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  "type": "article",
  "title": "फेड के फैसले और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच 64,000 डॉलर के ऊपर संभला बिटकॉइन, जानिए बाजार का पूरा रुख",
  "summary": "फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति और मध्य पूर्व में सैन्य तनाव के बीच बिटकॉइन 64,400 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा है। संस्थागत बिकवाली और तकनीकी संकेतकों का विस्तृत विश्लेषण।",
  "content": "दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन में बुधवार को मामूली सुधार देखा जा रहा है। पिछले सत्र में एक महत्वपूर्ण निचले स्तर से उबरने के बाद यह डिजिटल परिसंपत्ति 64,400 डॉलर के आसपास स्थिर बनी हुई है। हालांकि, व्यापक बाजार का माहौल अभी भी अनिश्चित बना हुआ है। संयुक्त राज्य अमेरिका में सूचीबद्ध spot BTC ETF से लगातार चौथे दिन पूंजी की निकासी दर्ज की गई है, जबकि मध्य पूर्व में नए सिरे से उपजे सैन्य तनाव ने निवेशकों के जोखिम लेने की क्षमता को सीमित कर दिया है। बाजार के सभी प्रतिभागी अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आगामी ब्याज दर निर्णय और उसकी भविष्य की नीतिगत दिशा पर नजर टिकाए हुए हैं, जो क्रिप्टो बाजार की आगे की चाल तय करने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।\n\nमध्य पूर्व में नया सैन्य तनाव और ऊर्जा आपूर्ति पर असर\nमध्य पूर्व के संकट में आए नए मोड़ ने वैश्विक वित्तीय बाजारों में हलचल बढ़ा दी है। मंगलवार देर रात ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पुष्टि की कि सभी ईरानी मिसाइलों को सफलतापूर्वक हवा में ही नष्ट कर दिया गया। अमेरिकी सेना पूरी तरह सतर्क है और उच्च तैयारी की स्थिति में बनी हुई है।\n\nइसके बाद जारी एक अन्य बयान में CENTCOM ने बताया कि अमेरिकी और सऊदी अरब की सेनाओं ने पूर्वी इराक में आतंकवादियों के कई रसद और हथियार ठिकानों पर जवाबी हमले किए। यह कार्रवाई पिछले तीन दिनों में ईरान समर्थित गुटों द्वारा किए गए 30 से अधिक ड्रोन हमलों के जवाब में की गई थी। इस नए सैन्य टकराव के कारण भू-राजनीतिक जोखिम बढ़ गया है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में बाधा की चिंताएं फिर से गहरी हो गई हैं। इसके चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है, जिसने मुद्रास्फीति की आशंकाओं को फिर से जीवित कर दिया है और बिटकॉइन जैसी जोखिम भरी संपत्तियों की बढ़त पर लगाम लगा दी है।\n\nफेडरल रिजर्व का ब्याज दर फैसला और मुद्रास्फीति की अनिश्चितता\nव्यापारी और निवेशक अब बुधवार को आने वाले फेडरल रिजर्व के दर निर्णय की प्रतीक्षा कर रहे हैं। CME FedWatch टूल के आंकड़ों के अनुसार, बाजार में ब्याज दरों को लेकर स्पष्ट विभाजन देखा जा रहा है। इस बैठक में ब्याज दरों को 3.50% से 3.75% की सीमा में अपरिवर्तित रखने की 70.6% संभावना जताई जा रही है, जबकि 25 आधार अंकों (25 bps) की वृद्धि की संभावना 29.4% बनी हुई है।\n\nफेड के नए अध्यक्ष केविन वॉश द्वारा अग्रिम मार्गदर्शन (forward guidance) से पीछे हटने के बाद से Federal Open Market Committee (FOMC) की बैठकों से पहले अनिश्चितता काफी बढ़ गई है। मुद्रास्फीति के आंकड़ों में विरोधाभास देखने को मिला है। जून के महीने में मुद्रास्फीति में नरमी आई थी, जो अप्रैल और मई में हुई बढ़ोतरी के बाद दरों को स्थिर रखने के पक्ष में तर्क देती है। हालांकि, कच्चे तेल के ऊंचे दाम, होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजरानी बाधाएं और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा नए टैरिफ प्रस्तावों के कारण मुद्रास्फीति में पुनः उछाल का जोखिम बना हुआ है।\n\nऑनचेन लिक्विडिटी और संस्थागत निवेशकों का रुख\nबिटगेट वॉलेट के शोध विश्लेषक लेसी झांग का मानना है कि बुनियादी परिदृश्य यही है कि फेड दरों को स्थिर रखेगा। लेसी झांग ने कहा, \"मुख्य संभावना यही है कि फेड ब्याज दरों को स्थिर रखेगा, लेकिन बढ़ोतरी की बढ़ती आशंका इस बैठक को सामान्य ठहराव से अधिक महत्वपूर्ण बनाती है।\" उन्होंने स्पष्ट किया कि ऑनचेन बाजारों के लिए असली सवाल यह होगा कि क्या फेड सितंबर की बैठक में सख्त रुख अपनाने का संकेत देता है या नहीं।\n\nयदि फेड सख्त रुख अपनाता है या दरें बढ़ाता है, तो पूंजी का प्रवाह बिटकॉइन, स्टेबलकॉइन्स और ट्रेजरी से जुड़े डॉलर-यील्ड उत्पादों तक सीमित रह सकता है। इसके विपरीत, इथ्यूरियम (ETH), ऑल्टकॉइन्स और मेमकॉइन्स में बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। यदि फेड यह संदेश देता है कि तेल की कीमतों में उछाल अभी अतिरिक्त सख्ती का कारण नहीं है, तो आने वाले हफ्तों में फिर से ऑल्टकॉइन्स की ओर पूंजी का प्रवाह शुरू हो सकता है। ऑनचेन तरलता का आकलन करने के लिए स्टेबलकॉइन आपूर्ति, ETH/BTC अनुपात, डेरिवेटिव्स ओपन इंटरेस्ट और DEX ट्रेडिंग वॉल्यूम पर नजर रखना आवश्यक होगा। इसके साथ ही, SoSoValue के आंकड़ों के अनुसार, अमेरिकी spot BTC ETF से मंगलवार को 49.75 मिलियन डॉलर की शुद्ध निकासी दर्ज की गई, जो लगातार चौथे दिन की गिरावट को दर्शाती है।\n\nबिटकॉइन का तकनीकी विश्लेषण और सपोर्ट स्तर\nतकनीकी चार्ट पर बिटकॉइन 64,400 डॉलर के स्तर पर कारोबार कर रहा है। ताजा आंकड़ों के अनुसार दैनिक कारोबार में इसकी कीमत $64,437 के आसपास दर्ज की गई, जो पिछले बंद स्तर $63,871 से 0.89% की बढ़त दर्शाती है। हालांकि, यह अभी भी 50-दिवसीय EMA ($64,918), 100-दिवसीय EMA ($67,621) और 200-दिवसीय EMA ($74,446) से नीचे बना हुआ है। 50-दिवसीय EMA पर पहला बड़ा रेजिस्टेंस 64,967 डॉलर पर है।\n\nडेली चार्ट पर Relative Strength Index (RSI) 51 के स्तर पर है, जो न्यूट्रल संकेत दे रहा है। हालांकि, Moving Average Convergence Divergence (MACD) नकारात्मक क्षेत्र में है, जो तेजी के प्रयासों को कमजोर बनाता है। ऊपर की तरफ $64,967 के बाद अगला रेजिस्टेंस $67,621 और $73,665 पर है, जिसके ऊपर $84,410 का स्तर है। नीचे की तरफ मुख्य हॉरिजॉन्टल सपोर्ट $64,004 पर है। यदि यह स्तर टूटता है, तो बिटकॉइन 1 जुलाई के निचले स्तर $57,800 तक गिर सकता है। शॉर्ट-टर्म चार्ट पर हेड एंड शोल्डर्स पैटर्न के टूटने के कारण $61,906 और $63,300 के सपोर्ट स्तरों का परीक्षण भी संभव है।\n\nक्रिप्टो बाजार की बुनियादी संरचना: बिटकॉइन, ऑल्टकॉइन्स और स्टेबलकॉइन्स\nबिटकॉइन बाजार पूंजीकरण के हिसाब से सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी है। इसे एक विकेंद्रीकृत डिजिटल मुद्रा के रूप में डिजाइन किया गया है, जिसे किसी भी सरकार, संगठन या मध्यस्थ संस्था के बिना सीधे दो पक्षों के बीच स्थानांतरित किया जा सकता है। इसमें ब्लॉकचेन तकनीक का उपयोग होता है जो वित्तीय लेनदेन को सुरक्षित बनाती है।\n\nबिटकॉइन के अलावा अन्य सभी क्रिप्टोकरेंसी को ऑल्टकॉइन्स (Altcoins) कहा जाता है। इथ्यूरियम को छोड़कर अधिकांश विकल्प इसी श्रेणी में आते हैं। लाइटकॉइन पहला ऑल्टकॉइन माना जाता है, जिसे बिटकॉइन प्रोटोकॉल के कोड से विभाजित (fork) करके बनाया गया था। इसके अलावा, स्टेबलकॉइन्स वे डिजिटल संपत्तियां हैं जिनका मूल्य अमेरिकी डॉलर (USD) या सोने जैसी संपत्तियों से जुड़ा होता है, ताकि मूल्य में उतार-चढ़ाव को रोका जा सके। स्टेबलकॉइन्स निवेशकों को क्रिप्टो बाजार में प्रवेश करने और अस्थिरता के समय अपनी पूंजी को सुरक्षित रखने का माध्यम प्रदान करते हैं। वहीं, बिटकॉइन डोमिनेंस (BTC Dominance) यह दर्शाता है कि कुल क्रिप्टो बाजार में बिटकॉइन की हिस्सेदारी कितनी है। उच्च डोमिनेंस का मतलब है कि निवेशक सुरक्षित विकल्प चुन रहे हैं, जबकि इसमें गिरावट ऑल्टकॉइन्स में तेजी का संकेत देती है।\n\nइसका आप पर असर\nभारत में क्रिप्टो निवेशकों पर असर:\n\n• भारत में: फेडरल रिजर्व के फैसले और कच्चे तेल में तेजी के कारण घरेलू क्रिप्टो एक्सचेंजों पर बिटकॉइन और ऑल्टकॉइन्स में अस्थिरता बढ़ सकती है, जिससे निवेशकों को सतर्क रहकर स्टॉप-लॉस का पालन करना चाहिए।\n• वैश्विक बाजार में: यदि अमेरिका में ब्याज दरें स्थिर रहती हैं या बढ़ती हैं, तो अमेरिकी डॉलर और ट्रेजरी बॉन्ड मजबूत होंगे, जिससे क्रिप्टो जैसी जोखिम भरी संपत्तियों से पूंजी निकल सकती है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. बिटकॉइन की मौजूदा कीमत कितनी है और इसका सपोर्ट स्तर क्या है?\nबिटकॉइन 64,400 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा है। इसका प्राथमिक हॉरिजॉन्टल सपोर्ट 64,004 डॉलर पर है, जबकि नीचे की ओर 57,800 डॉलर का मुख्य निचला स्तर है।\n\n2. फेडरल रिजर्व के फैसले का बिटकॉइन पर क्या असर पड़ेगा?\nयदि फेड ब्याज दरों को स्थिर रखता है या राहत का संकेत देता है, तो क्रिप्टो बाजार में तेजी आ सकती है। हालांकि, सख्त रुख या दर वृद्धि से बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है।\n\n3. मध्य पूर्व तनाव से क्रिप्टो बाजार क्यों प्रभावित हो रहा है?\nसैन्य संघर्ष के कारण कच्चे तेल के दाम बढ़े हैं, जिससे मुद्रास्फीति की आशंका गहरी हुई है। इस अनिश्चितता में निवेशक क्रिप्टो जैसी जोखिम भरी संपत्तियों से पैसा निकाल रहे हैं।\n\n4. Spot BTC ETF से हाल ही में कितनी निकासी हुई है?\nआंकड़ों के अनुसार, अमेरिकी spot BTC ETF से मंगलवार को 49.75 मिलियन डॉलर की शुद्ध निकासी दर्ज की गई, जो लगातार चौथे दिन गिरावट को दर्शाती है।",
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  "category": "क्रिप्टो",
  "publishedAt": "2026-07-29",
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