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  "type": "article",
  "title": "इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज और स्टेन ड्रकनमिलर के बड़े दांव से हाइपरलिक्विड में 17 फीसदी का उछाल",
  "summary": "इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज द्वारा ट्रेडएक्सवाईजेड के साथ साझेदारी की घोषणा और अरबपति निवेशक स्टेन ड्रकनमिलर के निवेश के बाद हाइपरलिक्विड टोकन 17 प्रतिशत चढ़कर रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गया है।",
  "content": "अमेरिकी वित्तीय बाजारों में ऑन-चेन डेरिवेटिव्स कारोबार को संस्थागत स्वीकृति दिलाने की दिशा में एक नया मोड़ आया है। दुनिया के प्रमुख एक्सचेंज संचालकों में शुमार इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज ने ट्रेडएक्सवाईजेड के साथ मिलकर अमेरिका में हाइपरलिक्विड आधारित परपेचुअल फ्यूचर्स ट्रेडिंग शुरू करने की योजना सार्वजनिक की है। यह पूरी पहल अमेरिकी कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमीशन यानी सीएफटीसी की आधिकारिक मंजूरी पर टिकी होगी। इस घोषणा के सामने आते ही हाइपरलिक्विड नेटवर्क के मूल टोकन एचवाईपीई में जोरदार खरीदारी देखी गई, जिसके चलते गुरुवार को इसके भाव में 17 प्रतिशत से अधिक की भारी तेजी दर्ज की गई।\n\nदिग्गज निवेशकों का समर्थन और बाजार में उत्साह\nइस रणनीतिक गठजोड़ को उस वक्त और अधिक मजबूती मिली जब जाने-माने अरबपति निवेशक स्टेन ड्रकनमिलर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पुष्टि की कि उन्होंने ट्रेडएक्सवाईजेड में पूंजी निवेश किया है। संस्थागत और वित्तीय हलकों में इस निवेश को पारंपरिक वॉल स्ट्रीट और आधुनिक डिसेंट्रलाइज्ड फाइनेंस के बीच बढ़ते तालमेल के तौर पर देखा जा रहा है। अंतरिक्ष अनुसंधान कंपनी स्पेसएक्स और इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता टेस्ला के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एलन मस्क ने भी इस कदम में अपनी दिलचस्पी दिखाई और स्टेन ड्रकनमिलर के इस निवेश संदेश को अपने आधिकारिक खाते से रीपोस्ट किया।\n\nसंस्थागत और रिटेल कारोबार के बीच सुरक्षित ढांचा\nपारंपरिक डेरिवेटिव बाजार को संचालित करने वाले इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज ने इस नए उद्यम की संरचना पर स्पष्ट रुख अपनाया है। कंपनी का कहना है कि यह नया व्यापार उसके मौजूदा संस्थागत फ्यूचर्स और क्लियरिंग संचालन से पूरी तरह अलग रखा जाएगा। इस विभाजन का मुख्य मकसद अपने बड़े संस्थागत ग्राहकों को नए ट्रेडिंग स्थल से जुड़े प्रतिपक्ष या कारोबारी जोखिमों से पूरी तरह सुरक्षित रखना है, जबकि साथ ही कंपनी अपने रिटेल डेरिवेटिव आधार का विस्तार कर सके।\n\nइंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज के चेयरमैन और मुख्य कार्यकारी अधिकारी जेफरी सी. स्प्रेचर ने इस रणनीति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे रिटेल ट्रेडर्स तक उन्हीं पार्टनर्स, ब्रोकर्स और प्लेटफॉर्म्स के जरिए पहुंचना चाहते हैं जिन्हें वे पहले से इस्तेमाल कर रहे हैं। जेफरी सी. स्प्रेचर ने यह भी साफ किया कि वे इन परपेचुअल बाजारों को अपने पारंपरिक फ्यूचर्स बाजारों के विकल्प के रूप में नहीं, बल्कि उनके एक पूरक विस्तार के तौर पर देखते हैं।\n\nपेवार्ड, बिटनोमियल और ट्रेडिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर\nइंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज का यह हालिया कदम उस व्यापक तैयारी का हिस्सा है जो इससे पहले क्रिप्टो एक्सचेंज क्रैकेन की मूल कंपनी पेवार्ड द्वारा घोषित व्यवस्था के बाद सामने आई थी। तय योजना के तहत पेवार्ड के विनियमित एक्सचेंज और क्लियरिंग संगठन बिटनोमियल को इन बाजारों के निर्माण, प्रशासनिक प्रबंधन, क्लियरिंग और सेटलमेंट की प्राथमिक जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। वहीं दूसरी तरफ, निंजाट्रेडर क्लियरिंग ग्राहकों के ट्रेडिंग खातों को संभालने का काम करेगी।\n\nइस पूरे नियामक ढांचे को जमीनी स्तर पर उतारने के लिए एचआईपी-3 नामक एक प्रस्तावित तकनीकी विस्तार का उपयोग किए जाने की उम्मीद है। यह प्रोटोकॉल एक्सटेंशन मार्केट स्थापित करने वालों को ऑन-चेन अनुमति सूचियों यानी अलाउलिस्ट के माध्यम से पहुंच सीमित करने या विनियमित करने की सुविधा प्रदान करता है। हालांकि, हाइपरलिक्विड ने स्पष्ट किया है कि यह तकनीकी सुविधा पूरी तरह वैकल्पिक है, जिसका सीधा अर्थ यह है कि नेटवर्क पर पहले से चल रहे मौजूदा एचआईपी-3 बाजार बिना किसी बदलाव के पहले की तरह ही संचालित होते रहेंगे।\n\nटोकन बर्न और प्रोटोकॉल के वित्तीय आंकड़े\nहाइपरलिक्विड नेटवर्क के मजबूत होते वित्तीय फंडामेंटल्स भी टोकन की इस तेजी को सहारा दे रहे हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, हाइपरलिक्विड ने अब तक संचयी रूप से लगभग 4.987 करोड़ एचवाईपीई टोकन वापस खरीदकर नष्ट यानी बर्न कर दिए हैं। यह मात्रा प्रोटोकॉल की 1 अरब टोकन की अधिकतम आपूर्ति का लगभग 5 प्रतिशत बैठती है, जिसका वर्तमान बाजार मूल्यांकन करीब 3.89 अरब डॉलर आंका गया है।\n\nबीते 24 घंटों के भीतर ही प्रोटोकॉल ने करीब 15.9 लाख डॉलर मूल्य के अतिरिक्त 19,700 एचवाईपीई टोकन बर्न किए हैं। इसी 24 घंटे की समयावधि में नेटवर्क द्वारा जुटाया गया अनुमानित प्रोटोकॉल शुल्क 16.9 लाख डॉलर के स्तर तक पहुंच गया। इसके अलावा, हाइपरलिक्विड का कुल संचयी प्रोटोकॉल राजस्व लगभग 1.38 अरब डॉलर के प्रभावशाली आंकड़े पर दर्ज किया गया है।\n\nएचवाईपीई के तकनीकी संकेत और प्रतिरोध स्तर\nगुरुवार को आई 17 प्रतिशत से अधिक की छलांग के बाद एचवाईपीई अपने सर्वकालिक उच्च प्रतिरोध स्तर 97.9 डॉलर के बेहद करीब पहुंच चुका है। चार्ट विश्लेषण से पता चलता है कि टोकन ने 85 डॉलर के क्षैतिज स्तर के साथ-साथ 82 डॉलर के आसपास स्थित अपने 20-दिवसीय और 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज यानी ईएमए को सफलतापूर्वक पार कर लिया है। यदि टोकन नए रिकॉर्ड स्तर को छूने से चूकता है, तो यही क्षेत्र अब नीचे की ओर महत्वपूर्ण सपोर्ट के रूप में काम करेंगे।\n\nचार्ट पर बने डिसेंडिंग ट्रायंगल के आधार पर यदि एचवाईपीई 97.9 डॉलर के प्रतिरोध को निर्णायक रूप से तोड़ता है, तो इसका अगला तकनीकी लक्ष्य 100.9 डॉलर का स्तर हो सकता है। दूसरी तरफ, मोमेंटम संकेतकों में कुछ सतर्कता भी दिखाई दे रही है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी आरएसआई 69 पर और स्टोकेस्टिक ऑसिलेटर 88 के स्तर पर दर्ज किया गया है, जो यह दर्शाते हैं कि मौजूदा तेजी ओवरबॉट क्षेत्र में प्रवेश कर चुकी है और आने वाले कारोबारी सत्रों में तेजी की यह रफ्तार कुछ धीमी पड़ सकती है।\n\nक्रिप्टो बाजार का व्यापक रुख और फेडरल रिजर्व का असर\nहाइपरलिक्विड में आई इस जोरदार उछाल के विपरीत, व्यापक क्रिप्टोकरेंसी बाजार में मिला-जुला और दबाव भरा रुख देखने को मिला। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा अपनी दो दिवसीय नीति बैठक में ब्याज दरों को 3.75 प्रतिशत से 4.00 प्रतिशत के दायरे में अपरिवर्तित रखने के फैसले के बाद कई प्रमुख डिजिटल संपत्तियों में गिरावट देखी गई। डेरिवेटिव्स पोजीशनिंग और ऑन-चेन दबाव के चलते रिपल और स्टेलर पर भी असर देखा गया। रिपल का भाव 1.30 डॉलर के प्रमुख सपोर्ट की ओर फिसलता नजर आया, जबकि पाई नेटवर्क पर बिक्री दबाव हावी रहने से इसका भाव 0.0740 डॉलर के निकट पहुंच गया। इसके अलावा कार्डानो 4 प्रतिशत से अधिक टूटकर 0.2000 डॉलर के नीचे फिसल गया। वहीं बिटकॉइन शुक्रवार को 81,800 डॉलर के आसपास बना रहा, हालांकि इस सुस्ती के बीच गुरुवार तक स्पॉट एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स यानी ईटीएफ में 44.267 करोड़ डॉलर का शुद्ध संस्थागत निवेश दर्ज किया गया।\n\nइसका आप पर असर\nअमेरिकी वित्तीय विनियामकों की मंजूरी मिलने पर खुदरा निवेशकों को ऑन-चेन परपेचुअल फ्यूचर्स में ट्रेड करने के लिए एक पूरी तरह विनियमित और सुरक्षित मंच मिल सकेगा।\n\n• वैश्विक निवेशकों के लिए: वैश्विक डेरिवेटिव्स ट्रेडर्स अब मुख्यधारा के संस्थागत ब्रोकर्स के जरिए विकेंद्रीकृत बाजारों में सीधी पहुंच बना पाएंगे। इससे उपयोगकर्ताओं को बिना किसी अनधिकृत प्लेटफॉर्म पर जाए सुरक्षित और स्पष्ट नियमों के तहत लेवरेज ट्रेडिंग की सुविधा मिलेगी।\n• टोकन धारकों के लिए: टोकन बर्न की निरंतर प्रक्रिया से एचवाईपीई की कुल बाजार आपूर्ति लगातार घट रही है। करीब 5 प्रतिशत आपूर्ति नष्ट होने और प्रोटोकॉल राजस्व 1.38 अरब डॉलर पहुंचने से मौजूदा धारकों को मजबूत फंडामेंटल सपोर्ट मिल रहा है।\n• तकनीकी ट्रेडर्स के लिए: तकनीकी मोर्चे पर टोकन का आरएसआई 69 और स्टोकेस्टिक 88 पर पहुंचकर ओवरबॉट स्तर दर्शा रहा है। इसका मतलब है कि 97.9 डॉलर के स्तर पर नए खरीदारों को सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि मुनाफावसूली से भाव 85 डॉलर तक नीचे आ सकता है।\n• वॉल स्ट्रीट स्वीकृति: इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज और स्टेन ड्रकनमिलर की भागीदारी से विकेंद्रीकृत वित्त को मुख्यधारा के वित्त जगत में भारी विश्वसनीयता मिली है। आने वाले समय में अन्य पारंपरिक एक्सचेंज भी इसी तरह के ऑन-चेन डेरिवेटिव्स मॉडल को अपना सकते हैं।\n\nऐसा क्यों हुआ\nहाइपरलिक्विड में यह भारी उछाल संस्थागत एक्सचेंज दिग्गज इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज द्वारा अमेरिकी बाजार के लिए एक समर्पित परपेचुअल वेन्यू लाने की घोषणा और नामी निवेशकों के सीधे वित्तीय समर्थन के बाद आया है।\n\n• नियामक साझेदारी की घोषणा: इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज ने ट्रेडएक्सवाईजेड के साथ हाथ मिलाकर सीएफटीसी के दायरे में ऑन-चेन परपेचुअल फ्यूचर्स ट्रेडिंग शुरू करने की स्पष्ट योजना पेश की। इस रणनीतिक कदम से विकेंद्रीकृत डेरिवेटिव्स को अमेरिकी बाजार में कानूनी मान्यता मिलने का रास्ता खुला।\n• अरबपति निवेशकों का समर्थन: दिग्गज वैश्विक निवेशक स्टेन ड्रकनमिलर द्वारा ट्रेडएक्सवाईजेड में निवेश की पुष्टि और एलन मस्क द्वारा उस पर ध्यान आकर्षित किए जाने से बाजार में खरीदारी का जबर्दस्त माहौल बना। हाई-प्रोफाइल नामों के जुड़ने से संस्थागत निवेशकों का भरोसा तुरंत मजबूत हुआ।\n• निरंतर टोकन बर्न और राजस्व: हाइपरलिक्विड प्रोटोकॉल ने अब तक अपनी कुल आपूर्ति का लगभग 5 प्रतिशत यानी 4.987 करोड़ टोकन बर्न कर दिया है, जिसमें अकेले 24 घंटों में 19,700 टोकन नष्ट किए गए। लगातार घटती आपूर्ति और 1.38 अरब डॉलर के संचयी राजस्व ने तेजी को मजबूत आधार दिया।\n• तकनीकी स्तरों का ब्रेकआउट: तकनीकी चार्ट पर एचवाईपीई ने 82 डॉलर पर स्थित अपने 20-दिवसीय और 50-दिवसीय ईएमए तथा 85 डॉलर के क्षैतिज प्रतिरोध को पार कर लिया। इस तकनीकी ब्रेकआउट ने शॉर्ट सेलर्स को पोजीशन काटने और मोमेंटम खरीदारों को आकर्षित करने पर मजबूर किया।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. हाइपरलिक्विड (एचवाईपीई) के भाव में 17 प्रतिशत की तेजी क्यों आई?\nइंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज द्वारा ट्रेडएक्सवाईजेड के साथ साझेदारी की घोषणा और अरबपति निवेशक स्टेन ड्रकनमिलर के निवेश की खबर से टोकन में भारी तेजी आई।\n\n2. इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज अमेरिका में क्या शुरू करने की योजना बना रहा है?\nएक्सचेंज सीएफटीसी की मंजूरी के बाद अमेरिका में हाइपरलिक्विड आधारित 24/7 परपेचुअल फ्यूचर्स ट्रेडिंग के लिए एक समर्पित विनियमित मंच शुरू करना चाहता है।\n\n3. संस्थागत ग्राहकों को जोखिम से बचाने के लिए क्या व्यवस्था की गई है?\nइस नए कारोबार को इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज के मौजूदा संस्थागत फ्यूचर्स और क्लियरिंग संचालन से पूरी तरह अलग रखा जाएगा।\n\n4. हाइपरलिक्विड ने अब तक कितने टोकन बर्न किए हैं?\nप्रोटोकॉल ने अब तक अपनी कुल 1 अरब की अधिकतम आपूर्ति का करीब 5 प्रतिशत यानी लगभग 4.987 करोड़ एचवाईपीई टोकन बर्न कर दिया है।\n\n5. एचवाईपीई के लिए अगला प्रमुख तकनीकी प्रतिरोध स्तर कौन सा है?\nटोकन का निकटतम सर्वकालिक उच्च प्रतिरोध 97.9 डॉलर पर है, जिसे पार करने पर इसका अगला तकनीकी लक्ष्य 100.9 डॉलर हो सकता है।\n\n6. बिटनोमियल और निंजाट्रेडर इस समझौते में क्या भूमिका निभाएंगे?\nबिटनोमियल बाजारों के निर्माण, संचालन और सेटलमेंट की जिम्मेदारी संभालेगा, जबकि निंजाट्रेडर क्लियरिंग ग्राहकों के ट्रेडिंग खातों का प्रबंधन करेगा।",
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