# सोशल मीडिया के ट्यूटोरियल से नकली नोट छापना सीखकर बाजार में खपा रहे जोमैटो डिलीवरी बॉय और रैपिडो ड्राइवर हैदराबाद में गिरफ्तार

> हैदराबाद में पुलिस ने यूट्यूब और इंस्टाग्राम वीडियो देखकर नकली नोट छापने और उन्हें शराब दुकानों व सब्जी मंडियों में चलाने वाले जोमैटो डिलीवरी बॉय, रैपिडो ड्राइवर और ऑटो चालक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने 2.91 लाख रुपये से अधिक के 1,124 जाली नोट और प्रिंटिंग सेटअप बरामद किया है।

**Type:** article · **Category:** अपराध · **Published:** 2026-09-03 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/crime/soshala-midiya-se-nakali-nota-chhapana-sikhakara-bajara-men-khapa-rahe-zomato-dilivari-boya-aura-rapido-draivara-hyderabad-men-gir-27044 · **Language:** Hindi
**Tags:** हैदराबाद पुलिस, नकली नोट, जोमैटो डिलीवरी बॉय, रैपिडो ड्राइवर, सोशल मीडिया क्राइम, क्राइम न्यूज़, तेलंगाना पुलिस

हैदराबाद में दिन के समय आम डिलीवरी वर्कर और वाहन चालक की तरह काम करने वाले तीन युवकों द्वारा घर पर ही नकली नोट छापने के एक बड़े मामले का भंडाफोड़ हुआ है। शमशाबाद जोन की हैदराबाद कमिश्नर टास्क फोर्स और बालापुर पुलिस ने एक संयुक्त और गुप्त अभियान चलाते हुए तीन लोगों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पुलिस की शुरुआती जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने जाली नोट बनाने के लिए किसी संगठित गिरोह से कोई औपचारिक प्रशिक्षण नहीं लिया था, बल्कि उन्होंने यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर उपलब्ध वीडियो देखकर नोट छापने की तकनीक सीखी थी। सोशल मीडिया से तरीका सीखने के बाद आरोपियों ने बाजार से आधुनिक प्रिंटर, स्कैनर, कटर और वाटरमार्क बॉन्ड पेपर जैसे उपकरण खरीदे तथा घर के भीतर ही जाली मुद्रा तैयार करने का अवैध काम शुरू कर दिया।

## आरोपियों की पहचान और उनके काम करने का तरीका
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी तेलंगाना के वड्डीपटला क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चिंतल थांडा के निवासी हैं। आरोपियों में 36 वर्षीय रामावत रामू उर्फ मोहम्मद शामिल है, जो पेशे से जोमैटो में डिलीवरी वर्कर के तौर पर काम करता था। दूसरा आरोपी 35 वर्षीय रामावत मोतीलाल है, जो रैपिडो बाइक टैक्सी ड्राइवर के रूप में काम करता था। तीसरा आरोपी 19 वर्षीय रामावत गांधी है, जो शहर में ऑटो रिक्शा चलाकर अपनी आजीविका कमाता था। दिन के उजाले में ये तीनों साधारण कामकाजी नागरिकों की तरह अपनी दिनचर्या बिताते थे, लेकिन रात होते ही और अपने खाली समय में वे जाली नोट छापने और उन्हें बाजार में खपाने के अवैध कारोबार में सक्रिय हो जाते थे।

जांच में यह बात सामने आई है कि 36 वर्षीय रामावत रामू पिछले कुछ समय से गंभीर आर्थिक तंगी से गुजर रहा था। अपने दैनिक खर्चों और कर्ज को पूरा करने के लिए उसने अपने रिश्तेदार रामावत मोतीलाल के साथ मिलकर कम समय में अधिक पैसा कमाने की योजना बनाई। दोनों ने मिलकर इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अवैध तरीकों से पैसा कमाने के रास्ते तलाशने शुरू किए। इसी दौरान मोतीलाल को इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर ऐसे ट्यूटोरियल वीडियो मिले जिनमें नकली नोट बनाने के तरीके दिखाए गए थे।

## सोशल मीडिया संपर्क से जाली नोट छापने का पूरा घटनाक्रम
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मोतीलाल को इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर वीडियो देखते समय एक मोबाइल नंबर मिला। उस वीडियो में दिए गए संपर्क नंबर पर मोतीलाल ने फोन किया, जहां दूसरी ओर मौजूद व्यक्ति ने उसे नकली नोट तैयार करने के तकनीकी निर्देश और आवश्यक सामान की जानकारी दी। पुलिस अब उस अज्ञात नंबर और सोशल मीडिया अकाउंट का विस्तृत ब्योरा जुटा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वीडियो अपलोड करने वाला व्यक्ति किसी राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय जाली नोट गिरोह का हिस्सा तो नहीं है।

ऑनलाइन निर्देश मिलने के बाद आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से जाली नोट छापने के लिए उपकरण जुटाने शुरू किए। उन्होंने बाजार से एप्सन कंपनी का कलर प्रिंटर, उच्च गुणवत्ता वाला एप्सन कलर स्कैनर, लैमिनेटर मशीन, पेपर कटर, रंगीन तरल रसायन, कागजों के बंडल और विशेष वाटरमार्क पेपर खरीदा। इसके साथ ही उन्होंने असली भारतीय मुद्रा के सुरक्षा फीचर्स की नकल करने के लिए महात्मा गांधी की छपी हुई तस्वीरें और अन्य सामग्रियां भी एकत्र कीं। आरोपियों का प्रयास असली 500, 200 और 100 रुपये के नोटों के रंग, वाटरमार्क और सुरक्षा धागे की हूबहू नकल तैयार करना था।

## जब्त सामग्री और जाली नोटों का विवरण
शमशाबाद टास्क फोर्स और बालापुर पुलिस की संयुक्त छापेमारी के दौरान मौके से जाली नोटों का एक बड़ा जखीरा और पूरा छापने वाला ढांचा बरामद किया गया। पुलिस ने कुल 1,124 जाली नोट जब्त किए हैं, जिनकी कुल अंकित कीमत 2,41,100 रुपये (दो लाख इक्यानवे हजार एक सौ रुपये) है। इन जब्त नोटों में 500 रुपये, 200 रुपये और 100 रुपये मूल्यवर्ग के जाली नोट शामिल हैं।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने अपराध में इस्तेमाल किए गए उपकरणों को भी अपने कब्जे में लिया। जब्त किए गए सामान में एक एप्सन L6460 मॉडल का कलर प्रिंटर, एक एप्सन कलर स्कैनर, एक लैमिनेटिंग मशीन, एक मैनुअल पेपर कटर, विभिन्न रंगीन तरल पदार्थ, गुणवत्ता वाले कागजों के बंडल, महात्मा गांधी के प्रिंटेड चित्र, वाटरमार्क पेपर और नोटों की पैकिंग में इस्तेमाल होने वाली सामग्रियां शामिल हैं। इसके अलावा पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से उनके व्यक्तिगत मोबाइल फोन और अपराध में इस्तेमाल की जाने वाली एक मोटरसाइकिल भी जब्त की है।

## बाजार में जाली नोट खपाने की रणनीति
नकली नोट तैयार करने के बाद आरोपियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती उन नोटों को असली मुद्रा के रूप में बाजार में चलाना था। इसके लिए आरोपियों ने बहुत ही सतर्कता पूर्वक रणनीति तैयार की थी। वे बड़े शॉपिंग मॉल या दिन के समय भीड़भाड़ वाले मुख्य बाजारों में जाने से बचते थे, क्योंकि वहां जाली नोट पकड़े जाने का जोखिम अधिक था। इसके बजाय उन्होंने रात के समय काम करने वाली शराब की दुकानों, स्थानीय वाइन शॉप्स और देर रात तक चलने वाले सब्जी बाजारों को निशाना बनाना शुरू किया।

पुलिस जांच के अनुसार रात के समय शराब दुकानों और सब्जी मंडियों में लोगों की भारी भीड़ होती है और लेन-देन बहुत तेजी से होता है। ऐसे माहौल में दुकानदार या विक्रेता नोट की बारीकी से जांच नहीं कर पाते। इसी का फायदा उठाकर आरोपी 500, 200 और 100 रुपये के जाली नोटों को असली नोटों के बीच मिलाकर चला देते थे। इस काम के लिए 19 वर्षीय रामावत गांधी को मुख्य रूप से बाजार में भेजा जाता था, जो छोटी-मोटी खरीदारी करके जाली नोटों के बदले असली खुले पैसे वापस हासिल कर लेता था।

## चौथे फरार सहयोगी की तलाश और जारी जांच
इस पूरे मामले की जांच के दौरान पुलिस को एक चौथे संदिग्ध व्यक्ति की संलिप्तता का पता चला है, जिसकी पहचान सुधीर जॉन चेला उर्फ वामशी के रूप में हुई है। सुधीर जॉन चेला को इस जाली नोट नेटवर्क का मुख्य सहयोगी माना जा रहा है। फिलहाल वह पुलिस की पकड़ से बाहर और फरार है। पुलिस की कई टीमें उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।

पुलिस अब आरोपियों के जब्त मोबाइल फोन के कॉल डिटेल रिकॉर्ड, व्हाट्सएप चैट और सोशल मीडिया गतिविधियों की फॉरेंसिक जांच कर रही है। जांच अधिकारी यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि आरोपियों ने अब तक कुल कितने जाली नोट बाजार में चलाए हैं और क्या इस धंधे में उन्हें किसी बाहरी व्यक्ति से वित्तीय या तकनीकी सहायता मिल रही थी। सुधीर जॉन चेला उर्फ वामशी की गिरफ्तारी के बाद इस बात से पर्दा उठने की उम्मीद है कि क्या यह महज तीन युवकों की आपराधिक सोच थी या इसके पीछे किसी बड़े संगठित नेटवर्क का हाथ है।

## इसका आप पर असर
यह खबर सीधे तौर पर आम नागरिकों, छोटे दुकानदारों और रात के समय नकद लेन-देन करने वाले कारोबारियों की सुरक्षा और सतर्कता से जुड़ी है। बाजार में जाली नोटों का प्रचलन न केवल आर्थिक नुकसान पहुंचाता है बल्कि सामान्य वित्तीय लेन-देन पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है।

- **भारत भर में:** डिजिटल और नकद लेन-देन के दौरान भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा निर्धारित सुरक्षा मानकों जैसे वाटरमार्क, सुरक्षा धागा और देवनागरी लिपि के अंक ध्यानपूर्वक जांचें। किसी भी संदिग्ध नोट के मिलने पर तुरंत निकटतम बैंक शाखा या पुलिस स्टेशन में सूचित करें ताकि जाली मुद्रा के नेटवर्क को रोका जा सके।
- **हैदराबाद और तेलंगाना में:** स्थानीय खुदरा विक्रेता, शराब दुकानों के संचालक और सब्जी मंडी व्यापारी विशेष रूप से रात के लेन-देन में 500, 200 और 100 रुपये के नोट स्वीकार करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें। छोटे व्यापारी नकली नोटों की पहचान के लिए पोर्टेबल यूवी डिटैक्टर लाइट का उपयोग कर सकते हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. हैदराबाद में पुलिस ने किन-किन आरोपियों को गिरफ्तार किया है?
पुलिस ने जोमैटो डिलीवरी बॉय रामावत रामू (36 वर्ष), रैपिडो ड्राइवर रामावत मोतीलाल (35 वर्ष) और ऑटो ड्राइवर रामावत गांधी (19 वर्ष) को गिरफ्तार किया है।

### 2. आरोपियों के पास से कितनी जाली मुद्रा बरामद की गई है?
पुलिस ने 2,91,100 रुपये मूल्य के कुल 1,124 जाली नोट बरामद किए हैं, जिनमें 500, 200 और 100 रुपये के नोट शामिल हैं।

### 3. आरोपियों ने नकली नोट छापना कहां से सीखा?
आरोपियों ने यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर वीडियो देखकर नकली नोट छापने का तरीका सीखा और वीडियो में मिले एक नंबर पर बात करके निर्देश प्राप्त किए।

### 4. छापेमारी में पुलिस ने कौन-कौन से उपकरण जब्त किए हैं?
पुलिस ने एप्सन L6460 कलर प्रिंटर, एप्सन स्कैनर, लैमिनेटर, पेपर कटर, वाटरमार्क बॉन्ड पेपर, रंगीन रसायन, मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल जब्त की है।

### 5. आरोपी नकली नोटों को कहां खपाने का प्रयास करते थे?
आरोपी रात के समय शराब की दुकानों और सब्जी बाजारों में भीड़ और तेज लेन-देन का फायदा उठाकर नकली नोट चलाते थे।

### 6. इस मामले में कौन सा आरोपी अभी फरार है?
मामले का चौथा सहयोगी सुधीर जॉन चेला उर्फ वामशी फिलहाल फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

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