# क्रिप्टो बाजार में लौटी खरीदारी, बिटकॉइन 84,000 डॉलर के पार निकला

> सप्ताह की शुरुआत में 80,500 डॉलर तक फिसलने के बाद बिटकॉइन ने जोरदार वापसी की है, जबकि निवेशकों की नजरें अमेरिकी महंगाई आंकड़ों पर टिकी हैं।

**Type:** article · **Category:** क्रिप्टो · **Published:** 2026-10-12 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/crypto/crypto-bajara-men-lauti-kharidari-bitcoin-84-000-dolara-ke-para-nikala-46815 · **Language:** Hindi
**Tags:** बिटकॉइन, क्रिप्टोकरेंसी, अमेरिकी सीपीआई, इथेरियम, सोलाना, बाजार अपडेट

डिजिटल परिसंपत्ति बाजार में पिछले कुछ सत्रों से जारी भारी बिकवाली के बाद अब स्थिरता के स्पष्ट संकेत दिखने लगे हैं। सप्ताह की शुरुआत में तेज गिरावट का सामना करने वाली दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन ने शानदार वापसी करते हुए 84,000 डॉलर का स्तर दोबारा पार कर लिया है। इस सकारात्मक सुधार से व्यापक क्रिप्टो बाजार को मजबूती मिली है और कई प्रमुख डिजिटल टोकन भी हरे निशान में कारोबार कर रहे हैं। हालांकि, बाजार विश्लेषक इस बात पर जोर दे रहे हैं कि आने वाले दिनों में अमेरिकी व्यापक आर्थिक आंकड़े डिजिटल संपत्तियों की आगे की दिशा तय करने में सबसे अहम भूमिका निभाएंगे।

## 80,500 डॉलर के निचले स्तर से बिटकॉइन में तेज सुधार
मौजूदा कारोबारी सत्र के दौरान बिटकॉइन लगभग 84,148 डॉलर के स्तर पर देखा गया, जो पिछले 24 घंटों में 1.43 प्रतिशत की बढ़त दर्शाता है। इस तेजी के दम पर डिजिटल मुद्रा का कुल बाजार पूंजीकरण बढ़कर लगभग 1.69 ट्रिलियन डॉलर पर पहुंच गया है। हालिया गिरावट के दौरान बिटकॉइन पर भारी दबाव देखा गया था, जब इसकी कीमतें गिरकर 80,500 डॉलर के बेहद करीब आ गई थीं। इसके बाद खरीदारों की वापसी हुई और इसने पहले 82,000 डॉलर का अहम मनोवैज्ञानिक स्तर फिर से हासिल किया और फिर लगातार बढ़ते हुए 83,000 डॉलर से ऊपर अपनी स्थिति मजबूत की।

बाजार में इससे पहले आई बिकवाली काफी आक्रामक थी। 9 अक्टूबर को डेरिवेटिव्स बाजार में बड़े पैमाने पर पोजीशन लिक्विडेशन की वजह से बिटकॉइन में 3.3 प्रतिशत की तेज गिरावट दर्ज की गई थी, जबकि उसी कारोबारी सत्र में इथेरियम 5.7 प्रतिशत तक टूट गया था। डेरिवेटिव्स अनुबंधों में अत्यधिक लीवरेज वाले सौदे कटने से कीमतों पर चौतरफा दबाव देखने को मिला था, जिसने पूरे क्रिप्टो परिदृश्य में घबराहट पैदा कर दी थी।

## मैक्रोइकोनॉमिक दबाव और यूएस सीपीआई का इंतजार
भले ही कीमतों में सुधार हुआ है, लेकिन बाजार सहभागी सतर्कता बरत रहे हैं। पाई42 के सह-संस्थापक और सीईओ अविनाश शेखर ने बाजार की मौजूदा स्थिति पर अपनी बात रखी। अविनाश शेखर ने कहा, "बिटकॉइन 83,800 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा है और पिछले सप्ताह की गिरावट के बाद सुधार के संकेत दिखा रहा है। हालांकि, डॉलर की मजबूती, ऊंची बॉन्ड यील्ड और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता के बीच यह सुधार सतर्क बना हुआ है।"

कीमतों में हालिया तेजी के बावजूद बिटकॉइन अपने सर्वकालिक रिकॉर्ड उच्च स्तर से अब भी काफी नीचे ट्रेड कर रहा है। अक्टूबर 2025 की शुरुआत में बिटकॉइन ने लगभग 126,000 डॉलर का ऑल-टाइम हाई स्तर छुआ था। मौजूदा 84,148 डॉलर के मूल्य के आधार पर डिजिटल करेंसी अपने उस ऐतिहासिक शिखर से लगभग 33 प्रतिशत नीचे चल रही है। आने वाले समय में बिटकॉइन की चाल 14 अक्टूबर को जारी होने वाले सितंबर महीने के अमेरिकी कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स यानी सीपीआई आंकड़ों पर पूरी तरह निर्भर करेगी। मुद्रास्फीति रिपोर्ट से यह साफ होगा कि 27 से 28 अक्टूबर को होने वाली फेडरल ओपन मार्केट कमेटी की बैठक से पहले फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर क्या रणनीति रहने वाली है।

## प्रमुख ऑल्टकॉइन्स में भी लौटी मजबूती
बाजार में आई इस रिकवरी का असर केवल बिटकॉइन तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि पिछले 24 घंटों के दौरान अधिकांश प्रमुख ऑल्टकॉइन्स में भी अच्छी तेजी दर्ज की गई है। इथेरियम, सोलाना, एक्सआरपी और बीएनबी सभी बढ़त के साथ कारोबार करते देखे गए हैं। इस दौरान बड़े डिजिटल टोकन्स में निवेशकों की लिवाली देखने को मिली है।

इथेरियम 2.81 प्रतिशत की तेजी के साथ 2,569.89 डॉलर पर पहुंच गया, जबकि सोलाना 3.09 प्रतिशत चढ़कर 112.72 डॉलर पर कारोबार करता दिखा। इसके अतिरिक्त हाइपरलिक्विड का हाइप टोकन 3.57 प्रतिशत की बढ़त दर्ज करते हुए 87.68 डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। वहीं एक्सआरपी 1.55 प्रतिशत की तेजी के साथ 1.42 डॉलर पर रहा और बीएनबी 1.08 प्रतिशत की बढ़त हासिल कर 754.74 डॉलर के भाव पर पहुंच गया। व्यापक बाजार में लौटी इस खरीदारी से यह संकेत मिलता है कि व्यापारी जोखिम वाली संपत्तियों में दोबारा दिलचस्पी दिखा रहे हैं, हालांकि आगामी नीतिगत फैसले ही इस तेजी की स्थिरता तय करेंगे।

## इसका आप पर असर
क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने वाले आम लोगों और ट्रेडर्स के लिए कीमतों में आई यह रिकवरी बाजार के जोखिम और मौद्रिक नीतियों से सीधे जुड़ी हुई है।

- **क्रिप्टो निवेशकों के लिए:** बिटकॉइन में 80,500 डॉलर से उछाल आने से हालिया गिरावट में नुकसान झेल रहे पोर्टफोलियो को तात्कालिक राहत मिली है। हालांकि ऑल-टाइम हाई से 33 प्रतिशत नीचे होने के कारण लंबी अवधि के निवेशकों को सतर्क रहकर ही नई पूंजी लगानी चाहिए।
- **ट्रेडर्स और डेरिवेटिव्स बाजार:** डेरिवेटिव्स बाजार में हालिया लिक्विडेशन यह दर्शाता है कि अत्यधिक लीवरेज के साथ ट्रेड करना बेहद जोखिम भरा साबित हो सकता है। ट्रेडर्स को 14 अक्टूबर को आने वाले यूएस सीपीआई डेटा से पहले अपने स्टॉप-लॉस सख्त रखने होंगे।
- **ऑल्टकॉइन होल्डर्स के लिए:** इथेरियम, सोलाना और बीएनबी जैसे प्रमुख टोकन में आई 1 से 3 प्रतिशत की तेजी से समग्र बाजार में तरलता सुधर रही है। यदि बिटकॉइन 84,000 डॉलर के ऊपर टिकता है तो अन्य संपत्तियों में भी खरीदारी जारी रह सकती है।
- **वैश्विक आर्थिक प्रभाव:** अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और मजबूत डॉलर का असर सीधे तौर पर जोखिम भरी संपत्तियों की मांग पर पड़ रहा है। आने वाले दिनों में फेडरल रिजर्व के ब्याज दर फैसलों से तय होगा कि वैश्विक लिक्विडिटी में कितनी ढील मिलेगी।

## ऐसा क्यों हुआ
बिटकॉइन में आई हालिया गिरावट और उसके बाद हुए इस सुधार के पीछे डेरिवेटिव्स बाजार में बड़े पैमाने पर हुए लिक्विडेशन और वैश्विक व्यापक आर्थिक दबाव मुख्य कारण रहे हैं।

- **डेरिवेटिव्स लिक्विडेशन का दबाव:** 9 अक्टूबर को डेरिवेटिव्स बाजार में भारी लिक्विडेशन के चलते बिटकॉइन में 3.3 प्रतिशत और इथेरियम में 5.7 प्रतिशत की तेज गिरावट आई थी। अत्यधिक लीवरेज वाले सौदे कटने से बाजार में चौतरफा बिकवाली देखने को मिली।
- **मैक्रोइकोनॉमिक चिंताएं:** मजबूत अमेरिकी डॉलर और बढ़ी हुई बॉन्ड यील्ड ने जोखिम भरी संपत्तियों की मांग को सीमित कर रखा है। फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों के भविष्य के रुख पर अनिश्चितता के कारण संस्थागत निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं।
- **महत्वपूर्ण स्तरों पर तकनीकी सुधार:** 80,500 डॉलर के निचले स्तर को छूने के बाद खरीदारों ने निचले भावों पर दोबारा एंट्री की। इस लिवाली से बिटकॉइन 82,000 डॉलर और फिर 83,000 डॉलर के स्तरों को पार करते हुए 84,148 डॉलर तक पहुंच गया।
- **आगामी आर्थिक घटनाओं पर नजर:** 14 अक्टूबर को सितंबर के अमेरिकी सीपीआई डेटा और 27-28 अक्टूबर को एफओएमसी बैठक से पहले निवेशक अपनी पोजीशन को संतुलित कर रहे हैं। इन घटनाओं के परिणाम ही तय करेंगे कि मौजूदा तेजी आगे बरकरार रह पाएगी या नहीं।

## सवाल-जवाब

### 1. हालिया गिरावट के बाद बिटकॉइन की मौजूदा कीमत क्या है?
बिटकॉइन 1.43 प्रतिशत की बढ़त के साथ लगभग 84,148 डॉलर पर कारोबार कर रहा है।

### 2. सप्ताह की शुरुआत में बिटकॉइन किस निचले स्तर तक फिसल गया था?
सप्ताह की शुरुआत में बिकवाली के दबाव के चलते बिटकॉइन लगभग 80,500 डॉलर के स्तर तक गिर गया था।

### 3. बिटकॉइन का ऑल-टाइम हाई स्तर क्या रहा है और यह उससे कितना नीचे है?
बिटकॉइन ने अक्टूबर 2025 की शुरुआत में लगभग 126,000 डॉलर का उच्चतम स्तर छुआ था, जिससे यह मौजूदा समय में करीब 33 प्रतिशत नीचे है।

### 4. 9 अक्टूबर को क्रिप्टो बाजार में तेज गिरावट क्यों आई थी?
डेरिवेटिव्स बाजार में भारी मात्रा में सौदे लिक्विडेट होने के कारण 9 अक्टूबर को बिटकॉइन 3.3 प्रतिशत और इथेरियम 5.7 प्रतिशत टूट गया था।

### 5. क्रिप्टो बाजार की दिशा के लिए कौन से आगामी आर्थिक आंकड़े सबसे महत्वपूर्ण हैं?
14 अक्टूबर को जारी होने वाले अमेरिकी सितंबर सीपीआई आंकड़े और 27-28 अक्टूबर को होने वाली फेडरल रिजर्व की बैठक सबसे अहम हैं।

### 6. बिटकॉइन के अलावा अन्य प्रमुख क्रिप्टोकरेंसीज का क्या प्रदर्शन रहा?
इथेरियम 2.81 प्रतिशत चढ़कर 2,569.89 डॉलर पर, सोलाना 3.09 प्रतिशत बढ़कर 112.72 डॉलर पर, और बीएनबी 1.08 प्रतिशत बढ़कर 754.74 डॉलर पर पहुंच गया।

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