50-दिवसीय मूविंग एवरेज से संभला क्वांट का भाव, बिटकॉइन और बड़े ऑल्टकॉइन्स में दिखा कंसॉलिडेशन क्वांट अपने 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज के ऊपर 189 डॉलर पर टिका हुआ है, जबकि बिटकॉइन 80,000 डॉलर के अहम स्तर के इर्द-गिर्द संस्थागत निवेश और तकनीकी दबाव के बीच कारोबार कर रहा है। क्रिप्टोकरेंसी बाजार में जारी उतार-चढ़ाव के बीच क्वांट का भाव सोमवार को 189 डॉलर के आसपास बना हुआ है, जहां टोकन ने अपने 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज यानी EMA के ऊपर अपनी पकड़ मजबूत रखी है। पिछले कारोबारी सत्र में 6 प्रतिशत के उछाल के साथ टोकन 171 डॉलर के महत्वपूर्ण तकनीकी सपोर्ट से वापस लौटा है। सितंबर महीने में दर्ज की गई 370 प्रतिशत की भारी तेजी के बाद यह टोकन एक बार फिर निवेशकों के रडार पर आ गया है। इस बीच व्यापक डिजिटल एसेट बाजार में मिली-जुली चाल देखी जा रही है, जहां डेरिवेटिव बाजार में लिक्विडेशन बढ़ने से समग्र धारणा बुलिश से न्यूट्रल की तरफ मुड़ गई है। क्वांट के तकनीकी चार्ट पर अहम स्तर और रिकवरी का ढांचा तकनीकी विश्लेषण के लिहाज से क्वांट की हालिया गिरावट अब स्थिरता में बदलती दिख रही है। 171 डॉलर पर स्थित 50-दिवसीय EMA टोकन के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच बनकर उभरा है। यह स्तर 200-दिवसीय EMA के 109 डॉलर के स्तर से काफी ऊपर बना हुआ है, जो स्पष्ट करता है कि दीर्घकालिक नजरिए से टोकन का बुनियादी रुझान अब भी सकारात्मक बना हुआ है। इसके साथ ही 50-दिवसीय EMA से आई यह रिकवरी फिबोनाची के 50 प्रतिशत रिट्रेसमेंट स्तर से भी पूरी तरह मेल खाती है। यह रिट्रेसमेंट स्तर 60 डॉलर के निचले स्तर से 373 डॉलर के शिखर के बीच की दूरी को मापकर निकाला गया है, जो ठीक 150 डॉलर के स्तर पर आता है। तकनीकी रूप से यह 150 डॉलर का आधार वर्तमान तेजी को नीचे से मजबूती प्रदान कर रहा है। यदि खरीदार पिछले सप्ताह के 212 डॉलर के उच्च स्तर के ऊपर एक निर्णायक ब्रेकआउट हासिल करने में सफल होते हैं, तो क्वांट में एक नई अपवर्ड रैली शुरू हो सकती है। ऐसा होने पर टोकन के लिए 373 डॉलर के पिछले रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचने का रास्ता साफ हो सकता है। डेरिवेटिव बाजार में ओपन इंटरेस्ट और मोमेंटम इंडिकेटर्स क्वांट के डेरिवेटिव बाजार में रिटेल निवेशकों की दिलचस्पी लगातार मजबूत बनी हुई है। इसका ओपन इंटरेस्ट 90 मिलियन डॉलर के पार स्थिर बना हुआ है, जो यह दर्शाता है कि हालिया गिरावट के बावजूद बाजार सहभागियों ने अपनी स्थितियां बंद नहीं की हैं। शॉर्ट-टर्म चार्ट पर बिकवाली का दबाव काफी हद तक घट चुका है और गति अब न्यूट्रल जोन में पहुंच चुकी है। मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस यानी MACD इंडिकेटर की लाइन वर्तमान में अपनी सिग्नल लाइन से मामूली नीचे चल रही है। हालांकि इसका नेगेटिव हिस्टोग्राम लगातार सिकुड़ रहा है, जो यह संकेत देता है कि आक्रामक बिकवाली का दौर खत्म हो चुका है और टोकन धीरे-धीरे साइडवेज कंसॉलिडेशन की ओर बढ़ रहा है। वहीं रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी RSI भी 50 के न्यूट्रल आंकड़े के ठीक नीचे स्थित है। जब इन दोनों संकेतकों को एक साथ देखा जाता है, तो यह स्पष्ट होता है कि बाजार में घबराहट में की जाने वाली बिकवाली के बजाय कीमतों का सामान्य ठहराव चल रहा है। नीचे की तरफ पहला मजबूत सहारा 171 डॉलर पर 50-दिवसीय EMA है, जिसे 150 डॉलर का 50 प्रतिशत रिट्रेसमेंट स्तर अतिरिक्त मजबूती देता है। बिटकॉइन में सपोर्ट की परीक्षा और संस्थागत निवेश का प्रवाह दूसरी ओर सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन पर हल्का दबाव देखा गया है। लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार बिटकॉइन का भाव 80,023 डॉलर पर आ गया है, जो पिछले बंद स्तर 80,791 डॉलर की तुलना में 0.95 प्रतिशत की गिरावट दर्शाता है। इसका 52 सप्ताह का दायरा 57,748 डॉलर से 87,364 डॉलर के बीच दर्ज है, जबकि मौजूदा ट्रेडिंग वॉल्यूम 20-दिवसीय औसत का 0.62 गुना रहा है। शॉर्ट-टर्म चार्ट पर बिटकॉइन एक गिरते ट्रेंड चैनल में फंसा हुआ है और 82,248 डॉलर तथा 81,000 डॉलर के सपोर्ट स्तरों को तोड़ने के बाद अब 79,109 डॉलर और 79,000 डॉलर के दायरे में टिकने की कोशिश कर रहा है। हालांकि तकनीकी दबाव के बावजूद संस्थागत मांग में मजबूती के स्पष्ट संकेत मिले हैं। गुरुवार तक स्पॉट ETF में 442.67 मिलियन डॉलर का शुद्ध संस्थागत निवेश दर्ज किया गया। तकनीकी संकेतकों की बात करें तो बिटकॉइन का 14-दिवसीय RSI 42 के स्तर पर है, जबकि MACD हिस्टोग्राम -347.14 के साथ मंदी का रुख दिखा रहा है। 20-दिवसीय EMA 82,042 डॉलर, 50-दिवसीय EMA 80,764 डॉलर और 200-दिवसीय EMA 76,318 डॉलर पर स्थित है। 50-दिवसीय और 200-दिवसीय मूविंग एवरेज के बीच बना हुआ गोल्डन क्रॉस यह दर्शाता है कि मध्यम से लंबी अवधि में बड़ा रुझान सकारात्मक बना हुआ है, भले ही निकट अवधि में सुधारात्मक दबाव जारी रहे। प्रमुख ऑल्टकॉइन्स का प्रदर्शन और बाजार की स्थिति व्यापक ऑल्टकॉइन बाजार में भी उतार-चढ़ाव के बीच चुनिंदा टोकनों में मजबूती दर्ज की गई है। रिपल का भाव 1.30 डॉलर के सपोर्ट स्तर की सफल परीक्षा के बाद 1.32 डॉलर के ऊपर कारोबार कर रहा है। रिपल के खरीदार 1.40 डॉलर के शॉर्ट-टर्म लक्ष्य की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं, हालांकि ऊपर के स्तरों पर स्ट्रक्चरल रेजिस्टेंस के कारण बढ़त सीमित नजर आ रही है। इस टोकन की रिकवरी पूरी तरह इस बात पर निर्भर करेगी कि क्या खरीदार मौजूदा मोमेंटम को आगे बरकरार रख पाते हैं या नहीं। इथेरियम भी संभलते हुए 2,400 डॉलर के स्तर से ऊपर कारोबार करने में कामयाब रहा है। वहीं पाई नेटवर्क के टोकन में शुक्रवार को 2 प्रतिशत की बढ़त देखी गई, जो यह साबित करता है कि व्यापक बाजार में कमजोरी के बावजूद कुछ नेटवर्क-विशिष्ट खरीदारी सक्रिय है। कुल मिलाकर क्रिप्टो बाजार में लॉन्ग पोजीशन लिक्विडेशन बढ़ने के कारण अत्यधिक उत्साह शांत हुआ है और निवेशक अब प्रमुख सपोर्ट स्तरों की पुष्टि होने का इंतजार कर रहे हैं। इसका आप पर असर क्रिप्टोकरेंसी बाजार में तकनीकी स्तरों पर स्थिरता और डेरिवेटिव लिक्विडेशन से खुदरा व संस्थागत निवेशकों के लिए जोखिम प्रबंधन महत्वपूर्ण हो गया है। • क्रिप्टो निवेशकों के लिए: क्वांट और बिटकॉइन के अहम सपोर्ट स्तर टूटने से बचाने के लिए सख्त स्टॉप-लॉस बनाए रखें। क्वांट में 171 डॉलर और बिटकॉइन में 79,000 डॉलर के स्तरों पर नजर रखकर ही नई पोजीशन की योजना बनाएं। • डेरिवेटिव ट्रेडर्स के लिए: बढ़ते लिक्विडेशन के दौर में अत्यधिक लेवरेज का उपयोग करने से बचें। ओपन इंटरेस्ट 90 मिलियन डॉलर पर स्थिर होने के बावजूद वोलैटिलिटी बढ़ने पर कैपिटल सुरक्षित रखना जरूरी है। • संस्थागत आवंटन पर असर: स्पॉट ईटीएफ में 442.67 मिलियन डॉलर की इनफ्लो यह दिखाती है कि बड़ी गिरावटों पर खरीदारी जारी है। मध्यम से लंबी अवधि के निवेशक चरणबद्ध तरीके से खरीदारी की रणनीति अपना सकते हैं। • ऑल्टकॉइन पोर्टफोलियो के लिए: रिपल और इथेरियम जैसे टोकन कड़े रेजिस्टेंस के नीचे कारोबार कर रहे हैं। बिना वॉल्यूम ब्रेकआउट के आक्रामक खरीदारी करने से पूंजी अटक सकती है। ऐसा क्यों हुआ क्रिप्टोकरेंसी बाजार में यह ठहराव और तकनीकी रिकवरी डेरिवेटिव बाजार में हुए व्यापक लिक्विडेशन और संस्थागत पूंजी प्रवाह के संतुलन के कारण बनी है। सितंबर की तेज बढ़त के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिसके चलते टोकन प्रमुख मूविंग एवरेज तक फिसल गए थे। • 50-दिवसीय मूविंग एवरेज पर तकनीकी सहारा: क्वांट के भाव में 6 प्रतिशत का उछाल 171 डॉलर पर स्थित 50-दिवसीय ईएमए से मिला है। यह स्तर 50 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट यानी 150 डॉलर के करीब होने के कारण खरीदारों के लिए आकर्षक बन गया। • लॉन्ग पोजीशन का व्यापक लिक्विडेशन: बाजार की भावना बुलिश से न्यूट्रल इसलिए हुई क्योंकि अत्यधिक लेवरेज वाली लॉन्ग पोजीशन कट गईं। इससे शॉर्ट-टर्म सेलिंग मोमेंटम धीरे-धीरे शांत हुआ और बाजार साइडवेज कंसॉलिडेशन में चला गया। • ईटीएफ इनफ्लो से बाजार को सहारा: बिटकॉइन पर मंदी के दबाव के बावजूद स्पॉट ईटीएफ में 442.67 मिलियन डॉलर का शुद्ध संस्थागत निवेश आया। इस संस्थागत मांग ने प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी को 80,000 डॉलर के आसपास टिके रहने में मदद की। सवाल-जवाब 1. क्वांट का भाव वर्तमान में किस स्तर पर ट्रेड कर रहा है? क्वांट का भाव सोमवार को 189 डॉलर के आसपास ट्रेड कर रहा है, जो 50-दिवसीय ईएमए के 171 डॉलर स्तर से ऊपर बना हुआ है। 2. क्वांट के लिए अगला अहम रेजिस्टेंस और टारगेट क्या है? क्वांट के लिए तात्कालिक रुकावट पिछले सप्ताह का 212 डॉलर का उच्च स्तर है, जिसके पार जाने पर टोकन 373 डॉलर के शिखर की ओर बढ़ सकता है। 3. बिटकॉइन की वर्तमान कीमत और तकनीकी स्थिति क्या है? बिटकॉइन 80,023 डॉलर के आसपास ट्रेड कर रहा है, जिसका 14-दिवसीय आरएसआई 42 पर है और यह शॉर्ट-टर्म में गिरते ट्रेंड चैनल में बना हुआ है। 4. संस्थागत निवेशकों ने बिटकॉइन ईटीएफ में कितना निवेश किया? गुरुवार तक स्पॉट बिटकॉइन ईटीएफ में कुल 442.67 मिलियन डॉलर का शुद्ध संस्थागत पूंजी प्रवाह दर्ज किया गया। 5. रिपल टोकन किस स्तर पर सपोर्ट और रेजिस्टेंस का सामना कर रहा है? रिपल ने 1.30 डॉलर के स्तर पर सपोर्ट की पुष्टि की है और यह 1.32 डॉलर पर कारोबार करते हुए 1.40 डॉलर के रेजिस्टेंस की ओर बढ़ रहा है। https://trendkia.com/crypto/50-divasiya-muvinga-evareja-se-snbhala-quant-ka-bhava-bitcoin-aura-bare-ltakoinsa-men-dikha-knsolideshana-51780 TrendKia — Har trend, sabse pehle.