इथेरियम का ऊर्जा उपयोग घटा: ब्रिटिश म्यूजियम से भी कम बिजली की खपत, कार्बन फुटप्रिंट में बड़ी गिरावट इथेरियम का सालाना बिजली उपभोग अब 7.87 GWh रह गया है, जो ब्रिटिश म्यूजियम की खपत के आधे से भी कम है। नेटवर्क का कार्बन उत्सर्जन भी मर्ज से पहले के स्तर की तुलना में 99.98% तक कम हो चुका है। इथेरियम (ETH) की सालाना बिजली खपत में भारी कमी देखी गई है, जो अब घटकर 7.87 GWh पर आ गई है। यह आंकड़ा ब्रिटिश म्यूजियम द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली बिजली के आधे से भी कम है। इस बड़े बदलाव के पीछे मुख्य कारण इथेरियम का प्रूफ-ऑफ-वर्क (PoW) से प्रूफ-ऑफ-स्टेक (PoS) सर्वसम्मति तंत्र में परिवर्तन है, जिसे 'द मर्ज' के नाम से जाना जाता है। ऊर्जा खपत में ऐतिहासिक गिरावट शोधकर्ताओं ने नेटवर्क के लगभग 8,522 पूर्ण नोड्स का ऑडिट किया, जो नेटवर्क का डेटा स्टोर और प्रोसेस करते हैं। इस अध्ययन से पता चला कि मर्ज के बाद से इथेरियम की ऊर्जा खपत में 99.9% तक की कमी आई है। रिपोर्ट के अनुसार, यदि मर्ज से पहले इथेरियम की ऊर्जा खपत स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी की ऊंचाई के बराबर थी, तो अब यह उसके आधार पर रखे गए एक छोटे गोल्फ बॉल के समान है। इथेरियम पहले सुरक्षा सुनिश्चित करने और ट्रांजेक्शन को सत्यापित करने के लिए ऊर्जा-गहन PoW तंत्र पर निर्भर था, जिसके कारण इसे वर्षों तक आलोचना झेलनी पड़ी थी। सितंबर 2022 में PoS में बदलाव के बाद से यह स्थिति पूरी तरह बदल गई है। सुरक्षा का नया मॉडल अनुसंधान में यह स्पष्ट किया गया है कि PoW मॉडल में बिजली की खपत सर्वसम्मति हासिल करने की कीमत थी, जबकि PoS में सुरक्षा स्टेक की गई पूंजी द्वारा सुनिश्चित की जाती है। अब बिजली का उपयोग केवल नोड्स के संचालन की लागत को दर्शाता है। नेटवर्क के 62% पूर्ण नोड्स अमेरिका (31%), जर्मनी (16%), फिनलैंड (8%) और फ्रांस (6%) में स्थित हैं। वर्तमान में इथेरियम नेटवर्क को मिलने वाली बिजली का 56.4% हिस्सा टिकाऊ ऊर्जा स्रोतों से आता है, जबकि 43.6% जीवाश्म ईंधन पर आधारित है। कार्बन फुटप्रिंट और पर्यावरण पर प्रभाव इथेरियम का वार्षिक कार्बन उत्सर्जन अब 2.37 ktCO₂e है, जो मर्ज से पहले के आंकड़ों से 99.98% कम है। यह उत्सर्जन लगभग 900 यूके परिवारों के संयुक्त कार्बन फुटप्रिंट के बराबर है। शोधकर्ताओं का मानना है कि यदि नेटवर्क की बिजली खपत स्थिर भी रहती है, तो भी आने वाले समय में नोड्स को पावर देने वाले ग्रिडों के डीकार्बोनाइज होने से उत्सर्जन में और गिरावट आएगी। ETH का तकनीकी विश्लेषण बाजार के आंकड़ों के अनुसार, ETH-USD वर्तमान में 1,793 डॉलर पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद भाव से 2.79% अधिक है। दैनिक चार्ट पर, कीमत 1,773 डॉलर के 50-दिवसीय SMA और 1,799 डॉलर के 50-दिवसीय EMA के करीब संघर्ष कर रही है। RSI (14) 57 के स्तर पर है, जो मध्यम गति को दर्शाता है। तकनीकी संकेतकों में MACD बुलिश मोड में है, हालांकि कीमत अभी भी लंबी अवधि के डाउनट्रेंड में है। 20-दिवसीय EMA 1,723 डॉलर पर है, जो एक आधार के रूप में कार्य कर रहा है। ऊपर की ओर, 1,820 डॉलर (R1) और 1,847 डॉलर (R2) महत्वपूर्ण प्रतिरोध स्तर हैं, जबकि समर्थन स्तर 1,752 डॉलर (S1) और 1,710 डॉलर (S2) पर स्थित हैं। स्टोकेस्टिक ऑसिलेटर 87 पर है, जो संकेत देता है कि रिकवरी के प्रयासों को मामूली बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। इसका आप पर असर भारत में: इथेरियम की ऊर्जा दक्षता बढ़ने से क्रिप्टो निवेश से जुड़े पर्यावरणीय चिंताओं को कम करने में मदद मिलती है, जो भविष्य में इसे अधिक स्वीकार्य बना सकता है। क्रिप्टो निवेशकों के लिए: कम ऊर्जा लागत के कारण नेटवर्क के दीर्घकालिक बने रहने की संभावना प्रबल होती है, जिससे ETH निवेशकों के लिए स्थिरता का संदेश मिलता है। सवाल-जवाब 1. इथेरियम की सालाना बिजली खपत अब कितनी है? इथेरियम की सालाना बिजली खपत अब 7.87 GWh है। 2. क्या इथेरियम ने 'द मर्ज' के बाद ऊर्जा खपत कम की है? हां, प्रूफ-ऑफ-स्टेक (PoS) में संक्रमण के बाद इथेरियम की ऊर्जा खपत में 99.9% की कमी आई है। 3. इथेरियम के पूर्ण नोड्स सबसे अधिक कहां हैं? इथेरियम के 62% पूर्ण नोड्स अमेरिका, जर्मनी, फिनलैंड और फ्रांस में स्थित हैं। 4. वर्तमान में इथेरियम का कार्बन फुटप्रिंट कितना है? इथेरियम का वार्षिक कार्बन फुटप्रिंट 2.37 ktCO₂e है, जो मर्ज से पहले के स्तर से 99.98% कम है। https://trendkia.com/crypto/ethereum-ka-urja-upayoga-ghata-british-museum-se-bhi-kama-bijali-ki-khapata-carbon-footprint-men-bari-giravata-6678 TrendKia — Har trend, sabse pehle.