशंस हत्या ने उनके चाहने वालों को झकझोर कर रख दिया है और हर कोई इस बात की तह तक जाना चाहता है कि आखिर इस बेरहमी के पीछे की असली वजह क्या थी।

## इसका आप पर असर
यह घटना महिलाओं की सुरक्षा, पुलिस की कार्यप्रणाली और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र से जुड़े कई गंभीर सवाल खड़े करती है।

- **भारत में:** देशभर में सोशल मीडिया क्रिएटर्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सक्रिय रहने वाले युवाओं की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। इस तरह के मामलों में त्वरित पुलिस कार्रवाई और पीड़िताओं के बयान दर्ज करने में संवेदनशीलता की आवश्यकता पर जोर दिया जा रहा है।
- **चंडीगढ़ और मोरिंडा में:** स्थानीय निवासियों और परिजनों में पुलिस जांच में कथित देरी को लेकर आक्रोश है, जिससे प्रशासनिक जवाबदेही तय करने की मांग तेज हो गई है। स्थानीय स्तर पर महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों में त्वरित कानूनी मदद सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा एजेंसियों पर दबाव बढ़ गया है।

## सवाल-जवाब

### 1. मंजीत कौर कौन थीं?
मंजीत कौर चंडीगढ़ की 28 वर्षीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और कंटेंट क्रिएटर थीं, जिनके इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर अच्छे-खासे फॉलोअर्स थे।

### 2. घटना कब और कहां हुई थी?
यह घटना 3 और 4 जुलाई की दरमियानी रात को हुई थी, जब उन्हें चंडीगढ़ से अगवा करके मोरिंडा के जंगल में ले जाया गया था।

### 3. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या मुख्य खुलासा हुआ है?
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह खुलासा हुआ है कि मौत के वक्त मंजीत कौर लगभग सात सप्ताह की गर्भवती थीं।

### 4. इस मामले में किन आरोपियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है?
परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने शुबी और पिंडा नामक आरोपियों के खिलाफ अपहरण और हत्या का मामला दर्ज किया है।

### 5. मंजीत कौर की मृत्यु कब हुई थी?
लगभग दो महीने तक अस्पताल में जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष करने के बाद 26 अगस्त को पीजीआईएमईआर में उनकी मौत हो गई थी।

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