# वडोदरा में 15 साल से बेखौफ चल रहे फर्जी क्लीनिक का पर्दाफाश, 10वीं पास बिस्वजीत प्रफुल्ला हालदार अरेस्ट

> गुजरात के वडोदरा में 10वीं पास बिस्वजीत प्रफुल्ला हालदार को 15 साल से बिना डिग्री क्लीनिक चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया, वहीं राजस्थान के सांचौर में फर्जी पीटीआई डिग्री और डमी कैंडिडेट मामले का खुलासा हुआ है।

**Type:** article · **Category:** अपराध · **Published:** 2026-08-26 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/crime/vadodara-men-15-sala-se-bekhaupha-chala-rahe-pharji-klinika-ka-pardaphasha-10vin-pasa-biswajit-prafulla-haldar-aresta-22641 · **Language:** Hindi
**Tags:** वडोदरा, फर्जी डॉक्टर, अकोटा, बिस्वजीत प्रफुल्ला हालदार, प्रोमिला क्लीनिक, सांचौर, भारमल राम, फर्जी डिग्री

गुजरात के वडोदरा शहर से स्वास्थ्य व्यवस्था और प्रशासनिक चौकसी पर गंभीर सवाल उठाने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है। अकोटा इलाके में बिना किसी वैध मेडिकल डिग्री के पिछले डेढ़ दशक यानी 15 वर्षों से धड़ल्ले से क्लीनिक चला रहे एक शख्स को पुलिस की विशेष टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी महज 10वीं कक्षा तक पढ़ा लिखा है और मरीजों की जान से खिलवाड़ करते हुए एलोपैथिक दवाओं से उनका इलाज कर रहा था। इसके अलावा, एक अन्य प्रशासनिक मामले में राजस्थान के सांचौर में सरकारी नौकरी पाने के लिए फर्जी बी.पी.एड. डिग्री पेश करने और परीक्षा में डमी कैंडिडेट बिठाने का सनसनीखेज फर्जीवाड़ा भी उजागर हुआ है।

## गुजरात के वडोदरा में 10वीं पास फर्जी डॉक्टर गिरफ्तार
वडोदरा के अकोटा क्षेत्र में पुलिस की एलसीबी जोन-2 टीम गश्त पर थी, जब उन्हें एक गुप्त सूचना प्राप्त हुई। सूचना के आधार पर पुलिस अधिकारियों को पता चला कि अकोटा गांव गार्डन के ठीक सामने स्थित प्रोमिला क्लीनिक नाम के दवाखाने में एक व्यक्ति बिना किसी मान्यता प्राप्त चिकित्सीय योग्यता या डिग्री के मरीजों का इलाज कर रहा है। जानकारी की विश्वसनीयता परखने के बाद पुलिस दल ने तुरंत प्रोमिला क्लीनिक पर छापेमारी की कार्रवाई की। मौके से 45 वर्षीय बिस्वजीत प्रफुल्ला हालदार को हिरासत में ले लिया गया। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी मूल रूप से पश्चिम बंगाल का निवासी है और उसने केवल 10वीं कक्षा तक ही शिक्षा प्राप्त की है।

## प्रोमिला क्लीनिक से 1.19 लाख रुपये की दवाएं बरामद
पुलिस टीम द्वारा क्लीनिक परिसर की गहन तलाशी लिए जाने पर बड़ी मात्रा में एलोपैथिक औषधियां और चिकित्सीय उपकरण पाए गए। पुलिस ने मौके से कुल 1,19,849 रुपये मूल्य की विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य सामग्रियां जब्त कीं। बरामद किए गए सामानों में कई तरह के सिरप, एंटीबायोटिक्स व अन्य दवाइयां, इंजेक्शन, मेडिकल ट्यूब्स, ओआरएस के पैकेट और कैप्सूल शामिल हैं। 10वीं पास व्यक्ति द्वारा इतने वर्षों से इतनी गंभीर एलोपैथिक दवाओं का निसंकोच वितरण और मरीजों पर प्रयोग बेहद चिंताजनक माना जा रहा है।

## बीएनएस और गुजरात मेडिकल प्रैक्टिशनर एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज
कानूनी प्रक्रिया के तहत आरोपी बिस्वजीत प्रफुल्ला हालदार के खिलाफ वडोदरा के अकोटा पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 125 तथा गुजरात मेडिकल प्रैक्टिशनर एक्ट की संगत धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस प्रशासन अब इस पहलू की गहराई से पड़ताल कर रहा है कि आरोपी इतने लंबे समय यानी 15 सालों से प्रशासनिक नजरों से बचकर किस प्रकार क्लीनिक चला रहा था। साथ ही, पुलिस इस नेटवर्क का भी पता लगा रही है कि एक अनधिकृत व्यक्ति को एलोपैथिक दवाओं और इंजेक्शनों की आपूर्ति किन स्रोतों व माध्यमों से की जा रही थी। हाल ही में उत्तर प्रदेश में भी व्यापक अभियान के दौरान 41 फर्जी डॉक्टरों को पकड़ा गया था, जिससे यह साफ होता है कि फर्जी चिकित्सकों का जाल कितना गहरा फैला हुआ है।

## राजस्थान के सांचौर में फर्जी पीटीआई डिग्री और डमी कैंडिडेट का बड़ा मामला
दूसरी ओर, राजस्थान के सांचौर जिले में सरकारी नौकरी हासिल करने के लिए किए गए कागजी फर्जीवाड़े का एक चौंकाने वाला मामला प्रकाश में आया है। आरोपी भारमल राम ने दिसंबर 2022 में राजस्थान सरकार द्वारा आयोजित शारीरिक शिक्षा शिक्षक यानी पीटीआई (PTI) भर्ती परीक्षा के लिए आवेदन जमा किया था। आवेदन पत्र के साथ आरोपी ने चूरू स्थित OPJS यूनिवर्सिटी से जारी की गई बी.पी.एड. (B.P.Ed.) की डिग्री संलग्न की थी। हालांकि, परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के उपरांत जब चयन प्रक्रिया के तहत मूल दस्तावेजों का सत्यापन किया गया, तो आरोपी ने चूरू की यूनिवर्सिटी के बजाय मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में स्थित सत्य साईं यूनिवर्सिटी की बी.पी.एड. डिग्री प्रस्तुत कर दी। दस्तावेज सत्यापन के दौरान दो अलग-अलग विश्वविद्यालयों की डिग्रियों का अंतर सामने आते ही अधिकारियों को संदेह हुआ और जांच बैठाई गई। जांच में यह आरोप भी सामने आया कि पीटीआई परीक्षा के दौरान भारमल राम के स्थान पर कोई फर्जी यानी डमी कैंडिडेट परीक्षा केंद्र में बैठा था।

## फॉरेंसिक जांच में बैकडेटेड डिग्री और नकद लेनदेन का खुलासा
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच अधिकारियों ने संबंधित विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड, उपस्थिति पंजिका और कंप्यूटर डेटा बेस को अपने कब्जे में लेकर फॉरेंसिक ऑडिट करवाया। जांच प्रक्रिया में सामने आया कि भारमल राम के नाम पर कथित तौर पर दो अलग-अलग खाते बने हुए थे। इसके अलावा, विश्वविद्यालय के आधिकारिक रजिस्टर में कुछ पन्ने जानबूझकर खाली छोड़े गए थे ताकि बाद में मोटी रकम लेकर बैकडेट यानी पुरानी तारीखों में डिग्रियां जारी की जा सकें। फर्जी डिग्री के इस पूरे खेल में पैसों का सारा लेन-देन नकद (कैश) में किया जाता था ताकि ऑनलाइन पेमेंट का कोई डिजिटल रिकॉर्ड या ट्रेल न बचे और डिग्री जारी करने की वास्तविक तिथि छिपी रहे। भर्ती परीक्षा में फर्जी दस्तावेजों, बैकडेटेड डिग्रियों और डमी उम्मीदवारों का यह मामला संपूर्ण परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है। हालांकि, इन सभी आरोपों की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच और अदालती प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

## इसका आप पर असर
- **भारत में:** बिना क्वालिफिकेशन दवा देने वाले फर्जी डॉक्टरों से सेहत को गंभीर खतरा हो सकता है, इसलिए हमेशा डॉक्टर की रजिस्ट्रेशन डिग्री और क्लीनिक की प्रमाणिकता जांचें।
- **गुजरात (वडोदरा) में:** अकोटा क्षेत्र के प्रोमिला क्लीनिक में इलाज करा चुके मरीज अपनी पुरानी पर्चियों और दवाइयों की समीक्षा किसी मान्यता प्राप्त डॉक्टर से तुरंत करवाएं।

## सवाल-जवाब

### 1. वडोदरा में गिरफ्तार फर्जी डॉक्टर का क्या नाम है और वह कितना पढ़ा-लिखा है?
अरेस्ट किए गए फर्जी डॉक्टर की पहचान 45 वर्षीय बिस्वजीत प्रफुल्ला हालदार के रूप में हुई है, जो मूल रूप से पश्चिम बंगाल का निवासी है और केवल 10वीं कक्षा तक पढ़ा है।

### 2. पुलिस ने प्रोमिला क्लीनिक से कितनी कीमत की दवाएं और सामान जब्त किया?
पुलिस की एलसीबी जोन-2 टीम ने प्रोमिला क्लीनिक की तलाशी के दौरान करीब 1,19,849 रुपये मूल्य के सिरप, इंजेक्शन, ट्यूब, ओआरएस और कैप्सूल जब्त किए।

### 3. आरोपी बिस्वजीत प्रफुल्ला हालदार पर किन धाराओं के तहत मामला दर्ज हुआ है?
उसके खिलाफ अकोटा पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 125 और गुजरात मेडिकल प्रैक्टिशनर एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।

### 4. राजस्थान के सांचौर में फर्जी डिग्री मामले में क्या गड़बड़ी सामने आई?
आवेदक भारमल राम ने आवेदन में ओपीजीएस यूनिवर्सिटी चूरू की डिग्री लगाई थी, लेकिन सत्यापन के दौरान सत्य साईं यूनिवर्सिटी सीहोर की डिग्री पेश की। जांच में डमी कैंडिडेट बिठाने और बैकडेटेड डिग्री का खुलासा हुआ।

### 5. यूनिवर्सिटीज में फर्जी डिग्री बैकडेट में जारी करने के लिए क्या तरीका अपनाया जाता था?
फॉरेंसिक ऑडिट के अनुसार, विश्वविद्यालय के रजिस्टरों में कुछ पन्ने खाली छोड़ दिए जाते थे ताकि बाद में नकद भुगतान लेकर पुरानी तारीखों में फर्जी डिग्री दर्ज की जा सके।

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