रायगढ़ में सब्जी के मामूली विवाद पर पति ने की पत्नी की हत्या, आंगन से मिलीं हड्डियां और DNA जांच से खुला सच छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में सब्जी बनाने को लेकर हुए विवाद में पति ने पत्नी की हत्या कर अवशेष आंगन में गाड़ दिए थे, जिसे डीएनए जांच की मदद से कापू पुलिस ने सुलझा लिया। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में स्थित कापू थाना क्षेत्र से चार महीने पुराने एक अंधे कत्ल का चौकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों की मदद से हत्या की गुत्थी सुलझा ली है। महज सब्जी बनाने को लेकर हुए मामूली विवाद में एक पति ने अपनी पत्नी चमेली सिदार की गला घोंटकर बेरहमी से हत्या कर दी थी। वारदात के बाद आरोपी ने न केवल शव को जला दिया, बल्कि बची हुई हड्डियों को अपने ही घर के आंगन में दबाकर गुमशुदगी की झूठी कहानी गढ़ी थी। डीएनए जांच की रिपोर्ट आने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। सब्जी के विवाद में हत्या और घर के आंगन में दबाए अवशेष कापू थाना पुलिस की जांच के अनुसार, आरोपी का अपनी पत्नी चमेली सिदार के साथ सब्जी बनाने की बात पर झगड़ा हुआ था। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि पति ने गुस्से में आकर अपनी पत्नी का गला घोंट दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से आरोपी ने पत्नी की लाश को आग के हवाले कर दिया। जब शरीर जल गया, तब उसने हड्डियों के अवशेषों को अपने ही मकान के आंगन में एक भारी पत्थर के नीचे गड्ढा खोदकर छिपा दिया। अपराध को छिपाने के लिए आरोपी पति खुद कापू थाने पहुंचा और पुलिस को भ्रमित करने की नीयत से पत्नी की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। शुरुआती जांच में जब पुलिस ने आरोपी से अलग-अलग दौर में पूछताछ की, तो उसके बयानों में लगातार विरोधाभास देखने को मिला। आरोपी के बदले बयानों से पुलिस का शक गहराता गया। इसके बाद जब पुलिस टीम ने चमेली सिदार के मायके वालों और अन्य परिजनों से जानकारी जुटाई, तब पति पर लगा संदेह पुख्ता हो गया। आंगन की खुदाई, DNA जांच और आरोपी की गिरफ्तारी संदेह के आधार पर पुलिस ने फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) टीम की मौजूदगी में आरोपी के घर के आंगन में चिह्नित जगह पर खुदाई कराई। वहां से मानव हड्डियां बरामद की गईं, जिन्हें तुरंत फॉरेंसिक लैब में परीक्षण और डीएनए जांच के लिए भेजा गया। जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट हो गया कि बरामद हड्डियां चमेली सिदार की ही हैं। जैसे ही मामले में हत्या का आपराधिक मामला दर्ज किया गया, आरोपी गांव छोड़कर फरार हो गया। आरोपी की तलाश में पुलिस की टीम ने गांव के बाहर लगातार तीन दिनों तक डेरा जमाए रखा। चारों तरफ से की गई सख्त घेराबंदी के बाद आखिरकार पुलिस ने आरोपी को धर दबोचा। हिरासत में लेकर की गई कड़ी पूछताछ के दौरान उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। मामले की जानकारी देते हुए एडिशनल एसपी अनिल सोनी ने बताया कि वैज्ञानिक साक्ष्यों और डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट के आधार पर इस पेचीदा अंधे कत्ल का पर्दाफाश किया गया है। आरोपी ने अपराध कबूल कर लिया है और उसे न्यायिक प्रक्रिया के तहत गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इसका आप पर असर भारत में: यह मामला गंभीर घरेलू अपराधों को सुलझाने में फॉरेंसिक विज्ञान और डीएनए तकनीक की प्रभावशीलता को रेखांकित करता है। छत्तीसगढ़ में: रायगढ़ जिले में पुलिस द्वारा वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर अंधे कत्ल के खुलासे से कानून व्यवस्था के प्रति जनता का विश्वास मजबूत हुआ है। सवाल-जवाब 1. रायगढ़ में चार महीने पुराना कत्ल का मामला कैसे सुलझा? पुलिस ने फॉरेंसिक टीम के साथ आंगन की खुदाई कराकर हड्डियां बरामद कीं और डीएनए जांच रिपोर्ट के जरिए हत्या की पुष्टि की। 2. पति ने चमेली सिदार की हत्या क्यों की थी? पुलिस के अनुसार, सब्जी बनाने को लेकर हुए मामूली विवाद के बढ़ने पर पति ने पत्नी की गला घोंटकर हत्या कर दी थी। 3. हत्या के बाद आरोपी ने साक्ष्य मिटाने के लिए क्या किया? आरोपी ने पत्नी के शव को जला दिया और उसकी हड्डियों के अवशेषों को घर के आंगन में पत्थर के नीचे दबा दिया था। 4. पुलिस को आरोपी पति पर संदेह किस वजह से हुआ? गुमशुदगी दर्ज कराने पहुंचे पति के बयानों में विरोधाभास होने और मृतका के परिजनों की पूछताछ के बाद पुलिस का शक पक्का हुआ। 5. मामले में आधिकारिक जानकारी किसने प्रदान की? एडिशनल एसपी अनिल सोनी ने बताया कि वैज्ञानिक साक्ष्यों और डीएनए जांच रिपोर्ट के आधार पर अंधे कत्ल का खुलासा कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। https://trendkia.com/crime/raigarh-men-sabji-ke-mamuli-vivada-para-pati-ne-ki-patni-ki-hatya-angana-se-milin-haddiyan-aura-dna-jancha-se-khula-sacha-22577 TrendKia — Har trend, sabse pehle.