मणिपुर के थौबल जिले में असम राइफल्स के काफिले पर 2021 के हमले का आरोपी उग्रवादी गिरफ्तार मणिपुर पुलिस और सुरक्षा बलों ने थौबल जिले से प्रतिबंधित संगठन पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के एक संदिग्ध उग्रवादी को गिरफ्तार किया है, जिसका संबंध 2021 के घातक असम राइफल्स काफिले के हमले से है। मणिपुर के थौबल जिले में सुरक्षा बलों ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के एक संदिग्ध सदस्य को दबोच लिया है। पुलिस अधिकारियों ने रविवार को जानकारी दी कि यह गिरफ्तारी एक खुफिया इनपुट के आधार पर की गई है, और पकड़े गए व्यक्ति का संबंध साल 2021 में असम राइफल्स के काफिले पर हुए कुख्यात और घातक हमले से रहा है। इस कार्रवाई से सुरक्षा एजेंसियों को उस पुराने मामले की जांच में एक अहम कड़ी मिल गई है जो लंबे समय से अनसुलझी या अधूरी थी। थौबल से हुई गिरफ्तारी और तलाशी अभियान की पूरी जानकारी गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान 28 वर्षीय थियम बोयचा सिंह उर्फ बालिन के रूप में हुई है, जो खुद को संगठन का कप्तान बताता था। वह बिष्णुपुर वार्ड संख्या 8 का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार, थौबल सीडीओ और 11 असम राइफल्स की एक संयुक्त टीम ने गत शनिवार को थौबल के लिलोंग उशोइपोकपी इलाके में एक विशेष तलाशी अभियान चलाया था। इसी कार्रवाई के दौरान इस संदिग्ध को धर दबोचा गया। सुरक्षा बलों को इलाके में इस उग्रवादी की मौजूदगी की पुख्ता जानकारी मिली थी, जिसके बाद सुनियोजित तरीके से यह घेराबंदी की गई। चौंकाने वाले खुलासे और एनआईए जांच का एंगल हिरासत में लिए जाने के बाद जब आरोपी से गहन पूछताछ की गई, तो उसने कई सनसनीखेज खुलासे किए। उसने स्वीकार किया कि वह उस खूंखार दस्ते का हिस्सा था जिसने 13 नवंबर 2021 को चुराचांदपुर जिले के बेइयांग इलाके में 46 असम राइफल्स के कमांडिंग ऑफिसर और अन्य जवानों के काफिले को निशाना बनाया था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, थियम बोयचा सिंह राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी एनआईए द्वारा की जा रही इस मामले की जांच में तीसरे नंबर का आरोपी है और उसे पहले ही भगोड़ा घोषित किया जा चुका था। साल 2021 के उस भयानक हमले की पृष्ठभूमि यह पूरा मामला 13 नवंबर 2021 को चुराचांदपुर जिले के सेहकेन गांव के पास हुए उस भीषण हमले से जुड़ा है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। उस समय उग्रवादियों ने घात लगाकर 46 असम राइफल्स के तत्कालीन कमांडिंग ऑफिसर कर्नल विप्लव त्रिपाठी के काफिले पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई थीं। इस कायराना हरकत में कर्नल त्रिपाठी, उनकी पत्नी, उनके मासूम बेटे और चार अन्य सुरक्षाकर्मियों की दर्दनाक मौत हो गई थी। इस बड़ी त्रासदी के बाद से ही सुरक्षा एजेंसियां और जांच दल इस हमले में शामिल एक-एक आरोपी की तलाश में जुटे हुए थे। सेना और पुलिस की प्रतिक्रिया इस ताजा गिरफ्तारी के बाद सेना की पूर्वी कमान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि यह पकड़ा गया व्यक्ति कर्नल विप्लव त्रिपाठी, उनके परिवार के सदस्यों और सुरक्षा बलों पर हुए 2021 के चुराचांदपुर हमले का एक मुख्य आरोपी है। सेना का कहना है कि यह सफल ऑपरेशन राज्य में उग्रवादी नेटवर्क को नेस्तनाबूद करने और शांति व स्थिरता बनाए रखने के लिए सुरक्षा बलों के अडिग संकल्प को एक बार फिर साबित करता है। इसका आप पर असर भारत में: यह गिरफ्तारी देश के पूर्वोत्तर क्षेत्र में सक्रिय उग्रवादी संगठनों और आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों के सख्त रवैया को दर्शाती है। थौबल में: स्थानीय नागरिकों और सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से इस इलाके में चलाए जा रहे तलाशी अभियानों और आवाजाही पर कड़ा पहरा रह सकता है। सवाल-जवाब 1. यह गिरफ्तारी कहां से हुई है? यह गिरफ्तारी मणिपुर के थौबल जिले के लिलोंग उशोइपोकपी इलाके से हुई है। 2. पकड़े गए आरोपी का नाम क्या है? पकड़े गए संदिग्ध उग्रवादी का नाम थियम बोयचा सिंह उर्फ बालिन है। 3. यह हमला किस वर्ष हुआ था? असम राइफल्स के काफिले पर यह घातक हमला 13 नवंबर 2021 को हुआ था। 4. इस मामले की जांच कौन सी एजेंसी कर रही है? इस मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी एनआईए कर रही है। https://trendkia.com/crime/suspect-in-2021-assam-rifles-convoy-ambush-arrested-in-manipur-thoubal-district-20793 TrendKia — Har trend, sabse pehle.