# रानी बाग से लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का रंगबाज़ अमरजीत गिरफ्तार, कारोबारी से मांगी थी 2 करोड़ की फिरौती

> दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 2 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने वाले लॉरेंस बिश्नोई और रणदीप मलिक गैंग के आरोपी अमरजीत उर्फ अमर को रानी बाग से दबोच लिया है।

**Type:** article · **Category:** अपराध · **Published:** 2026-08-22 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/crime/rani-bagh-se-lawrence-bishnoi-giroha-ka-rngabaza-amarjeet-giraphtara-karobari-se-mangi-thi-2-karora-ki-phirauti-20220 · **Language:** Hindi
**Tags:** दिल्ली पुलिस, क्राइम ब्रांच, लॉरेंस बिश्नोई, अमरजीत, रानी बाग, रंगदारी, क्रिप्टोकरेंसी

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (WR-II यूनिट, द्वारका) ने गिरोहबंदी और फिरौती विरोधी अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने लॉरेंस बिश्नोई और रणदीप मलिक गैंग से जुड़े 40 वर्षीय वांछित अपराधी अमरजीत उर्फ अमर को दिल्ली के रानी बाग इलाके से धर दबोचा। आरोपी की गिरफ्तारी तकनीकी निगरानी और जमीनी खुफिया जानकारी के आधार पर की गई है। अमरजीत पर एक स्थानीय व्यापारी से 2 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने और रकम न मिलने पर पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी देने का आरोप है।

## व्हाट्सएप कॉल और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए मांगी फिरौती
मौर्य एन्क्लेव पुलिस थाने में शिकायतकर्ता की तहरीर पर एफआईआर संख्या 112/2026 दर्ज की गई थी, जिसमें BNS की धारा 308(3) लगाई गई थी। पीड़ित कारोबारी के अनुसार, आरोपी ने व्हाट्सएप वॉइस कॉल और टेक्स्ट मैसेज के जरिए संपर्क साधा था। बातचीत के दौरान उसने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का गुर्गा रणदीप मलिक बताया और सीधी चेतावनी देते हुए 2 करोड़ रुपये देने का दबाव बनाया। जब कारोबारी ने पैसे देने में हिचकिचाहट दिखाई, तो आरोपी ने उसके परिवार की हत्या करने की धमकी दे डाली। जांच एजेंसियों को छानबीन में पता चला कि आरोपी ने फिरौती की रकम हासिल करने के लिए एक विशेष डिजिटल पेमेंट लिंक भेजा था, ताकि पैसे क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से ट्रांसफर करवाए जा सकें।

## रानी बाग में पुलिस की घेराबंदी और गिरफ्तारी
इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने के लिए डीसीपी (क्राइम ब्रांच) हर्ष इंदौरा (IPS) और एसीपी राजपाल डबास के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम गठित की गई थी। इस टीम में इंस्पेक्टर सतीश मलिक, एसआई प्रदीप दहिया, हेड कांस्टेबल अजय और हेड कांस्टेबल आजाद सिंह शामिल थे। गुप्त सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने मुल्तानी मोहल्ला, रानी बाग में घेराबंदी कर दी। पुलिसबल की मौजूदगी भांपकर अमरजीत ने मौके से भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद जवानों ने पीछा करके उसे मौके पर ही पकड़ लिया। आरोपी की अंतरिम जमानत याचिका को दिल्ली हाईकोर्ट पहले ही खारिज कर चुका था और उसके खिलाफ BNSS की धारा 84 के तहत कानूनी कार्रवाई चल रही थी। आखिरकार पुलिस ने उसे BNSS की धारा 35(1)(b) के तहत विधिवत गिरफ्तार कर लिया।

## अवैध शराब के कारोबार से रंगदारी तक का सफर
उत्तर-पश्चिम दिल्ली के त्रिनगर का रहने वाला अमरजीत केवल 10वीं कक्षा तक पढ़ा-लिखा है। शुरुआती दिनों में वह करोल बाग स्थित मोबाइल मार्केट में काम करता था, लेकिन बाद में वह अवैध शराब की तस्करी के धंधे में शामिल हो गया। रंगदारी का मामला दर्ज होने के बाद से वह लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस से बच रहा था। उल्लेखनीय है कि गिरोह का सरगना लॉरेंस बिश्नोई हत्या, हत्या के प्रयास और रंगदारी जैसे कई संगीन मामलों में जेल में बंद है, जहां से वह अपने नेटवर्क और शूटर्स के जरिए आपराधिक वारदातों को अंजाम दिलवाता है।

## इसका आप पर असर
- **भारत में:** संगठित गिरोहों और डिजिटल माध्यमों से रंगदारी वसूलने वालों पर पुलिस की कड़ाई से अपराधियों में खौफ पैदा होगा।
- **दिल्ली में:** रानी बाग और आसपास के कारोबारी क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने से व्यापारियों को राहत मिलेगी।

## सवाल-जवाब

### 1. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने किसे गिरफ्तार किया है?
पुलिस ने लॉरेंस बिश्नोई और रणदीप मलिक गैंग से जुड़े 40 वर्षीय अमरजीत उर्फ अमर को गिरफ्तार किया है।

### 2. आरोपी ने कारोबारी से कितने रुपये की फिरौती मांगी थी?
आरोपी ने पीड़ित कारोबारी से 2 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी और मना करने पर परिवार की हत्या की धमकी दी थी।

### 3. आरोपी को किस जगह से पकड़ा गया?
दिल्ली पुलिस की टीम ने रानी बाग के मुल्तानी मोहल्ला इलाके में घेराबंदी करके आरोपी को गिरफ्तार किया।

### 4. रंगदारी वसूलने के लिए आरोपी ने किस पेमेंट तरीके का इस्तेमाल किया?
उसने व्हाट्सएप कॉल के जरिए धमकी दी थी और रंगदारी की रकम क्रिप्टोकरेंसी में ट्रांसफर करने के लिए एक डिजिटल पेमेंट लिंक भेजा था।

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