ईरान और अमेरिका में परोक्ष बातचीत की सुगबुगाहट के बीच फिसले बिटकॉइन और सोना, कच्चे तेल में तेजी खाड़ी क्षेत्र में कूटनीतिक हलचल और सात महीने के संघर्ष को थामने की कोशिशों के बीच डिजिटल करेंसी और बुलियन बाजार में मुनाफावसूली हावी रही, जबकि कच्चा तेल चढ़कर 94 डॉलर पर पहुंच गया। अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों में कूटनीतिक घटनाक्रमों और मध्य पूर्व में बन रहे नए कूटनीतिक समीकरणों का असर साफ देखने को मिल रहा है। वाशिंगटन और तेहरान के बीच महीनों से जारी सैन्य गतिरोध को समाप्त करने के लिए परोक्ष वार्ताओं के नए दौर की संभावनाओं के बीच सुरक्षित निवेश समझे जाने वाले सोने और डिजिटल संपत्ति बिटकॉइन दोनों में बिकवाली का दबाव दर्ज किया गया। निवेशक इस समय खाड़ी क्षेत्र के नए कूटनीतिक रुख और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर सतर्क रुख अपना रहे हैं, जिससे तेल की कीमतों को सहारा मिला है जबकि सट्टेबाजी वाली संपत्तियों में मुनाफावसूली का दौर देखा जा रहा है। कूटनीतिक हलकों में चल रही चर्चाओं के अनुसार, अमेरिकी और ईरानी पक्ष सोमवार अथवा मंगलवार को फिर से अप्रत्यक्ष चर्चाओं की मेज पर लौट सकते हैं। संयुक्त राष्ट्र महासभा के हालिया सत्र के तुरंत बाद ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची और कतरी मध्यस्थ संयुक्त राज्य अमेरिका में ही मौजूद रहे। बातचीत का मुख्य आधार तेहरान द्वारा पेश किया गया सात दिवसीय शांति प्रस्ताव बताया जा रहा है, जिसे महासभा के इतर रखा गया था। इस योजना का उद्देश्य पिछले सात महीनों से जारी संघर्ष को विराम देना तथा व्यापारिक दृष्टि से रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य के समुद्री मार्ग को सामान्य आवाजाही के लिए खोलना है। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आरंभिक शर्तों को सीधे तौर पर नकार दिया था, फिर भी कतर की मध्यस्थता से दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों के साथ अलग-अलग बैठकों का दौर आगे बढ़ने की उम्मीद बनी हुई है। ईरान की प्रमुख मांगों में उसके बंदरगाहों पर लगी अमेरिकी नौसैनिक घेराबंदी हटाना, पेट्रोलियम निर्यात पर लगे प्रतिबंधों में छूट या ढील देना तथा विभिन्न अंतरराष्ट्रीय खातों में फंसी उसकी संपत्तियों को मुक्त करना शामिल है। बिटकॉइन चार्ट पर तकनीकी सुधार और संस्थागत पूंजी का प्रवाह क्रिप्टोकरेंसी के मुख्य सूचकांक बिटकॉइन में 87,000 डॉलर से ऊपर की हालिया ऊंचाई छूने के बाद तकनीकी सुधार का दौर जारी है। 84,000 डॉलर के मनोवैज्ञानिक दायरे से फिसलने के बाद टोकन 83,000 डॉलर के इर्द-गिर्द ठहराव तलाश रहा है। हालिया सत्र के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, स्पॉट बिटकॉइन 83,108 डॉलर के आसपास कारोबार करता दिखा, जो पिछले बंद स्तर 84,458 डॉलर की तुलना में 1.60 प्रतिशत की दैनिक नरमी दर्शाता है। ट्रेडिंग वॉल्यूम अपने 20 दिवसीय औसत के मुकाबले 1.29 गुना रहा, जिससे स्पष्ट है कि मौजूदा स्तरों पर सौदों की अदला-बदली तेज रही है। पूरे 52 हफ्तों के दौरान टोकन ने 57,748 डॉलर के निचले स्तर से लेकर 92,798 डॉलर तक का दायरा दिखाया है। तकनीकी संकेतकों का गहन अध्ययन बताता है कि हालिया गिरावट के बावजूद बाजार का ढांचा पूरी तरह मंदड़ियों के हवाले नहीं हुआ है। चार्ट पर 20 दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) 81,556 डॉलर पर, 50 दिवसीय ईएमए 77,280 डॉलर पर और 200 दिवसीय ईएमए 75,016 डॉलर पर विद्यमान है। इसके अलावा 50 दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज 76,470 डॉलर और 200 दिवसीय एसएमए 71,136 डॉलर पर है। 50 दिवसीय ईएमए का 200 दिवसीय ईएमए से ऊपर बना रहना गोल्डन क्रॉस की पुष्टि करता है, जो दीर्घकालिक बढ़त के रुझान को बरकरार रखता है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 59 से 60 के संतुलित दायरे में टिका हुआ है, जबकि मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस (MACD) 2277.63 पर सिग्नल रेखा 2228.74 से ऊपर 48.89 के सकारात्मक हिस्टोग्राम के साथ खरीदारों की मौजूदगी को साबित कर रहा है। औसत दिशात्मक सूचकांक (ADX) 43 पर मजबूत ट्रेंडिंग रफ्तार दिखा रहा है, वहीं बोलिंजर बैंड्स का दायरा 73,304 डॉलर से 88,022 डॉलर के बीच फैला हुआ है जिसका मध्य स्तर 80,663 डॉलर है। दैनिक आधार पर तात्कालिक सपोर्ट के तौर पर सुपरट्रेंड 78,352 डॉलर पर तैनात है। यदि बिकवाली और गहराती है तो 77,311 डॉलर के आसपास 50 दिवसीय ईएमए पर नए खरीदार सक्रिय हो सकते हैं। इससे नीचे 73,939 डॉलर पर 100 दिवसीय ईएमए तथा 74,592 डॉलर पर 200 दिवसीय ईएमए एक मजबूत तकनीकी आधार बनाते हैं। इंट्राडे ट्रेडर्स के लिए पाइवट बिंदु 83,149 डॉलर है, जहां से पहला प्रतिरोध 83,498 डॉलर और दूसरा अवरोध 83,888 डॉलर पर है, जबकि नीचे की तरफ पहला सपोर्ट 82,760 डॉलर और दूसरा 82,411 डॉलर पर स्थित है। 2,180.40 डॉलर की एवरेज ट्रू रेंज (ATR) रोजाना के उतार-चढ़ाव में स्टॉप-लॉस निर्धारित करने के लिए मुख्य पैमाना बनी हुई है। विश्लेषकों का मानना है कि 1 से 6 सप्ताह के अल्पकालिक नजरिए से निवेशक उच्च भाव चुकाकर खरीदारी कर रहे हैं, जहां 81,000 पर आधार और 86,600 पर बाधा है। हालांकि 1 से 6 महीने के मध्यम अवधि के पैमाने पर 84,000 का स्तर टूटने से कुछ कमजोरी का संकेत मिलता है, परंतु लंबी अवधि में 82,210 के पार डबल बॉटम पैटर्न बनने से 104,433 डॉलर तक की संभावित तेजी का रास्ता खुला हुआ है। सोने में बिकवाली का दबाव और कच्चे तेल में उछाल बुलियन बाजार में कीमती धातु सोने में कमजोरी का रुख और गहरा गया है। अंतरराष्ट्रीय हाजिर सोना गिरकर 4,122 डॉलर प्रति औंस के करीब आ गया, जिससे व्यापारियों की निगाहें अब 4,100 डॉलर और उसके नीचे 4,000 डॉलर के मनोवैज्ञानिक मांग क्षेत्र पर टिक गई हैं। चार्ट संरचना के अनुसार, सोने का अल्पकालिक रुझान मंदड़ियों के नियंत्रण में बना हुआ है क्योंकि हाजिर भाव प्रमुख मूविंग एवरेजेज के नीचे फंसा हुआ है। इसमें 200 दिवसीय ईएमए 4,316 डॉलर, 50 दिवसीय ईएमए 4,329 डॉलर और 100 दिवसीय ईएमए 4,352 डॉलर पर ऊपरी अवरोध के रूप में काम कर रहे हैं। इसके ऊपर सुपरट्रेंड बैरियर 4,491 डॉलर और नीचे की ओर झुकती ट्रेंडलाइन का ब्रेकआउट स्तर 4,482 डॉलर पर है, जिससे किसी भी तेज उछाल के सीमित रहने की संभावना है। सोने का एमएसीडी शून्य से नीचे बना हुआ है जो लगातार नकारात्मक दबाव दर्शाता है, यद्यपि 35 के करीब पहुंच चुका आरएसआई इस बात का संकेत दे रहा है कि बाजार ओवरसोल्ड दायरे के करीब है और बिकवाली की रफ्तार धीमी पड़ सकती है। इसके विपरीत, ऊर्जा बाजार में तेजी देखने को मिली। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड ऑयल वायदा 91.40 डॉलर के दैनिक निचले स्तर से सुधरकर 94.00 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। हालांकि कूटनीतिक वार्ताओं से होर्मुज जलडमरूमध्य के खुलने की उम्मीद जगी है, लेकिन अमेरिकी प्रतिबंधों में ढील और नौसैनिक नाकेबंदी हटाने पर ठोस सहमति बनने तक तेल आयातक रिस्क प्रीमियम का आकलन कर रहे हैं। क्रिप्टो बाजार की अन्य प्रमुख संपत्तियों का हाल डिजिटल परिसंपत्तियों के व्यापक बाजार में भी सतर्कता का माहौल रहा। एक्सआरपी लगातार तीन दिनों की गिरावट के साथ 1.50 डॉलर के नीचे फिसल गया, जिससे पिछले सप्ताह हासिल की गई बढ़त का बड़ा हिस्सा मिट गया। अमेरिकी बाजारों में सूचीबद्ध स्पॉट एक्सआरपी ईटीएफ में पिछले सप्ताह 76 मिलियन डॉलर की नई पूंजी आने के बावजूद मुनाफावसूली का दबाव बना रहा। इसी प्रकार एथेरियम में बिकवाली हावी रहने से इसका भाव 2,650 डॉलर से नीचे आ गया। पाई नेटवर्क में भी गिरावट जारी रही और टोकन 0.090 डॉलर के नीचे लुढ़क गया, जिससे पिछले हफ्ते की 6 प्रतिशत की रिकवरी दांव पर लग गई। पाई कोर टीम ने आगामी 16 अक्टूबर को प्रोटोकॉल 28 अपग्रेड जारी करने का कार्यक्रम तय किया है, जिसमें ट्रांजैक्शन डेटा प्रबंधन को सुधारने और स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट रखरखाव को सुदृढ़ करने पर विशेष बल दिया जाएगा। डिजिटल परिसंपत्ति बाजार की बुनियादी अवधारणाएं क्रिप्टो बाजार की कार्यप्रणाली को समझने के लिए कुछ बुनियादी अवधारणाएं महत्वपूर्ण हैं। बिटकॉइन पूंजीकरण के आधार पर सबसे बड़ी आभासी मुद्रा है, जिसे विकेंद्रीकृत डिजिटल धन के रूप में डिजाइन किया गया था ताकि वित्तीय लेनदेन के दौरान बिचौलियों या किसी केंद्रीय निकाय पर निर्भरता खत्म की जा सके। बिटकॉइन के अलावा मौजूद अन्य सभी टोकनों को आल्टकॉइन कहा जाता है, हालांकि व्यापक उपयोग और प्रोटोकॉल निर्माण के कारण कई विश्लेषक एथेरियम को स्वतंत्र श्रेणी में रखते हैं। तकनीकी विभाजन या फोर्क के संदर्भ में लाइटकॉइन को बिटकॉइन प्रोटोकॉल से अलग होकर बना पहला प्रमुख आल्टकॉइन माना जाता है। दूसरी ओर, भारी उतार-चढ़ाव से निवेशकों को बचाने के लिए स्टेबलकॉइन्स की रचना की गई है। इनका मूल्य सामान्यतः अमेरिकी डॉलर या किसी वस्तु से निर्धारित अनुपात में बंधा रहता है और इनका समर्थन आरक्षित संपत्तियों द्वारा किया जाता है। स्टेबलकॉइन निवेशकों को क्रिप्टो परिवेश में प्रवेश करने और बाहर निकलने का सुरक्षित जरिया प्रदान करते हैं। इसके साथ ही, पूरे क्रिप्टो बाजार के कुल मूल्यांकन में बिटकॉइन की हिस्सेदारी को बिटकॉइन डोमिनेंस कहा जाता है। तेजी के शुरुआती दौर में निवेशक अक्सर सुरक्षा की दृष्टि से बिटकॉइन का रुख करते हैं जिससे डोमिनेंस बढ़ता है, जबकि बाजार में जोखिम लेने की क्षमता बढ़ने पर पूंजी आल्टकॉइन की ओर स्थानांतरित होने लगती है जिससे व्यापक रैलियों को बल मिलता है। इसका आप पर असर कूटनीतिक वार्ताओं और बाजार में तकनीकी सुधार के कारण घरेलू और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के पोर्टफोलियो पर सीधा असर पड़ सकता है। • भारत में: कच्चे तेल के 94 डॉलर पर टिके रहने से सरकारी तेल कंपनियों पर आयात बिल का दबाव बढ़ सकता है। यदि यह तेजी लंबी खिंचती है तो आम उपभोक्ताओं के लिए पेट्रोल-डीजल और परिवहन लागत में बढ़ोतरी का खतरा रहेगा। • सोने के खरीदारों के लिए: अंतरराष्ट्रीय बुलियन में भाव गिरकर 4,122 डॉलर के पास आने से भारतीय सर्राफा बाजार में भी नरमी देखने को मिल सकती है। त्योहारी या व्यक्तिगत खरीदारी की योजना बना रहे लोगों के लिए यह गिरावट धीरे-धीरे खरीदारी का मौका दे सकती है। • क्रिप्टो निवेशकों के लिए: बिटकॉइन में 84,000 डॉलर से नीचे का सुधार यह दर्शाता है कि हालिया तेजी के बाद शॉर्ट-टर्म में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। खुदरा व्यापारियों को किसी भी नए सौदे से पहले 78,352 डॉलर और 77,280 डॉलर के प्रमुख सपोर्ट लेवल्स पर नजर रखनी चाहिए। • वैश्विक व्यापार के लिए: होर्मुज जलडमरूमध्य के संभावित रूप से दोबारा खुलने की बातचीत से समुद्री माल ढुलाई के भाड़े स्थिर हो सकते हैं। आयात-निर्यात से जुड़े व्यवसायों को कतर में होने वाली बैठकों के नतीजों पर नजर रखनी होगी। ऐसा क्यों हुआ वित्तीय बाजारों में यह फेरबदल कूटनीतिक वार्ताओं की शुरुआत और तकनीकी स्तरों पर मुनाफावसूली का सीधा नतीजा है। • कूटनीतिक वार्ता की तैयारी: कतर की मध्यस्थता में ईरान के सात दिवसीय प्रस्ताव पर नए सिरे से चर्चा होने की संभावना ने सुरक्षित निवेश की मांग को आंशिक रूप से प्रभावित किया है। इस समझौते का मकसद सात महीने पुराने युद्ध को समाप्त करना और होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना है। • कड़ी अमेरिकी शर्तें: पूर्व में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरानी मांगों को खारिज किए जाने के बावजूद वार्ता प्रक्रिया का आगे बढ़ना तेल और मुद्रा बाजारों में सतर्कता बनाए हुए है। जब तक प्रतिबंधों में छूट और नाकेबंदी हटाने पर स्थिति साफ नहीं होती, अनिश्चितता कायम रहेगी। • तकनीकी स्तरों पर मुनाफावसूली: हाल ही में 87,000 डॉलर से ऊपर जाने के बाद बिटकॉइन के निवेशक ऊंचे स्तरों पर मुनाफा समेट रहे हैं। इसी तरह सोने के प्रमुख मूविंग एवरेजेज से नीचे बने रहने के कारण तकनीकी रूप से मंदड़ियों का दबाव बना हुआ है। सवाल-जवाब 1. अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत कब शुरू होने की उम्मीद है? कूटनीतिक सूत्रों के अनुसार दोनों देशों के बीच सोमवार या मंगलवार को कतर की मध्यस्थता में अप्रत्यक्ष बातचीत फिर से शुरू होने की संभावना है। 2. ईरान के सात दिवसीय प्रस्ताव में मुख्य मांगें क्या हैं? ईरान ने अपने बंदरगाहों से अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाने, तेल निर्यात पर लगे प्रतिबंधों में ढील देने और अपनी जब्त संपत्तियों को छोड़ने की मांग रखी है। 3. बिटकॉइन के लिए तात्कालिक सपोर्ट लेवल्स कौन से हैं? चार्ट के अनुसार पहला प्रमुख सपोर्ट सुपरट्रेंड रेखा 78,352 डॉलर पर और उसके बाद 50 दिवसीय ईएमए 77,311 डॉलर के पास स्थित है। 4. सोने की कीमतों में गिरावट का मुख्य तकनीकी कारण क्या है? सोना 4,122 डॉलर पर 50, 100 और 200 दिवसीय मूविंग एवरेजेज के नीचे फंसा हुआ है, जिससे इस पर लगातार बिकवाली का दबाव बना हुआ है। 5. पाई नेटवर्क का आगामी अपग्रेड कब होने वाला है? पाई कोर टीम द्वारा 16 अक्टूबर को प्रोटोकॉल 28 अपग्रेड पेश करने की योजना है, जो डेटा हैंडलिंग और स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स पर केंद्रित होगा। https://trendkia.com/crypto/iran-aura-us-men-paroksha-batachita-ki-sugabugahata-ke-bicha-phisale-bitcoin-aura-sona-kachche-tela-men-teji-40108 TrendKia — Har trend, sabse pehle.