क्या एक बार फिर 1 डॉलर के नीचे लुढ़केगा रिपल का XRP, जानिए बाजार में क्या चल रहा है रिपल का XRP टोकन एक बार फिर 1 डॉलर के स्तर से नीचे फिसलने के कगार पर है। महंगाई, ब्याज दरों और भू-राजनीतिक तनाव के बीच निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। रिपल का XRP टोकन एक बार फिर 1 डॉलर के अहम स्तर से नीचे फिसलने के खतरे में आ गया है। इससे पहले 6 जून 2026 को भी इस क्रिप्टोकरेंसी को ऐसा ही झटका लगा था, जब इसकी कीमत गिरकर 1.06 डॉलर पर आ गई थी। उस समय बाजार में आई तेजी के बाद XRP ने 1 डॉलर से ठीक ऊपर से वापसी तो की, लेकिन यह उछाल ज्यादा देर नहीं टिक सका। अचानक आई उठापटक ने निवेशकों को बेचैन कर दिया है और अब सबकी नजर इस बात पर है कि आगे क्या होगा। क्या 1 डॉलर के नीचे जाएगा XRP या फिर करेगा वापसी इस साल मई की शुरुआत में क्रिप्टो बाजार में कुछ हद तक सुधार दिखा था। उस दौरान बिटकॉइन थोड़ी देर के लिए वापस 82,000 डॉलर के ऊपर पहुंच गया था। XRP ने भी हल्की रिकवरी की, लेकिन 1.55 डॉलर पर इसे तगड़ा रेजिस्टेंस मिल गया और यहीं से इसकी रफ्तार थम गई। बाजार की यह रिकवरी टिकाऊ साबित नहीं हुई। पिछले कई महीनों से XRP लगातार नीचे की ओर बढ़ रहा है। दरअसल, क्रिप्टो बाजार में गिरावट का सिलसिला अक्टूबर 2025 में शुरू हुआ, जब बड़े आर्थिक स्तर पर अनिश्चितता बढ़ने लगी। इस साल की शुरुआत में अमेरिका और ईरान के बीच टकराव ने आग में घी का काम किया। हाल की बिकवाली की पहली लहर तब आई, जब महंगाई के आंकड़ों यानी CPI डेटा से पता चला कि मई 2026 में अमेरिका में महंगाई दर बढ़कर 4.2% पर पहुंच गई। इसी वजह से अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरें जस की तस रखने का फैसला किया। XRP की कीमत को दोबारा झटका तब लगा, जब अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते को लेकर शक के बादल मंडराने लगे। अगर यह शांति समझौता आगे नहीं बढ़ता, तो होर्मुज जलडमरूमध्य एक बार फिर बंद हो सकता है। ऐसी स्थिति ऊर्जा संकट को जन्म दे सकती है। अगर तेल की कीमतें भड़कती हैं, तो अर्थव्यवस्था पर दबाव और बढ़ना तय है। इससे महंगाई और ऊपर जा सकती है और फेडरल रिजर्व ब्याज दरें बढ़ाने का कदम उठा सकता है। XRP और दूसरी क्रिप्टोकरेंसी बाजार की सबसे जोखिम भरी संपत्तियों में गिनी जाती हैं। आमतौर पर जब ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो इन हाई रिस्क एसेट्स को सबसे ज्यादा नुकसान झेलना पड़ता है। आगे क्या रह सकता है रुख बाजार का कुल मिलाकर माहौल मंदी वाला है, ऐसे में इस बात की पूरी आशंका है कि XRP अपनी मौजूदा गिरावट की राह पर बना रहेगा। हो सकता है कि इस संपत्ति को 1 डॉलर से ठीक ऊपर कुछ सहारा मिल जाए, लेकिन इसके बाद यह एक दायरे में सपाट चाल यानी साइडवेज ट्रेंड में फंस सकता है। इसका आप पर असर अगर आपने XRP या किसी क्रिप्टोकरेंसी में पैसा लगाया है, तो यह खबर सीधे आपके पोर्टफोलियो से जुड़ी है। • निवेशकों के लिए: XRP के 1 डॉलर से नीचे फिसलने का जोखिम है, इसलिए हाई रिस्क एसेट्स में अपने एक्सपोजर को लेकर सतर्क रहना जरूरी है। • आम बाजार पर असर: अगर तेल की कीमतें और महंगाई बढ़ती है और ब्याज दरें ऊपर जाती हैं, तो जोखिम भरी संपत्तियों में और गिरावट आ सकती है। सवाल-जवाब 1. XRP की कीमत को लेकर मौजूदा खतरा क्या है? XRP के एक बार फिर 1 डॉलर के अहम स्तर से नीचे फिसलने का खतरा बना हुआ है। 2. 6 जून 2026 को XRP की कीमत कितनी गिर गई थी? उस दिन XRP गिरकर 1.06 डॉलर पर आ गया था। 3. मई में XRP को किस स्तर पर रेजिस्टेंस मिला था? हल्की रिकवरी के बाद XRP को 1.55 डॉलर पर बड़ा रेजिस्टेंस मिला था। 4. मई 2026 में अमेरिका में महंगाई दर कितनी थी? CPI डेटा के मुताबिक मई 2026 में अमेरिका में महंगाई बढ़कर 4.2% पर पहुंच गई थी। 5. होर्मुज जलडमरूमध्य का इस मामले से क्या संबंध है? अगर अमेरिका-ईरान शांति समझौता आगे नहीं बढ़ता, तो होर्मुज जलडमरूमध्य फिर बंद हो सकता है, जिससे ऊर्जा संकट और तेल की कीमतों में उछाल आ सकता है। 6. आगे XRP की चाल कैसी रह सकती है? बाजार के मंदी वाले माहौल में XRP गिरावट की राह पर बना रह सकता है, 1 डॉलर से ऊपर सहारा पा सकता है और फिर साइडवेज ट्रेंड में फंस सकता है। https://trendkia.com/crypto/kya-eka-bara-phira-1-dolara-ke-niche-lurhakega-ripala-ka-xrp-janie-bajara-men-kya-chala-raha-hai-2646 TrendKia — Har trend, sabse pehle.