पश्चिम दिल्ली में पुलिस का बड़ा अभियान, 72 घंटों में 185 वाहन बरामद और 46 शातिर गिरफ्तार दिल्ली के पश्चिम जिले में वाहन चोरी के मामलों पर नकेल कसने के लिए चलाए गए विशेष अभियान के तहत पुलिस ने तीन दिनों के भीतर 185 चोरी के वाहन जब्त किए हैं और 46 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा है। राष्ट्रीय राजधानी में वाहन चोरी की बढ़ती घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया गया था। इस अभियान के दायरे में आने वाले पश्चिम जिले में पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में चोरी के साधन वापस हासिल किए हैं। इस बड़े पैमाने पर चली कार्रवाई के दौरान महज तीन दिनों के भीतर कुल 185 चोरी किए गए वाहन बरामद किए गए, जिससे कई पीड़ितों के चेहरे पर फिर से मुस्कान लौट आई है। ऑपरेशन चक्र 2.0 का दायरा और रणनीति पश्चिम जिला पुलिस के अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस पूरी कार्रवाई को ऑपरेशन चक्र 2.0 नाम दिया गया था। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य न केवल चोरी हुए साधनों का पता लगाना था, बल्कि इन वारदातों को अंजाम देने वाले अपराधियों को दबोचकर सलाखों के पीछे भेजना भी था। पुलिस की इस मुहिम की रूपरेखा ट्रैक, ट्रेस और रिकवर के मूल मंत्र पर तैयार की गई थी, जिसके तहत सबसे पहले संदिग्ध वाहनों की गतिविधियों को ट्रैक किया गया, फिर उनका सटीक स्थान खोजा गया और अंत में उन्हें अपने कब्जे में लिया गया। 30 टीमों ने की ताबड़तोड़ छापेमारी इस बड़े अभियान को सफल बनाने के लिए पश्चिम जिले के कुल 12 थानों से लगभग 30 विशेष टीमों का गठन किया गया था, जिन्हें मैदानी स्तर पर उतारा गया। इन टीमों ने 21 अक्टूबर को इस दूसरे संस्करण पर काम करना शुरू किया और 24 अक्टूबर तक लगातार दबिश दी। इस दौरान उन इलाकों की कड़ी घेरेबंदी की गई जहां से वाहनों की आवाजाही सबसे अधिक होती है और चोरी की घटनाएं सामने आती रहती हैं। पुलिस दलों ने इन सभी क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगालने का काम किया ताकि चोरों के सुराग मिल सकें। भारी मात्रा में मिले दोपहिया और चार पहिया वाहन तीन दिनों तक चले इस सघन अभियान के समापन पर पुलिस ने जो आंकड़े साझा किए, वे काफी चौंकाने वाले हैं। बरामद किए गए कुल 185 वाहनों में 117 स्कूटी और 65 मोटरसाइकिलें शामिल हैं। इन मोटरसाइकिलों में भी 17 वाहन हाई-स्पीड श्रेणी के हैं। इसके अलावा एक ऑटो रिक्शा यानी तिपहिया और दो चार पहिया वाहन भी इस जब्ती का हिस्सा रहे। जांच में यह बात सामने आई कि बरामद कुल वाहनों में से 91 वाहन अकेले पश्चिम जिले से चोरी किए गए थे, जबकि शेष 94 वाहन दिल्ली के अन्य इलाकों से चुराए गए थे। इन सभी के बारे में संबंधित थानों को औपचारिक रूप से सूचित कर दिया गया है। 46 वाहन चोरों की हुई गिरफ्तारी इस बड़े पैमाने पर चली कार्रवाई के दौरान पुलिस ने वाहन चोरी के धंधे में संलिप्त कुल 46 ऑटोलिफ्टर्स को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। अधिकारियों ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और उनके आपराधिक रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। असली मालिकों को वाहन लौटाने की तैयारी पुलिस के सामने अब बरामद किए गए इन तमाम वाहनों की पहचान करने और उनके असली मालिकों का पता लगाने की प्रक्रिया पूरी करने की चुनौती है। संबंधित थानों के माध्यम से कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद इन सभी वाहनों को उनके वैध मालिकों को सौंपने की प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी। इसका आप पर असर वाहन चोरी के मामलों में हुई इस बड़ी कार्रवाई का सीधा असर राजधानी के वाहन चालकों और आम नागरिकों पर पड़ा है। • दिल्ली में: वाहन मालिकों को चोरी हुए साधन वापस मिलने की उम्मीद जगी है और अपराधियों की गिरफ्तारी से सुरक्षा का दायरा मजबूत हुआ है। • पश्चिम जिले में: स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों को राहत मिली है क्योंकि इस इलाके से चोरी हुए 91 वाहन बरामद किए गए हैं और सक्रिय गिरोहों पर नकेल कसी गई है। • सुरक्षा और सत्यापन: गाड़ी खोने वाले नागरिकों को संबंधित थानों से संपर्क कर अपनी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने का मौका मिल रहा है। • कानून का असर: वाहन चोरी करने वाले तत्वों में पुलिस की इस तेज कार्रवाई से खौफ पैदा हुआ है, जिससे भविष्य में ऐसी वारदातों पर रोक लग सकती है। ऐसा क्यों हुआ पश्चिम दिल्ली में वाहन चोरी के खिलाफ यह व्यापक अभियान बढ़ती आपराधिक वारदातों पर नियंत्रण पाने और सक्रिय गिरोहों को नेस्तनाबूद करने की आवश्यकता के कारण चलाया गया था। • बढ़ती वारदातें: राजधानी के विभिन्न इलाकों में वाहन चोरी की बढ़ती घटनाओं और लोगों की शिकायतों के चलते पुलिस प्रशासन ने यह विशेष रणनीति तैयार की। • पूर्व अनुभव: इस प्रकार के लक्षित अभियानों की सफलता को देखते हुए पुलिस ने ऑपरेशन चक्र का दूसरा संस्करण शुरू करने का निर्णय लिया। • सटीक रणनीति: तकनीक और जमीनी पुलिसिंग का मेल कराते हुए सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण और संवेदनशील इलाकों की घेरेबंदी के जरिए चोरों तक पहुंच बनाई गई। • आपराधिक नेटवर्क: वाहन चोरी में संलिप्त स्थानीय और अंतर-राज्यीय सिंडिकेट्स की धरपकड़ के लिए एक साथ कई टीमों को मैदान में उतारा गया था। सवाल-जवाब 1. यह विशेष अभियान कितने दिनों तक चलाया गया था? यह अभियान कुल 72 घंटे यानी तीन दिनों तक 21 अक्टूबर से 24 अक्टूबर के बीच चलाया गया। 2. पुलिस ने ऑपरेशन के दौरान कुल कितने वाहन बरामद किए? पुलिस ने इस ऑपरेशन के तहत कुल 185 चोरी के वाहन बरामद किए हैं। 3. बरामद वाहनों में कितनी स्कूटी और मोटरसाइकिलें शामिल थीं? बरामद किए गए वाहनों में 117 स्कूटी और 65 मोटरसाइकिलें शामिल हैं। 4. ऑपरेशन के तहत कितने आरोपियों को गिरफ्तार किया गया? पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान कुल 46 ऑटोलिफ्टर्स को गिरफ्तार किया है। 5. इस अभियान का नेतृत्व किस अधिकारी ने किया और यह किस जिले में चला? यह अभियान डीसीपी हरेश्वर वी स्वामी के मार्गदर्शन में पश्चिम जिला पुलिस द्वारा चलाया गया। https://trendkia.com/crime/west-delhi-mein-police-ka-bada-abhiyan-72-ghanton-mein-185-vahan-baramad-aur-46-shatir-giraftar-52957 TrendKia — Har trend, sabse pehle.