टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: भुजिया की लालच ने धराए बदमाश, ट्रेन में बदले थे रूप बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले के मामले में पुलिस ने राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन से तीनों शूटर्स को दबोच लिया है। पूछताछ में हैरान करने वाले खुलासे हुए हैं, जिसमें मास्टरमाइंड अनिल पंडित द्वारा विदेश भेजने का झांसा देने की बात सामने आई है। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुए हालिया हमले ने पूरे देश को चौंका कर रख दिया है। यदि हमलावर की पिस्तौल जाम नहीं होती, तो एक बड़ी दुर्घटना घट सकती थी। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने मुस्तैदी दिखाई और कुछ ही घंटों के भीतर तीनों संदिग्ध शूटर्स के चेहरे बेनकाब कर दिए। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी के लिए देशव्यापी दबिश तेज कर दी गई और आखिरकार लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े इन तीनों आरोपियों को राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन से दबोच लिया गया। इस सनसनीखेज गिरफ्तारी के पीछे की अंदरूनी कहानी बेहद दिलचस्प है, जिसमें आरोपियों की एक छोटी सी लापरवाही ने उनकी पूरी योजना पर पानी फेर दिया। गिरफ्तारी से बचने के लिए शातिर बदमाशों ने ट्रेन के भीतर ही अपनी पहचान बदलने की तमाम कोशिशें की थीं, लेकिन उनकी एक कमजोरी उन पर भारी पड़ गई। विदेश भेजने का झांसा और विदेश से मिल रहे थे निर्देश पुलिस की गहन जांच में इस पूरे षड्यंत्र से जुड़े कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। शुरुआती जानकारियों के अनुसार, इस पूरे मामले का कथित मास्टरमाइंड अनिल पंडित बताया जा रहा है, जिसने मुख्य आरोपी रिहान को अभिनेता टाइगर श्रॉफ की हत्या की सुपारी दी थी। अनिल पंडित ने रिहान को विदेश भेजने का लालच और भरोसा दिया था ताकि वह इस वारदात को अंजाम दे सके। चौंकाने वाली बात यह है कि अनिल पंडित भारत में मौजूद नहीं था, बल्कि वह कैलिफोर्निया से ऑनलाइन लाइव जुड़कर लगातार इन आरोपियों को दिशा-निर्देश दे रहा था। उसने ही इस बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए हथियार मुहैया कराए थे और कथित तौर पर ढाई लाख रुपये एडवांस के तौर पर दिए थे। एक महीने से मुंबई में डेरा और रोज हो रहा था खर्च पुलिस तफ्तीश से यह भी पता चला है कि आरोपी पिछले करीब एक महीने से मुंबई के एक स्थानीय होटल में रहकर इस पूरी साजिश को अमलीजामा पहनाने में जुटे थे। आरोपियों में शामिल ऋतिक को मुख्य रूप से अभिनेता टाइगर श्रॉफ की सही लोकेशन की रेकी करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मास्टरमाइंड अनिल पंडित इन सभी के दैनिक खर्चों को पूरा करने के लिए रोजाना पांच से दस हजार रुपये ऑनलाइन माध्यम से भेजा करता था। शातिर तरीके से पकड़े जाने से बचने के लिए ये आरोपी सीधे कैश लेने के बजाय अलग-अलग दुकानदारों को ऑनलाइन भुगतान करते थे और उनसे नगद रुपये ले लेते थे। अनिल पंडित वारदात के दौरान और उससे पहले जंगी ऐप के जरिए इन आरोपियों के संपर्क में था और इसी एप्लीकेशन के मार्फत इन्हें लगातार निर्देश दिए जा रहे थे। ट्रेन में बदले हुलिए और नेपाल भागने की थी फिराक वारदात को अंजाम देने के बाद इन आरोपियों की योजना किसी भी तरह जल्द से जल्द दिल्ली पहुंचने और वहां से नेपाल भागने की थी। पुलिस के मुताबिक, जब ये लोग वारदात के बाद फरार हो रहे थे, तब रिहान और नाबालिग आरोपी के बाल काफी लंबे थे। अपनी असली पहचान छिपाने के लिए इन तीनों ने भागती हुई ट्रेन के अंदर ही अपने बाल कटवाए और अपने कपड़े भी बदल डाले। वे ट्रेन में अलग-अलग डिब्बों में सफर करने के बजाय एक ही कोच में अलग-अलग सीटों पर सवार थे। कोटा जंक्शन पहुंचने तक इनमें से दो आरोपी अपनी ऊपरी बर्थ पर चैन की नींद सो रहे थे, जबकि पूरी साजिश का एक अहम हिस्सा ट्रेन के भीतर सामान्य यात्रियों की तरह छिपा हुआ था। भुजिया खरीदने की जिद बनी गिरफ्तारी की वजह कोटा रेलवे स्टेशन पर जैसे ही ट्रेन रुकी, नाबालिग आरोपी को अचानक तेज भूख लगी और वह खिड़की के पास खड़े एक वेंडर से भुजिया खरीदने लगा। यहीं पर इन बदमाशों का खेल पूरी तरह बिगड़ गया। रेलवे सुरक्षा बल यानी आरपीएफ के सतर्क जवान सादे लिबास में स्टेशन पर मुस्तैद थे और उन्हें मुंबई पुलिस की तरफ से संदिग्धों की तस्वीरें पहले ही मिल चुकी थीं। जवानों ने तुरंत नाबालिग को पहचान लिया और चुपचाप उसके कोच में दाखिल होकर उसके पास वाली सीट पर बैठ गए। जब जवानों ने उससे पूछताछ करते हुए पूछा कि तुम लोग मुंबई से ट्रेन में कुल कितने लोग सवार हुए थे, तो नाबालिग घबरा गया और हचकिचाते हुए तुरंत बोल पड़ा कि उसके दोनों साथी अभी सो रहे हैं। आरपीएफ की मुस्तैदी से धरे गए आरोपी आरपीएफ जवानों की पैनी पूछताछ और अचानक बने दबाव के आगे नाबालिग आरोपी ज्यादा देर टिक नहीं सका और उसने अपने दोनों सोते हुए साथियों को तुरंत जगा दिया। जैसे ही वे दोनों उठकर बैठे, सतर्क आरपीएफ जवानों ने बिना कोई मौका दिए तीनों को अपने शिकंजे में दबोच लिया। जवानों ने उन बदमाशों से दो टूक कह दिया कि उनका हुलिया और पहचान पिछली रात मुंबई में हुई एक सनसनीखेज वारदात के बाद फरार हुए संदिग्धों से पूरी तरह मेल खाती है। इस तरह कोटा पुलिस और आरपीएफ की संयुक्त तथा त्वरित कार्रवाई के चलते अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हमला करने वाले ये तीनों शातिर आरोपी कानून के शिकंजे में आ गए और एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश हो गया। इसका आप पर असर यह घटना देश में सेलिब्रिटी सुरक्षा और गैंगस्टर्स द्वारा फैलाए जा रहे आतंक की गंभीर स्थिति को दर्शाती है। आम नागरिकों और पर्यटकों के लिए रेलवे स्टेशनों तथा ट्रेनों में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त किए जाने की उम्मीद है। • देशभर में: इस तरह की हाई-प्रोफाइल आपराधिक वारदातों के बाद देश के सभी प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर खुफिया निगरानी और चेकिंग बढ़ाई जा सकती है। इससे आम यात्रियों की सुरक्षा पुख्ता होगी लेकिन लंबी यात्राओं के दौरान पुलिस जांच के नाम पर औपचारिकताएं बढ़ सकती हैं। • कोटा में: कोटा रेलवे स्टेशन पर हुई इस गिरफ्तारी से यह साबित होता है कि स्थानीय सुरक्षा बल कितने सतर्क हैं। यहां से गुजरने वाले यात्रियों के लिए सुरक्षा के लिहाज से निगरानी और अधिक कड़ी कर दी जाएगी। ऐसा क्यों हुआ यह वारदात अंडरवर्ल्ड और संगठित अपराध सिंडिकेट्स द्वारा सुपारी लेकर सेलिब्रिटीज को निशाना बनाने की बड़ी साजिश का हिस्सा थी। मास्टरमाइंड द्वारा विदेशों से बैठकर आपराधिक नेटवर्क संचालित करने के कारण यह मामला और अधिक गंभीर हो गया है। • आपराधिक साजिश: कथित मास्टरमाइंड अनिल पंडित ने मुख्य हमलावरों को वित्तीय मदद, हथियार और विदेश भेजने का लालच देकर यह पूरा हमला प्रायोजित किया था। • पहचान छिपाने की कोशिश: गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपियों ने ट्रेन के अंदर हुलिया बदला और पुलिस की नजरों से बचने के लिए लगातार ठिकाने तथा रूट बदलते रहे। • सतर्कता और चूक: एक छोटे से वाकया यानी ट्रेन की खिड़की से भुजिया खरीदने के दौरान नाबालिग की घबराहट ने पुलिस और आरपीएफ की मुस्तैदी के आगे उनकी सारी योजना पर पानी फेर दिया। सवाल-जवाब 1. टाइगर श्रॉफ पर हमले के आरोपी कहां से गिरफ्तार हुए? आरोपियों को राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया। 2. इस मामले का कथित मास्टरमाइंड कौन है? पुलिस जांच के अनुसार अनिल पंडित इस मामले का कथित मास्टरमाइंड है जो कैलिफोर्निया से निर्देश दे रहा था। 3. आरोपियों को किसने और कैसे पकड़ा? आरपीएफ और स्थानीय पुलिस ने कोटा रेलवे स्टेशन पर सतर्कता दिखाते हुए इन्हें पकड़ा। 4. शूटर्स की गिरफ्तारी का मुख्य कारण क्या बना? ट्रेन रुकने पर नाबालिग आरोपी द्वारा खिड़की से भुजिया खरीदने और पूछताछ में घबरा जाने के कारण वे पकड़े गए। https://trendkia.com/crime/tiger-shroff-firing-bhujia-ki-lalach-ne-dharae-badmash-51074 TrendKia — Har trend, sabse pehle.