क्लैरिटी डिजिटल एसेट विधेयक अटकने के बीच पैसिव फ्यूचर्स सॉफ्टवेयर को CFTC की चुनिंदा राहत CFTC की नई स्थिति पात्र पैसिव सॉफ्टवेयर प्रदाताओं को शर्तों के साथ फ्यूचर्स बाज़ार तक पहुंच का रास्ता देती है, बिना कि वे केवल इस काम के लिए इंट्रोड्यूसिंग ब्रोकर के रूप में पंजीकरण कराएँ। दूसरी ओर, अमेरिकी सीनेट ने क्लैरिटी विधेयक को मंगलवार को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी 60 वोट पूरे नहीं किए और प्रस्ताव 49-50 से असफल रहा। डिजिटल संपत्तियों के लिए व्यापक संघीय बाज़ार संरचना कानून अमेरिकी कांग्रेस में आगे नहीं बढ़ पाया है, लेकिन कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमिशन (CFTC) ने वित्तीय तकनीक में नवाचार को जगह देने के लिए पात्र पैसिव सॉफ्टवेयर प्रदाताओं की नो-एक्शन राहत का दायरा बढ़ाया है। अब कुछ पात्र प्रदाता रजिस्टर्ड फ्यूचर्स बाज़ारों तक पहुंच आसान बना सकते हैं, भले ही वे केवल इस काम के लिए इंट्रोड्यूसिंग ब्रोकर के रूप में पंजीकरण न कराएँ। यह कदम सॉफ्टवेयर को वित्तीय मध्यस्थों से अलग रखता है, लेकिन ट्रेडिंग संभालने वाली कंपनियों और मंचों पर नियामक निगरानी जारी रखता है। राहत का सीधा दायरा CFTC के संबंधित डिवीजन ने जारी पत्र में यह रूख उन प्रदाताओं के लिए खुला रखा है जो तय शर्तें पूरी करते हैं। पात्र संस्था और उनसे जुड़े कर्मियों के खिलाफ केवल इस बुनियादी कारण से कार्रवाई की सिफारिश नहीं की जाएगी कि उन्होंने इंट्रोड्यूसिंग ब्रोकर या ऐसे ब्रोकर के संबद्ध व्यक्ति के रूप में पंजीकरण नहीं कराया। इसका दायरा सॉफ्टवेयर को उपलब्ध कराने और उसके प्रचार तक सीमित है, बशर्ते सॉफ्टवेयर उपयोगकर्ताओं को पंजीकृत फ्यूचर्स कमिशन मर्चेंट्स, डिज़ाइनेड्ड कॉन्ट्रैक्ट मार्केट्स और इंट्रोड्यूसिंग ब्रोकर्स से जोड़ने तक उसकी भूमिका सीमित रहे। उपयोगकर्ता ट्रेड पंजीकृत फ्यूचर्स कमिशन मर्चेंट के माध्यम से करते हैं, इसलिए कदम का मकसद मध्यस्थों को हटाना नहीं बल्कि निष्क्रिय तकनीक को अलग करना है। निष्क्रिय तकनीक को मध्यस्थता से अलग रखना यह राहत उन तकनीक कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण है जिनका सॉफ्टवेयर नियंत्रित फ्यूचर्स बाज़ारों में दाखिला संभव बनाता है, लेकिन जो लेनदेन में ऐसे सीधे शामिल नहीं होता कि पारंपरिक पंजीकरण की जरूरत पैदा हो जाए। CFTC ने पैसिव सॉफ्टवेयर प्रदाताओं और विनियमित मध्यस्थों के बीच अंतर रखा है, ताकि पात्र तकनीक सेवाएँ ट्रेडिंग गतिविधि का समर्थन कर सकें। उसी साथ निगरानी उन फर्मों और वेन्यूज़ पर केंद्रित रहती है जो सौदों को अंजाम देने या मध्यस्थता करने में सीधे शामिल हैं। इसलिए नो-एक्शन स्थिति को सभी प्रकार की ब्रोकरेज गतिविधियों के लिए खुली छूट नहीं समझा जा सकता; इसका दायरा उन सेवाओं तक बंधा है जो निर्धारित संरचना में ही काम करती हैं। राहत की सीमा क्या है CFTC की स्थिति यह नहीं कहती कि ट्रेडिंग से जुड़ी हर तकनीकी संस्था पंजीकरण से बच सकती है। सुरक्षा उनके पैसिव रोल और उस विशेष पंजीकरण की कमी से जुड़ी है, जिसका जिक्र शर्तों में किया गया है। यदि कोई सेवा ट्रेड को अंजाम देने, मध्यस्थता करने या पंजीकृत बाज़ार सहभागी के काम में कदम रखती है, तो वह इस संकीर्ण वर्णन से बाहर जा सकती है। इसलिए असली कसौटी सॉफ्टवेयर का लेबल नहीं बल्कि उसकी वास्तविक भूमिका है। यही कारण है कि राहत नवाचार को जगह देते हुए भी पंजीकृत फर्मों और वेन्यूज़ के नियमों को बदले बिना लागू की जा सकती है। शर्तें पूरा उपयोग काल तक लागू रहेंगी जो प्रदाता इस राहत पर निर्भर करना चाहते हैं, उन्हें CFTC द्वारा बताई गई शर्तों का आकलन करना होगा और जिस अवधि तक वे नो-एक्शन स्थिति का उपयोग करेंगे, उस पूरे समय अनुपालन बनाए रखना होगा। राहत का मतलब यह नहीं है कि प्रदाता अपनी भूमिका, सॉफ्टवेयर की कार्यप्रणाली या जुड़े हुए मध्यस्थों की जानकारी को बिना जांचे छोड़ सकते हैं। जारी स्थिति पंजीकरण से जुड़े सीमित मुद्दे पर दंडात्मक कार्रवाई की सिफारिश न करने का रूख बताती है, लेकिन यह संघीय बाज़ार संरचना का स्थायी कानून नहीं बनाती। टोकनाइज़्ड प्रतिभूतियों में SEC का अलग प्रयोग CFTC के कदम के साथ SEC ने टोकनाइज़्ड प्रतिभूतियों के बाज़ार में नवाचार को जगह देने के लिए एक अलग, अस्थायी और शर्तों से बंधा इनोवेशन एक्सेम्प्शन मंज़ूर किया है। यह छूट कुछ ऑन-चेन वेन्यूज़ पर टोकनाइज़्ड एनएमएस स्टॉक के सीमित कारोबार की अनुमति देती है, और ऐसे मंचों को टोकनाइज़्ड सिक्योरिटीज़ वेन्यू यानी टीएसवी कहा जाता है। अस्थायी छूट SEC को यह देखने और समझने का मौका देती है कि ये वेन्यूज़ कैसे काम करते हैं, साथ ही भविष्य की नियामक नीति के लिए जानकारी इकट्ठी की जा सकती है। इस सुविधा का लाभ लेने वाले टीएसवी को सार्वजनिक सूचना, लेनदेन में पारदर्शिता, ट्रेडिंग रुकने पर समन्वय, बहियाँ और रिकॉर्ड तथा टेक्नोलॉजी सुरक्षा उपायों सहित कई नियम मानने होंगे। यह व्यवस्था नियामक को अनुभव से जानकारी जुटाने का अवसर देती है, लेकिन टोकनाइज़्ड प्रतिभूतियों के लिए अंतिम व्यापक नियम नहीं है। शर्तें छूट को सीमित क्यों रखती हैं SEC की छूट की शर्तें इसे अस्थायी और नियंत्रित प्रयोग बनाती हैं। सार्वजनिक सूचना और लेनदेन पारदर्शिता मंच पर क्या हो रहा है, इसकी दृश्यता बढ़ाती हैं, जबकि ट्रेडिंग रुकने पर समन्वय संचालन बाधित होने की स्थिति में जवाब तय करता है। बहियाँ, रिकॉर्ड और टेक्नोलॉजी सुरक्षा उपाय समीक्षा के लिए जानकारी और आधार देते हैं। इन नियमों से SEC को विभिन्न वेन्यूज़ से जानकारी जुटाने में मदद मिलती है, जो भविष्य की नीति के लिए उपयोगी हो सकती है। इसलिए यह छूट टोकनाइज़्ड स्टॉक कारोबार के लिए खुली इजाज़त नहीं, बल्कि एक सीमित परीक्षण है। क्लैरिटी विधेयक को मंगलवार की वोट में बाधा ये नियामक कदम ऐसे समय आए हैं जब अमेरिकी सीनेट ने डिजिटल एसेट मार्केट क्लैरिटी एक्ट, जिसे क्लैरिटी एक्ट भी कहा जाता है, को आगे बढ़ाने में असफलता दर्ज की। मंगलवार को हुई प्रक्रियात्मक वोट में विधेयक को आगे बढ़ने के लिए 60 वोट चाहिए थे, लेकिन कार्यवाही शुरू करने का प्रस्ताव 49-50 से पास नहीं हो सका। इस नतीजे के बाद विधेयक अटका हुआ है, और अमेरिकी कांग्रेस नवंबर मध्यावधि चुनाव से पहले अपने अवकाश की ओर बढ़ रहा है। इससे बाज़ार संरचना पर आगे की वार्ता कब और किस गति से होंगी, इस बारे में अनिश्चितता बढ़ गई है। विधायी देरी का मतलब अटका हुआ विधेयक एजेंसियों को एक साथ जोड़ने वाले संघीय ढांचे के बिना अलग-अलग उपाय अपनाने पर छोड़ता है। CFTC पैसिव सॉफ्टवेयर से जुड़े पंजीकरण के सवाल को संबोधित कर सकती है, और SEC टोकनाइज़्ड वेन्यूज़ का अध्ययन कर सकती है, लेकिन कोई एक कदम पूरे डिजिटल एसेट बाज़ार को एक नियम में नहीं बांधता। इससे छोटे मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई आसान हो सकती है, लेकिन फ्यूचर्स सॉफ्टवेयर, टोकनाइज़्ड प्रतिभूतियों और अन्य गतिविधियों के लिए अलग-अलग मानदंड बने रहने की संभावना रहती है। अनिश्चितता इस बात की है कि व्यापक कानून कब और कितना बदलेगा, न कि इसकी कि एजेंसियाँ कोई कदम उठा रही हैं। मौजूदा अधिकारों से राहत, व्यापक ढांचा नहीं CFTC और SEC के कदम दिखाते हैं कि जब अमेरिकी कांग्रेस व्यापक कानून को लेकर विभाजित हो, तब एजेंसियाँ अपने मौजूदा अधिकारों के तहत सीमित राहत दे सकती हैं। दोनों पहलें तकनीक कंपनियों और नए बाज़ारों को कुछ जगह देती हैं, लेकिन उनका आधार व्यापक संघीय मार्केट स्ट्रक्चर कानून नहीं है। इसलिए ये उपाय पंजीकरण, मध्यस्थता और टोकनाइज़्ड प्रतिभूतियों से जुड़े सवालों का पूर्ण संघीय समाधान नहीं बनते। वर्तमान राहत केवल तय शर्तों के भीतर काम करने वाली संस्थाओं के लिए है, जबकि बड़ा कानूनी ढांचा अमेरिकी कांग्रेस में लंबित है। अब निगरानी किन बातों पर रहेगी पैसिव सॉफ्टवेयर प्रदाताओं के लिए अगला महत्वपूर्ण काम अपनी सेवा को CFTC की शर्तों से मिलाना और अनुपालन जारी रखना होगा। SEC के मामले में टीएसवी का संचालन, उनकी पारदर्शिता और रोके गए कारोबार से जुड़ा समन्वय भविष्य की नीति के लिए जानकारी देगा। दूसरी ओर, क्लैरिटी एक्ट के लिए आगे की कार्यसूची अभी स्पष्ट नहीं है, क्योंकि कांग्रेस का अवकाश और नवंबर मध्यावधि चुनाव सामने हैं। इसलिए बाज़ार के प्रतिभागियों को अस्थायी नो-एक्शन राहत और संसद द्वारा पारित संघीय ढांचे के बीच अंतर समझकर चलना होगा। इसका आप पर असर सबसे बड़ा व्यावहारिक असर यह है कि पात्र तकनीक कंपनियाँ कुछ फ्यूचर्स सेवाओं को बिना इंट्रोड्यूसिंग ब्रोकर पंजीकरण के संभाल सकती हैं, लेकिन यह राहत सशर्त और सीमित है। • सॉफ्टवेयर प्रदाता: पात्र प्रदाता और उनसे जुड़े कर्मी केवल इसी आधार पर कार्रवाई की सिफारिश से बच सकते हैं कि उन्होंने इंट्रोड्यूसिंग ब्रोकर या संबद्ध व्यक्ति के रूप में पंजीकरण नहीं कराया। उन्हें CFTC की शर्तें पूरी करनी होंगी और राहत का उपयोग जारी रखने तक अनुपालन बनाए रखना होगा। • फ्यूचर्स उपयोगकर्ता: पैसिव सॉफ्टवेयर उपयोगकर्ताओं को पंजीकृत फ्यूचर्स कमिशन मर्चेंट्स, डिज़ाइनेड्ड कॉन्ट्रैक्ट मार्केट्स और इंट्रोड्यूसिंग ब्रोकर्स से जोड़ सकता है। इसका मतलब यह है कि ट्रेडिंग की मुख्य मध्यस्थता और निगरानी पंजीकृत संस्थाओं और मंचों पर ही रहेगी। • टोकनाइज़्ड मंच: SEC की अस्थायी छूट कुछ ऑन-चेन वेन्यूज़ पर टोकनाइज़्ड एनएमएस स्टॉक के सीमित कारोबार की अनुमति देती है। टीएसवी को सार्वजनिक सूचना, लेनदेन पारदर्शिता, ट्रेडिंग रुकने पर समन्वय, रिकॉर्ड और टेक्नोलॉजी सुरक्षा जैसी शर्तें माननी होंगी। • क्रिप्टो सहभागी: क्लैरिटी विधेयक अटका हुआ है, इसलिए व्यापक संघीय बाज़ार संरचना अभी तय नहीं हुई है। प्रतिभागियों को अस्थायी एजेंसी राहत को संसद द्वारा पारित स्थायी कानून से अलग समझना चाहिए और सेवा की पात्रता तथा शर्तें देखनी चाहिए। ऐसा क्यों हुआ यह राहत उन दो सीमाओं से सीधे जुड़ती है जो मौजूदा जानकारी में स्पष्ट हैं: तकनीक कंपनियाँ केवल जोड़ने वाला पैसिव सॉफ्टवेयर दे रही हैं, और डिजिटल एसेट बाज़ार के लिए व्यापक संघीय कानून अमेरिकी कांग्रेस में आगे नहीं बढ़ पाया है। CFTC ने मौजूदा अधिकारों के तहत एक सीमित नो-एक्शन रूख अपनाया, जबकि SEC ने टोकनाइज़्ड प्रतिभूतियों में जानकारी जुटाने के लिए अलग अस्थायी छूट दी। • तत्काल कारण: पैसिव सॉफ्टवेयर उपयोगकर्ताओं को पंजीकृत फ्यूचर्स बाज़ारों से जोड़ता है, लेकिन यह लेनदेन में ऐसे सीधे शामिल नहीं होता कि पारंपरिक पंजीकरण की जरूरत पैदा हो जाए। इस अंतर ने पात्र प्रदाताओं और उनके कर्मियों के लिए पंजीकरण से जुड़ी सीमित दंडात्मक राहत को संभव बनाया। • विधायी रुकावट: अमेरिकी सीनेट ने मंगलवार को प्रक्रियात्मक वोट में 60 वोटों की जरूरत पूरी नहीं की, और कार्यवाही शुरू करने का प्रस्ताव 49-50 से असफल रहा। कांग्रेस नवंबर मध्यावधि चुनाव से पहले अवकाश की ओर बढ़ रहा है, इसलिए आगे की बाज़ार संरचना वार्ता का समय अनिश्चित है। • शर्तों ने दायरा तय किया: राहत केवल सॉफ्टवेयर को उपलब्ध कराने और उसके प्रचार तथा निर्धारित पंजीकृत संस्थाओं से जोड़ने पर लागू है। प्रदाताओं को शर्तों का आकलन करना और राहत पर निर्भरता के पूरे समय अनुपालन बनाए रखना होगा। • पिछला इतिहास: उपलब्ध जानकारी में इसी तरह के पहले कदम का कोई अलग नतीजा या पिछली मिशाल का विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए इस कदम को पिछले किसी निष्कर्ष का स्वतः सिद्ध विस्तार मानना उचित नहीं होगा। • अगला क्रम: पात्र सॉफ्टवेयर प्रदाता शर्तों का पालन जारी रखेंगे, और SEC टोकनाइज़्ड सिक्योरिटीज़ वेन्यू के संचालन से जानकारी जुटाएगा। क्लैरिटी विधेयक के मामले में कोई स्पष्ट अगली तारीख नहीं बताई गई है, इसलिए व्यापक ढांचा अभी भविष्य की वार्ता पर निर्भर है। सवाल-जवाब 1. CFTC ने पैसिव सॉफ्टवेयर प्रदाताओं के लिए क्या राहत दी? CFTC ने पात्र प्रदाताओं के लिए नो-एक्शन राहत का दायरा बढ़ाया है। वे उपयोगकर्ताओं को रजिस्टर्ड फ्यूचर्स बाज़ारों तक पहुंचाने में मदद कर सकते हैं, भले ही केवल इस काम के लिए इंट्रोड्यूसिंग ब्रोकर के रूप में पंजीकरण न हो। 2. क्या हर सॉफ्टवेयर प्रदाता इसका लाभ उठा सकता है? नहीं। राहत उन्हीं प्रदाताओं के लिए है जो CFTC की तय शर्तें पूरी करते हैं, और उन्हें राहत का उपयोग जारी रखने तक अनुपालन बनाए रखना होगा। 3. पैसिव सॉफ्टवेयर उपयोगकर्ताओं को किन संस्थाओं से जोड़ सकता है? यह सॉफ्टवेयर पंजीकृत फ्यूचर्स कमिशन मर्चेंट्स, डिज़ाइनेड्ड कॉन्ट्रैक्ट मार्केट्स और इंट्रोड्यूसिंग ब्रोकर्स से जोड़ सकता है। उपयोगकर्ता ट्रेड पंजीकृत फ्यूचर्स कमिशन मर्चेंट के माध्यम से कर सकते हैं। 4. क्या यह पंजीकरण की सभी जिम्मेदारियाँ खत्म कर देता है? नहीं। राहत केवल पात्र प्रदाता और उनके कर्मियों को उस सीमित आधार से बचाती है कि उन्होंने इंट्रोड्यूसिंग ब्रोकर या संबद्ध व्यक्ति के रूप में पंजीकरण नहीं कराया। 5. SEC का इनोवेशन एक्सेम्प्शन क्या करता है? SEC की अस्थायी और शर्तों से बंधी छूट कुछ ऑन-चेन वेन्यूज़ पर टोकनाइज़्ड एनएमएस स्टॉक के सीमित कारोबार की अनुमति देती है। इन मंचों को टोकनाइज़्ड सिक्योरिटीज़ वेन्यू यानी टीएसवी कहा जाता है। 6. टीएसवी को किन शर्तों का पालन करना होगा? टीएसवी को सार्वजनिक सूचना, लेनदेन पारदर्शिता, ट्रेडिंग रुकने पर समन्वय, बहियाँ और रिकॉर्ड तथा टेक्नोलॉजी सुरक्षा उपायों का पालन करना होगा। ये शर्तें छूट को अस्थायी और सीमित रखती हैं। 7. क्लैरिटी विधेयक को मंगलवार की वोट में कितने वोट मिले? मंगलवार की प्रक्रियात्मक वोट में कार्यवाही शुरू करने का प्रस्ताव 49-50 से असफल रहा। विधेयक को आगे बढ़ने के लिए 60 वोट चाहिए थे। 8. क्लैरिटी विधेयक अब किस स्थिति में है? विधेयक अटका हुआ है और कांग्रेस नवंबर मध्यावधि चुनाव से पहले अपने अवकाश की ओर बढ़ रहा है। इससे आगे की बाज़ार संरचना वार्ता का समय अनिश्चित है। 9. क्या CFTC और SEC के कदम संघीय बाज़ार संरचना कानून की जगह ले सकते हैं? नहीं। दोनों कदम मौजूदा अधिकारों के तहत सीमित राहत देते हैं, लेकिन वे संघीय बाज़ार संरचना ढांचे का विकल्प नहीं बनते। https://trendkia.com/crypto/clarity-dijitala-eseta-vidheyaka-atakane-ke-bicha-paisiva-phyucharsa-sophtaveyara-ko-cftc-ki-chuninda-rahata-33090 TrendKia — Har trend, sabse pehle.