राजस्थान में एजीटीएफ का बड़ा एक्शन, लॉरेंस गैंग के दो शूटरों के विदेशी हथियार जमीन से बरामद जोधपुर में पकड़े गए लॉरेंस और आरजू बिश्नोई गैंग के दो शार्प शूटरों की निशानदेही पर सिरोही में जमीन में छिपाए गए तुर्किए और ऑस्ट्रिया के आधुनिक हथियार बरामद किए गए हैं। राजस्थान में संगठित आपराधिक गिरोहों और उनके अवैध हथियारों के नेटवर्क के खिलाफ एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने एक अहम अभियान को अंजाम दिया है। टास्क फोर्स ने लॉरेंस बिश्नोई और आरजू बिश्नोई गिरोह से जुड़े दो शार्प शूटरों द्वारा छिपाकर रखे गए घातक विदेशी हथियारों का जखीरा बरामद किया है। यह जब्ती सिरोही इलाके में पाली से सिरोही के बीच जमीन के भीतर गाड़कर छिपाए गए हथियारों की तलाशी के दौरान हुई। जांच दल ने मौके से 9 एमएम बोर की दो आधुनिक विदेशी पिस्टल, 4 मैगजीन और 36 जिंदा कारतूस अपने कब्जे में लिए हैं। इन हथियारों में एक पिस्टल तुर्किए निर्मित एफएक्स-9 है, जबकि दूसरी ऑस्ट्रिया में बनी सुप्रसिद्ध ग्लॉक पिस्टल है। जोधपुर में दबोचे गए थे दोनों शूटर हथियारों की यह बरामदगी तब संभव हो सकी जब टास्क फोर्स ने इससे पहले जोधपुर में घेराबंदी करके दोनों अपराधियों को हिरासत में लिया था। पकड़े गए बदमाशों की पहचान राजिंदर उर्फ बिल्ला और जसकरण सिंह उर्फ करण उर्फ सनी उर्फ कट्टा के रूप में हुई है। पुलिस जांच में यह बात सामने आई थी कि दोनों शूटर किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने के इरादे से जोधपुर पहुंचे थे। जोधपुर में उनकी गिरफ्तारी के बाद जब उनसे गहन पूछताछ शुरू की गई, तो उन्होंने पाली और सिरोही के बीच गुप्त ठिकाने पर छिपाए गए घातक हथियारों के बारे में खुलासा किया। जमीन में इस तरह छिपाया था हथियारों का जखीरा पूछताछ में सामने आई जानकारी के आधार पर टास्क फोर्स की टीम चिन्हित स्थान पर पहुंची। शूटरों ने हथियारों को पाली से सिरोही मार्ग के बीच जमीन में काफी गहराई में इस तरह गाड़ रखा था कि वहां से गुजरने वाले किसी भी आम व्यक्ति को इसकी भनक तक न लग सके। टीम ने आरोपियों की सटीक निशानदेही पर खुदाई कर हथियारों को बाहर निकाला। मौके से तुर्किए की एफएक्स-9 पिस्टल और ऑस्ट्रिया की ग्लॉक पिस्टल के साथ 4 मैगजीन और 36 कारतूस सुरक्षित बरामद कर लिए गए। ये दोनों अत्याधुनिक पिस्टल 9 एमएम बोर की हैं, जिनका इस्तेमाल बेहद खतरनाक अपराधों के लिए किया जाता रहा है। हथियारों के स्रोत और संभावित साजिश की गहन जांच राजस्थान में सक्रिय आपराधिक सिंडिकेट और अवैध हथियारों की तस्करी पर नकेल कसने के लिए यह पूरी कार्रवाई एडीजी एजीटीएफ दिनेश एम.एन. के सुपरविजन में संचालित की जा रही है। टास्क फोर्स की टीमें लगातार गिरोह के स्थानीय नेटवर्क, मददगारों और अवैध हथियारों की सप्लाई चेन से जुड़े इनपुट जुटाने में लगी हैं। अब जांच अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि विदेशी मूल के ये आधुनिक हथियार किस रास्ते से भारत में लाए गए और इन्हें इन शूटरों तक किसने पहुंचाया था। इसके साथ ही इस बात की भी पड़ताल की जा रही है कि जोधपुर में ये दोनों शूटर किस टारगेट पर हमला करने या कौन सी वारदात अंजाम देने की फिराक में थे। इसका आप पर असर गैंगस्टर नेटवर्क और विदेशी हथियारों की बरामदगी से संगठित अपराध पर सीधा असर पड़ता है और सुरक्षा तंत्र मजबूत होता है। • भारत में: सीमा पार से आने वाले विदेशी हथियारों की तस्करी पर सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी और सख्त होगी। संगठित सिंडिकेट के लॉजिस्टिक नेटवर्क को तोड़ने में अंतरराज्यीय पुलिस समन्वय बढ़ेगा। • राजस्थान में: जोधपुर और सिरोही जैसे क्षेत्रों में संभावित हिंसक वारदातों को पहले ही टाल दिया गया है। आम नागरिकों और व्यापारियों को स्थानीय स्तर पर गैंगवार और रंगदारी के खतरे से राहत मिलेगी। • कानूनी कार्रवाई: अवैध हथियार रखने और संगठित गिरोह चलाने वालों पर आर्म्स एक्ट के तहत कड़ी कानूनी धाराएं लगेंगी। इससे गिरोह के जमीनी मददगारों और सप्लाई नेटवर्क की पहचान करने में मदद मिलेगी। • सतर्कता: संदिग्ध गतिविधियों या सुनसान रास्तों पर अनजानी हलचलों को लेकर स्थानीय पुलिस और ग्रामीण क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जाएगी। लोग किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना सीधे पुलिस को दे सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ टास्क फोर्स द्वारा विदेशी हथियारों की यह बरामदगी जोधपुर में पकड़े गए शार्प शूटरों की निशानदेही और तकनीकी पूछताछ के बाद संभव हुई। • सीधा कारण: जोधपुर में राजिंदर उर्फ बिल्ला और जसकरण सिंह उर्फ कट्टा की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में जमीन में दबे हथियारों की सटीक जगह सामने आई। टीम ने बताई गई जगह पर जाकर 9 एमएम बोर की दो विदेशी पिस्टल और गोलियां बरामद कीं। • वारदात की तैयारी: दोनों शूटर किसी निर्धारित वारदात को अंजाम देने के मकसद से जोधपुर पहुंचे थे। उन्होंने हथियारों को पहले ही पाली और सिरोही के बीच गुप्त तरीके से छुपाकर रखा था ताकि चेकिंग के दौरान वे पकड़े न जाएं। • जांच की स्थिति: विदेशी पिस्टल की सप्लाई कहां से हुई और इन शूटरों को किस टारगेट की सुपारी दी गई थी, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी जांच के अधीन है। एडीजी एजीटीएफ दिनेश एम.एन. के निर्देशन में टीम गिरोह के अन्य संपर्कों की कड़ियां जोड़ रही है। सवाल-जवाब 1. एजीटीएफ ने सिरोही में किन हथियारों को बरामद किया है? टीम ने 9 एमएम बोर की दो विदेशी पिस्टल (एक तुर्किए की एफएक्स-9 और दूसरी ऑस्ट्रिया की ग्लॉक), 4 मैगजीन और 36 कारतूस बरामद किए हैं। 2. हथियार कहां और किस हालत में छिपाए गए थे? हथियार पाली से सिरोही के बीच जमीन में गाड़कर रखे गए थे ताकि आम लोगों या पुलिस को इनका पता न चल सके। 3. जोधपुर में किन दो आरोपियों को पकड़ा गया था? जोधपुर में राजिंदर उर्फ बिल्ला और जसकरण सिंह उर्फ करण उर्फ सनी उर्फ कट्टा को गिरफ्तार किया गया था। 4. यह कार्रवाई किस पुलिस अधिकारी के सुपरविजन में की गई? यह पूरी कार्रवाई एडीजी एजीटीएफ दिनेश एम.एन. के सुपरविजन में संचालित की गई है। https://trendkia.com/crime/rajasthan-men-agtf-ka-bara-ekshana-lawrence-gainga-ke-do-shutaron-ke-videshi-hathiyara-jamina-se-baramada-37940 TrendKia — Har trend, sabse pehle.