अमेरिका से हैरी बॉक्सर को भारत लाना क्यों है चुनौती, सीबीआई की राह में आ रहे हैं कौन से कानूनी पेंच लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का शार्पशूटर हरिचंद जाट उर्फ हैरी बॉक्सर कैलिफोर्निया में हिरासत में है। अमेरिकी इमिग्रेशन प्रक्रिया और लंबी कानूनी औपचारिकताओं के कारण उसे देश वापस लाने की सीबीआई की कोशिशों में वक्त लग सकता है। अमेरिकी इमिग्रेशन और कस्टम्स एनफोर्समेंट की हिरासत में बंद लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े कुख्यात शूटर हरिचंद जाट उर्फ हैरी बॉक्सर को वतन वापस लाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। हालांकि केंद्रीय जांच ब्यूरो के लिए उसे भारत लाना एक जटिल और लंबी कानूनी लड़ाई साबित होने वाली है। अमेरिका में प्रत्यर्पण से जुड़े नियम बेहद कड़े और समय लेने वाले होते हैं, जिसके चलते इस पूरी कार्रवाई में महीनों का वक्त लग सकता है। इमिग्रेशन उल्लंघन के तहत कार्रवाई और अदालती प्रक्रिया अमेरिकी अधिकारियों ने फिलहाल इस अपराधी को किसी भारतीय आपराधिक मुकदमे के आधार पर नहीं बल्कि वीजा या इमिग्रेशन नियमों के उल्लंघन के आरोप में दबोचा है। अमेरिका की इमिग्रेशन अदालत में सबसे पहले इसी मामले की सुनवाई पूरी होगी, जिसके बाद ही भारतीय पक्ष की तरफ से प्रत्यर्पण की औपचारिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकेगा। अमेरिकी कानूनों के तहत आरोपी को अपनी कानूनी लड़ाई लड़ने और फैसलों के खिलाफ उच्च अदालतों में अपील करने का पूरा अधिकार मिलता है। यदि वह शरण या अन्य कानूनी पैंतरेबाजी का सहारा लेता है, तो वापसी की यह समयसीमा और भी लंबी खिंच सकती है। मजबूत डोजियर तैयार करने की बड़ी चुनौती भारत की तरफ से अमेरिकी प्रशासन के सामने एक पुख्ता प्रत्यर्पण डोजियर पेश करना अनिवार्य होगा। इस फाइल में राजस्थान, पंजाब, दिल्ली और मुंबई जैसे कई राज्यों में दर्ज एफआईआर, चार्जशीट, अदालत में पेश किए गए दस्तावेज और अन्य ठोस सुबूतों को शामिल किया जाना है। इसमें आरोपी की आवाज के नमूने और फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट भी जोड़ी जाएंगी ताकि उसका गुनाह साबित किया जा सके। चूंकि ये मुकदमे देश के अलग-अलग राज्यों की पुलिस ने दर्ज किए हैं, इसलिए तमाम ब्योरों को जुटाकर एक समन्वित और पुख्ता फाइल तैयार करना सीबीआई के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और मुंबई क्राइम ब्रांच जैसी प्रमुख एजेंसियां इस सिलसिले में अपने पास मौजूद सभी दस्तावेज और जानकारियां केंद्रीय जांच एजेंसी को सौंप रही हैं। जब तक अमेरिकी अदालत से इस प्रत्यर्पण को लेकर अंतिम मंजूरी नहीं मिल जाती, तब तक आरोपी को भारत की जमीन पर लाना संभव नहीं हो पाएगा। इसलिए हिरासत में होने के बावजूद उसकी वापसी तत्काल होने की कोई उम्मीद नहीं है। कई राज्यों में फैले हैं गंभीर अपराध के मामले हरिचंद जाट के खिलाफ देश के विभिन्न हिस्सों में हत्या, जान से मारने की धमकी देने और जबरन वसूली जैसी गंभीर धाराओं में तमाम मुकदमे दर्ज हैं। जांच एजेंसियों के मुताबिक वह समुद्र पार अमेरिका में बैठकर इस सिंडिकेट की गतिविधियों को नियंत्रित कर रहा था और गिरोह के नेटवर्क को संचालित कर रहा था। उस पर फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के आवास के बाहर हुई गोलीबारी की घटना की जिम्मेदारी लेने का भी आरोप है। इस सनसनीखेज हमले के बाद उसने सोशल मीडिया के जरिए फिल्म जगत से जुड़े लोगों को निशाना बनाते हुए धमकियां भी दी थीं। इसका आप पर असर इस प्रत्यर्पण प्रक्रिया के लंबा खींचने से यह स्पष्ट होता है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छिपे अपराधियों पर नकेल कसने में भारतीय एजेंसियों को किस तरह की कानूनी जटिलताओं का सामना करना पड़ता है। • देशभर में असर: अलग-अलग राज्यों में फैले संगीन मामलों के अपराधियों के खिलाफ केंद्रीय स्तर पर डोजियर तैयार करने की प्रक्रिया अधिक सख्त और पारदर्शी हो रही है। • सुरक्षा व्यवस्था: विदेश से आपराधिक गतिविधियों को संचालित करने वाले गिरोहों के सरगनाओं पर कानूनी शिकंजा कसने के मामलों में तेजी लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसा क्यों हुआ विदेश से किसी आरोपी को वापस लाने की प्रक्रिया में देरी और तकनीकी अड़चनें मुख्य रूप से विदेशी कानूनों की जटिलताओं और कड़े न्यायिक प्रावधानों के कारण आती हैं। • इमिग्रेशन हिरासत: आरोपी को सीधे प्रत्यर्पण वारंट की बजाय वीजा नियमों के उल्लंघन के तहत पकड़ा गया है, जिससे स्थानीय अदालत में पहले इमिग्रेशन से जुड़ी सुनवाई होना अनिवार्य हो गया है। • विस्तृत कानूनी अधिकार: अमेरिकी न्याय प्रणाली के तहत आरोपी को कानूनी बचाव करने और फैसलों के खिलाफ अपील दायर करने का पूरा अवसर मिलता है, जिससे प्रक्रिया लंबी होती है। • बहु-राज्यीय मामले: कई अलग-अलग राज्यों में दर्ज मामलों और सबूतों को एक साथ समेकित करके एक मजबूत डोजियर तैयार करने में प्रशासनिक समय लगता है। सवाल-जवाब 1. हैरी बॉक्सर वर्तमान में कहां और किस स्थिति में है? वह कैलिफोर्निया में अमेरिकी इमिग्रेशन एंड कस्टम्स इंफोर्समेंट की हिरासत में है। 2. उन्हें किस आरोप के तहत हिरासत में लिया गया है? उन्हें फिलहाल किसी आपराधिक मामले के बजाय इमिग्रेशन नियमों के उल्लंघन के मामले में पकड़ा गया है। 3. सीबीआई के लिए प्रत्यर्पण में क्या बाधा आ रही है? अलग-अलग राज्यों में दर्ज मामलों के दस्तावेजों को एक सिंगल डोजियर में समेकित करना और अमेरिकी अदालत की लंबी कानूनी प्रक्रिया बड़ी बाधाएं हैं। 4. किन राज्यों की पुलिस मामले से जुड़े दस्तावेज जुटा रही है? दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और मुंबई क्राइम ब्रांच समेत कई राज्यों की एजेंसियां दस्तावेज सौंप रही हैं। 5. उन पर प्रमुख रूप से किस सनसनीखेज मामले का आरोप है? उन पर फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के घर के बाहर हुई गोलीबारी की जिम्मेदारी लेने और धमकियां देने का आरोप है। https://trendkia.com/crime/why-bringing-back-harry-boxer-from-the-us-is-a-legal-challenge-for-cbi-57547 TrendKia — Har trend, sabse pehle.