तेलंगाना के कॉलेज में डांडिया के दौरान बड़ा हादसा, लाइटिंग आर्च गिरने से छात्रा की मौत और 12 घायल तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले में एक इंजीनियरिंग कॉलेज में डांडिया उत्सव के दौरान लाइटिंग का आर्च गिरने से एक छात्रा की मौत हो गई और 12 अन्य घायल हो गए। हैदराबाद से सटे रंगारेड्डी जिले में एक कॉलेज परिसर के भीतर चल रहे डांडिया कार्यक्रम के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब लाइटिंग के लिए लगाया गया भारी आर्च अचानक भरभराकर नीचे गिर गया। इस दर्दनाक हादसे में एक छात्रा की जान चली गई, जबकि लगभग 12 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के तुरंत बाद सभी घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। जान गंवाने वाली छात्रा की पहचान सोनी नारायण दास के रूप में की गई है, जो इसी कॉलेज में इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग की प्रथम वर्ष की विद्यार्थी थीं। एक छात्रा की मौत और कई घायल घटना की पुष्टि करते हुए एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि नादरगुल स्थित एमवीएसआर कॉलेज में आयोजित डांडिया उत्सव के दौरान लाइटिंग स्टैंड गिरने से एक छात्रा की मौत हुई है और बारह लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यह दुर्घटना कॉलेज के दो दिवसीय वार्षिक तकनीकी और सांस्कृतिक उत्सव 'संगमम' के समापन समारोह के दौरान हुई। मैदान में सैकड़ों छात्र डांडिया की धुन पर झूम रहे थे, तभी स्टेज की सजावटी लाइटों को थामने वाला एक बड़ा धातु का खंभा अचानक टूटकर नीचे आ गिरा और वहां नृत्य कर रही छात्राओं के समूह पर जा पड़ा। पुलिस ने इस मामले में कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और गहराई से जांच की जा रही है। परिजनों ने उठाए सुरक्षा पर गंभीर सवाल मृतक छात्रा के चाचा सुरेश ने इस दुर्घटना के पीछे प्रबंधन की भारी लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें शाम 7 से 8 बजे के बीच फोन आया था कि कॉलेज में डांडिया चल रहा है, तेज हवा चल रही थी और अचानक लाइट तथा सजावट का खंभा गिर गया। उनके मित्र अशोक ने फोन पर बताया कि यह सीधा उसकी बेटी के सिर पर गिरा है और पहले उन्हें चोट हल्की लगी। लेकिन जब वह अस्पताल पहुंचे और स्टाफ से बात की, तो पता चला कि उसे मृत लाया गया था। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यह स्पष्ट रूप से सुरक्षा मानकों की अनदेखी का नतीजा है और वे इसके लिए न्याय और जवाब चाहते हैं। कॉलेज प्रबंधन की ओर से आई सफाई दूसरी ओर, कॉलेज के निदेशक प्रसन्ना कुमार ने इस पूरी घटना को तेज हवाओं के कारण हुआ एक अप्रत्याशित प्राकृतिक हादसा करार दिया है। उन्होंने कहा कि प्रबंधन ने फौरन चिकित्सीय मदद उपलब्ध कराने के लिए कदम उठाए। उन्होंने बताया कि वार्षिक ‘संगमम’ उत्सव के तहत छात्रों के आग्रह पर शाम 5:30 से 6:00 बजे तक डांडिया कार्यक्रम रखा गया था। ठीक कार्यक्रम समाप्त होने से 10 मिनट पहले तेज आंधी आ गई, जिससे लाइट का स्टैंड दबाव नहीं झेल पाया और उस जगह गिर गया जहां छात्राएं नाच रही थीं। उन्होंने सोनी नारायण दास के निधन पर दुख जताया और कहा कि एम्बुलेंस का इंतजार किए बिना कॉलेज के वाहनों से घायलों को प्रत्युषा अस्पताल पहुंचाया गया, जहां सीटी स्कैन के बाद कुछ छात्रों को खतरे से बाहर बताया गया है। मुख्यमंत्री और नेताओं की प्रतिक्रिया तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने इस दर्दनाक हादसे में छात्रा की मौत पर गहरा शोक व्यक्त किया है। इसके अलावा भारतीय जनता पार्टी के नेता अंडाला श्रीरामुलु यादव ने घटनास्थल का दौरा कर हालात का जायजा लिया और कॉलेज प्रशासन को आपराधिक लापरवाही के लिए आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि लगभग 80 फीट ऊंचे छोटे और अस्थिर खंभे बिना किसी पुख्ता सहारे के खड़े किए गए थे, जो अचानक करीब 20 लड़कियों पर आ गिरे। उन्होंने बताया कि चार लड़कियों की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है और इस घटना ने कई जिंदगियों को प्रभावित किया है, जो सीधे तौर पर एमवीएसआर कॉलेज प्रबंधन की बड़ी चूक है। इसका आप पर असर तेलंगाना के इस हादसे ने आयोजकों और शिक्षण संस्थानों के लिए सार्वजनिक कार्यक्रमों में सुरक्षा मानकों की अनिवार्यता को और कड़ा कर दिया है। • भारत में: शिक्षण संस्थानों और सार्वजनिक आयोजनों के आयोजकों को अब अस्थायी स्ट्रक्चर और लाइटिंग की मजबूती की कड़ी जांच सुनिश्चित करनी होगी। इस तरह की दुर्घटनाएं बड़े आयोजनों के दौरान लापरवाही बरतने पर कानूनी कार्रवाई का कड़ा संदेश देती हैं। • रंगारेड्डी और हैदराबाद में: स्थानीय परिसरों और कॉलेजों में होने वाले आयोजनों के दौरान सुरक्षा उपायों की नए सिरे से समीक्षा की जाएगी। छात्र और अभिभावक अब कॉलेज प्रबंधन से कड़े सुरक्षा प्रबंधों की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी अनहोनी रोकी जा सके। ऐसा क्यों हुआ यह हादसा तेज हवाओं के बीच अस्थायी रूप से खड़े किए गए भारी लाइटिंग और डेकोरेशन स्ट्रक्चर के अचानक दबाव न झेल पाने के कारण हुआ। • तेज हवाओं का प्रभाव: कार्यक्रम के दौरान अचानक चली तेज आंधी और हवा के झोंकों ने अस्थिर रूप से खड़े किए गए धातु के खंभों पर अत्यधिक दबाव डाला। • स्ट्रक्चरल स्थिरता की कमी: मौके पर लगाए गए लगभग 80 फीट ऊंचे और छोटे खंभे बिना पर्याप्त सहारे या इंजीनियरिंग सुरक्षा के खड़े किए गए थे। • अचानक हुआ बदलाव: उत्सव के समापन से ठीक 10 मिनट पहले मौसम में आए इस अचानक बदलाव ने प्रबंधन को संभलने का मौका नहीं दिया। • जांच और कार्रवाई: पुलिस और स्थानीय नेताओं ने बिना पुख्ता सपोर्ट के भारी उपकरण खड़े करने को प्रबंधन की घोर लापरवाही करार दिया है। सवाल-जवाब 1. यह हादसा कहां हुआ? यह हादसा हैदराबाद के पास रंगारेड्डी जिले के नादरगुल स्थित एमवीएसआर कॉलेज में हुआ। 2. हादसे में किस छात्रा की जान गई? इस दुर्घटना में इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग की प्रथम वर्ष की छात्रा सोनी नारायण दास की मौत हो गई। 3. कितने लोग घायल हुए? इस हादसे में करीब 12 लोग घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। 4. यह दुर्घटना किस कार्यक्रम के दौरान हुई? यह दुर्घटना कॉलेज के वार्षिक उत्सव 'संगमम' के समापन पर आयोजित डांडिया कार्यक्रम के दौरान हुई। 5. हादसे का मुख्य कारण क्या बताया गया है? कॉलेज प्रबंधन ने इसे तेज हवाओं के कारण हुआ हादसा बताया, जबकि परिजनों और नेताओं ने सुरक्षा में लापरवाही का आरोप लगाया है। 6. इस मामले में किसने प्रतिक्रिया दी है? तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने दुख जताया और भाजपा नेता अंडाला श्रीरामुलु यादव ने घटनास्थल का दौरा किया। https://trendkia.com/crime/student-killed-and-12-injured-after-lighting-arch-collapses-during-dandiya-event-in-telangana-49085 TrendKia — Har trend, sabse pehle.