{
  "type": "article",
  "title": "उदयपुर के द ओबरॉय उदय विलास होटल से 5.74 लाख रुपये का बिल चुकाए बिना फरार हुआ परिवार",
  "summary": "दिल्ली का एक टूरिस्ट अपने परिवार के साथ उदयपुर के पांच सितारा होटल द ओबरॉय उदय विलास में दस दिन तक रुका और 5.74 लाख रुपये का बिल चुकाए बिना फरार हो गया।",
  "content": "उदयपुर: राजस्थान का उदयपुर अपने महलों और खूबसूरती के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है, जहां हर साल बड़ी संख्या में देश और विदेश से सैलानी पहुंचते हैं। हालांकि, हाल ही में इस खूबसूरत शहर के एक प्रतिष्ठित पांच सितारा होटल में ठगी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक टूरिस्ट बिना भुगतान किए ही गायब हो गया।\n\n दिल्ली के रहने वाले अनुराग यादव अपने परिवार के साथ उदयपुर घूमने पहुंचे थे। उन्होंने अपने ठहरने के लिए शहर के प्रसिद्ध 5 स्टार होटल द ओबरॉय उदय विलास का चयन किया। इस परिवार में अनुराग यादव के अलावा उनकी पत्नी और दो बच्चे भी शामिल थे।\n\n योजना के मुताबिक, यह पूरा परिवार होटल में पूरे 10 दिनों तक रुका और वहां मिलने वाली सभी प्रकार की आलीशान सुविधाओं, खानपान और सेवाओं का आनंद लिया। लेकिन जब चेक-आउट का समय आया, तो कुल 5.74 लाख रुपये का भारी-भरकम बिल चुकाने से बचने के लिए वे चुपचाप वहां से निकल भागे।\n\n \n\nअंबामाता थाने में दर्ज कराई गई एफआईआर\n इस धोखाधड़ी के सामने आने के बाद होटल प्रबंधन हरकत में आया। होटल के लायजनिंग मैनेजर रविन्द्र सिंह ने उदयपुर शहर के अंबामाता थाने में इस पूरे मामले की औपचारिक शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।\n\n पुलिस थाने में दी गई रिपोर्ट में सामने आया है कि 12 अगस्त को मेकर बाहा ट्रेवल एजेंसी के माध्यम से ई-मेल के जरिए इस बुकिंग को कंफर्म किया गया था। इसके बाद अनुराग यादव अपने परिवार के साथ 14 अगस्त से 23 अगस्त तक होटल के मेहमान रहे।\n\n \n\nचेक-आउट के दिन हुआ विवाद और ट्रेवल एजेंसी की भूमिका\n जब 24 अगस्त को होटल छोड़ने का वक्त आया और भुगतान की बारी आई, तो टूरिस्ट ने बिल का भुगतान करने से साफ इनकार कर दिया। आरोपी ने तर्क दिया कि यह सारा खर्च संबंधित ट्रेवल एजेंसी द्वारा उठाया जाएगा।\n\n हालांकि, जब पुलिस और होटल प्रबंधन ने ट्रेवल एजेंसी से संपर्क किया, तो उन्होंने इस तरह की किसी भी वित्तीय डील से साफ इनकार कर दिया। एजेंसी का कहना था कि बुकिंग के समय ऐसा कोई अनुबंध नहीं हुआ था जिसमें ठहरने और सेवाओं का पूरा खर्च वे वहन करेंगे।\n\n प्रारंभिक जांच में पुलिस इसे टूरिस्ट और ट्रेवल एजेंसी के नाम पर किसी बड़ी मिलीभगत या सुनियोजित धोखाधड़ी का मामला मान रही है। आरोपी अनुराग यादव दिल्ली में किसी निजी कंपनी में नौकरी करता है और पुलिस अब उसकी तलाश में जुटी हुई है।\n\nइसका आप पर असर\nभारत में: होटल बुकिंग और ऑनलाइन ट्रेवल पोर्टलों के जरिए यात्रा करने वाले पर्यटकों के लिए इस तरह की घटनाएं कड़े नियमों और पुलिस वेरिफिकेशन की जरूरत को रेखांकित करती हैं।\n\nउदयपुर में: स्थानीय होटल कारोबारियों और पर्यटन से जुड़े लोगों के बीच बिना भुगतान के फरार होने वाले पर्यटकों को लेकर सुरक्षा और अग्रिम भुगतान के नियमों को सख्त करने पर चर्चा शुरू हो गई है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. अनुराग यादव अपने परिवार के साथ किस होटल में रुके थे?\nअनुराग यादव अपने परिवार के साथ उदयपुर के पांच सितारा होटल द ओबरॉय उदय विलास में रुके थे।\n\n2. होटल का कुल बकाया बिल कितने रुपये का था?\nहोटल का कुल बकाया बिल 5.74 लाख रुपये का था जिसे बिना चुकाए परिवार फरार हो गया।\n\n3. यह बुकिंग किस एजेंसी के माध्यम से की गई थी?\nयह बुकिंग 12 अगस्त को मेकर बाहा ट्रेवल एजेंसी के माध्यम से ई-मेल द्वारा कराई गई थी।\n\n4. होटल प्रबंधन ने इस मामले की शिकायत कहाँ दर्ज कराई है?\nहोटल के लायजनिंग मैनेजर रविन्द्र सिंह ने उदयपुर शहर के अंबामाता थाने में इस मामले की शिकायत दर्ज कराई है।",
  "url": "https://trendkia.com/crime/udaipur-ke-the-oberoi-udaivilas-hotel-se-5-74-lakh-rupaye-ka-bill-chukaye-bina-farar-hua-parivar-22002",
  "category": "अपराध",
  "publishedAt": "2026-08-25",
  "tags": [
    "उदयपुर न्यूज़",
    "द ओबरॉय उदय विलास",
    "होटल धोखाधड़ी",
    "राजस्थान क्राइम",
    "टूरिस्ट फ्रॉड"
  ],
  "language": "hi",
  "site": "TrendKia"
}