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  "type": "article",
  "title": "अमेरिकी नियामक की शेयर पर्पेचुअल मंजूरी से मची हलचल, हाइपरलिक्विड के टोकन पर बना दबाव",
  "summary": "कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमीशन द्वारा व्यक्तिगत शेयरों पर पर्पेचुअल फ्यूचर्स को मंजूरी मिलने के बाद हाइपरलिक्विड के टोकन में गिरावट देखी जा रही है, जबकि पारंपरिक वित्तीय संस्थाओं ने इस फैसले के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया है।",
  "content": "अमेरिकी वित्तीय बाजारों में डेरिवेटिव्स और क्रिप्टो ट्रेडिंग के संगम पर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमीशन यानी सीएफटीसी द्वारा एकल शेयरों पर आधारित पर्पेचुअल फ्यूचर्स अनुबंधों को मंजूरी दिए जाने के बाद संबंधित विकेंद्रीकृत ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स और उनके टोकनों पर तकनीकी दबाव गहरा गया है। हाइपरलिक्विड का मूल टोकन एचवाइपीई 81.73 डॉलर के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जहां उसे अल्पकालिक प्रतिरोध का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी ओर, पारंपरिक वॉल स्ट्रीट संस्थाओं और शेयर बाजारों ने इस विनियामक निर्णय के खिलाफ कानूनी मोर्चा खोल दिया है, जिससे पूरे डेरिवेटिव्स परिदृश्य में अनिश्चितता का माहौल बन गया है।\n\nनियामकों की मंजूरी और संयुक्त निगरानी का ढांचा\nसीएफटीसी के चेयरमैन माइकल सेलिग ने स्पष्ट किया है कि व्यक्तिगत शेयरों से जुड़े इन पर्पेचुअल अनुबंधों, जिन्हें इक्विटी पर्प्स भी कहा जाता है, को मौजूदा कानूनी ढांचे के तहत सिक्योरिटी फ्यूचर्स उत्पादों के रूप में मान्यता दी गई है। इस विशिष्ट वर्गीकरण का अर्थ यह है कि ये अनुबंध अब सीएफटीसी और सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन यानी एसईसी की संयुक्त निगरानी और अधिकार क्षेत्र में संचालित होंगे। यह कदम अमेरिकी वित्तीय इतिहास में एक बड़ा प्रयोग माना जा रहा है, क्योंकि अब तक ऐसे उत्पादों पर दोनों एजेंसियों के बीच अधिकार क्षेत्र को लेकर खींचतान चलती रही थी।\n\nचेयरमैन माइकल सेलिग के अनुसार, यह व्यवस्था कानूनी नवाचार को बढ़ावा देने और बाजार की निष्पक्षता को बनाए रखने की दिशा में दोनों नियामकों के साझा प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि इक्विटी पर्प्स दोनों एजेंसियों के विनियामक ढांचे के सामंजस्य के जरिए निवेशकों और ग्राहकों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। माइकल सेलिग ने यह भी रेखांकित किया कि यह पहल डेरिवेटिव्स बाजार को घरेलू और विनियमित दायरे में लाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। इससे पहले एक विनियमित एक्सचेंज पर बिटकॉइन पर्पेचुअल फ्यूचर्स को हरी झंडी दी गई थी।\n\nमाइकल सेलिग का मानना है कि इन नवीन वित्तीय उत्पादों को घरेलू स्तर पर उपलब्ध कराने से अमेरिकी व्यापारियों को अपतटीय और अनियमित विदेशी बाजारों का रुख करने से रोका जा सकेगा। उनके शब्दों में, इस प्रकार के उत्पादों को हमारे विनियमित बाजारों में लाना यह सुनिश्चित करता है कि अमेरिकी निवेशक और ट्रेडर सीएफटीसी के मजबूत नियमों के संरक्षण में काम कर सकें। लंबे समय से उद्योग जगत पर्पेचुअल बाजारों के लिए स्पष्ट नियमों की मांग कर रहा था, विशेष रूप से तब जब सीनेट का क्लैरिटी एक्ट 15 सितंबर को प्रक्रियागत मतदान में आगे नहीं बढ़ सका था। कानून के अटक जाने के बाद प्रशासनिक स्तर पर यह रास्ता चुना गया।\n\nपारंपरिक वित्तीय दिग्गजों की कानूनी चुनौती\nनियामक के इस अभूतपूर्व कदम ने पारंपरिक शेयर बाजारों और वित्तीय संस्थानों को नाराज कर दिया है। सीबीओई, सिटाडेल सिक्योरिटीज और हेल्दी मार्केट्स एसोसिएशन ने मिलकर सीएफटीसी के फैसले के खिलाफ अदालत में एक संयुक्त याचिका दायर की है। इस गठबंधन का मुख्य तर्क यह है कि इन अनुबंधों को सिक्योरिटी आधारित स्वैप के रूप में वर्गीकृत किया जाना चाहिए, जो पूरी तरह से एसईसी के विशेष क्षेत्राधिकार के तहत आते हैं। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि सीएफटीसी ने अपने वैधानिक अधिकारों का उल्लंघन किया है और प्रशासनिक प्रक्रिया अधिनियम की अनदेखी की है।\n\nसीबीओई का कहना है कि स्थापित कानूनी ढांचे के बाहर सिक्योरिटीज से जुड़े उत्पादों की अनुमति देने से निवेशकों की सुरक्षा से समझौता हो सकता है। संस्थान ने आगाह किया है कि इससे विभिन्न विनियामक व्यवस्थाओं के बीच अनुचित मध्यस्थता यानी रेगुलेटरी आर्बिट्राज का जोखिम पैदा होगा, जिससे बाजार की पारदर्शिता प्रभावित हो सकती है। वित्तीय लॉबी और सीएफटीसी के बीच यह टकराव आने वाले समय में डेरिवेटिव्स के संचालन की दिशा तय करेगा।\n\nहाइपरलिक्विड का तकनीकी विश्लेषण और प्रमुख स्तर\nइस विनियामक उथल-पुथल के बीच हाइपरलिक्विड के टोकन एचवाइपीई का तकनीकी चार्ट कमजोरी के संकेत दे रहा है। वर्तमान में 81.73 डॉलर पर कारोबार कर रहा यह टोकन निकट भविष्य में मंदी के दबाव में है। दैनिक चार्ट पर यह अपने 50 दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज यानी ईएमए के 82.64 डॉलर और 20 दिवसीय ईएमए के 83.40 डॉलर के स्तर से नीचे फंसा हुआ है। जब तक कीमत इन दोनों स्तरों को पार नहीं करती, तब तक किसी बड़े उछाल की संभावना सीमित दिख रही है।\n\nहालांकि, टोकन को नीचे की तरफ 100 दिवसीय ईएमए से सहारा मिल रहा है, जो 78.08 डॉलर पर स्थित है और अंतर्निहित ट्रेंड सपोर्ट का काम कर रहा है। इसके ठीक पास 78.42 डॉलर का एक महत्वपूर्ण हॉरिजॉन्टल स्तर भी मौजूद है। 100 दिवसीय ईएमए और 78.42 डॉलर का यह संगम टोकन के लिए पहला मजबूत रक्षात्मक आधार बना हुआ है। तकनीकी संकेतकों की बात करें तो 47.27 पर स्थित रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी आरएसआई कमजोरी का संकेत दे रहा है। इसके साथ ही लगभग 34 के स्तर पर मौजूद स्टोकेस्टिक यह दर्शाता है कि हालिया सुधार के बाद तेजी की गति धीमी पड़ रही है।\n\nऊपरी स्तरों पर प्रारंभिक प्रतिरोध 20 दिवसीय और 50 दिवसीय ईएमए पर है, जिसके बाद 85.04 डॉलर के आसपास एक मजबूत हॉरिजॉन्टल अवरोध मौजूद है। यदि टोकन इस बाधा को पार कर लेता है, तो नीचे की ओर झुकती हुई ट्रेंड-लाइन का ब्रेकआउट क्षेत्र लगभग 87.68 डॉलर पर आगे की तेजी को रोक सकता है। इसके ऊपर का अगला बड़ा स्तर 97.84 डॉलर का है। दूसरी ओर, यदि टोकन 78.42 डॉलर और 100 दिवसीय ईएमए के संगम को तोड़ देता है, तो अगला निचला हॉरिजॉन्टल सपोर्ट 75.69 डॉलर पर है। यदि बिकवाली का दबाव और बढ़ता है, तो कीमत 67.63 डॉलर और अंततः 61.16 डॉलर के स्तर तक फिसल सकती है।\n\nक्रिप्टो बाजार की व्यापक स्थिति और नकदी का दबाव\nडेरिवेटिव्स पर जारी बहस के बीच व्यापक डिजिटल परिसंपत्ति बाजार में भी सतर्कता का माहौल है। बिटकॉइन मंगलवार को 76,566 डॉलर पर कारोबार करते हुए छह सप्ताह के निचले स्तर का परीक्षण कर रहा है। मंगलवार को यह 76,455 डॉलर के प्रमुख सपोर्ट जोन की ओर खिसक गया, जबकि पिछले दिन इसमें लगभग 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी। बाजार पूंजीकरण के हिसाब से सबसे बड़ी यह क्रिप्टोकरेंसी एक निर्णायक मोड़ पर है, जहां 76,455 डॉलर से नीचे का दैनिक बंद स्तर एक बड़ी गिरावट का संकेत दे सकता है। इथेरियम भी बिटकॉइन की तरह दबाव में है और एक संकीर्ण दायरे में सीमित है।\n\nरिपल यानी एक्सआरपी 1.25 डॉलर के स्तर के ठीक ऊपर कारोबार कर रहा है और खरीदार अल्पकालिक सुधार का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, पिछले सप्ताह बिनैंस पर हुए 6.3 अरब डॉलर के हैक के बाद सोशल सेंटिमेंट कमजोर बना हुआ है। बिनैंस पर निकासी फिर से शुरू होने के बाद उसके पास मौजूद एक्सआरपी का भंडार तेजी से घटा है और 2021 के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। मंगलवार को होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले कार्डानो (एडीए) और सोलाना (एसओएल) सहित शीर्ष ऑल्टकॉइन्स में भी कमजोरी बनी हुई है।\n\nइसका आप पर असर\nअमेरिकी नियामकों और वित्तीय संस्थानों के बीच पर्पेचुअल फ्यूचर्स को लेकर शुरू हुआ कानूनी विवाद आम निवेशकों और डेरिवेटिव्स ट्रेडर्स की रणनीतियों को सीधे प्रभावित करेगा।\n\n• बाजार पहुंच पर असर: खुदरा और संस्थागत ट्रेडर्स को अब अपतटीय एक्सचेंजों के बजाय घरेलू स्तर पर विनियमित इक्विटी पर्प्स में ट्रेडिंग का विकल्प मिल सकता है। इससे सुरक्षा बढ़ेगी लेकिन कानूनी मुकदमे के कारण नए अनुबंधों की उपलब्धता में देरी हो सकती है।\n• ट्रेडिंग जोखिम और लिक्विडिटी: हाइपरलिक्विड जैसे प्लेटफॉर्म्स पर ट्रेडिंग करने वाले निवेशकों को 78.42 डॉलर के सपोर्ट स्तर पर विशेष नजर रखनी होगी। यदि यह स्तर टूटता है तो पोजीशनों में लिक्विडेशन का खतरा बढ़ सकता है।\n• एक्सचेंज सुरक्षा और भंडार: प्रमुख एक्सचेंजों से डिजिटल परिसंपत्तियों की निकासी बढ़ने के कारण निवेशकों को अपनी होल्डिंग्स कोल्ड स्टोरेज में रखने की सलाह दी जा रही है। सुरक्षा चिंताओं के कारण कई ट्रेडर्स फिलहाल बड़े सौदों से बच रहे हैं।\n• बाजार की अस्थिरता: अमेरिकी मध्यावधि चुनावों और विनियामक टकराव के चलते आने वाले दिनों में कीमतों में अचानक उतार-चढ़ाव आ सकता है। ट्रेडर्स को सख्त स्टॉप-लॉस सीमाओं के साथ ही काम करना चाहिए।\n\nऐसा क्यों हुआ\nयह घटनाक्रम अमेरिकी नियामक द्वारा बिना नए संसदीय कानून के सीधे प्रशासनिक स्तर पर नवाचार को आगे बढ़ाने और उसके विरोध में पारंपरिक वॉल स्ट्रीट दिग्गजों के लामबंद होने से उत्पन्न हुआ है।\n\n• संसदीय कानून का विफल होना: सीनेट का क्लैरिटी एक्ट 15 सितंबर को प्रक्रियागत मतदान में आगे नहीं बढ़ सका था। कानून के अटकने के कारण सीएफटीसी को मौजूदा नियमों के तहत इक्विटी पर्पेचुअल अनुबंधों को सिक्योरिटी फ्यूचर्स के रूप में मंजूरी देने का प्रशासनिक कदम उठाना पड़ा।\n• घरेलू संरक्षण की नीति: अमेरिकी निवेशकों को अनियमित विदेशी और अपतटीय एक्सचेंजों पर जाने से रोकने के लिए नियामक ने यह अनुमति दी। इससे पहले बिटकॉइन पर्पेचुअल फ्यूचर्स को मिली सफलता ने भी इस निर्णय की राह तैयार की।\n• अधिकार क्षेत्र का विवाद: सीबीओई और सिटाडेल का तर्क है कि ये उत्पाद सिक्योरिटी-आधारित स्वैप हैं जो केवल एसईसी के दायरे में आते हैं। उनका आरोप है कि सीएफटीसी ने प्रशासनिक प्रक्रिया अधिनियम का उल्लंघन कर अपने अधिकारों का अतिक्रमण किया है।\n• बाजार में कमजोर धारणा: तकनीकी स्तरों पर दबाव इसलिए बढ़ा क्योंकि पिछले सप्ताह बिनैंस पर 6.3 अरब डॉलर की हैकिंग हुई थी। इस घटना और आगामी मध्यावधि चुनावों ने व्यापक वित्तीय और क्रिप्टो बाजारों में जोखिम लेने की क्षमता घटा दी है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. सीएफटीसी ने किन उत्पादों को मंजूरी दी है?\nसीएफटीसी ने एकल शेयरों पर आधारित पर्पेचुअल फ्यूचर्स को मंजूरी दी है, जिन्हें सीएफटीसी और एसईसी की संयुक्त निगरानी में सिक्योरिटी फ्यूचर्स के रूप में संचालित किया जाएगा।\n\n2. किन कंपनियों ने इस मंजूरी के खिलाफ मुकदमा दायर किया है?\nसीबीओई, सिटाडेल सिक्योरिटीज और हेल्दी मार्केट्स एसोसिएशन ने सीएफटीसी के फैसले को अदालत में चुनौती दी है।\n\n3. मुकदमे में क्या मुख्य आरोप लगाया गया है?\nयाचिकाकर्ताओं का तर्क है कि ये अनुबंध एसईसी के अधिकार क्षेत्र में आने वाले सिक्योरिटी-आधारित स्वैप हैं और सीएफटीसी ने अपने अधिकार क्षेत्र का उल्लंघन किया है।\n\n4. हाइपरलिक्विड टोकन के लिए प्रमुख सपोर्ट स्तर कौन से हैं?\nटोकन के लिए तत्काल सपोर्ट 100 दिवसीय ईएमए और 78.42 डॉलर के संगम पर है, जिसके नीचे 75.69 डॉलर का स्तर स्थित है।\n\n5. हाइपरलिक्विड के लिए तात्कालिक रेजिस्टेंस क्या है?\nऊपरी स्तर पर पहला प्रतिरोध 50 दिवसीय ईएमए (82.64 डॉलर) और 20 दिवसीय ईएमए (83.40 डॉलर) पर है, जिसके बाद 85.04 डॉलर का स्तर है।\n\n6. बिटकॉइन की वर्तमान स्थिति क्या है?\nबिटकॉइन 76,566 डॉलर पर कारोबार करते हुए छह सप्ताह के निचले स्तर पर आ गया है और 76,455 डॉलर के प्रमुख सपोर्ट जोन का परीक्षण कर रहा है।",
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