शिवसागर पुलिस ने मानसज्योति चेतिया की संदिग्ध मौत की जांच के लिए डीएसपी लीला बोरा के नेतृत्व में बनाई एसआईटी असम की शिवसागर पुलिस ने बीर लाचित सेना के नेता मानसज्योति चेतिया की मौत की वैज्ञानिक जांच के लिए डीएसपी लीला बोरा की अध्यक्षता में एसआईटी गठित की है और पांच लोगों को हिरासत में लिया है। असम के शिवसागर जिले में बीर लाचित सेना के पदाधिकारी मानसज्योति चेतिया की दुखद मृत्यु के मामले की तह तक पहुंचने के लिए पुलिस प्रशासन ने एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। शिवसागर स्थित वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से 26 अगस्त 2026 को जारी किए गए आधिकारिक निर्देश के अनुसार, इस टीम को बीहुबार पुलिस स्टेशन में दर्ज केस संख्या 10/2026 की निष्पक्ष और वैज्ञानिक तरीके से पड़ताल करने का जिम्मा सौंपा गया है। विशेष जांच दल का ढांचा और अधिकारियों की जिम्मेदारी इस चार सदस्यीय जांच दल की कमान शिवसागर की पुलिस उपअधीक्षक (DSP) लीला बोरा को सौंपी गई है। टीम में अमगुरी थाना के प्रभारी निरीक्षक मृदुल हजारिका, नाज़िरा थाना के द्वितीय अधिकारी उपनिरीक्षक (UB) सिराज सैकिया तथा नाज़िरा थाना की ही महिला उपनिरीक्षक (UB) सुमी बर्मन को शामिल किया गया है। सरकारी आदेश के तहत उपनिरीक्षक सिराज सैकिया को इस पूरे मामले का मुख्य जांच अधिकारी (IO) बनाया गया है। विशेष टीम का मुख्य उद्देश्य मानसज्योति चेतिया की मौत से जुड़ी सभी रहस्यमयी परिस्थितियों की कड़ियों को जोड़ना और शिकायत में लगाए गए आरोपों की सच्चाई परखना है। इसके साथ ही, अधिकारी घटनास्थल से मिले भौतिक साक्ष्यों का परीक्षण करेंगे और पूरी घटना का सटीक घटनाक्रम तैयार करेंगे। पुलिस ने यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) और धारा 3(5) के तहत पंजीकृत किया है। नामित पांच आरोपी हिरासत में, जारी है कड़ी पूछताछ बीर लाचित सेना द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने प्राथमिकी में नामजद पांचों संदिग्धों को पकड़ लिया है। हिरासत में लिए गए व्यक्तियों के नाम आबिदुर रहमान, सुबेरा बेगम, सेलिमुर रहमान, सेलिमा बेगम और अनवरा बेगम हैं। पुलिस टीमों ने इन सभी को बीहुबार तथा सिमलुगुड़ी रेलवे स्टेशन के समीपवर्ती इलाकों से पकड़ा है। शिवसागर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी इन पांचों आरोपियों से गुप्त स्थान पर सघन पूछताछ कर रहे हैं। सड़क किनारे मिले थे गंभीर रूप से घायल, इलाज के दौरान मौत घटना की शुरुआत 23 अगस्त 2026 को हुई थी, जब मानसज्योति चेतिया शिवसागर जिले के बीरुबोर इलाके में सड़क किनारे लहूलुहान अवस्था में पाए गए थे। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें फौरन डिब्रूगढ़ स्थित असम मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (AMCH) में भर्ती कराया गया। दो दिनों तक चले इलाज के बाद भी उनकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ और 25 अगस्त 2026 को उन्होंने दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट हुआ है कि उनके शरीर पर चोट के कई गंभीर निशान मौजूद थे, जिसमें उनके सिर के पिछले भाग पर लगा गहरा आघात बेहद जानलेवा सिद्ध हुआ। इस बीच, असम राज्य सरकार ने पुलिस कार्रवाई से इतर मामले की विस्तृत मजिस्ट्रेट जांच कराने के आदेश भी पहले ही दे दिए थे, जिसके तहत अब समानांतर रूप से पड़ताल जारी है। इसका आप पर असर यह हाई-प्रोफाइल आपराधिक मामला राजनीतिक संगठनों के नेताओं की सुरक्षा, पुलिस जवाबदेही और नए आपराधिक कानूनों के तहत जांच प्रक्रियाओं के प्रभाव को रेखांकित करता है। • भारत में: भारतीय न्याय संहिता के तहत विशेष जांच टीमों (SIT) का तेजी से गठन देश भर में आपराधिक मामलों की पारदर्शी सुनवाई का भरोसा जगाता है। इससे नागरिकों को यह संदेश मिलता है कि गंभीर अपराधों की जांच वैज्ञानिक तरीकों से समयबद्ध सीमा में की जाएगी। • असम में: शिवसागर और आसपास के इलाकों में रहने वाले नागरिकों को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने से शांति बनाए रखने में मदद मिलेगी। बीर लाचित सेना के नेता की मौत के बाद क्षेत्र में किसी भी तरह की अशांति रोकने के लिए पुलिस की सक्रियता बढ़ी है। • कानून व्यवस्था की पारदर्शिता के लिए: मजिस्ट्रेट जांच और पुलिस एसआईटी की समानांतर कार्रवाई से मामले में निष्पक्षता सुनिश्चित होती है। इससे स्थानीय जनता और पीड़ित परिवार का प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर विश्वास सुदृढ़ होता है। • स्थानीय यात्रियों के लिए: सिमलुगुड़ी और बीहुबार जैसे रेलवे स्टेशनों और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस चेकिंग और गश्त बढ़ा दी गई है। यात्रा करने वाले नागरिकों को सुरक्षा जांच के दौरान अपने पहचान पत्र साथ रखने की सलाह दी जाती है। सवाल-जवाब 1. मानसज्योति चेतिया कौन थे? मानसज्योति चेतिया असम के बीर लाचित सेना संगठन के एक प्रमुख नेता थे। 2. मानसज्योति चेतिया कब और कहां घायल पाए गए थे? वह 23 अगस्त 2026 को शिवसागर के बीरुबोर क्षेत्र में सड़क किनारे बेहद गंभीर हालत में पड़े मिले थे। 3. मानसज्योति चेतिया का निधन कब और कहां हुआ? उन्होंने 25 अगस्त 2026 को डिब्रूगढ़ स्थित असम मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (AMCH) में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। 4. विशेष जांच टीम (SIT) की अगुवाई कौन कर रहा है? एसआईटी का नेतृत्व शिवसागर की पुलिस उपअधीक्षक (DSP) लीला बोरा कर रही हैं, जबकि उपनिरीक्षक सिराज सैकिया जांच अधिकारी बनाए गए हैं। 5. यह मामला किन धाराओं के तहत दर्ज किया गया है? यह केस बीहुबार पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) और धारा 3(5) के तहत कांड संख्या 10/2026 के रूप में दर्ज है। 6. पुलिस ने इस मामले में कितने लोगों को हिरासत में लिया है? पुलिस ने शिकायत में नामजद पांच लोगों - आबिदुर रहमान, सुबेरा बेगम, सेलिमुर रहमान, सेलिमा बेगम और अनवरा बेगम को हिरासत में लिया है। https://trendkia.com/crime/sivasagar-police-ne-manasjyoti-chetia-ki-sndigdha-mauta-ki-jancha-ke-lie-dsp-lila-bora-ke-netritva-men-banai-sit-23111 TrendKia — Har trend, sabse pehle.