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  "type": "article",
  "title": "राजस्थान के कोटा में ऑपरेशन हॉक के तहत तीन शातिर बदमाश गिरफ्तार, पांच अवैध पिस्टल और कारतूस जब्त",
  "summary": "कोटा पुलिस ने घोड़ा बस्ती इलाके में घेराबंदी कर हिस्ट्रीशीटर कमल उर्फ चौका समेत तीन अपराधियों को दबोचा, जिनके पास से 5 हथियार बरामद हुए हैं।",
  "content": "राजस्थान के कोटा शहर में गैरकानूनी हथियारों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। जवाहर नगर थाना पुलिस और जिला विशेष टीम की संयुक्त कार्रवाई में तीन शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान इलाके के कुख्यात हिस्ट्रीशीटर कमल उर्फ चौका और उसके दो अन्य साथियों के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान पुलिस दल ने इन तीनों के कब्जे से कुल पांच अवैध देशी पिस्टल और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, पकड़े गए इस गिरोह पर अलग-अलग थानों में कुल सैंतीस आपराधिक मुकदमे पहले से दर्ज हैं।\n\nगुप्त सूचना के आधार पर घोड़ा बस्ती में हुई घेराबंदी\nअवैध असलहों की धरपकड़ के लिए पुलिस विभाग द्वारा ऑपरेशन H.A.W.K चलाया जा रहा है। इसी अभियान के दौरान जिला विशेष टीम को पुख्ता इनपुट मिला था कि जवाहर नगर थाने का हिस्ट्रीशीटर अपने दो गुर्गों के साथ घोड़ा बस्ती और दुर्गा बस्ती के आसपास किसी वारदात को अंजाम देने की नीयत से हथियार लेकर घूम रहा है। सूचना मिलते ही जवाहर नगर थाना पुलिस और विशेष दल ने रणनीति बनाकर चिन्हित इलाके में दबिश दी। पुलिस दल को देखकर आरोपियों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद जवानों ने चारों तरफ से घेराबंदी करते हुए तीनों को मौके पर ही दबोच लिया।\n\nआरोपियों से बरामद हथियारों का पूरा विवरण\nमौके पर पकड़े गए तीनों युवकों की जब जामा तलाशी ली गई, तो उनके पास से भारी मात्रा में अवैध हथियार मिले। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार आरोपियों के पास से बरामदगी का ब्योरा इस प्रकार है\n\n• कमल उर्फ चौका: घोड़ा बस्ती निवासी 28 वर्षीय इस मुख्य आरोपी की तलाशी में 2 अवैध पिस्टल और 2 जिंदा कारतूस मिले।\n• समीर अंसारी उर्फ गन्ज्या: नांता क्षेत्र की मोहनलाल सुखाड़िया कॉलोनी निवासी 25 वर्षीय समीर के पास से भी 2 अवैध पिस्टल और 2 कारतूस बरामद किए गए।\n• कोहिनूर: घोड़ा बस्ती के रहने वाले 21 वर्षीय तीसरे साथी के कब्जे से पुलिस ने 1 अवैध पिस्टल और 1 जिंदा कारतूस जब्त किया।\n\nहथियार और कारतूस मिलने के बाद पुलिस ने सभी असलहों को कानूनी प्रक्रिया के तहत जब्त कर लिया और तीनों को तुरंत हिरासत में ले लिया।\n\nआपसी रंजिश और वर्चस्व कायम करने की थी मंशा\nप्रारंभिक पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे इलाके में अपना दबदबा और खौफ कायम करने के उद्देश्य से यह हथियार लेकर घूम रहे थे। इसके अलावा चोरी की वारदातों को अंजाम देने और स्थानीय स्तर पर चल रही आपसी रंजिश में विरोधी गुट को धमकाने के लिए भी इन हथियारों की खरीद की गई थी। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के स्रोत की पड़ताल कर रही है। जांच अधिकारी यह जानने की कोशिश में जुटे हैं कि मध्य प्रदेश या अन्य राज्यों के किन हथियार तस्करों से इन पिस्टल की डील की गई थी और शहर में इनके मददगार कौन-कौन हैं।\n\nतीनों का पुराना आपराधिक इतिहास\nगिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी आदतन अपराधी हैं और लंबे समय से गैरकानूनी गतिविधियों में संलिप्त रहे हैं। जवाहर नगर थाने का हिस्ट्रीशीटर 28 वर्षीय कमल उर्फ चौका अकेले ही 16 आपराधिक मामलों में नामजद है, जिनमें जानलेवा हमले, मारपीट, रंगदारी, अवैध हथियार रखने और मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े गंभीर प्रकरण शामिल हैं। वहीं, 25 वर्षीय समीर अंसारी उर्फ गन्ज्या पर विभिन्न पुलिस थानों में 15 मुकदमे दर्ज हैं। गिरोह के सबसे युवा सदस्य 21 वर्षीय कोहिनूर के खिलाफ भी पहले से 6 आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस अब न्यायालय में पेश कर इन तीनों को रिमांड पर लेने की तैयारी में है ताकि हथियारों की तस्करी से जुड़ी अन्य कड़ियों का पर्दाफाश किया जा सके।\n\nइसका आप पर असर\nकोटा में हथियारों से लैस गिरोह की गिरफ्तारी से स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था और कानून व्यवस्था को सीधा लाभ मिलेगा।\n\n• कोटा में: शहर की आवासीय और कोचिंग बस्तियों में घूमने वाले हथियारबंद बदमाशों की गिरफ्तारी से स्थानीय निवासियों और छात्रों के लिए स्ट्रीट क्राइम और गोलीबारी का जोखिम कम हुआ है। पुलिस ने इलाके में गश्त तेज कर दी है ताकि असामाजिक तत्वों पर निरंतर दबाव बना रहे।\n• राजस्थान में: ऑपरेशन हॉक के तहत अंतरजिला हथियार तस्करों और स्थानीय आपराधिक गिरोहों के बीच के गठजोड़ पर नकेल कसना शुरू हो गया है। अवैध हथियार रखने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई से प्रदेश स्तर पर संगठित अपराध के नेटवर्क कमजोर होंगे।\n• कानूनी कार्रवाई: गैरकानूनी असलहा रखने वाले अपराधियों की जमानत रद्द कराने और उन्हें जेल भेजने की प्रक्रिया में तेजी लाई जा रही है। ऐसे मामलों में संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति पर शस्त्र अधिनियम की गैर-जमानती धाराओं में मुकदमा चलता है।\n• नागरिकों के लिए: आम जनता अब अपने आसपास संदिग्ध गतिविधियों या अवैध असलहा रखने वालों की सूचना स्थानीय पुलिस कंट्रोल रूम या हेल्पलाइन पर सुरक्षित रूप से दे सकती है। समय पर दी गई सूचना से गंभीर अपराधों को घटने से पहले ही रोका जा सकता है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nयह कार्रवाई पुलिस को मिली पुख्ता खुफिया सूचना और अवैध हथियारों के खिलाफ चल रहे राज्यव्यापी अभियान के बाद संभव हो सकी।\n\n• ऑपरेशन हॉक की शुरुआत: राजस्थान पुलिस ने अवैध असलहा रखने और बेचने वालों पर लगाम लगाने के लिए विशेष निगरानी अभियान छेड़ रखा है। इसी सघन निगरानी के चलते जिला विशेष टीम बदमाशों की गतिविधियों को लगातार ट्रैक कर रही थी।\n• सटीक खुफिया इनपुट: जिला विशेष टीम को सूचना मिली थी कि हिस्ट्रीशीटर कमल अपने साथियों के साथ हथियार लेकर किसी वारदात की फिराक में घोड़ा बस्ती में घूम रहा है। इस इनपुट पर तुरंत कार्रवाई करते हुए जवाहर नगर पुलिस ने त्वरित घेराबंदी की।\n• इलाके में वर्चस्व की होड़: पूछताछ में स्पष्ट हुआ कि आरोपी इलाके में अपना दबदबा बनाने और पुरानी रंजिश के चलते हथियारों का जखीरा जुटा रहे थे। लंबे समय से चल रही गुटीय प्रतिद्वंद्विता के कारण आरोपियों ने यह असलहे खरीदे थे।\n• आदतन आपराधिक प्रवृत्ति: पकड़े गए सभी आरोपियों पर पहले से दर्जनों मुकदमे दर्ज थे और वे लगातार अपराध में सक्रिय थे। समाज में कानून के डर के अभाव और आसान अवैध हथियार आपूर्ति ने इस गिरोह को सक्रिय बनाए रखा था।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. कोटा में पुलिस ने किन आरोपियों को गिरफ्तार किया है?\nपुलिस ने जवाहर नगर थाने के हिस्ट्रीशीटर 28 वर्षीय कमल उर्फ चौका, 25 वर्षीय समीर अंसारी उर्फ गन्ज्या और 21 वर्षीय कोहिनूर को गिरफ्तार किया है।\n\n2. आरोपियों के कब्जे से क्या-क्या बरामद हुआ है?\nतीनों आरोपियों के पास से कुल 5 अवैध देशी पिस्टल और 5 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।\n\n3. गिरफ्तार बदमाशों पर पहले से कितने मुकदमे दर्ज हैं?\nकमल उर्फ चौका पर 16, समीर अंसारी पर 15 और कोहिनूर पर 6 मुकदमे दर्ज हैं, यानी तीनों पर कुल मिलाकर 37 आपराधिक मामले दर्ज हैं।\n\n4. यह कार्रवाई किस विशेष पुलिस अभियान के तहत की गई?\nयह कार्रवाई राजस्थान में अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन H.A.W.K के तहत जवाहर नगर थाना पुलिस और डीएसटी द्वारा की गई।\n\n5. बदमाशों ने हथियार क्यों जुटाए थे?\nआरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने इलाके में अपना वर्चस्व कायम करने, आपसी रंजिश और चोरी की वारदातों को अंजाम देने के लिए ये हथियार खरीदे थे।",
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  "category": "अपराध",
  "publishedAt": "2026-10-18",
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    "कोटा पुलिस",
    "राजस्थान अपराध",
    "ऑपरेशन हॉक",
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