बिटकॉइन $84,000 के नीचे फिसला और सोना दबाव में, ट्रेजरी यील्ड में भारी उछाल से वित्तीय बाजारों में हलचल अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड दो दशक के उच्चतम स्तर पर पहुंचने और ब्याज दरों में बढ़ोतरी की चिंताओं के बीच बिटकॉइन 84,000 डॉलर के नीचे आया, जबकि सोना भी 4,300 डॉलर के स्तर से नीचे संघर्ष कर रहा है। क्रिप्टोकरेंसी और कीमती धातुओं के अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस समय तीखा उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। प्रमुख डिजिटल परिसंपत्ति बिटकॉइन हालिया तेज बढ़त के बाद मुनाफावसूली का सामना करते हुए 84,000 डॉलर के अहम स्तर से फिसलकर 83,789 डॉलर पर आ गया है, जबकि लाइव मार्केट डेटा के अनुसार यह 83,963 डॉलर के करीब कारोबार कर रहा है। दूसरी तरफ, सुरक्षित निवेश माना जाने वाला सोना भी अपनी चमक बरकरार नहीं रख पा रहा है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 4,300 डॉलर के नीचे फिसलकर 4,265 डॉलर के आसपास बना हुआ है। अमेरिकी बॉन्ड बाजार में यील्ड दशकों के रिकॉर्ड स्तर को छू रही है और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा आगामी मौद्रिक समीक्षा में दरों में बढ़ोतरी की मजबूत संभावनाओं ने समग्र वित्तीय माहौल को सतर्क कर दिया है। ट्रेजरी यील्ड 20 साल के उच्च स्तर पर, उधारी दरों में इजाफे का डर वित्तीय परिसंपत्तियों पर बना यह हालिया दबाव सीधे तौर पर अमेरिकी ऋण बाजार में आए ऐतिहासिक बदलावों से जुड़ा हुआ है। क्रिप्टो फाइनेंस टीम के दैनिक विश्लेषण के अनुसार, सरकारी बॉन्ड की यील्ड उस स्तर पर पहुंच चुकी है जो पिछले दो दशकों में नहीं देखा गया था। अमेरिका का 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड साल 2007 के बाद पहली बार 5.2% के पार निकल गया है। इसी तरह 30-वर्षीय बॉन्ड यील्ड 5.5% तक पहुंच गया है, जो स्तर इससे पहले केवल 2004 में दर्ज किया गया था। इस तीव्र उछाल की वजह बताते हुए क्रिप्टो फाइनेंस ने कहा, “यह किसी एक घटना का नतीजा नहीं बल्कि अप्रत्याशित मजबूत विकास, लगातार बनी महंगाई और सरकारी कर्ज की कमजोर मांग का मिलाजुला असर है।” सीएमई ग्रुप के फेडवॉच टूल के आंकड़े दिखाते हैं कि अक्टूबर में होने वाली बैठक में अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में 4.00% से 4.25% की सीमा तक लगातार दूसरी बढ़ोतरी किए जाने की लगभग 66% संभावना जताई जा रही है। जब जोखिम मुक्त सरकारी बॉन्ड पर 5% से अधिक का रिटर्न मिलने लगता है और कर्ज महंगा होने की आशंका बढ़ती है, तब निवेशक उच्च जोखिम वाली संपत्तियों से मुनाफा निकालने लगते हैं। यही वजह है कि पारंपरिक और डिजिटल दोनों तरह के बाजारों में सतर्कता का माहौल बना हुआ है। बिटकॉइन का तकनीकी ढांचा: सुधारात्मक दौर के बावजूद लंबी अवधि का रुझान मजबूत बिटकॉइन ने सोमवार को 87,378 डॉलर का साप्ताहिक उच्च स्तर छुआ था, जिसके बाद आई हालिया बिकवाली ने अल्पकालिक गति को धीमा कर दिया है। मनोवैज्ञानिक स्तर 84,000 डॉलर से नीचे आने के बावजूद इस प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी की व्यापक बनावट अभी भी तेजी के पक्ष में है। दैनिक चार्ट पर भाव 50-दिवसीय, 100-दिवसीय और 200-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (ईएमए) से काफी ऊपर बने हुए हैं। 76,442 डॉलर पर स्थित 50-दिवसीय ईएमए और 78,352 डॉलर पर मौजूद सुपरट्रेंड लाइन मौजूदा स्पॉट भाव से काफी नीचे हैं, जो स्पष्ट करते हैं कि हालिया ब्रेकआउट को मजबूत बुनियादी सहारा हासिल है। तकनीकी संकेतकों पर नजर डालें तो रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (आरएसआई) 63 पर है, जो दर्शाता है कि बाजार ओवरबॉट दायरे से निकलकर संतुलित क्षेत्र में है। मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस (एमएसीडी) अभी भी सकारात्मक दायरे में बना हुआ है, जिसका तात्पर्य है कि गति धीमी होने के बावजूद लिवालों का पलड़ा पूरी तरह कमजोर नहीं पड़ा है। यदि गिरावट बढ़ती है, तो पहला सहारा 78,352 डॉलर की सुपरट्रेंड लाइन और फिर 76,442 डॉलर के 50-दिवसीय ईएमए पर मिलेगा। इससे गहरा सुधार होने पर 73,981 डॉलर का 200-दिवसीय ईएमए और 73,293 डॉलर का 100-दिवसीय ईएमए प्रमुख मांग क्षेत्र साबित होंगे। जब तक ये स्तर सुरक्षित हैं, तब तक व्यापक बुलिश संरचना को बड़ा खतरा नहीं माना जा रहा है। लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार, बिटकॉइन का 14-दिवसीय आरएसआई 64 पर और एमएसीडी 2468.58 पर है (सिग्नल लाइन 2084.05 के मुकाबले हिस्टोग्राम 384.53 पर बुलिश है)। 50-दिवसीय ईएमए 76,424 डॉलर और 200-दिवसीय ईएमए 74,780 डॉलर के साथ गोल्डन क्रॉस की स्थिति बनी हुई है। तात्कालिक धुरी बिंदु (पिवट) 84,141 डॉलर पर स्थित है, जिसके ऊपर आर1 85,027 डॉलर और आर2 86,090 डॉलर के प्रतिरोध स्तर हैं, जबकि नीचे एस1 83,077 डॉलर और एस2 82,192 डॉलर पर अहम समर्थन मौजूद है। सोने में सुस्ती बरकरार: 4,300 डॉलर के नीचे प्रतिरोध का कड़ा जाल पीली धातु (एक्सएयू/यूएसडी) तकनीकी मोर्चे पर लगातार कमजोरी के संकेत दे रही है। 4,265 डॉलर पर कारोबार कर रहा सोना विभिन्न मूविंग एवरेज के घने प्रतिरोध के नीचे अटका हुआ है। 50-दिवसीय, 100-दिवसीय और 200-दिवसीय ईएमए 4,320 डॉलर से 4,360 डॉलर के संकरे दायरे में केंद्रित हैं। जब तक भाव इस आपूर्ति क्षेत्र के नीचे हैं, किसी भी तेजी को व्यापक मंदी के भीतर एक सुधारात्मक उछाल मात्र माना जाएगा। सोने के लिए 4,551 डॉलर पर स्थित सुपरट्रेंड संकेतक भाव से ऊपर चल रहा है, जो ऊपर की ओर सीमित गुंजाइश को रेखांकित करता है। दैनिक आरएसआई 40 के निचले स्तरों में खिसक चुका है और एमएसीडी नकारात्मक हिस्टोग्राम के साथ शून्य से नीचे बना हुआ है। तकनीकी विश्लेषकों के मुताबिक यह स्थिति किसी तेजी के उलटफेर के बजाय लगातार बने बिकवाली दबाव की पुष्टि करती है। लिवालों के लिए पहला कड़ा अवरोध 4,320 डॉलर के 200-दिवसीय ईएमए पर है, जिसके बाद 4,337 डॉलर पर 50-दिवसीय और 4,357 डॉलर पर 100-दिवसीय ईएमए आते हैं। नीचे की तरफ यदि मौजूदा गिरावट जारी रहती है, तो अगला बड़ा समर्थन दायरा 4,200 डॉलर के आसपास नजर आ रहा है, जहां पहले भी खरीदारों ने दिलचस्पी दिखाई थी। डिजिटल एसेट्स की दुनिया: बुनियादी अवधारणाएं और बाजार संरचना क्रिप्टोकरेंसी बाजार के मिजाज को समझने के लिए इसके बुनियादी घटकों को जानना जरूरी है। बिटकॉइन बाजार पूंजीकरण के लिहाज से सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी है, जिसे एक ऐसी डिजिटल मुद्रा के रूप में तैयार किया गया है जिसे किसी एक व्यक्ति, समूह या केंद्रीय संस्था द्वारा नियंत्रित नहीं किया जा सकता। यह वित्तीय लेन-देन में बिचौलियों या किसी तीसरे पक्ष की जरूरत को पूरी तरह समाप्त कर देता है। बिटकॉइन के अलावा मौजूद किसी भी क्रिप्टोकरेंसी को 'ऑल्टकॉइन' कहा जाता है। हालांकि कुछ विशेषज्ञ इथेरियम को ऑल्टकॉइन की श्रेणी से अलग रखते हैं क्योंकि अधिकांश नई डिजिटल परिसंपत्तियों और नेटवर्कों की उत्पत्ति या तो बिटकॉइन या इथेरियम के प्रोटोकॉल विभाजन (फोर्क) से हुई है। इस नजरिए से देखा जाए तो लाइटकॉइन दुनिया का पहला ऑल्टकॉइन माना जाता है, जिसे बिटकॉइन प्रोटोकॉल से अलग करके उसके एक उन्नत संस्करण के रूप में प्रस्तुत किया गया था। बाजार में स्थिरता प्रदान करने के लिए स्टेबलकॉइन्स की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। ये ऐसी क्रिप्टोकरेंसी होती हैं जिनका मूल्य किसी स्थिर वित्तीय साधन या कमोडिटी, जैसे कि अमेरिकी डॉलर, के साथ जुड़ा (पेग्ड) होता है। इनका मूल्य स्थिर रखने के लिए इनके पीछे समकक्ष संपत्तियों का सुरक्षित भंडार रखा जाता है या फिर आपूर्ति को एल्गोरिदम और मांग के जरिए नियंत्रित किया जाता है। क्रिप्टो बाजार में भारी उतार-चढ़ाव को देखते हुए स्टेबलकॉइन निवेशकों को फंड सुरक्षित रखने और बाजार में प्रवेश या निकासी का सुरक्षित जरिया प्रदान करते हैं। इसके अलावा 'बिटकॉइन डॉमिनेंस' वह अनुपात है जो कुल क्रिप्टो बाजार पूंजीकरण में अकेले बिटकॉइन की हिस्सेदारी को दर्शाता है। यह मीट्रिक निवेशकों की बदलती प्राथमिकताओं का सटीक संकेत देती है। आम तौर पर बुल रन की शुरुआत में बिटकॉइन डॉमिनेंस बढ़ती है क्योंकि पूंजी सबसे पहले सुरक्षित और स्थापित परिसंपत्ति में आती है। इसके विपरीत, जब बिटकॉइन डॉमिनेंस गिरती है, तो इसका अर्थ होता है कि निवेशक ज्यादा मुनाफे की तलाश में अपनी पूंजी और लाभ ऑल्टकॉइन्स में स्थानांतरित कर रहे हैं, जिससे अक्सर ऑल्टकॉइन्स में विस्फोटक तेजी का दौर शुरू होता है। ऑल्टकॉइन बाजार की हलचल: एक्सआरपी, ओंडो और ईटीएफ इनफ्लो का रुख क्रिप्टो बाजार में व्यापक सुस्ती और बिटकॉइन तथा इथेरियम में गिरावट के बावजूद शुक्रवार को कुछ ऑल्टकॉइन्स में अलग रुख देखा गया। रेमिटेंस नेटवर्क का प्रमुख टोकन रिपल (एक्सआरपी) अपनी बढ़त को मजबूत करते हुए 1.60 डॉलर के करीब पहुंच गया, जो सप्ताह के मध्य में आई हल्की गिरावट के बाद लगातार दूसरे दिन की बढ़त को दर्शाता है। सप्ताह के समग्र प्रदर्शन को देखें तो बिटकॉइन 84,000 डॉलर के स्तर के आसपास रहते हुए भी इस हफ्ते 4% से अधिक की बढ़त दर्ज करने में सफल रहा है। संस्थागत मांग के मोर्चे पर एक बड़ा उछाल देखा गया है, जहां अमेरिका में सूचीबद्ध स्पॉट ईटीएफ में गुरुवार तक शुद्ध रूप से 2.25 बिलियन डॉलर का नया निवेश दर्ज किया गया। यह अक्टूबर 2025 के बाद का सबसे बड़ा साप्ताहिक इनफ्लो स्तर है, जो स्पष्ट करता है कि बड़ी संस्थाओं की रुचि अभी भी कायम है। उधर, टोकनाइज्ड परिसंपत्ति प्लेटफॉर्म ओंडो में शानदार तेजी जारी रही और यह शुक्रवार को 0.5700 डॉलर के पार निकल गया। इससे एक दिन पहले ओंडो के भाव में 26% की भारी उछाल आई थी। इस तेजी का मुख्य कारण प्लेटफॉर्म द्वारा ब्लैकरॉक की मदद से तैयार की गई तीन नई क्यूरेटेड पोर्टफोलियो रणनीतियों की शुरुआत रही, जो निवेशकों को उच्च आय, पूंजी वृद्धि और विविधीकरण के अवसर प्रदान करने पर केंद्रित हैं। इसका आप पर असर अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में ऐतिहासिक उछाल और ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंकाओं से अंतरराष्ट्रीय निवेश बाजारों में जोखिम घटाने का दौर शुरू हो सकता है। • क्रिप्टो निवेशकों के लिए: बिटकॉइन में 84,000 डॉलर से नीचे का सुधार अल्पकालिक मुनाफावसूली का संकेत है। हालांकि मध्यम अवधि के मूविंग एवरेज 76,000 से 78,000 डॉलर पर मजबूत सहारा दे रहे हैं, इसलिए गिरावट में पैनिक सेलिंग से बचना चाहिए। • सोने के खरीदारों के लिए: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने का 4,300 डॉलर के नीचे फिसलना घरेलू कीमतों पर भी दबाव बना सकता है। जब तक सोना 4,360 डॉलर के सप्लाई जोन को पार नहीं करता, आक्रामक खरीदारी से परहेज समझदारी होगी। • संस्थागत रुझान: स्पॉट ईटीएफ में 2.25 बिलियन डॉलर का नया इनफ्लो साबित करता है कि बड़े फंड्स की दिलचस्पी अभी भी मजबूत है। रिटेल ट्रेडर्स को बड़े फंड फ्लो के आधार पर अपनी रणनीति तय करनी चाहिए। • ब्याज दरें और उधारी: फेडरल रिजर्व द्वारा अक्टूबर में दरों को 4.00% से 4.25% करने की 66% संभावना से वैश्विक लिक्विडिटी प्रभावित होगी। डॉलर और बॉन्ड यील्ड के मजबूत रहने से विकासशील बाजारों की मुद्राओं पर असर पड़ सकता है। ऐसा क्यों हुआ बिटकॉइन में आई गिरावट और सोने पर बने दबाव के पीछे प्रमुख वजह अमेरिकी बॉन्ड यील्ड का कई दशकों के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचना और सख्त मौद्रिक नीति की आशंकाएं हैं। • ट्रेजरी यील्ड में रिकॉर्ड उछाल: अमेरिका की 10-वर्षीय यील्ड 5.2% और 30-वर्षीय यील्ड 5.5% तक पहुंच गई है, जो 2004-2007 के बाद का उच्चतम स्तर है। मजबूत आर्थिक वृद्धि, जिद्दी महंगाई और सरकारी कर्ज की कमजोर मांग ने यील्ड को तेजी से ऊपर धकेला है। • फेडरल रिजर्व की सख्ती: सीएमई फेडवॉच के अनुसार अक्टूबर में ब्याज दरों के 4.00% से 4.25% तक बढ़ने की 66% संभावना जताई जा रही है। उधारी लागत बढ़ने के अंदेशे ने जोखिम वाली परिसंपत्तियों से पूंजी निकासी को बढ़ावा दिया। • तकनीकी मुनाफावसूली: बिटकॉइन सोमवार को 87,378 डॉलर के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था, जहां से लिवालों की थकान और मुनाफावसूली ने भाव को नीचे धकेला। वहीं सोना अपने प्रमुख मूविंग एवरेज रेजिस्टेंस बैंड (4,320-4,360 डॉलर) को पार करने में विफल रहा। सवाल-जवाब 1. बिटकॉइन 84,000 डॉलर के नीचे क्यों फिसल गया? सोमवार को 87,378 डॉलर का उच्चतम स्तर छूने के बाद ट्रेडर्स द्वारा मुनाफावसूली और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में भारी उछाल के कारण बिटकॉइन 84,000 डॉलर से नीचे आया। 2. सोने के भाव पर इस समय क्या दबाव है? सोना 4,265 डॉलर पर ट्रेड कर रहा है और 4,320 से 4,360 डॉलर के बीच बने विभिन्न मूविंग एवरेज के भारी तकनीकी अवरोध के कारण दबाव में है। 3. अमेरिकी बॉन्ड यील्ड किस स्तर पर पहुंची है? अमेरिका की 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड 2007 के बाद पहली बार 5.2% के पार गई है और 30-वर्षीय यील्ड 2004 के बाद पहली बार 5.5% तक पहुंची है। 4. अमेरिकी फेडरल रिजर्व को लेकर बाजार का क्या अनुमान है? सीएमई फेडवॉच टूल के अनुसार अक्टूबर में ब्याज दरों को बढ़ाकर 4.00% से 4.25% करने की 66% संभावना है। 5. बिटकॉइन के लिए प्रमुख समर्थन स्तर कौन से हैं? बिटकॉइन के लिए तात्कालिक समर्थन 78,352 डॉलर पर और 50-दिवसीय ईएमए 76,442 डॉलर पर है, जबकि गहरा समर्थन 73,293 से 73,981 डॉलर के बीच स्थित है। 6. स्पॉट बिटकॉइन ईटीएफ में कितना निवेश आया है? अमेरिका में लिस्टेड स्पॉट बिटकॉइन ईटीएफ में गुरुवार तक 2.25 बिलियन डॉलर का शुद्ध इनफ्लो दर्ज हुआ, जो अक्टूबर 2025 के बाद सबसे बड़ा साप्ताहिक निवेश है। https://trendkia.com/crypto/bitcoin-84-000-ke-niche-phisala-aura-sona-dabava-men-treasury-yield-men-bhari-uchhala-se-vittiya-bajaron-men-halachala-38687 TrendKia — Har trend, sabse pehle.