बिहार के बेतिया में विजिलेंस का बड़ा एक्शन, बिजली चोरी के मामले में राहत दिलाने के एवज में 4 हजार रुपये घूस लेते एएसआई रंगेहाथ गिरफ्तार बिहार के बेतिया जिले में निगरानी विभाग की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए शिकारपुर थाने के सहायक उपनिरीक्षक (ASI) उपेंद्र विद्यार्थी को चार हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ दबोच लिया है। आरोपी पुलिसकर्मी ने बिजली चोरी के एक मामले में मदद करने के नाम पर यह रकम मांगी थी। बिहार के बेतिया जिले के नरकटियागंज इलाके में निगरानी विभाग की टीम ने सोमवार को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस दौरान शिकारपुर थाने में तैनात सहायक उपनिरीक्षक उपेंद्र विद्यार्थी को चार हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार किया गया है। यह पूरी कार्रवाई स्थानीय हाईस्कूल चौक के पास की गई, जिससे इलाके के पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। मिली जानकारी के अनुसार, हरदी टेढ़ा गांव के रहने वाले अमृत कुमार ने इस मामले को लेकर निगरानी विभाग में आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता के पिता रामसागर सहनी पर शिकारपुर थाने में बिजली चोरी से जुड़ा कांड संख्या 79426 दर्ज किया गया था। इसी मामले में राहत देने और पुलिस कार्रवाई से बचाने के नाम पर आरोपी एएसआई उपेंद्र विद्यार्थी लगातार पैसों की मांग कर रहा था। पीड़ित पक्ष इस रिश्वतखोरी से परेशान था और वह घूस की यह रकम बिल्कुल नहीं देना चाहता था, जिसके बाद उसने सतर्कता बरतते हुए निगरानी विभाग का दरवाजा खटखटाया। जाल बिछाकर की गई कार्रवाई शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग की टीम ने सबसे पहले मामले की गंभीरता से गोपनीय जांच और सत्यापन कराया। शुरुआती जांच में जब एएसआई द्वारा रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हो गई, तब निगरानी थाने में कांड संख्या 10126 दर्ज किया गया। इसके बाद डीएसपी सतीश माधव के निर्देश पर एक विशेष धावा दल का गठन किया गया, जिसमें इंस्पेक्टर अस्मित कुमार और अन्य सहयोगी अधिकारी शामिल थे। योजना के मुताबिक, सोमवार को अमृत कुमार ने एएसआई उपेंद्र विद्यार्थी को रिश्वत की रकम देने के लिए बुलाया। जैसे ही हाईस्कूल चौक के पास एएसआई ने चार हजार रुपये अपने हाथ में लिए, पहले से ही घात लगाकर बैठी निगरानी टीम ने उसे दबोच लिया। अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी पुलिसकर्मी ने इस मामले में पहले भी कुछ पैसे ऐंठे थे। विभाग में मचा हड़कंप और आगे की प्रक्रिया रिश्वतखोर एएसआई की इस तरह रंगेहाथ गिरफ्तारी के बाद स्थानीय पुलिस महकमे में अफरा-तफरी मच गई है। निगरानी विभाग की टीम ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है और उसे अपने साथ ले जाकर आगे की कानूनी व विभागीय प्रक्रिया शुरू कर दी है। डीएसपी सतीश माधव ने इस पूरे ऑपरेशन की पुष्टि करते हुए बताया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ इस तरह की सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी ताकि महकमे में पारदर्शिता बनी रहे। इसका आप पर असर • भारत में: सरकारी महकमों में भ्रष्टाचार के खिलाफ इस तरह की कड़ी कार्रवाई आम जनता को राहत देती है और प्रशासनिक पारदर्शिता को बढ़ावा देती है। • बिहार में: बेतिया और आसपास के जिलों के लोगों को अब पुलिस या सरकारी कार्यालयों में अवैध वसूली के खिलाफ सीधे निगरानी विभाग में शिकायत दर्ज कराने का स्पष्ट संदेश मिलता है। सवाल-जवाब 1. यह कार्रवाई कहां और किस विभाग द्वारा की गई? यह कार्रवाई बिहार के बेतिया जिले के नरकटियागंज में निगरानी विभाग की टीम द्वारा की गई। 2. रिश्वत लेते हुए किस पुलिसकर्मी को पकड़ा गया? शिकारपुर थाने में तैनात सहायक उपनिरीक्षक (ASI) उपेंद्र विद्यार्थी को रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया। 3. कितनी रिश्वत की मांग की गई थी? बिजली चोरी के मामले में राहत दिलाने के नाम पर चार हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। 4. यह शिकायत किसने दर्ज कराई थी? यह शिकायत हरदी टेढ़ा के रहने वाले अमृत कुमार ने दर्ज कराई थी, जिनके परिवार पर बिजली चोरी का मामला दर्ज था। 5. इस ऑपरेशन का नेतृत्व किसने किया? इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व निगरानी विभाग के डीएसपी सतीश माधव और उनकी टीम ने किया। https://trendkia.com/crime/vigilance-dept-traps-asi-taking-rs-4-000-bribe-in-bettiah-power-theft-case-21282 TrendKia — Har trend, sabse pehle.