# टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: अंधेरी के होटल के कमरे में छिपे थे आरोपी, पांच दिन तक रुम नंबर 201 में बनाया था साजिश का ठिकाना

> टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। आरोपी अंधेरी ईस्ट के एक होटल में पांच दिन तक रुके थे और यहीं से पूरी वारदात की साजिश रची थी।

**Type:** article · **Category:** अपराध · **Published:** 2026-10-23 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/crime/tiger-shroff-firing-case-andheri-hotel-room-201-mein-chhipe-the-accused-paanch-din-tak-banaya-sazish-ka-thikana-50932 · **Language:** Hindi
**Tags:** टाइगर श्रॉफ, फायरिंग केस, मुंबई पुलिस, अंधेरी होटल, क्राइम न्यूज़

बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के इस सनसनीखेज मामले की जांच में हर दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। मुंबई के अंधेरी ईस्ट इलाके में स्थित आरआर रेजीडेंसी होटल का कमरा नंबर 201 अब इस पूरी आपराधिक साजिश का मुख्य केंद्र बन चुका है। जांच से जुड़े दस्तावेजों और पड़ताल के मुताबिक, इस कमरे में दो संदिग्ध आरोपी करीब पांच दिनों तक छिपे रहे थे। अपनी पहचान छिपाकर होटल में कमरा बुक कराने वाले इन आरोपियों ने यहीं बैठकर हमले की रूपरेखा तैयार की थी और हथियारों का बंदोबस्त किया था। सामने आए सीसीटीवी फुटेज में एक संदिग्ध नीले रंग का बैग थामे हुए होटल से बाहर कदम रखता साफ नजर आ रहा है, जिसकी कड़ियां जोड़ने में जांच एजेंसियां दिन-रात एक कर रही हैं।

## कमरा नंबर 201 में पांच दिन तक की गई रुकने और ठहरने की व्यवस्था

हल्की और पुख्ता जानकारियों के अनुसार, अंधेरी ईस्ट के उक्त होटल में दोनों कथित आरोपियों ने 14 तारीख को सुबह लगभग 11 बजे अपना चेक-इन कराया था। उन्होंने जिस कमरा नंबर 201 को चुना था, उसका किराया लगभग 1,500 रुपये प्रतिदिन तय किया गया था। होटल के रिकॉर्ड में एंट्री कराते समय उन्होंने अपनी पहचान हरियाणा के हिसार जिले के निवासी के तौर पर दर्ज कराई थी और खुद को शहर में घूमने आया सैलानियों का जोड़ा बताया था। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा पेंच वहां जमा किए गए आईडी प्रूफ को लेकर फंसता नजर आ रहा है। कागजातों में आधार कार्ड पर अंकित और मनदीप नैन उर्फ मोहित जैसे नाम दर्ज मिले हैं, जबकि पुलिस की समानांतर जांच में फूल सिंह और रेहान सिंह के नाम भी मुख्य आरोपियों के रूप में उभरकर सामने आए हैं। हरियाणा से धरे गए अंकित पर भी इस गंभीर साजिश में साझीदार होने का पुख्ता शक जताया जा रहा है। ऐसे में यह सवाल अपनी जगह कायम है कि आखिर उस कमरे के भीतर कौन लोग ठहरे थे और उन्होंने किस असली शख्सियत के कागजात का दुरुपयोग किया था।

## फायरिंग से पहले होटल से बाहर निकले आरोपी, कैमरे में कैद हुआ बैग

हाथ लगे सीसीटीवी फुटेज के टुकड़ों को जोड़ने पर यह साफ होता है कि घटना वाले दिन शाम को करीब 4:12 बजे एक व्यक्ति भारी भरकम नीले रंग का बैग लेकर होटल परिसर से बाहर निकलता है। माना जा रहा है कि इसी बैग के अंदर वे घातक हथियार छिपाए गए थे जिनका इस्तेमाल बाद में गोलीबारी के लिए किया गया। इसके ठीक एक मिनट बाद यानी 4:13 बजे, दो अन्य संदिग्ध युवक बाइक पर सवार होकर होटल की सीमा से बाहर जाते हुए दिखाई देते हैं। इनपुट इशारा करते हैं कि वहां से निकलने के बाद ये सभी सीधे जुहू स्थित फुटबॉल ग्राउंड के पास पहुंचे, जहां टाइगर श्रॉफ की गाड़ी को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई। वारदात को अंजाम देने के बाद ये सभी शाम के वक्त करीब सात बजे अंधेरी रेलवे स्टेशन पहुंचे और वहां से बोरीवली की लोकल ट्रेन पकड़कर सूरत की तरफ फरार हो गए। पुलिस इन तमाम रूटों और सीसीटीवी साक्ष्यों की मदद से आरोपियों के भागने के हर एक रास्ते को खंगालने में जुटी हुई है।

## होटल के कमरे में ही हथियारों की जांच का सनसनीखेज दावा

मामले की तहकीकात के दौरान यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने होटल के बंद कमरे के भीतर ही पिस्टल की वर्किंग और उसकी स्थिति की जांच की थी। सूत्रों का दावा है कि इस दौरान गलती से एक राउंड गोली चल गई थी यानी मिसफायर हो गया था, हालांकि होटल के स्टाफ का कहना है कि उन्हें उस दौरान किसी भी तरह की गोली चलने की आवाज सुनाई नहीं दी थी। वे रोजाना ऑटो रिक्शा का इस्तेमाल करके होटल से बाहर निकलते थे और आसपास के इलाकों की बाकायदा रेकी किया करते थे, जिससे होटल के किसी भी कर्मचारी को उनके शातिर इरादों पर जरा सा भी शक नहीं हुआ। जब 19 तारीख को पुलिस बल अचानक होटल जा पहुंचा, तब जाकर वहां के मैनेजर को असल माजरे की भनक लगी। पुलिस ने फौरन उस कमरे को सील कर दिया और फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने मौके पर पहुंचकर तमाम जरूरी फिंगरप्रिंट व अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए जिनकी जांच अब प्रयोगशाला में की जा रही है।

## हरियाणा के अंकित की भूमिका और शूटर्स का ताना-बाना

इस पूरे घटनाक्रम में हरियाणा के रहने वाले अंकित की भूमिका भी संदेह के घेरे में है, जिस पर टाइगर श्रॉफ पर हुए जानलेवा हमले की साजिश में सीधे तौर पर जुड़े होने का आरोप है। सूत्रों की मानें तो वह मुंबई शहर में लगभग 20 दिनों तक टिका हुआ था। इसके साथ ही, जांच में रेहान सिंह और फूल सिंह के नाम मुख्य हमलावरों या शूटर्स के रूप में प्रकाश में आए हैं। कुछ अंदरूनी जानकारियों में ऋतिक कुमार उर्फ रोशन का नाम भी सामने आ रहा है, जिसके बारे में कहा जा रहा है कि उसने पीले रंग की पल्सर बाइक पर सवार होकर जुहू इलाके में अन्य आरोपियों के साथ मुलाकात की थी। पुलिस अब इन सभी किरदारों के आपसी संबंधों और फोन कॉल्स की डिटेल्स को खंगालने में जुटी है ताकि इस षड्यंत्र की हर एक परत को पूरी तरह से बेनकाब किया जा सके।

## इसका आप पर असर
टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग और आरोपियों के खुलासे से मुंबई में सेलिब्रिटी सुरक्षा और होटलों में पहचान पत्र सत्यापन के नियमों को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

- **भारत भर में:** होटलों और गेस्ट हाउसों में ठहरने वाले मेहमानों के लिए पुलिस सत्यापन के नियमों को और अधिक कड़ा किया जा सकता है। इससे फर्जी आईडी के जरिए कमरे बुक कराने वाले संदिग्धों पर नकेल कसेगी।

- **मुंबई में:** अंधेरी और जुहू जैसे पॉश इलाकों के होटलों व आवासीय परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। स्थानीय पुलिस ने होटल प्रबंधनों को संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखने के निर्देश दिए हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
यह पूरा मामला आपसी रंजिश और आपराधिक साजिश के तहत सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया था, जिसकी परतें अब जांच एजेंसियों की कार्रवाई से खुल रही हैं।

- **फर्जी पहचान का इस्तेमाल:** आरोपियों ने होटल में कमरा हासिल करने के लिए झूठे नाम और फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया था ताकि उनकी असली पहचान छिपाई जा सके।

- **हथियारों की व्यवस्था:** वारदात को अंजाम देने से पहले आरोपियों ने एक गुप्त ठिकाने पर रहकर हथियारों की जांच की और पूरे इलाके की रेकी की थी।

- **आपसी संपर्क और साजिश:** हरियाणा से जुड़े संदिग्धों और स्थानीय स्तर पर मदद करने वाले सहयोगियों के बीच तालमेल के जरिए इस हमले की रूपरेखा तैयार की गई थी।

## सवाल-जवाब

### 1. टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में आरोपी किस होटल में रुके थे?
आरोपी मुंबई के अंधेरी ईस्ट स्थित आरआर रेजीडेंसी होटल के कमरा नंबर 201 में रुके थे।

### 2. आरोपी होटल में कितने दिनों तक रुके थे?
आरोपी कथित तौर पर उस होटल के कमरे में करीब पांच दिन तक रुके थे।

### 3. आरोपियों ने होटल में अपनी क्या पहचान बताई थी?
उन्होंने खुद को हरियाणा के हिसार का निवासी बताया था और आधार कार्ड में अंकित नाम का इस्तेमाल किया था।

### 4. वारदात के बाद आरोपी कहां भागे थे?
आरोपी अंधेरी स्टेशन से बोरीवली की लोकल ट्रेन पकड़कर सूरत की ओर रवाना हो गए थे।

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