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  "type": "article",
  "title": "क्रिप्टो बाजार में सुस्ती के बीच बिटकॉइन और प्रमुख टोकनों ने थामी गिरावट",
  "summary": "महंगाई के आंकड़ों और संस्थागत फंड्स से निकासी के दबाव के बावजूद बिटकॉइन बयासी हजार डॉलर के ऊपर टिका हुआ है, जबकि इथेरियम और एक्सआरपी सीमित दायरे में कारोबार कर रहे हैं।",
  "content": "वैश्विक डिजिटल एसेट बाजार में पिछले कुछ सत्रों से जारी भारी बिकवाली के बाद अब प्रमुख क्रिप्टोकरंसीज में ठहराव के संकेत मिलने लगे हैं। अमेरिकी अर्थव्यवस्था से आए मुद्रास्फीति के कड़े आंकड़ों और एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स से संस्थागत पूंजी की लगातार निकासी ने निवेशकों के सेंटिमेंट पर दबाव बनाया था। इसके बावजूद सबसे बड़ी आभासी मुद्रा बिटकॉइन ने बयासी हजार डॉलर के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर की रक्षा करते हुए अपनी स्थिति मजबूत करने का प्रयास किया है। दूसरी तरफ इथेरियम और एक्सआरपी जैसे शीर्ष टोकन भी भारी गिरावट से उबरते हुए अहम तकनीकी सपोर्ट लेवल्स के इर्द-गिर्द खुद को संभालने की जद्दोजहद में जुटे हैं।\n\nबिटकॉइन की चाल और तकनीकी संकेत\nअक्टूबर के कारोबारी सत्र में डिजिटल एसेट्स पर दबाव स्पष्ट देखा गया, जब बिटकॉइन फिसलकर अस्सी हजार डॉलर के नीचे चला गया था। हालांकि शुक्रवार तक इसमें रिकवरी दर्ज की गई और यह वापस बयासी हजार डॉलर की दहलीज पार करने में सफल रहा। लेख के समय यह 82,186 डॉलर के आसपास सक्रिय रहा, जबकि हालिया क्लोजिंग सत्र में लाइव मार्केट आंकड़े 81,013 डॉलर के स्तर को दर्शाते हैं। तकनीकी चार्ट पर नजर डालें तो बिटकॉइन अपने पचास, सौ और दो सौ दिनों के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (ईएमए) के ऊपर बना हुआ है, जो माध्यम अवधि के लिहाज से एक सकारात्मक संरचना का संकेत देता है।\n\nबाजार विश्लेषकों का मानना है कि बिटकॉइन के लिए 80,446 डॉलर पर स्थित पचास दिन का ईएमए निकटतम गतिशील सपोर्ट का काम कर रहा है। इसके ठीक नीचे 79,663 डॉलर के स्तर पर सुपरट्रेंड इंडिकेटर मौजूद है, जो गिरावट की स्थिति में एक मजबूत सुरक्षा कवच तैयार करता है। यदि बाजार में मंदी का दबाव गहराता है, तो सौ दिन का ईएमए 76,827 डॉलर और दो सौ दिन का ईएमए 75,830 डॉलर के दायरे में महत्वपूर्ण रक्षात्मक स्तर साबित हो सकते हैं। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स 45 से 49 के बीच न्यूट्रल जोन में होने और एमएसीडी हिस्टोग्राम के मामूली नकारात्मक रहने से संकेत मिलता है कि आगामी तेजी की रफ्तार धीमी और संघर्षपूर्ण रह सकती है।\n\nइथेरियम पर ईटीएफ निकासी का गहराया साया\nस्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट की दुनिया का अग्रणी नेटवर्क इथेरियम 2,455 डॉलर के स्तर पर कंसोलिडेट कर रहा है। हालांकि इस टोकन को संस्थागत मोर्चे पर लगातार पूंजी निकासी की मार झेलनी पड़ रही है। स्पॉट ईटीएफ के जरिए गुरुवार को साठ मिलियन डॉलर की शुद्ध निकासी दर्ज की गई, जबकि इससे ठीक एक दिन पहले बुधवार को 129 मिलियन डॉलर की भारी बिकवाली हुई थी। मंगलवार को दर्ज 25 मिलियन डॉलर के अकेले सकारात्मक निवेश को छोड़ दें, तो उनतीस सितंबर के बाद से ही इथेरियम ईटीएफ से लगातार संस्थागत पूंजी बाहर जा रही है।\n\nतकनीकी मोर्चे पर इथेरियम 2,358 डॉलर के सौ दिवसीय ईएमए और 2,304 डॉलर के दो सौ दिवसीय ईएमए से ऊपर टिका हुआ है, जो मंदी के बीच खरीदारों की मौजूदगी दर्शाता है। फिर भी ऊपर की तरफ 2,494 डॉलर पर पचास दिवसीय ईएमए और 2,693 डॉलर पर स्थित सुपरट्रेंड इंडिकेटर इसके लिए कड़े प्रतिरोध बने हुए हैं। 41 के आसपास मौजूद आरएसआई कमजोर मोमेंटम की ओर इशारा करता है, जिससे साफ है कि जब तक यह 2,500 डॉलर के दायरे को पार नहीं करता, तब तक कीमतों में तेज उछाल आना मुश्किल है।\n\nएक्सआरपी की स्थिति और आरएलयूएसडी की बढ़ती स्वीकार्यता\nक्रॉस बॉर्डर पेमेंट टोकन एक्सआरपी 1.34 डॉलर के स्तर पर कारोबार कर रहा है। यह अपने सौ दिवसीय ईएमए यानी 1.34 डॉलर के ठीक ऊपर टिका हुआ है, लेकिन ऊपरी स्तरों पर भारी आपूर्ति का सामना कर रहा है। इसके लिए दो सौ दिवसीय ईएमए 1.38 डॉलर और पचास दिवसीय ईएमए 1.39 डॉलर पर मौजूद हैं। जब तक एक्सआरपी इन दोनों लेवल्स के पार दैनिक क्लोजिंग दर्ज नहीं करता, तब तक इसमें तकनीकी मंदी का जोखिम बना रहेगा। संस्थागत निवेश की बात करें तो गुरुवार को एक्सआरपी आधारित फंड्स से 105,000 डॉलर की हल्की निकासी हुई, जबकि बुधवार को 740,000 डॉलर का प्रवाह देखा गया था।\n\nदूसरी ओर रिपल के नए स्टेबलकॉइन आरएलयूएसडी को संस्थागत वित्तीय जगत में अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। एक प्रमुख वाणिज्यिक बैंक ने इसके लिए कस्टडी सेवाएं शुरू की हैं, जिससे बड़े निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। साथ ही नए वॉलेट एकीकरण के जरिए डेवलपर्स के लिए पेमेंट और ऑटोमेटेड एप्लीकेशंस बनाना आसान हुआ है, जबकि एक प्रमुख ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म ने सेटलमेंट प्रक्रिया के लिए इस स्टेबलकॉइन के इस्तेमाल की योजना बनाई है।\n\nमैक्रो कारक और ईटीएफ का महत्व\nक्रिप्टोकरंसी बाजार में यह सुस्ती अकेले तकनीकी कारणों से नहीं है, बल्कि व्यापक आर्थिक परिवेश भी इसमें बड़ी भूमिका निभा रहा है। अमेरिका में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक और उत्पादक मूल्य सूचकांक के आंकड़े उम्मीद से अधिक गर्म रहे हैं, जिससे मुद्रास्फीति का जोखिम फिर से बढ़ गया है। भू-राजनीतिक तनावों के बीच निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता कमजोर हुई है, जिसके चलते पारंपरिक और डिजिटल दोनों संपत्तियों में सतर्कता बरती जा रही है।\n\nएक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स आज पारंपरिक वित्तीय संस्थाओं के लिए डिजिटल एसेट्स में निवेश का मुख्य जरिया बन चुके हैं। अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन ने अक्टूबर 2021 में पहले फ्यूचर्स ईटीएफ को मंजूरी दी थी, जबकि जनवरी 2024 में स्पॉट बिटकॉइन ईटीएफ को हरी झंडी दिखाकर संस्थागत पूंजी के लिए दरवाजे पूरी तरह खोल दिए थे। हालांकि ईटीएफ के जरिए संपत्ति का सीधा स्वामित्व नहीं मिलता, लेकिन कस्टडी की सुरक्षा और सरलता के कारण यह संस्थागत निवेशकों की पहली पसंद बना हुआ है। जब तक व्यापक आर्थिक मोर्चे पर स्पष्टता नहीं आती, तब तक क्रिप्टो बाजार सीमित दायरे में मजबूती तलाशने का काम जारी रखेगा।\n\nइसका आप पर असर\nक्रिप्टो बाजार में जारी उतार-चढ़ाव और संस्थागत फंड्स की निकासी का सीधा असर खुदरा निवेशकों और ट्रेडर्स की पोर्टफोलियो रणनीति पर पड़ता है।\n\n• खुदरा निवेशकों के लिए: प्रमुख टोकनों द्वारा सपोर्ट स्तरों की रक्षा किए जाने से फिलहाल पैनिक सेलिंग टल गई है। लंबी अवधि के निवेशकों को जल्दबाजी में खरीदारी करने के बजाय 80,000 डॉलर के आसपास बिटकॉइन की स्थिरता पर नजर रखनी चाहिए।\n• डे ट्रेडर्स के लिए: कीमतों का सीमित दायरे में फंसना रेंज बाउंड ट्रेडिंग के अवसर पैदा करता है। 80,446 डॉलर का पचास दिवसीय ईएमए बिटकॉइन के लिए अहम स्टॉप लॉस स्तर के रूप में काम आ सकता है।\n• ईटीएफ निवेशकों के लिए: संस्थागत फंड्स से निरंतर आउटफ्लो यह दर्शाता है कि बड़े फंड मैनेजर अभी अतिरिक्त जोखिम लेने से बच रहे हैं। जब तक इनफ्लो दोबारा सकारात्मक नहीं होता, तब तक रिटर्न पर दबाव बना रह सकता है।\n• पोर्टफोलियो डायवर्सिफिकेशन: मैक्रो महंगाई के आंकड़ों के चलते पूरे एसेट क्लास में सतर्कता की जरूरत है। निवेशकों को अपने कुल निवेश का सीमित हिस्सा ही अत्यधिक अस्थिर टोकनों में आवंटित करना चाहिए।\n\nऐसा क्यों हुआ\nक्रिप्टोकरंसी बाजार में गिरावट के बाद ठहराव और सुस्ती के पीछे मैक्रो आर्थिक आंकड़े और बड़े फंड्स का रुख सबसे अहम वजह रहे हैं।\n\n• महंगाई के गर्म आंकड़े: अमेरिका में सीपीआई और पीपीआई के ताजा आंकड़ों ने उम्मीद से ज्यादा महंगाई का संकेत दिया है। इसके चलते केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में तेजी से कटौती की उम्मीदें कमजोर हुईं और जोखिम भरी संपत्तियों से पैसा खिंचने लगा।\n• स्पॉट ईटीएफ से लगातार निकासी: संस्थागत निवेशकों ने इथेरियम और अन्य फंड्स से लगातार पूंजी निकाली है। अकेले इथेरियम ईटीएफ से दो दिनों में 189 मिलियन डॉलर का आउटफ्लो दर्ज किया गया, जिससे खरीदारी का दबाव घट गया।\n• मजबूत तकनीकी सपोर्ट: भारी बिकवाली के बावजूद बिटकॉइन के 50-दिवसीय और 100-दिवसीय मूविंग एवरेज ने कीमतों को सहारा दिया। अस्सी हजार डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर पर खरीदारों की सक्रियता ने गिरावट को तुरंत बढ़ने से रोक दिया।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. बिटकॉइन वर्तमान में किस स्तर पर कारोबार कर रहा है?\nबिटकॉइन हालिया कारोबारी सत्र में 82,186 डॉलर के आसपास सक्रिय रहा और अस्सी हजार डॉलर के ऊपर अपनी पकड़ बनाए हुए है।\n\n2. इथेरियम ईटीएफ से कितनी निकासी दर्ज की गई है?\nइथेरियम स्पॉट ईटीएफ से गुरुवार को साठ मिलियन डॉलर और उससे पहले बुधवार को 129 मिलियन डॉलर की शुद्ध निकासी देखी गई।\n\n3. एक्सआरपी के लिए मुख्य तकनीकी बाधाएं क्या हैं?\nएक्सआरपी को तेजी बहाल करने के लिए 1.38 डॉलर के दो सौ दिवसीय ईएमए और 1.39 डॉलर के पचास दिवसीय ईएमए के ऊपर निकलना होगा।\n\n4. क्रिप्टो बाजार में हालिया दबाव का मुख्य व्यापक कारण क्या है?\nअमेरिका में उम्मीद से अधिक गर्म मुद्रास्फीति आंकड़े और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण बाजार पर दबाव बना हुआ है।",
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  "category": "क्रिप्टो",
  "publishedAt": "2026-10-16",
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