हाइपरलिक्विड पर रिपल प्राइम ने शुरू किए 100 से अधिक रियल वर्ल्ड एसेट मार्केट्स, बिकवाली के बाद संभला हाइप रिपल प्राइम ने संस्थागत निवेशकों के लिए हाइपरलिक्विड पर 100 से अधिक रियल वर्ल्ड एसेट परपेचुअल कॉन्ट्रैक्ट्स पेश किए हैं, जबकि महंगाई के झटके के बाद हाइप टोकन 82 डॉलर के करीब पहुंच गया है। क्रिप्टोकरेंसी डेरिवेटिव्स और पारंपरिक वित्त के मेल की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए रिपल की प्राइम ब्रोकरेज इकाई ने विकेंद्रीकृत ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म हाइपरलिक्विड पर 100 से ज्यादा रियल वर्ल्ड एसेट परपेचुअल स्वैप मार्केट्स की शुरुआत कर दी है। यह विस्तार ऐसे नाजुक वक्त में सामने आया है जब व्यापक आर्थिक आंकड़ों ने डिजिटल परिसंपत्ति बाजार पर दबाव बना रखा था। अमेरिका में थोक महंगाई के उम्मीद से तेज रहने के कारण बिकवाली का सामना करने के बाद हाइपरलिक्विड के मूल टोकन हाइप ने मजबूती दिखाते हुए 82 डॉलर के स्तर के पास वापसी की है। संस्थागत पूंजी को सीधे ऑन-चेन लिक्विडिटी से जोड़ने का यह ढांचा पारंपरिक परिसंपत्तियों के डिजिटलीकरण को एक नई रफ्तार दे रहा है। संस्थागत निवेशकों के लिए रियल वर्ल्ड एसेट्स का नया द्वार रिपल प्राइम के जरिए शुरू की गई इस नई सेवा का मकसद बड़े वित्तीय संस्थानों को बिना किसी तकनीकी जटिलता के ऑन-चेन डेरिवेटिव्स तक सीधी पहुंच मुहैया कराना है। यह पूरी व्यवस्था हाइपरलिक्विड प्लेटफॉर्म पर ट्रेड.xyz द्वारा सूचीबद्ध किए गए परपेचुअल फ्यूचर्स अनुबंधों पर आधारित है। इन सौदों में रिपल प्राइम खुद मुख्य पक्ष यानी प्रिंसिपल के रूप में कार्य करता है। इस कानूनी और तकनीकी व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह है कि संस्थागत ग्राहकों को हाइपरलिक्विड के साथ सीधे लेन-देन करने की आवश्यकता नहीं पड़ती, बल्कि वे अपनी मौजूदा ब्रोकरेज सेवा के जरिए ही इन आधुनिक प्रोडक्ट्स में ट्रेड कर सकते हैं। जोखिम प्रबंधन को आसान बनाने के लिए इस पेशकश में क्रॉस-मार्जिनिंग की सुविधा भी शामिल की गई है। इसके तहत पात्र परिसंपत्ति वर्गों में अलग-अलग पोजीशंस के लिए साझा कोलैटरल का इस्तेमाल किया जा सकता है। ग्राहक रिपल के स्थिर सिक्के रिपल यूएसडी यानी आरएलयूएसडी को मार्जिन या गिरवी के रूप में जमा कर सकते हैं। वित्तीय बाजार की दिग्गज मार्केट मेकर कंपनी विरचू इस नई प्रणाली का इस्तेमाल शुरू करने वाले शुरुआती प्रमुख संस्थानों में शामिल है। वर्तमान में यह सर्विस रिपल के सीआईवी बीवीआई लाइसेंस के तहत संचालित हो रही है और कंपनी आने वाले दिनों में इसे अन्य नियामकीय क्षेत्रों में भी विस्तारित करने की योजना पर काम कर रही है। इक्विटी और ईटीएफ टोकनाइजेशन का बढ़ता दायरा हाइपरलिक्विड के पारिस्थितिकी तंत्र में पारंपरिक परिसंपत्तियों का समावेश केवल रिपल तक ही सीमित नहीं है। ईक्यूएक्स लैब्स ने भी हाइपरलिक्विड के हाइपरकोर इंफ्रास्ट्रक्चर पर 11 टोकनाइज्ड अमेरिकी इक्विटी और एक्सचेंज ट्रेडेड फंड मार्केट्स लाने की तैयारी पूरी कर ली है। शुरुआती चरण में जिन प्रमुख शेयरों को ट्रेडिंग के लिए शामिल किया जा रहा है, उनमें एप्पल, एनवीडिया, अमेज़न और टेस्ला जैसी दिग्गज कंपनियां शामिल हैं। इसके साथ ही अमेरिकी बाजार के प्रमुख सूचकांकों को ट्रैक करने वाले ईटीएफ भी निवेशकों के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे। ईक्यूएक्स लैब्स के अनुसार, ये सभी टोकन हाइपरलिक्विड की सार्वजनिक ऑर्डर बुक पर खरीदे और बेचे जा सकेंगे। सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कंपनी ने स्पष्ट किया है कि प्लेटफॉर्म पर जारी प्रत्येक टोकन के बदले कस्टडी में वास्तविक शेयर रखे जाएंगे। यह कदम विकेंद्रीकृत वित्त और वॉल स्ट्रीट के बीच की खाई को पाटने में बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है, जिससे चौबीसों घंटे वैश्विक स्तर पर अमेरिकी परिसंपत्तियों में ट्रेडिंग की सुविधा मिल सकेगी। महंगाई के आंकड़ों का झटका और लिक्विडेशन का दबाव इस बड़े तकनीकी विस्तार के बीच व्यापक आर्थिक परिदृश्य ने बाजार की चाल को काफी हद तक प्रभावित किया। अमेरिका में सितंबर महीने के दौरान उत्पादक मूल्य सूचकांक यानी पीपीआई में सालाना आधार पर 6.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि अर्थशास्त्रियों ने इसके 5.3 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था। थोक महंगाई के इस आक्रामक उछाल ने निवेशकों के बीच ब्याज दरों में लंबे समय तक सख्ती बने रहने की आशंकाएं बढ़ा दीं, जिसका सीधा असर जोखिम भरी डिजिटल परिसंपत्तियों पर पड़ा। महंगाई के आंकड़े सार्वजनिक होते ही हाइप टोकन में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया। लेवरेज लेकर तेजी का दांव लगाने वाले ट्रेडर्स को भारी नुकसान उठाना पड़ा और हाइप से जुड़ी लॉन्ग पोजीशंस में लगभग 70 लाख डॉलर का लिक्विडेशन दर्ज किया गया। इसके मुकाबले मंदी का दांव लगाने वाली शॉर्ट पोजीशंस में केवल 8 लाख 10 हजार डॉलर के सौदे कटे। इस अचानक आए दबाव के चलते हाइप गिरकर लगभग 77.59 डॉलर के निचले स्तर तक चला गया था, हालांकि निचले स्तरों पर संस्थागत खरीदारी के चलते यह तेजी से उबरते हुए 81.88 डॉलर के आसपास स्थिर हो गया, जो पिछले 24 घंटों में 0.8 प्रतिशत की बढ़त दर्शाता है। हाइप का तकनीकी विश्लेषण और महत्वपूर्ण स्तर दैनिक मूल्य चार्ट पर नजर डालें तो हाइप का मौजूदा रुझान हल्के दबाव के साथ कंसॉलिडेशन का संकेत दे रहा है। टोकन की कीमत वर्तमान में 76.3 डॉलर पर स्थित 100-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज यानी ईएमए से ऊपर टिकी हुई है, लेकिन यह 83.1 डॉलर के 50-दिवसीय ईएमए और 85.4 डॉलर के 20-दिवसीय ईएमए से नीचे बनी हुई है। तकनीकी विश्लेषकों के मुताबिक यह ढांचा दर्शाता है कि हालिया गिरावट को अल्पकालिक मूविंग एवरेज सीमित कर रहे हैं, जबकि दीर्घावधि का रुझान अब भी मजबूत आधार प्रदान कर रहा है। गति से जुड़े संकेतकों में रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी आरएसआई 43 के स्तर पर है, जबकि स्टोकेस्टिक संकेतक 20 के पास पहुंच चुका है। यह स्थिति गिरती हुई गति के साथ-साथ ओवरसोल्ड क्षेत्र के करीब पहुंचने का इशारा करती है, न कि किसी बड़े ब्रेकडाउन का। ऊपर की ओर रिकवरी जारी रहने पर हाइप को सबसे पहले 83.1 डॉलर के 50-दिवसीय ईएमए पर प्रतिरोध झेलना होगा, जिसके बाद 85 डॉलर का क्षैतिज बैरियर है। यदि तेजी बरकरार रहती है तो अगला लक्ष्य 20-दिवसीय ईएमए और उसके बाद 97.8 डॉलर का मजबूत स्तर होगा। गिरावट की स्थिति में 76.3 डॉलर का 100-दिवसीय ईएमए और 75.7 डॉलर का निचला फ्लोर तत्काल सहारा देंगे, जबकि इसके टूटने पर 67.6 डॉलर, 61.1 डॉलर और 51.5 डॉलर के सपोर्ट जोन खुल जाएंगे। व्यापक बाजार की स्थिति और विनियामक गतिविधियां पूरे क्रिप्टो बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। इंजेक्टिव टोकन 9 डॉलर के करीब पहुंच रहा है, जिसने पिछले हफ्ते 6.59 डॉलर पर मौजूद 50-दिवसीय ईएमए से एक स्थिर उछाल दर्ज किया है। विनियामक मोर्चे पर इंजेक्टिव के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एरिक चेन ने अमेरिकी नियामक ढांचे के भीतर टोकनाइजेशन और ऑन-चेन वित्त को आगे बढ़ाने के लिए वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों के साथ बैठक की है, जिसे संस्थागत स्वीकृति के लिहाज से सकारात्मक माना जा रहा है। दूसरी ओर प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी परिसंपत्तियों जैसे बिटकॉइन और इथेरियम ने अपने अहम सपोर्ट स्तरों को बचाए रखा है, जबकि रिपल का एक्सआरपी टोकन प्रमुख रेजिस्टेंस के नीचे संघर्ष कर रहा है। ताजा आंकड़ों के अनुसार एक्सआरपी 1.30 डॉलर पर ट्रेड कर रहा है, जो 2.77 प्रतिशत की दैनिक गिरावट दर्शाता है। इसका 52-सप्ताह का दायरा 0.9884 डॉलर से 1.68 डॉलर के बीच है। तकनीकी रूप से एक्सआरपी का आरएसआई 35 पर कमजोर है और 50-दिवसीय ईएमए के 200-दिवसीय ईएमए से नीचे जाने के कारण डेथ क्रॉस बना हुआ है। चिपचिपी महंगाई ने संपूर्ण बाजार में जोखिम लेने की क्षमता को घटा दिया है, जिससे प्रमुख सपोर्ट टूटने पर गहरी गिरावट का जोखिम बना हुआ है। इसका आप पर असर यह घटनाक्रम संस्थागत पूंजी को ऑन-चेन ट्रेडिंग से जोड़ता है और व्यक्तिगत निवेशकों के लिए बाजार में तरलता और उत्पाद विविधता बढ़ाता है। • क्रिप्टो निवेशकों के लिए: टोकनाइज्ड पारंपरिक संपत्तियों के आने से निवेशकों को एक ही खाते से स्टॉक और कमोडिटी डेरिवेटिव्स ट्रेड करने के नए विकल्प मिलेंगे। हालांकि अमेरिकी मुद्रास्फीति के दबाव के चलते निकट भविष्य में कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। • संस्थागत ट्रेडर्स के लिए: रिपल प्राइम का ब्रोकरेज मॉडल पारंपरिक वित्तीय नियमों के तहत विकेंद्रीकृत मार्केट्स तक सुरक्षित पहुंच प्रदान करता है। इससे बड़े फंड्स को वॉलेट प्रबंधन की तकनीकी जटिलताओं के बिना आर्बिट्राज और लिक्विडिटी के अवसर मिलेंगे। • हाइप टोकन धारकों के लिए: 76.3 डॉलर का 100-दिवसीय मूविंग एवरेज मजबूत सपोर्ट बना हुआ है, जबकि 83.1 डॉलर पर कड़ा प्रतिरोध है। जब तक कीमत 85 डॉलर के ऊपर नहीं टिकती, ट्रेडर्स को आक्रामक लॉन्ग पोजीशन लेने से बचना चाहिए। • एक्सआरपी ट्रेडर्स के लिए: वर्तमान में 1.30 डॉलर के स्तर पर एक्सआरपी तकनीकी दबाव और मंदी के संकेतकों से जूझ रहा है। निवेशकों को 1.27 डॉलर के सपोर्ट और 1.33 डॉलर के रेजिस्टेंस स्तरों पर कड़ी नजर रखनी चाहिए। ऐसा क्यों हुआ अमेरिकी थोक महंगाई के उम्मीद से ज्यादा रहने के कारण क्रिप्टो डेरिवेटिव्स में व्यापक बिकवाली देखने को मिली, जिसके बाद संस्थागत साझेदारियों ने कीमतों को सहारा दिया। • सीधा कारण: अमेरिका के उत्पादक मूल्य सूचकांक में सितंबर के दौरान 6.3 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्ज की गई, जिसने 5.3 प्रतिशत के अनुमान को काफी पीछे छोड़ दिया। इस अप्रत्याशित महंगाई ने फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में लंबे समय तक कटौती न करने की आशंका को हवा दी। • लिक्विडेशन की लहर: अचानक आई मंदी के कारण अधिक लेवरेज वाली पोजीशंस स्वतः बंद होने लगीं और हाइप से जुड़ी 70 लाख डॉलर की लॉन्ग पोजीशंस लिक्विडेट हो गईं। इससे कुछ ही घंटों में टोकन का भाव 77.59 डॉलर के निचले स्तर तक लुढ़क गया। • संस्थागत समर्थन: कीमतों में गिरावट के बीच रिपल प्राइम द्वारा 100 से अधिक आरडब्ल्यूए परपेचुअल मार्केट्स शुरू करने और विरचू जैसी कंपनियों के जुड़ने की खबर ने खरीदारों का विश्वास लौटाया। इसके चलते हाइप निचले स्तरों से उछलकर पुनः 82 डॉलर के करीब पहुंच गया। सवाल-जवाब 1. रिपल प्राइम ने हाइपरलिक्विड पर कौन सी नई सेवा शुरू की है? रिपल प्राइम ने संस्थागत ग्राहकों के लिए हाइपरलिक्विड पर 100 से अधिक रियल वर्ल्ड एसेट परपेचुअल स्वैप मार्केट्स की शुरुआत की है, जहां रिपल खुद मुख्य पक्ष के रूप में कार्य करता है। 2. हाइप टोकन की कीमत में अचानक गिरावट क्यों आई थी? अमेरिका में उत्पादक मूल्य सूचकांक 6.3 प्रतिशत रहने से महंगाई की चिंताएं बढ़ गईं, जिसके चलते 70 लाख डॉलर की लेवरेज्ड लॉन्ग पोजीशंस लिक्विडेट हो गईं और भाव 77.59 डॉलर तक गिर गया। 3. ईक्यूएक्स लैब्स हाइपरलिक्विड पर कौन से नए एसेट्स ला रही है? ईक्यूएक्स लैब्स एप्पल, एनवीडिया, अमेज़न और टेस्ला जैसे प्रमुख शेयरों और ईटीएफ के 11 टोकनाइज्ड मार्केट्स शुरू कर रही है, जो पूरी तरह से कस्टडी में रखे शेयरों द्वारा समर्थित होंगे। 4. हाइप के लिए वर्तमान में अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर कौन से हैं? हाइप के लिए तत्काल सपोर्ट 76.3 डॉलर के 100-दिवसीय ईएमए पर है, जबकि ऊपर की तरफ 83.1 डॉलर और 85 डॉलर पर मजबूत रेजिस्टेंस देखा जा रहा है। https://trendkia.com/crypto/hyperliquid-para-ripple-prime-ne-shuru-kie-100-se-adhika-rwa-marketsa-bikavali-ke-bada-snbhala-hype-48341 TrendKia — Har trend, sabse pehle.