# उदयपुर में साइबर ठगी का बड़ा पर्दाफाश, म्यूल अकाउंट्स के जरिए करोड़ों के लेनदेन करने वाले चार शातिर गिरफ्तार

> राजस्थान के उदयपुर में पुलिस ने एक बड़े साइबर नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है, जो गरीबों को कमीशन का लालच देकर उनके बैंक खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन सट्टेबाजी और गेमिंग के अवैध लेनदेन के लिए कर रहा था।

**Type:** article · **Category:** अपराध · **Published:** 2026-10-18 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/crime/udaipur-men-saibara-thagi-ka-bara-pardaphasha-mule-accounts-ke-jarie-karoron-ke-lenadena-karane-vale-chara-shatira-giraphtara-49132 · **Language:** Hindi
**Tags:** उदयपुर न्यूज, साइबर ठगी, म्यूल अकाउंट, सुखेर पुलिस, राजस्थान क्राइम, ऑनलाइन सट्टेबाजी

राजस्थान के विभिन्न जिलों में साइबर अपराध और ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इसी क्रम में उदयपुर की सुखेर थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए म्यूल अकाउंट्स के माध्यम से अवैध ऑनलाइन लेनदेन करने वाले एक सक्रिय साइबर नेटवर्क का पूरी तरह से पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने शहर के कविता क्षेत्र में स्थित एक विला पर अचानक दबिश दी और गुजरात से ताल्लुक रखने वाले चार आरोपियों को मौके से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। शुरुआती पड़ताल में यह बात सामने आई है कि आरोपी ऑनलाइन गेमिंग, सट्टेबाजी और जुए से जुड़े बड़े पैमाने पर वित्तीय लेनदेन को अंजाम देने के लिए अन्य व्यक्तियों के बैंक खातों का अवैध रूप से इस्तेमाल कर रहे थे। इस गैरकानूनी धंधे को चलाने के लिए वे समाज के सीधे-साधे और आर्थिक रूप से कमजोर तबके के लोगों को अपने जाल में फंसाते थे और उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाकर उनका नियंत्रण अपने हाथ में ले लेते थे।

## कमीशन का लालच देकर फंसाते थे गरीब और भोले-भाले लोग
इस पूरे सिंडिकेट का काम करने का तरीका बेहद शातिर था। आरोपी उन लोगों को खास तौर पर अपना निशाना बनाते थे जिन्हें पैसों की तत्काल जरूरत होती थी। इन जरूरतमंद और गरीब लोगों को बैंक खाते इस्तेमाल करने के एवज में आकर्षक कमीशन का लालच दिया जाता था। खाताधारक इस बात से अनजान होते थे कि उनके खातों का इस्तेमाल देश भर में हो रहे साइबर अपराधों और अवैध धन के हेरफेर के लिए किया जा रहा है। इन खातों के जरिए ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए की भारी-भरकम रकम का फेरबदल किया जाता था, जिससे असली अपराधियों तक जांच एजेंसियों की पहुंच को घुमाया जा सके। साइबर अपराध की दुनिया में इस तरह के खातों को म्यूल अकाउंट के रूप में जाना जाता है। इन खातों के माध्यम से जब करोड़ों का लेनदेन होता है, तो असली लाभार्थियों और इस पूरे षड्यंत्र में शामिल मास्टरमाइंड की पहचान करना जांच अधिकारियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन जाता है।

## छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और बैंकिंग दस्तावेज बरामद
पुलिस टीम ने जब कविता क्षेत्र के उस विला पर छापा मारा, तो वहां से अवैध गतिविधियों में इस्तेमाल होने वाला भारी मात्रा में सामान बरामद हुआ। तलाशी के दौरान पुलिस ने मौके से तीन अत्याधुनिक लैपटॉप, 19 एंड्रॉइड मोबाइल फोन, 19 एटीएम कार्ड, 19 बैंक पासबुक और पांच चेकबुक अपने कब्जे में ले लीं। इन सभी उपकरणों और दस्तावेजों का विश्लेषण किया जा रहा है ताकि यह पता चल सके कि इन खातों के जरिए अब तक कुल कितनी धनराशि का अवैध लेनदेन किया जा चुका है। पकड़े गए सभी चारों आरोपियों की पहचान गुजरात के रहने वाले संगथा भाई, किरण कुमार, हितेश कुमार और पवन दर्जी के रूप में हुई है। पुलिस अब इन सभी से गहन पूछताछ कर रही है ताकि यह जानकारी जुटाई जा सके कि इस नेटवर्क के तार गुजरात के अलावा देश के अन्य किन हिस्सों से जुड़े हुए हैं और वे अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बना चुके हैं।

## देश के कई राज्यों में दर्ज हैं साइबर ठगी से जुड़े मुकदमे
जांच के दौरान पुलिस के हाथ एक बेहद चौंकाने वाला तथ्य यह भी लगा है कि जिन बैंक खातों को इस विला से जब्त किया गया है, उनसे जुड़े साइबर अपराधों की शिकायतें भारत के कई अन्य राज्यों में भी दर्ज हैं। इससे यह साफ जाहिर होता है कि यह कोई छोटा-माोटा स्थानीय गिरोह नहीं बल्कि एक अंतरराज्यीय नेटवर्क है, जिसका जाल देश के कई राज्यों में फैला हुआ हो सकता है। पुलिस ने सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ संबंधित संगीन धाराओं के तहत आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई तेजी से शुरू कर दी है। अब पुलिस जब्द किए गए मोबाइल फोन्स, लैपटॉप्स और अन्य बैंकिंग दस्तावेजों का तकनीकी विश्लेषण करवा रही है ताकि इस गिरोह के बाकी सहयोगियों को भी जल्द से जल्द बेनकाब किया जा सके और इस अवैध कारोबार के हर एक पहलू से पर्दा उठाया जा सके।

## इसका आप पर असर
यह कार्रवाई दर्शाती है कि कैसे साइबर अपराधी भोले-भाले नागरिकों को अपने जाल में फंसाकर गंभीर कानूनी पचड़ों में डाल सकते हैं।

- **भारत में:** नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने बैंक खाते किसी अन्य व्यक्ति के इस्तेमाल के लिए बिल्कुल न दें। ऐसा करने से वे अनजाने में अंतरराज्यीय साइबर अपराधियों के नेटवर्क का हिस्सा बन सकते हैं।
- **उदयपुर में:** स्थानीय निवासियों, विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सतर्क रहने की आवश्यकता है ताकि कोई उन्हें कमीशन का लालच देकर उनके खातों का दुरुपयोग न कर सके।
- **वित्तीय सुरक्षा:** बैंक खातों का अवैध लेनदेन में इस्तेमाल होने पर खाताधारक को पुलिस और जांच एजेंसियों की कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
- **सतर्कता:** किसी भी अनजान व्यक्ति को अपनी बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड या चेकबुक न सौंपें और अपने दस्तावेजों की गोपनीयता बनाए रखें।
- **जांच का दायरा:** पुलिस ऐसे मामलों में बैंक खातों की कड़ाई से मॉनिटरिंग कर रही है ताकि फर्जी खातों के जरिए होने वाले अपराधों पर रोक लगाई जा सके।

## ऐसा क्यों हुआ
यह नेटवर्क आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद लोगों की लाचारी का फायदा उठाकर संचालित किया जा रहा था। इस तरह के सिंडिकेट ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए के काले धन को छुपाने के लिए नए और सुरक्षित तरीके तलाशते हैं।

- **लालच का इस्तेमाल:** आरोपी जरूरतमंद लोगों को छोटे-मोटे कमीशन का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे या उनका नियंत्रण हासिल करते थे।
- **जांच से बचना:** अन्य लोगों के खातों का उपयोग करने से असली अपराधियों की पहचान छिपाना आसान हो जाता है, जिससे जांच एजेंसियों के लिए मुख्य सरगना तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
- **अंतरराज्यीय विस्तार:** जब्त किए गए खातों की शिकायतें कई राज्यों में मिलने से यह स्पष्ट होता है कि यह एक संगठित गिरोह है जो सुनियोजित तरीके से काम कर रहा था।
- **तकनीकी उपकरण:** विला से भारी मात्रा में मिले लैपटॉप और मोबाइल फोन का उपयोग देश भर में चल रहे अवैध वित्तीय लेनदेन के संचालन के लिए किया जा रहा था।

## सवाल-जवाब

### 1. उदयपुर पुलिस ने यह कार्रवाई कहां की?
उदयपुर की सुखेर थाना पुलिस ने कविता क्षेत्र स्थित एक विला में दबिश देकर यह कार्रवाई की।

### 2. पुलिस ने कितने आरोपियों को गिरफ्तार किया है?
पुलिस ने गुजरात के रहने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

### 3. पकड़े गए आरोपियों के नाम क्या हैं?
आरोपियों के नाम संगथा भाई, किरण कुमार, हितेश कुमार और पवन दर्जी हैं।

### 4. आरोपी बैंक खातों का इस्तेमाल किस काम के लिए कर रहे थे?
आरोपी इन बैंक खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन सट्टेबाजी, जुआ और गेमिंग से जुड़े अवैध लेनदेन के लिए कर रहे थे।

### 5. मौके से क्या-क्या सामान बरामद हुआ है?
पुलिस ने मौके से तीन लैपटॉप, 19 एंड्रॉइड मोबाइल फोन, 19 एटीएम कार्ड, 19 बैंक पासबुक और पांच चेकबुक जब्त की हैं।

### 6. साइबर अपराध की भाषा में इन खातों को क्या कहा जाता है?
साइबर अपराध की भाषा में इन खातों को म्यूल अकाउंट कहा जाता है।

### 7. क्या इन खातों की शिकायतें दूसरे राज्यों में भी हैं?
हाँ, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इन खातों से जुड़े साइबर अपराध की शिकायतें देश के कई राज्यों में दर्ज हैं।

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