# टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में 22 साल का प्रांजल ठकराल गिरफ्तार, इंजीनियरिंग डिप्लोमा धारक पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ने का आरोप

> बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले के मामले में पुलिस ने मध्य प्रदेश के इंदौर से 22 वर्षीय प्रांजल ठकराल को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास इंजीनियरिंग का डिप्लोमा है और वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग के लिए काम कर रहा था।

**Type:** article · **Category:** अपराध · **Published:** 2026-10-26 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/crime/tiger-sharan-firing-mamale-men-22-sala-ke-pranjal-thukral-giraphtara-51912 · **Language:** Hindi
**Tags:** टाइगर श्रॉफ, लॉरेंस बिश्नोई, प्रांजल ठकराल, क्राइम न्यूज़, मुंबई पुलिस, इंदौर

बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हाल ही में हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस को एक नया और अहम सुराग हाथ लगा है। इस चर्चित मामले में 22 साल के प्रांजल ठकराल को 11वें आरोपी के रूप में मध्य प्रदेश के इंदौर शहर से गिरफ्तार किया गया है। कम उम्र में तकनीकी शिक्षा हासिल करने वाले इस युवक के अपराध की दुनिया से जुड़ने से हर कोई हैरान है। आज के दौर में जहां युवा तकनीकी और कॉर्पोरेट जगत में करियर बनाने की दौड़ में लगे हैं, वहीं प्रांजल की राह ने सबको चौंका दिया है।

 

## इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद अपराध का रास्ता

प्रांजल ठकराल के पास इंजीनियरिंग का डिप्लोमा है, लेकिन इसके बावजूद उसने गैरकानूनी गतिविधियों की राह चुनी। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि वह मार्च के महीने में ही जमानत पर जेल से बाहर आया था। इससे पहले पानीपत में एक व्यवसायी पर हुए हमले के सिलसिले में उसे जेल भेजा गया था। रिहाई के बाद उसने अपनी जिंदगी सुधारने के बजाय लॉरेंस बिश्नोई गैंग के मुख्य संचालक अनिल पंडित के संपर्क में आकर टाइगर श्रॉफ पर हमले की खतरनाक साजिश में हिस्सा लिया।

 

## अमेरिका से संचालित हो रहा था सिंडिकेट और सीक्रेट ऐप्स का इस्तेमाल

जांच एजेंसियों के अनुसार, इस पूरे आपराधिक षड्यंत्र का मुख्य सरगना अनिल पंडित है, जो अमेरिका में बैठकर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नेटवर्क को संभाल रहा है। गिरफ्तार प्रांजल इस साजिश का एक अहम हिस्सा था, जो पैसों का इंतजाम करने, साजो-सामान जुटाने और हमलावरों तक हथियार पहुंचाने का काम संभाल रहा था। कानून प्रवर्तन एजेंसियों की पकड़ से बचने के लिए ये सभी आरोपी अत्यधिक सुरक्षित और गोपनीय मैसेजिंग एप्लीकेशन का उपयोग करते थे। अब क्राइम ब्रांच प्रांजल के मोबाइल फोन से डिलीट की गई चैट्स और वित्तीय लेन-देन की गहराई से जांच कर रही है ताकि इस अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क की एक-एक कड़ियाँ जोड़ी जा सकें।

 

## क्या थी टाइगर श्रॉफ पर हमले की पूरी घटना

यह सनसनीखेज घटना 18 अक्टूबर की शाम को हुई, जब अभिनेता टाइगर श्रॉफ जुहू स्थित पुष्पा नरसी पार्क में फुटबॉल खेलने के पश्चात अपनी गाड़ी से रवाना हो रहे थे। उसी समय घात लगाकर बैठे हमलावरों ने उनकी गाड़ी पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। गनीमत यह रही कि इस जानलेवा हमले में कोई बड़ा जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी अपनी मोटरसाइकिल वहीं छोड़कर फरार हो गए और सूरत के रास्ते पुणे-जयपुर एक्सप्रेस ट्रेन में सवार हो गए। हालांकि, पुलिस की सक्रियता के चलते तीनों शूटरों को राजस्थान के कोटा से धर दबोचा गया, जब वे दिल्ली के रास्ते नेपाल भागने की योजना बना रहे थे। पुलिस सूत्रों का यह भी दावा है कि इस गिरोह का वास्तविक निशाना कोई अन्य वीआईपी था, लेकिन कड़ी सुरक्षा व्यवस्था को देखकर उन्होंने अपना लक्ष्य बदलकर टाइगर श्रॉफ को निशाना बना लिया। फिलहाल प्रांजल 31 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में है और क्राइम ब्रांच उससे लगातार पूछताछ कर रही है।

## इसका आप पर असर
इस गिरफ्तारी से मनोरंजन जगत की सुरक्षा और संगठित अपराध के बढ़ते नेटवर्क को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।

- **मुंबई में:** सेलिब्रिटी इलाकों और सार्वजनिक पार्कों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा किया जा सकता है। पुलिस हाई-प्रोफाइल हस्तियों की सुरक्षा की नए सिरे से समीक्षा कर रही है।

- **देशभर में:** युवाओं के आपराधिक गिरोहों में शामिल होने की बढ़ती प्रवृत्ति पर सुरक्षा एजेंसियों की पैनी नजर है। ऐसे मामलों से निपटने के लिए खुफिया तंत्र को और मजबूत किया जा रहा है।

- **वित्तीय जांच में:** पुलिस अपराधियों के वित्तीय लेनदेन और हवाला नेटवर्क पर शिकंजा कस रही है। इससे अवैध फंडिंग के स्रोतों का खुलासा होने की उम्मीद है।

- **यात्रा के दौरान:** अपराधियों द्वारा ट्रेन और अन्य परिवहन माध्यमों से भागने के रास्तों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। रेलवे स्टेशनों पर जांच अभियान तेज कर दिए गए हैं।

- **कानूनी कार्रवाई:** इस मामले में शामिल अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। अदालती प्रक्रिया के तहत आरोपियों से पूछताछ का दायरा बढ़ाया गया है।

## ऐसा क्यों हुआ
जांच में यह बात सामने आई है कि आपराधिक गिरोह अब तकनीकी रूप से दक्ष युवाओं को अपने सिंडिकेट में शामिल कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बैठे मास्टरमाइंड गोपनीय तरीकों से इस प्रकार के नेटवर्क का संचालन कर रहे हैं।

- **अंतरराष्ट्रीय संचालन:** इस पूरे षड्यंत्र का मुख्य संचालक अनिल पंडित अमेरिका में बैठकर लॉरेंस बिश्नोई गिरोह की गतिविधियों को नियंत्रित कर रहा था। दूर बैठकर निर्देश देने के कारण उसे सीधे तौर पर पकड़ना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।

- **तकनीकी और सुरक्षित संचार:** अपराधी कानून प्रवर्तन एजेंसियों की निगरानी से बचने के लिए अत्यधिक सुरक्षित और सीक्रेट मैसेजिंग ऐप्स का उपयोग कर रहे थे। इससे उनकी बातचीत का रिकॉर्ड आसानी से हाथ नहीं लगता है।

- **फंडिंग और रसद आपूर्ति:** प्रांजल ठकराल जैसे पढ़े-लिखे युवाओं का इस्तेमाल पैसों का प्रबंधन करने और हमलावरों तक हथियार पहुंचाने के लिए किया जाता है। गिरोह ऐसे लोगों को अपनी योजनाओं को अमलीजामा पहनाने के लिए मोहरे के रूप में इस्तेमाल करते हैं।

- **निशाने का बदलना:** शुरुआती योजना किसी अन्य वीआईपी को निशाना बनाने की थी, लेकिन सुरक्षा कड़ी होने के कारण हमलावरों ने मौके पर टाइगर श्रॉफ को अपना लक्ष्य बना लिया।

## सवाल-जवाब

### 1. प्रांजल ठकराल को कहाँ से गिरफ्तार किया गया है?
उसे मध्य प्रदेश के इंदौर शहर से गिरफ्तार किया गया है।

### 2. प्रांजल ठकराल की उम्र कितनी है और उसकी शैक्षणिक योग्यता क्या है?
उसकी उम्र 22 साल है और उसके पास इंजीनियरिंग का डिप्लोमा है।

### 3. यह हमला किस तारीख को हुआ था?
यह घटना 18 अक्टूबर की शाम को घटी थी।

### 4. टाइगर श्रॉफ पर हमला कहाँ हुआ था?
यह हमला जुहू के पुष्पा नरसी पार्क के पास हुआ था जब वे फुटबॉल खेलकर लौट रहे थे।

### 5. इस पूरे सिंडिकेट का मास्टरमाइंड कौन है?
जांच एजेंसियों के अनुसार, अनिल पंडित इस सिंडिकेट का मास्टरमाइंड है जो अमेरिका से ऑपरेट कर रहा है।

### 6. प्रांजल ठकराल इस साजिश में क्या भूमिका निभा रहा था?
वह फंड जुटाने, लॉजिस्टिक्स संभालने और शूटर्स तक हथियार पहुंचाने का काम कर रहा था।

### 7. प्रांजल को कब तक पुलिस कस्टडी में रखा गया है?
वह 31 अक्टूबर तक पुलिस कस्टडी में है।

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